लाइव, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एलजीबीटीक्यू+ समुदाय को लेकर ये बयान दिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय को हीनभावना से नहीं देखा जाना चाहिए, ये समाज का हिस्सा हैं.

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, शिवांगी जायसवाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एलजीबीटीक्यू+ समुदाय को लेकर ये बयान दिया

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय को हीनभावना से नहीं देखा जाना चाहिए, ये समाज का हिस्सा हैं.

    हैदराबाद के एक कार्यक्रम में मंच से दिए इस बयान में भागवत ने कहा, "बहुत सी बाकी बातों का खूब ढिंढोरा पीटते हैं. एलजीबीटी.. ये वो, ऐसा वैसा सब चलता है. सर्व समाज में ये प्रवृत्तियां रहती हैं. कुछ तो प्रकृति के दिए हुए प्रकार हैं, हम कुछ नहीं कर सकते, वो भी कुछ नहीं कर सकते. उन्हें ऐसा पैदा किया गया है."

    वो आगे बोले, "हमारे यहां कहा गया कि जो उपचार योग्य है, उसका उपचार होगा और जो लाइलाज है, वो भी मनुष्य है. उनको भी जीने का अधिकार है. उनको समाज से अलग-थलग नहीं करते. सामाजिक जीवन में उनके लिए भी एक व्यवस्था है. उनके देवी-देवता हैं, देवस्थान हैं, उनके महामंडलेश्वर भी हैं.

    "तो ऐसी व्यवस्था का फालतू में गाजा-बाजा और हो हल्ला न करते हुए चुपचाप ऐसी व्यवस्था हुई है. मगर प्रश्न खड़े हो रहे हैं. प्रश्न आएंगे ही.. मगर उत्तर नहीं हैं. इन सब बातों के उत्तर देने वाली समग्र एकात्म दृष्टि के आधार पर अगर हम विचार करते हैं तो सब ठीक रहता है कि होता है."

  3. बर्लिन प्राइड परेड के वैन हमले में घायलों की संख्या बढ़ी, चांसलर ने बताया हेट क्राइम

    बर्लिन में प्राइड परेड के दौरान हुए हमले के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बर्लिन में प्राइड परेड के दौरान हुए हमले के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस

    जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित प्राइड परेड के दौरान शनिवार रात हुए एक हमले में घायल होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है. इस हमले में एक महिला की मौत हुई है.

    टियरगार्टन पार्क में आयोजित क्रिस्टोफ़र स्ट्रीट डे कार्यक्रम के दौरान एक सफ़ेद वैन भीड़ में घुस गई थी. घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    जर्मन गृह मंत्री अलेक्ज़ेंडर डोब्रिंट ने कहा कि अब तक के सभी संकेत इसे एक संभावित इस्लामवादी आतंकी हमला बताते हैं. वहीं, चांसलर फ़्रीडरिख मर्त्स ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे "घृणित हमला" बताया है.

    घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब 10 बजे ब्रैंडेनबर्ग गेट के पास हुई. अधिकारियों के अनुसार, वैन से लोगों को कुचलने के अलावा कुछ लोगों पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया.

    पुलिस ने 21 वर्षीय अब्दुल बल्लूत को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया है

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    इमेज कैप्शन, पुलिस ने 21 वर्षीय अब्दुल बल्लूत को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया है

    जांचकर्ताओं का अनुमान है कि हमले में धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया. घटना के बाद कार्यक्रम को तत्काल रद्द कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

    पुलिस ने 21 वर्षीय अब्दुल बल्लूत को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया है. लेबनानी मूल का यह जर्मन नागरिक पहले से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था.

    जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) समर्थक रहा है और अतीत में संगठन से जुड़ने की कोशिश भी कर चुका था.

    संदिग्ध अभी फ़रार है और उसकी तलाश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं.

  4. ब्रिटेन के नए पीएम बर्नम बोले- 'देश के हित में हुआ तो ट्रंप से असहमति जताने से नहीं हिचकूंगा', लौरा कुएन्सबर्ग

    संडे विद लौरा कुएन्सबर्ग कार्यक्रम में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम
    इमेज कैप्शन, संडे विद लौरा कुएन्सबर्ग कार्यक्रम में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम

    ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वह ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से असहमति जताने या उनकी आलोचना करने से पीछे नहीं हटेंगे.

    प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले बड़े इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही.

    बीबीसी से बातचीत में बर्नम ने कहा कि ट्रंप के साथ उनकी पहली बातचीत अच्छी रही और उन्हें ट्रंप 'काफ़ी मिलनसार' लगे.

    हालांकि, जब उनसे दो बार पूछा गया कि क्या वह ट्रंप पर भरोसा करते हैं, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया.

    उन्होंने कहा, "दुनिया लगातार बदल रही है और हालात जैसे-जैसे सामने आते हैं, उसी के मुताबिक़ फ़ैसले लेने पड़ते हैं."

    बर्नम ने कहा, "मैं यह कभी नहीं कह सकता कि किसी मुद्दे पर मेरी राय ट्रंप से अलग नहीं होगी. अगर ब्रिटेन के हित में हुआ, तो मुझे अलग विचार भी रखना पड़ सकता है."

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताक़त आम लोगों से जुड़ाव है और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यह नहीं बदलेगा.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या सही लगने पर वह ट्रंप की खुलकर आलोचना करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया- "बिलकुल."

    उन्होंने कहा, "सबसे पहले आपको अपने देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होती है. अगर आप यह ज़िम्मेदारी ठीक से निभाना चाहते हैं, तो यही करना पड़ता है."

    बर्नम ने यह भी कहा कि ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने को लेकर उन्हें चिंता थी और वह सही बात कहने से कभी पीछे नहीं हटेंगे.

  5. भारत ने ज़िम्बाब्वे को हराकर टी-20 सिरीज़ में 3-0 से किया क्लीन स्वीप

    बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों में 81 रनों की शानदार पारी खेली

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    भारत ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ तीसरा और अंतिम टी-20 मैच जीतकर तीन मैचों की सिरीज़ 3-0 से अपने नाम कर ली. आख़िरी मैच में भारत ने ज़िम्बाब्वे को 35 रन से हराया.

    भारत की जीत के नायक युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने 49 गेंदों में 81 रनों की शानदार पारी खेली. अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के लगाए.

    उन्हें इस मैच में प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच बनाया गया है. साथ ही सिरीज़ में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए वे 'प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़' भी बने हैं.

    ग़ौरतलब है कि आयरलैंड के ख़िलाफ़ हुए मैच में सूर्यवंशी को लिया गया, मगर उन्हें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हुई सिरीज़ में जीतने का मौक़ा मिला. मगर उनका बल्ला ज़िम्बाब्वे सिरीज़ में न सिर्फ़ चला बल्कि उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया.

    भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 192 रन बनाए. ईशान किशन ने 29 रन और श्रेयस अय्यर ने 27 रन का योगदान दिया.

    193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में नज़र आई. मयंक यादव ने पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर ज़िम्बाब्वे को शुरुआती झटका दिया.

    चौथे ओवर में यश ठाकुर ने दो अहम विकेट लेकर भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया. आठवें ओवर में ज़िम्बाब्वे का चौथा विकेट रवि विश्नोई ने लिया.

    भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेज़बान टीम को बड़ी साझेदारी बनाने का मौक़ा नहीं दिया.

    इस जीत के साथ भारत ने टी-20 क्रिकेट मैच सिरीज़ के तीनों मैचों को जीतकर क्लीन स्वीप कर दिया है. वहीं, वैभव सूर्यवंशी को उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए सबसे अधिक सराहना मिली.

  6. सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि क्यों बोलीं- 'शिक्षा से पहले मीडिया में सुधार हो'

    डॉ. गीतांजलि

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    इमेज कैप्शन, डॉ. गीतांजलि ने कहा है कि शिक्षा सुधार की बात बाद में कीजिए, पहले मीडिया में सुधार ज़रूरी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने कहा है कि शिक्षा से पहले मीडिया में सुधार ज़रूरी है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर डॉ. गीतांजलि जे अंगमो ने पोस्ट करते हुए लिखा, "हर कोई शिक्षा सुधार की मांग कर रहा है. यह एक बहुत अच्छा विचार है. लेकिन क्या हम शुरुआत मीडिया में सुधार से कर सकते हैं?"

    उन्होंने कहा, "जिस देश को हर दिन प्रचार और प्रोपेगेंडा परोसा जाए, उसे शिक्षित नहीं किया जा सकता. उसे सिर्फ़ एक तय सोच के अनुसार ढाला जा सकता है."

    वे पोस्ट में कहती हैं, "आज हमें सबसे ज़्यादा प्रभावित करने वाले कोई शिक्षक नहीं, बल्कि टीवी स्टूडियो, व्हाट्सऐप फ़ॉरवर्ड, यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वाले लोग हैं. इनमें से कुछ हमें समझने से पहले नफ़रत करना, सोचने से पहले प्रतिक्रिया देना और सचाई के बजाय तयशुदा कहानियों पर भरोसा करना सिखाते हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "चाहे हम ख़ुद को अंधभक्त कहें या किसी और राजनीतिक पहचान से जोड़ें, हम सभी किसी न किसी हद तक अधिक पक्षपाती और संकीर्ण सोच वाले बनने के लिए प्रभावित किए गए हैं."

    वो आगे कहती हैं कि शिक्षा सुधार की बात बाद में कीजिए, पहले मीडिया में सुधार कीजिए.

  7. वेस्ट बैंक में तनाव बढ़ा, इसराइली बस्ती के लोगों पर दो मस्जिदों में आगज़नी का आरोप, सेबास्टियन अशर, वैश्विक मामलों के संवाददाता

    क़ुसरा गांव की एक मस्जिद को रात के दौरान इसराइली बस्ती के लोगों ने निशाना बनाया

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    इमेज कैप्शन, क़ुसरा गांव की एक मस्जिद को रात के दौरान इसराइली बस्ती के लोगों ने निशाना बनाया

    इसराइल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

    फ़लस्तीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि इसराइली बस्ती के लोगों ने दो मस्जिदों, कई वाहनों और कृषि भूमि में आग लगा दी.

    इसके अलावा संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाया गया और दीवारों पर नफ़रत भरे नारे लिखे गए.

    यह घटनाएं ताल गांव के पास दो दिन पहले हुई हिंसक झड़प के बाद सामने आई है. इस झड़प में चार फ़लस्तीनियों और दो इसराइलियों की मौत हो गई थी.

    दोनों पक्षों ने हिंसा भड़काने के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    फ़लस्तीनी रिपोर्टों के अनुसार, रात के दौरान वेस्ट बैंक के दो गांवों में बस गए लोगों ने हमला किया. हमलावरों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की, संपत्ति को नुक़सान पहुंचाया और दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखे.

    क़ुसरा गांव के मेयर अब्दुल अज़ीम वादी ने बताया कि बसने वालों ने निर्माणाधीन एक मस्जिद में आग लगा दी. उनके मुताबिक़, मस्जिद की दीवारों पर 'बदला' समेत कई नारे भी लिखे गए.

    एक अन्य घटना में फ़लस्तीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कौर गांव की एक मस्जिद को भी आग के हवाले कर दिया गया और उसकी दीवारों पर नारे लिखे गए.

    इसराइली सेना ने कहा है कि क़ुसरा में सैनिक तैनात किए गए हैं और पुलिस मामले की जांच कर सबूत जुटा रही है.

    ताल में शुक्रवार को हुई घातक झड़प के बाद से फ़लस्तीनी पक्ष का दावा है कि वेस्ट बैंक के कई गांवों में बसे लोगों की ओर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं.

    दूसरी ओर, इसराइल डिफेंस फ़ोर्स (आईडीएफ) ने 'आतंकवाद विरोधी अभियान' के तहत छापामारी करते हुए दर्जनों फ़लस्तीनियों को गिरफ़्तार किया है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ताल की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंसा के जवाब में 'कड़ा क़दम' उठाने का संकल्प जताया है.

    इस बीच, क्षेत्र में सुरक्षा और तनाव को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं.

  8. वैभव सूर्यवंशी ने बनाए शानदार 81 रन, भारत ने ज़िम्बाब्वे को दिया 193 रनों का लक्ष्य

    वैभव सूर्यवंशी

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    इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत के जिम्बाब्वे के ख़िलाफ़ जारी तीसरे और अंतिम टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों में 81 रनों की शानदार पारी खेली है.

    इसके साथ ही भारत ने मैच की पहली पारी में 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए. ज़िम्बाब्वे को जीतने के लिए 193 रन बनाने होंगे.

    इस मैच में ईशान किशन ने 29 और श्रेयस अय्यर ने 27 रन बनाए.

    वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार पारी में 4 छक्के और 8 चौके लगाए.

    भारत इस सिरीज़ के दो मैच जीतकर सिरीज़ पहले ही अपने नाम कर चुका है.

  9. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: वेटलिफ़्टिंग में मणिपुर के ऋषिकांत सिंह ने भारत को दिलाया सिल्वर

    भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह चनमबम

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    इमेज कैप्शन, ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 60 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने के बाद भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह चनमबम

    ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स 2026) के चौथे दिन रविवार को भारत की झोली में दूसरा पदक आ गया है.

    भारोत्तोलन यानी वेटलिफ़्टिंग में पुरुष वर्ग की 60 किलोग्राम स्पर्धा के फ़ाइनल में ऋषिकांत सिंह चनमबम ने कुल 264 किलोग्राम वज़न उठाकर रजत पदक जीता लिया है. वो मणिपुर राज्य से संबंध रखते हैं.

    राष्ट्रमंडल खेलों के चौथे दिन तक भारत को मात्र दो पदक ही हासिल हो सके हैं. इससे पहले शुक्रवार को झंडू कुमार ने पैरा पावर लिफ़्टिंग में कांस्य पदक दिलाया.

    हालांकि, मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन का भी पदक पक्का हो गया है. ड्रॉ मैच के ज़रिए उन्हें सीधे सेमीफ़ाइनल में प्रवेश मिला है, जिसके बाद उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है.

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, वेट लिफ़्टर ऋषिकांत सिंह ने स्नैच स्पर्धा में 121 किलोग्राम वज़न उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम वज़न उठाया. इस तरह उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वज़न उठाकर रजत पदक अपने नाम किया.

    ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष 60 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा के रजत पदक विजेता भारत के ऋषिकांत सिंह(बाएं), स्वर्ण पदक विजेता मलेशिया के मोहम्मद अनिक(मध्य) और कांस्य पदक विजेता केन्या के जोशुआ अमुंगा म्बोया(दाएं)

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    इमेज कैप्शन, ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष 60 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा के रजत पदक विजेता भारत के ऋषिकांत सिंह (बाएं), स्वर्ण पदक विजेता मलेशिया के मोहम्मद अनिक (मध्य) और कांस्य पदक विजेता केन्या के जोशुआ अमुंगा म्बोया (दाएं)

    इस प्रतियोगिता में मलेशिया को गोल्ड और केन्या को ब्रॉन्ज़ मेडल मिला है.

    राष्ट्रमंडल खेलों में ऑस्ट्रेलिया 12 स्वर्ण समेत 23 पदकों के साथ सबसे आगे चल रहा है.

    मलेशिया के मोहम्मद अनिक को स्वर्ण पदक और केन्या के जोशुआ अमुंगा म्बोया को कांस्य पदक मिला.

    जीत के बाद क्या बोले ऋषिकांत

    उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, खासकर घुटने की समस्या के कारण क्लीन एंड जर्क में परेशानी हुई. हालांकि स्नैच में उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने नया रिकॉर्ड भी बनाया.

    रिशिकांत ने विश्वास जताया कि वह भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए पदक जीतेंगे. उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में पदक हासिल करना है और इसके लिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे.

    बता दें कि ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत भारतीय दल के लिए अच्छी नहीं रही है. डोपिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कारण भारत के तीन खिलाड़ियों को खेलों में भाग लेने से रोक दिया गया है.

  10. प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का प्रभार संभाला, बोले- 'मेरे लिए काम का यह नया क्षेत्र है'

    प्रल्हाद जोशी

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    इमेज कैप्शन, प्रल्हाद जोशी के पास अब तीन मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी हो गई है

    धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद प्रल्हाद जोशी ने रविवार को मंत्रालय का प्रभार संभाल लिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, "माननीय प्रधानमंत्री ने मुझ पर भरोसा जताते हुए मुझे यह बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है. मैं कल रात कर्नाटक में था. आज सुबह यहाँ आकर मैंने अपना कार्यभार संभाल लिया है."

    प्रल्हाद जोशी फ़िलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है. प्रल्हाद जोशी के पास अब तीन मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी हो गई है.

    उन्होंने कहा कि मंत्रालय और उसके फ़ैसलों से जुड़ी सभी जानकारी समझने के लिए उन्होंने बैठकों में हिस्सा लिया है.

    वो बोले, "यह मेरे लिए काम का एक नया क्षेत्र है इसलिए मैंने ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश की है और वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की है. यह काफ़ी बड़ा मंत्रालय है. इसलिए मेरी पहली प्राथमिकता इसे पूरी तरह समझना होगी, उसके बाद मैं आगे के काम और नतीजों पर ध्यान दूँगा."

    संसद की वेबसाइट के मुताबिक़, प्रल्हाद वेंकटेश जोशी कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद हैं.

  11. युवा आंदोलन को सनातन से जोड़ने पर आलोचना झेल रहीं वांगचुक की पत्नी ने अब यह कहा

    डॉ. गीतांजलि जे अंगमो

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो की युवाओं के आंदोलन को सनातन धर्म से जोड़ने की टिप्पणी के बाद उनकी आलोचना हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो की युवा आंदोलन सफल होने के बाद धर्म को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना हो रही है, जिस पर उन्होंने पलटवार किया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, "ट्रोल करने वालों से मेरी अपील है कि धर्म और अध्यात्म को एक न समझें. धर्म से प्रभावित राजनीति लोगों को बांट सकती है मगर अध्यात्म से प्रेरित राजनीति लोगों को जोड़ती है."

    उन्होंने दोहराया कि "सनातन धर्म भारतीय सभ्यता की बुनियाद है. इसे कभी संकीर्ण या संस्थागत अर्थों में धर्म के रूप में नहीं देखा गया. न ही कोई राजनीतिक दल इस पर अपना एकाधिकार जता सकता है."

    दरअसल डॉ. गीतांजलि ने 25 जुलाई को युवा आंदोलन की जीत को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को सनातन धर्म से जोड़ा, इसके ख़िलाफ़ लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन देशभर के युवाओं का था, न कि किसी धर्म विशेष से जुड़ा.

    उल्लेखनीय है कि डॉ. गीतांजलि ने एक इंटरव्यू में खुद को 'प्रैक्टिसिंग हिन्दू' यानी हिन्दू रीति रिवाजों का पालन करने वाला बताया है.

    डॉ. गीतांजलि ने अपने ताज़ा पोस्ट में कहा था, "अगर किसी ने दुनिया को यह दिखाया है कि भारत का विश्वगुरु होना वास्तव में क्या मायने रखता है, तो वह हमारी जेन ज़ी है. उन्होंने सनातन पर उपदेश नहीं दिए बल्कि इसे जिया है. उन्होंने नफ़रत, हिंसा और अंध आज्ञाकारिता न दिखाते हुए साहस, ताक़त और देशभक्ति दिखाई."

    अपने ताज़ा पोस्ट में उन्होंने कहा, "धर्म का उद्देश्य अनुयायी बनाना होता है, जबकि अध्यात्म किसी व्यक्ति के भीतर बदलाव लाता है."

    उन्होंने पोस्ट में अरबिंदो घोष के कथन का हवाला देते हुए लिखा, "श्री अरबिंदो ने कहा था कि भारत उठेगा, तो इसका अर्थ है कि सनातन धर्म उठेगा. भारत सनातन धर्म के लिए उठ रहा है."

    वह कहती हैं कि "सनातन धर्म जीवन जीने का एक तरीका है. यह आत्मिक विकास का मार्ग है और सत्य की निरंतर खोज का अभ्यास है."

  12. ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान पर हमले तेज़ नहीं करने का फ़ैसला किया: अमेरिकी मीडिया

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, करीब दो हफ़्तों में बीते दो दिन ऐसे बीते हैं जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमला किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी मीडिया संस्थानों द न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्टों के मुताबिक़, डोनाल्ड ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य हमलों को और बढ़ाने का फ़ैसला नहीं किया है.

    ग़ौरतलब है कि ये रिपोर्ट ऐसे समय आई हैं जब करीब दो हफ़्तों में बीती शुक्रवार रात पहली बार अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमला किया था. वहीं, शनिवार रात किसी नए हमले की कोई ख़बर नहीं मिली.

    इन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने यह फ़ैसला शुक्रवार को लिया. इसकी एक वजह पैट्रिएट वायु रक्षा मिसाइलों के घटते भंडार बताए जा रहे हैं.

    इसके अलावा, फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के अरब सहयोगी देशों के नाराज़ होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई गई है.

    हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. उसका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते रहे हैं.

  13. अभिजीत दीपके के माता-पिता से मिलने उनके घर पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री

    शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट

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    इमेज कैप्शन, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और जंतर मंतर पर समाप्त हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री पुणे में अभिजीत दीपके के घर पहुंचे.

    शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने दीपके के माता-पिता से मुलाक़ात की.

    आंदोलन ख़त्म होने के बाद हुए इस दौरे को लेकर उन्होंने कहा, "मैं आज अभिजीत दीपके के घर आया हूँ क्योंकि उनका प्रदर्शन कल समाप्त हो गया था. उनके माता-पिता से मेरा पुराना संबंध है."

    वह बोले कि "मैं राजनीतिक माहौल के दौरान यहाँ नहीं आया, क्योंकि उस समय मेरी मौजूदगी से मामला अलग तरह से तूल पकड़ सकता था. कहा जा सकता था कि मैंने दबाव बनाने की कोशिश की है."

    उन्होंने कहा कि "दीपके के माता-पिता साधारण लोग हैं और उन्हें आज भी यक़ीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा पूरे देश में मशहूर हो चुका है. दीपके की मांग का केंद्र सरकार ने भी समर्थन किया और जल्द ही ऐसा कानून बनने जा रहा है जिसके बाद पेपर लीक पर सबसे सख़्त सज़ा दी जाएगी."

  14. असम में बाढ़ का कहर जारी, मृतकों की संख्या बढ़कर 66 पहुंची, दिलीप कुमार शर्मा, जोरहाट से बीबीसी हिंदी के लिए

    जलमग्न घर

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ की वजह से 6 लाख 54 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है

    असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 4 और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो गई है.

    बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर राज्य की स्थिति की जानकारी ली.

    असम सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शनिवार देर शाम जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. बाढ़ की वजह से 6 लाख 54 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

    राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें राज्य के कई कटे हुए और जलमग्न इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.

    एनडीआरएफ़

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) की टीमें राज्य के कई कटे हुए और जलमग्न इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं

    10 ज़िलों के सैकड़ों गांव जलमग्न

    रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 ज़िलों के 810 गांव अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न ज़िलों में 274 राहत शिविर एवं राहत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 19 हज़ार विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है.

    बाढ़ से सबसे अधिक नुक़सान ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट ज़िलों में दर्ज किया गया है. मृतकों की संख्या के लिहाज़ से भी शिवसागर ज़िला सबसे अधिक प्रभावित रहा है.

    इस बीच, असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं.

    असम की बाढ़

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित जोरहाट है जहां इलाके जलमग्न हो गए हैं
    जलमग्न

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    इमेज कैप्शन, रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 ज़िलों के 810 गांव अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं

    असम सीएम ने किन कारणों को बताया ज़िम्मेदार

    गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ से बड़े इलाके प्रभावित होते हैं और लाखों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है.

    हालांकि इस बार ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ के पीछे नागालैंड के मोन ज़िले में कथित 'बादल फटने' की घटना को प्रमुख कारण माना जा रहा है.

    मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी शिवसागर ज़िले में आई भीषण बाढ़ के लिए नगालैंड के मोन ज़िले में हुए इस प्राकृतिक घटनाक्रम को ज़िम्मेदार ठहराया है.

  15. तेज प्रताप यादव की गिरफ़्तारी पर क्या बोले तेजस्वी यादव?

    तेजस्वी यादव

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    इमेज कैप्शन, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे बड़े भाई तेज प्रताप यादव को गिरफ़्तार किया गया है और उन पर धाराएँ लगाई गई हैं.

    तेजस्वी यादव ने कहा, "पेपर लीक के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू करने वाले सभी छात्रों को हम सलाम करते हैं. उन्होंने अपने हक़ और बेहतर भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी."

    वे बोले- "लगभग सभी विपक्षी दलों ने उनकी माँग का समर्थन किया और हम भी इस आंदोलन में शामिल हुए. लेकिन अब एक बड़ा सवाल उठता है. कल हुए समझौते के बाद आंदोलन में शामिल लोगों पर दर्ज़ मामलों का क्या होगा? जिन राज्यों में ये प्रदर्शन हुए, वहाँ हज़ारों लोगों पर केस दर्ज़ किए गए."

    गौरतलब है कि जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार रात गिरफ़्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया है.

    तेजस्वी यादव ने आगे कहा, "बिहार में छात्रों ने लगभग हर ज़िले में प्रदर्शन किया और अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरे. बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है और हमेशा देश को रास्ता दिखाता रहा है.

    लेकिन सरकार और पुलिस ने हर ज़िले में जिस तरह से काम किया, वह चिंता की बात है. सैकड़ों और हज़ारों छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की और कई छात्र अब भी क़ानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं."

    तेजस्वी ने कहा, "बिहार में लोगों पर जबरन केस करके जेलों में डाला जा रहा है. हमारे कई विधायकों को उठाया गया. हमारे बड़े भाई तेज प्रताप को भी गिरफ़्तार किया गया और कई धाराएँ लगाई गई हैं."

  16. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  17. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद ठाकरे ब्रदर्स का जश्न, उद्धव ने ये कहा

    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, यह रैली देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र-छात्राओं के आंदोलन की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकाली जा रही है

    मुंबई में ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) की ओर से रविवार को संयुक्त 'तिरंगा विजय जल्लोष' रैली आयोजित की जा रही है. यह रैली देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकाली जा रही है.

    इससे पहले ठाकरे बंधुओं ने 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में 'तिरंगा मोर्चा' निकालने की घोषणा की थी.

    हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफ़ा देने के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदल दिया गया और अब इसे 'तिरंगा विजय जल्लोष' रैली का नाम दिया गया है.

    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, पार्टी सांसद और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए एक साक्षात्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह सराहनीय है कि अब लोगों में जेल या बंदूक का डर नहीं रहा. उन्होंने कहा कि जनता का भयमुक्त होकर सड़कों पर उतरना सत्तारूढ़ दल के लिए ख़तरनाक संकेत है
    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आंदोलन से दूरी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "सीजेपी का आंदोलन केवल सत्तारूढ़ दल की नहीं, बल्कि विपक्ष की भी विफलता है. मैंने पहले भी कहा था कि देश का भरोसा नेताओं से उठ चुका है"
    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह विफल रही है और उसने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.
  18. कैलाश विजयवर्गीय बोले, 'धर्मेंद्र प्रधान तो पहले ही इस्तीफ़ा देना चाहते थे'

    कैलाश विजयवर्गीय

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    इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (फ़ाइल फ़ोटो)

    मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने आंदोलन की शुरुआत होते ही पार्टी अध्यक्ष को इस्तीफ़े की पेशकश की थी.

    कैलाश विजयवर्गीय ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं धर्मेंद्र प्रधान को विद्यार्थी परिषद के ज़माने से जानता हूं और उनकी तारीफ़ करूंगा. उन्हें जो भी काम दिया जाता है, वो उसे पूरी ईमानदारी और लगन से करते हैं."

    विजयवर्गीय ने कहा, "आंदोलन के पहले दिन से ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा था कि अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफ़ा देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा. पार्टी अध्यक्ष ने मना कर दिया और कहा कि बैठकर बात करेंगे तब तक इस्तीफ़ा नहीं दोगे."

    उन्होंने कहा, "लेकिन जब हालात ऐसे बने कि पार्टी ने तय किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए, तो उन्होंने पल भर में इस्तीफ़ा दे दिया. यही एक अच्छे पार्टी कार्यकर्ता की पहचान है. उनके इस्तीफ़े ने उन सभी विदेशी ताक़़तों की योजनाओं को खत्म कर दिया जो देश में हिंसा भड़काना चाहती थीं."

    गौरतलब है कि देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को इस्तीफ़ा दे दिया.

  19. बर्लिन में प्राइड परेड में घुसी कार, एक की मौत और 16 घायल, संदिग्ध फ़रार

    जर्मनी पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बर्लिन पुलिस ने मामले के संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय अब्दुल बी के रूप में की है

    जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित प्राइड परेड के दौरान भीड़ में एक कार घुस जाने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो गए. घटना के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर जांच और संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है.

    यह घटना शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात क़रीब 10 बजे से पहले, बर्लिन के मशहूर ब्रांडेनबर्ग गेट के पास स्थित टियरगार्टन पार्क में हुई.

    बर्लिन पुलिस ने मामले के संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय अब्दुल बी के रूप में की है. पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध का शरीर दुबला-पतला है, उसके बाल काले हैं और घटना के समय उसने काले रंग की हुडी और सफेद रंग की पैंट पहन रखी थी. शुरुआती जांच में उसके इस्लामिक संगठनों से संबंध होने की बात सामने आई है. हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

    संदिग्ध की तलाश के लिए पूरे बर्लिन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने उसकी तस्वीर जारी करते हुए लोगों से पहचान और गिरफ़्तारी में सहयोग की अपील की है. वहीं, जिस सफ़ेद कार का घटना में इस्तेमाल होने का शक है, उसकी तस्वीर भी पुलिस की घेराबंदी वाले इलाक़े से सामने आई है.

    जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़ ने घटना को 'डरावना कृत्य' बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जाँच की जाएगी. वहीं, बर्लिन के मेयर काई वेगनर ने इसे "हमारे आज़ाद और खुले समाज पर हमला" क़रार दिया.

  20. योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़े के बाद शुभकामनाएं देते हुए ये कहा

    योगी आदित्यनाथ

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    इमेज कैप्शन, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ज़िम्मेदारी बदलती रहती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़े पर प्रतिक्रिया दी है.

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ज़िम्मेदारी बदलती रहती है, लेकिन राष्ट्रहित के लिए किया गया काम समय के साथ प्रेरणादायी बन जाता है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "शिक्षा राष्ट्र के चरित्र का निर्माण करती है, उसकी चेतना को संस्कारित करती है और उसके भविष्य की दिशा निर्धारित करती है."

    उन्होंने लिखा, "श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में इसी राष्ट्रदृष्टि को अपने कार्य का आधार बनाया. विद्यार्थी जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका सतत प्रयास रहा कि भारत का प्रत्येक युवा अवसरों से जुड़े, अपनी प्रतिभा को पहचान सके, अपनी जड़ों पर गर्व करे और 'विकसित भारत' के संकल्प का सक्रिय भागीदार बने."

    आगे लिखा, "उनके नेतृत्व में शिक्षा को नवाचार, कौशल, भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास हुए. उनके प्रयासों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में नए विमर्शों, नई संभावनाओं और नए आत्मविश्वास का संचार किया."

    योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "सार्वजनिक जीवन में दायित्व बदलते रहते हैं, किंतु राष्ट्रहित में किया गया समर्पित कार्य समय के साथ और अधिक प्रेरणादायी बन जाता है. धर्मेंद्र प्रधान जी, शिक्षा, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण के प्रति आपके समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व व अथक प्रयासों के लिए हृदय से आभार एवं साधुवाद."

    "पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में आपकी ऊर्जा, अनुभव और कर्मनिष्ठा आगे भी 'विकसित भारत' की विकास यात्रा को नई दिशा व नई गति प्रदान करती रहेगी. सार्वजनिक जीवन की आगामी यात्रा के लिए अनंत शुभकामनाएं."

    दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ये नई पीढ़ी की जीत है और सरकार को इस बात को समझ लेना चाहिए कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गंभीरता से सोचना होगा.