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सीएम जोसेफ़ विजय ने एक ज्योतिषी को ओएसडी रखा और फिर हटाया, क्या है पूरा मामला
तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बनने के बाद उसके फ़ैसलों की चर्चाएं लगातार जारी हैं. बुधवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव जीत लिया. हालांकि उनके एक फ़ैसले को वापस लेने की ख़बर सुर्ख़ियों में है.
तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री के ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी, पॉलिटिकल) पद पर एक शख़्स की नियुक्ति से जुड़े फ़ैसले को वापस ले लिया है.
दरअसल एक एस्ट्रोलॉजर या ज्योतिषीय पृष्ठभूमि से आने वाले रिकी राधन पंडित वेट्रिवल की नियुक्ति के फ़ैसले पर टीवीके के गठबंधन में शामिल दल और विपक्षी पार्टियां विरोध जता रही थीं.
एस्ट्रोलॉजर की ओएसडी (पॉलिटिकल) पद पर नियुक्ति को लेकर विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान भी हंगामा हुआ.
इसके जवाब में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि वो इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करेंगे. इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने नियुक्ति को रद्द करने का फ़ैसला किया.
टीवीके के सहयोगियों ने भी किया विरोध
एस्ट्रोलॉजर राधन पंडित की नियुक्ति के फ़ैसले का विरोध टीवीके गठबंधन में शामिल वीसीके और कांग्रेस ने भी किया है.
हालांकि टीवीके नेता सीटी निर्मल कुमार ने राधन पंडित की नियुक्ति के फ़ैसले का बचाव किया था और कहा था कि वो मीडिया प्रवक्ता रहेंगे और उनके काम का इससे कोई लेना देना नहीं है.
कई मीडिया रिपोर्टों में ये दावा किया गया है कि राधन पंडित ने विजय की जीत का दावा किया था और उनकी सलाह के बाद विजय ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के वक़्त को बदला था.
राधन पंडित की नियुक्ति का विरोध डीएमडेकी महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने भी किया था.
उन्होंने कहा, "मैं एक ज्योतिषी के मुख्यमंत्री के ओएसडी के तौर पर नियुक्ति की निंदा करती हूं. आप युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं? अगर वो आपके ज्योतिषी हैं तो आप उन्हें व्यक्तिगत तौर पर रखिए."
टीवीके के साथ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के सांसद शशिकांत सेंथिल ने भी इस फ़ैसले पर हैरानी जताई थी.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "मुझे समझ नहीं आया. एक ज्योतिषी को ओएसडी पद की क्या ज़रूरत होगी? क्या कोई समझा सकता है?"
इससे पहले वीसीके के महासचिव डी रविकुमार ने कहा था, "एक सेक्युलर सरकार में यह मंज़ूर नहीं है. वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना सरकार का फ़र्ज़ है."
विपक्षी पार्टियों का क्या है कहना
डीएमके ने कहा है कि इस फ़ैसले का विरोध जताने के बाद टीवीके को यह फ़ैसला वापस लेना पड़ा है.
डीएमके नेता टीकेएस एंलगोवन ने कहा कि सरकार ने आदेश दिया था और फिर विपक्षी पार्टियों के दबाव के बाद उसे इस फ़ैसले को वापस लेना पड़ा है.
वहीं बीजेपी ने इस फ़ैसले को वापस लिए जाने पर सवाल उठाए हैं. बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि ज्योतिष का अतिरिक्त ज्ञान पद से हटाए जाने की वजह नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "सबसे पहले मुझे लगता है कि उन पर सिर्फ़ उनके एस्ट्रोलॉजिकल टैलेंट के लिए ही नहीं, बल्कि उनकी बेसिक क्वालिफिकेशन के लिए भी विचार किया गया होगा. अगर ऐसा है तो एस्ट्रोलॉजी की जानकारी होना भी अयोग्यता नहीं माना जा सकता. ओएसडी पोस्ट के लिए उनकी दूसरी क्वालिफिकेशन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए इसलिए मुझे नहीं लगता कि सिर्फ़ आलोचना की वजह से नियुक्ति रद्द करना सही है. अगर उन्हें नियुक्त किया गया था और एस्ट्रोलॉजी एक अतिरिक्त योग्यता है, तो इसे अयोग्यता नहीं माना जाना चाहिए."
"उनकी आलोचना करने से पहले ज़्यादातर लोग असल में सनातन धर्म और एस्ट्रोलॉजी की कला की आलोचना कर रहे थे. लेकिन वे ख़ुद एस्ट्रोलॉजी को फॉलो करते हैं. वे शुभ समय को फॉलो करते हैं, और मैं चैलेंज कर सकती हूं कि कोई भी डीएमके एमएलए या कोई दूसरा एमएलए ग़लत या अशुभ समय पर नॉमिनेशन पेपर फाइल नहीं करता. इसलिए एस्ट्रोलॉजी की कला की आलोचना करना गलत है. यह मेरी राय है."
बीजेपी नेता सुंदरराजन ने कहा, "एक और बात यह है कि अलायंस पार्टनर सब कुछ तय नहीं कर सकते या मुख्यमंत्री पर इस बारे में दबाव नहीं डाल सकते कि वे क्या चाहते हैं या क्या नहीं, क्योंकि विजय बदलाव का वादा करके आए हैं. मैं पक्के तौर पर कह सकती हूं कि वह जो कई बदलाव लाना चाहते हैं, उन्हें डीएमके, कांग्रेस, कम्युनिस्ट या वीसीके स्वीकार नहीं करेंगे. अगर वह इसी तरह झुकते रहे, तो इससे सरकार में बहुत बड़ा भ्रम पैदा होगा."
राधन पंडित वेट्रिवल कौन हैं?
राधान पंडित वेट्रिवल ने अपने सोशल मीडिया पेज पर बताया है कि वह मुख्यमंत्री जयललिता के आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे. उन्होंने यह भी कहा कि वह लगभग 40 सालों से ज्योतिष से जुड़े कामों में शामिल हैं.
इरोड ज़िले के रहने वाले राधन पंडित वेट्रिवल की मुलाक़ात पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता से 1990 के दशक के आख़िर में हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि उन्होंने कुछ समय तक उन्हें ज्योतिषीय सलाह दी थी.
हालांकि शशिकला के समर्थकों और ज्योतिषी के बीच झड़प की भी ख़बरें आई थीं. इस संबंध में ज्योतिष राधन पंडित ने शशिकला के एक रिश्तेदार के ख़िलाफ़ चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर के ऑफ़िस में शिकायत दर्ज कराई थी.
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, "एआईएडीएमके नेता जयललिता के कार्यकाल में कई बड़े राजनीतिक फ़ैसले इन्हीं ज्योतिष से सलाह के बाद ही लिए जाते थे. हालांकि दोनों की राहें जुदा तब हो गईं जब उनका यह अंदाज़ा ग़लत साबित हुआ कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में वह जेल नहीं जाएंगी."
विजय के लिए गए फ़ैसले
मुख्यमंत्री बनने के बाद सी जोसेफ़ विजय के लिए गए फ़ैसलों की चर्चाएं हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद जहां हर घर में 200 यूनिट बिजली फ्री देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फ़ोर्स बनाने का फ़ैसला किया था. वहीं अब उन्होंने शराब की 717 सरकारी दुकानों को बंद करने का फ़ैसला किया है.
विजय ने घोषणा की है कि धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंड्स के 500 मीटर के दायरे में आने वाली 717 तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन की शराब की दुकानें बंद होंगी.
उनके इस फ़ैसले की काफ़ी तारीफ़ें हो रही हैं. तमिल सिनेमा स्टार कमल हासन ने कहा है कि "नई सरकार (तमिलनाडु) को मेरी बधाई. 717 शराब की दुकानों को बंद करना एक अच्छा क़दम है. इस पर लंबे समय से चर्चा हो रही थी और अब इसे लागू कर दिया गया है. यह तारीफ़ के काबिल है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.