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प्रतीक यादव: राजनीति से दूर रियल एस्टेट कारोबारी, अखिलेश से कैसे थे रिश्ते
- Author, सैयद मोज़िज़ इमाम
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौत हो गई है.
प्रतीक यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे.
पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु की वजह स्पष्ट हो पाएगी.
उनकी मौत पर अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने दुख प्रकट किया है.
अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं प्रतीक को बचपन से जानता था. आज वह हमारे बीच नहीं रहा. हम इस घटना से बेहद दुखी हैं... वह जीवन में आगे बढ़ना और काम करना चाहता था. यह बेहद दुखद है कि आज वह हमारे साथ नहीं है. हम कानून और परिवार के सदस्यों की जो भी बात होगी, उसका पालन करेंगे. हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे."
उन्होंने कहा, " कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात हुई थी उससे. तब भी मैंने यही कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ. कभी-कभी फाइनेंशियल कारोबार में जो नुकसान होता है उस से कई बार आदमी बहुत टूट जाता है. वह हमारे बीच नहीं है परिवार जो कहेगा वह हम करेंगे."
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव के साथ उनके रिश्ते अच्छे थे,और दोनों की अक्सर मुलाक़ात होती रहती थी.
राजनीति से दूर
प्रतीक यादव राजनीति से दूर थे. वो फ़िटनेस फ़्रीक थे और जिम के अलावा कंस्ट्रक्शन बिज़नेस में थे. प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.
वो उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे.
दिवंगत मुलायम सिंह यादव ने 2003 में साधना गुप्ता के साथ विवाह किया था.
38 साल के प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता हैं और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं. दोनों की शादी 2011 में हुई थी.
प्रतीक यादव को महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था.
साल 2017 में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक तनातनी चल रही थी.
तब उस समय के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रतीक ने अपनी साढ़े चार करोड़ रुपए की लैंबोर्गिनी की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डाली थी.
तब माना गया था कि इससे अखिलेश को राजनीतिक नुकसान हुआ है.
कई बार प्रतीक यादव के राजनीति में आने की सुगबुगाहट भी हुई थी.
हालांकि राजनीति के बारे में प्रतीक यादव का कहना था, "मेरी राजनीति में रुचि नहीं है. मैं व्यवसाय करता हूं. अगर राजनीति में रुचि होती तो पहले ही इसमें क़दम रख लेता."
उनकी पत्नी अपर्णा यादव को साल 2017 में समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया था. वो चुनाव हार गई थीं.
उसके बाद वो 2022 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गई थीं.
अपर्णा से अनबन की ख़बरें
इस साल जनवरी में उन्होंने अपनी पत्नी अपर्णा यादव के बारे में एक इंस्टाग्राम पोस्ट डाली थी. जिससे दोनों के बीच अनबन होने की ख़बरें सामने आई थीं.
प्रतीक यादव ने तब तलाक लेने की बात तक कह दी थी. उन्होंने तब कहा था कि वो मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. हालांकि इस पोस्ट के बारे में उनके परिवारिक करीबियों ने बताया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था. उसके बाद दोनों के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिले जब प्रतीक यादव ने 'ऑल इज़ वेल ' का पोस्ट किया था.
परिवार के सूत्रों के मुताबिक दोनों (प्रतीक और अपर्णा) के बीच स्कूल के दौरान दोस्ती हुई थी. मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में दोनों का विवाह हुआ था.
क्या था व्यवसाय
अखिलेश यादव ने प्रतीक की मृत्यु के बाद बिज़नेस में नुकसान का ज़िक्र किया है.
अखिलेश यादव ने कहा, "कभी-कभी फाइनेंशियल कारोबार में जो नुकसान होता है उससे कई बार आदमी बहुत टूट जाता है."
प्रतीक यादव ने साल 2015 में लखनऊ में 'आयरन कोर फिट' नाम से जिम की चेन शुरू की थी.
इसके अलावा उनका रियल एस्टेट कारोबार भी था.
अपर्णा यादव की तरफ़ से 2022 में दिए गए चुनावी हलफ़नामे में उनकी और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति करीब 23 करोड़ रुपये बताई गई थी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित