लाइव, युवा आंदोलन को सनातन से जोड़ने पर आलोचना झेल रहीं वांगचुक की पत्नी ने अब यह कहा

सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो की युवा आंदोलन सफल होने के बाद धर्म को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना हो रही है, जिस पर उन्होंने पलटवार किया है.

सारांश

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  • तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, ये है मामला
  • जंतर मंतर पर आंदोलन खत्म, कुछ ऐसा दिखा नज़ारा
  • जंतर मंतर पर देर रात पहुंचे लोगों ने मनाया जश्न
  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा
  • अभिजीत दीपके
  • धर्मेंद्र प्रधान
  • राहुल गांधी

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, शिवांगी जायसवाल

  1. युवा आंदोलन को सनातन से जोड़ने पर आलोचना झेल रहीं वांगचुक की पत्नी ने अब यह कहा

    डॉ. गीतांजलि जे अंगमो

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो की युवाओं के आंदोलन को सनातन धर्म से जोड़ने की टिप्पणी के बाद उनकी आलोचना हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो की युवा आंदोलन सफल होने के बाद धर्म को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना हो रही है, जिस पर उन्होंने पलटवार किया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, "ट्रोल करने वालों से मेरी अपील है कि धर्म और अध्यात्म को एक न समझें. धर्म से प्रभावित राजनीति लोगों को बांट सकती है मगर अध्यात्म से प्रेरित राजनीति लोगों को जोड़ती है."

    उन्होंने दोहराया कि "सनातन धर्म भारतीय सभ्यता की बुनियाद है. इसे कभी संकीर्ण या संस्थागत अर्थों में धर्म के रूप में नहीं देखा गया. न ही कोई राजनीतिक दल इस पर अपना एकाधिकार जता सकता है."

    दरअसल डॉ. गीतांजलि ने 25 जुलाई को युवा आंदोलन की जीत को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को सनातन धर्म से जोड़ा, इसके ख़िलाफ़ लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन देशभर के युवाओं का था, न कि किसी धर्म विशेष से जुड़ा.

    डॉ. गीतांजलि ने अपने पोस्ट में कहा था, "अगर किसी ने दुनिया को यह दिखाया है कि भारत का विश्वगुरु होना वास्तव में क्या मायने रखता है, तो वह हमारी जेन ज़ी है. उन्होंने सनातन पर उपदेश नहीं दिए बल्कि इसे जिया है. उन्होंने नफ़रत, हिंसा और अंध आज्ञाकारिता न दिखाते हुए साहस, ताक़त और देशभक्ति दिखाई."

    अपने ताज़ा पोस्ट में उन्होंने कहा, "धर्म का उद्देश्य अनुयायी बनाना होता है, जबकि अध्यात्म किसी व्यक्ति के भीतर बदलाव लाता है."

    उन्होंने पोस्ट में अरबिंदो घोष के कथन का हवाला देते हुए लिखा, "श्री अरबिंदो ने कहा था कि भारत उठेगा, तो इसका अर्थ है कि सनातन धर्म उठेगा. भारत सनातन धर्म के लिए उठ रहा है."

    वह कहती हैं कि "सनातन धर्म जीवन जीने का एक तरीका है. यह आत्मिक विकास का मार्ग है और सत्य की निरंतर खोज का अभ्यास है."

  2. ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान पर हमले तेज़ नहीं करने का फ़ैसला किया: अमेरिकी मीडिया

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, करीब दो हफ़्तों में बीते दो दिन ऐसे बीते हैं जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमला किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी मीडिया संस्थानों द न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्टों के मुताबिक़, डोनाल्ड ट्रंप ने फ़िलहाल ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य हमलों को और बढ़ाने का फ़ैसला नहीं किया है.

    ग़ौरतलब है कि ये रिपोर्ट ऐसे समय आई हैं जब करीब दो हफ़्तों में बीती शुक्रवार रात पहली बार अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमला किया था. वहीं, शनिवार रात किसी नए हमले की कोई ख़बर नहीं मिली.

    इन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने यह फ़ैसला शुक्रवार को लिया. इसकी एक वजह पैट्रिएट वायु रक्षा मिसाइलों के घटते भंडार बताए जा रहे हैं.

    इसके अलावा, फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के अरब सहयोगी देशों के नाराज़ होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई गई है.

    हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. उसका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते रहे हैं.

  3. अभिजीत दीपके के माता-पिता से मिलने उनके घर पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री

    शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट

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    इमेज कैप्शन, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और जंतर मंतर पर समाप्त हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री पुणे में अभिजीत दीपके के घर पहुंचे.

    शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने दीपके के माता-पिता से मुलाक़ात की.

    आंदोलन ख़त्म होने के बाद हुए इस दौरे को लेकर उन्होंने कहा, "मैं आज अभिजीत दीपके के घर आया हूँ क्योंकि उनका प्रदर्शन कल समाप्त हो गया था. उनके माता-पिता से मेरा पुराना संबंध है."

    वह बोले कि "मैं राजनीतिक माहौल के दौरान यहाँ नहीं आया, क्योंकि उस समय मेरी मौजूदगी से मामला अलग तरह से तूल पकड़ सकता था. कहा जा सकता था कि मैंने दबाव बनाने की कोशिश की है."

    उन्होंने कहा कि "दीपके के माता-पिता साधारण लोग हैं और उन्हें आज भी यक़ीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा पूरे देश में मशहूर हो चुका है. दीपके की मांग का केंद्र सरकार ने भी समर्थन किया और जल्द ही ऐसा कानून बनने जा रहा है जिसके बाद पेपर लीक पर सबसे सख़्त सज़ा दी जाएगी."

  4. असम में बाढ़ का कहर जारी, मृतकों की संख्या बढ़कर 66 पहुंची, दिलीप कुमार शर्मा, जोरहाट से बीबीसी हिंदी के लिए

    जलमग्न घर

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ की वजह से 6 लाख 54 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है

    असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 4 और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो गई है.

    बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर राज्य की स्थिति की जानकारी ली.

    असम सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शनिवार देर शाम जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. बाढ़ की वजह से 6 लाख 54 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

    राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें राज्य के कई कटे हुए और जलमग्न इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.

    एनडीआरएफ़

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) की टीमें राज्य के कई कटे हुए और जलमग्न इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं

    10 ज़िलों के सैकड़ों गांव जलमग्न

    रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 ज़िलों के 810 गांव अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न ज़िलों में 274 राहत शिविर एवं राहत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 19 हज़ार विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है.

    बाढ़ से सबसे अधिक नुक़सान ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट ज़िलों में दर्ज किया गया है. मृतकों की संख्या के लिहाज़ से भी शिवसागर ज़िला सबसे अधिक प्रभावित रहा है.

    इस बीच, असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं.

    असम की बाढ़

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित जोरहाट है जहां इलाके जलमग्न हो गए हैं
    जलमग्न

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    इमेज कैप्शन, रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 ज़िलों के 810 गांव अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं

    असम सीएम ने किन कारणों को बताया ज़िम्मेदार

    गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ से बड़े इलाके प्रभावित होते हैं और लाखों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है.

    हालांकि इस बार ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ के पीछे नागालैंड के मोन ज़िले में कथित 'बादल फटने' की घटना को प्रमुख कारण माना जा रहा है.

    मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी शिवसागर ज़िले में आई भीषण बाढ़ के लिए नगालैंड के मोन ज़िले में हुए इस प्राकृतिक घटनाक्रम को ज़िम्मेदार ठहराया है.

  5. तेज प्रताप यादव की गिरफ़्तारी पर क्या बोले तेजस्वी यादव?

    तेजस्वी यादव

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    इमेज कैप्शन, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे बड़े भाई तेज प्रताप यादव को गिरफ़्तार किया गया है और उन पर धाराएँ लगाई गई हैं.

    तेजस्वी यादव ने कहा, "पेपर लीक के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू करने वाले सभी छात्रों को हम सलाम करते हैं. उन्होंने अपने हक़ और बेहतर भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी."

    वे बोले- "लगभग सभी विपक्षी दलों ने उनकी माँग का समर्थन किया और हम भी इस आंदोलन में शामिल हुए. लेकिन अब एक बड़ा सवाल उठता है. कल हुए समझौते के बाद आंदोलन में शामिल लोगों पर दर्ज़ मामलों का क्या होगा? जिन राज्यों में ये प्रदर्शन हुए, वहाँ हज़ारों लोगों पर केस दर्ज़ किए गए."

    गौरतलब है कि जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार रात गिरफ़्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया है.

    तेजस्वी यादव ने आगे कहा, "बिहार में छात्रों ने लगभग हर ज़िले में प्रदर्शन किया और अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरे. बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है और हमेशा देश को रास्ता दिखाता रहा है.

    लेकिन सरकार और पुलिस ने हर ज़िले में जिस तरह से काम किया, वह चिंता की बात है. सैकड़ों और हज़ारों छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की और कई छात्र अब भी क़ानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं."

    तेजस्वी ने कहा, "बिहार में लोगों पर जबरन केस करके जेलों में डाला जा रहा है. हमारे कई विधायकों को उठाया गया. हमारे बड़े भाई तेज प्रताप को भी गिरफ़्तार किया गया और कई धाराएँ लगाई गई हैं."

  6. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  7. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद ठाकरे ब्रदर्स का जश्न, उद्धव ने ये कहा

    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, यह रैली देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र-छात्राओं के आंदोलन की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकाली जा रही है

    मुंबई में ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) की ओर से रविवार को संयुक्त 'तिरंगा विजय जल्लोष' रैली आयोजित की जा रही है. यह रैली देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकाली जा रही है.

    इससे पहले ठाकरे बंधुओं ने 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में 'तिरंगा मोर्चा' निकालने की घोषणा की थी.

    हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफ़ा देने के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदल दिया गया और अब इसे 'तिरंगा विजय जल्लोष' रैली का नाम दिया गया है.

    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, पार्टी सांसद और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए एक साक्षात्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह सराहनीय है कि अब लोगों में जेल या बंदूक का डर नहीं रहा. उन्होंने कहा कि जनता का भयमुक्त होकर सड़कों पर उतरना सत्तारूढ़ दल के लिए ख़तरनाक संकेत है
    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आंदोलन से दूरी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "सीजेपी का आंदोलन केवल सत्तारूढ़ दल की नहीं, बल्कि विपक्ष की भी विफलता है. मैंने पहले भी कहा था कि देश का भरोसा नेताओं से उठ चुका है"
    मुंबई

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    इमेज कैप्शन, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह विफल रही है और उसने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.
  8. कैलाश विजयवर्गीय बोले, 'धर्मेंद्र प्रधान तो पहले ही इस्तीफ़ा देना चाहते थे'

    कैलाश विजयवर्गीय

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    इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (फ़ाइल फ़ोटो)

    मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने आंदोलन की शुरुआत होते ही पार्टी अध्यक्ष को इस्तीफ़े की पेशकश की थी.

    कैलाश विजयवर्गीय ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं धर्मेंद्र प्रधान को विद्यार्थी परिषद के ज़माने से जानता हूं और उनकी तारीफ़ करूंगा. उन्हें जो भी काम दिया जाता है, वो उसे पूरी ईमानदारी और लगन से करते हैं."

    विजयवर्गीय ने कहा, "आंदोलन के पहले दिन से ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा था कि अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफ़ा देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा. पार्टी अध्यक्ष ने मना कर दिया और कहा कि बैठकर बात करेंगे तब तक इस्तीफ़ा नहीं दोगे."

    उन्होंने कहा, "लेकिन जब हालात ऐसे बने कि पार्टी ने तय किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए, तो उन्होंने पल भर में इस्तीफ़ा दे दिया. यही एक अच्छे पार्टी कार्यकर्ता की पहचान है. उनके इस्तीफ़े ने उन सभी विदेशी ताक़़तों की योजनाओं को खत्म कर दिया जो देश में हिंसा भड़काना चाहती थीं."

    गौरतलब है कि देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को इस्तीफ़ा दे दिया.

  9. बर्लिन में प्राइड परेड में घुसी कार, एक की मौत और 16 घायल, संदिग्ध फ़रार

    जर्मनी पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बर्लिन पुलिस ने मामले के संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय अब्दुल बी के रूप में की है

    जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित प्राइड परेड के दौरान भीड़ में एक कार घुस जाने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो गए. घटना के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर जांच और संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है.

    यह घटना शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात क़रीब 10 बजे से पहले, बर्लिन के मशहूर ब्रांडेनबर्ग गेट के पास स्थित टियरगार्टन पार्क में हुई.

    बर्लिन पुलिस ने मामले के संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय अब्दुल बी के रूप में की है. पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध का शरीर दुबला-पतला है, उसके बाल काले हैं और घटना के समय उसने काले रंग की हुडी और सफेद रंग की पैंट पहन रखी थी. शुरुआती जांच में उसके इस्लामिक संगठनों से संबंध होने की बात सामने आई है. हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

    संदिग्ध की तलाश के लिए पूरे बर्लिन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने उसकी तस्वीर जारी करते हुए लोगों से पहचान और गिरफ़्तारी में सहयोग की अपील की है. वहीं, जिस सफ़ेद कार का घटना में इस्तेमाल होने का शक है, उसकी तस्वीर भी पुलिस की घेराबंदी वाले इलाक़े से सामने आई है.

    जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़ ने घटना को 'डरावना कृत्य' बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जाँच की जाएगी. वहीं, बर्लिन के मेयर काई वेगनर ने इसे "हमारे आज़ाद और खुले समाज पर हमला" क़रार दिया.

  10. योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़े के बाद शुभकामनाएं देते हुए ये कहा

    योगी आदित्यनाथ

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    इमेज कैप्शन, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ज़िम्मेदारी बदलती रहती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़े पर प्रतिक्रिया दी है.

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ज़िम्मेदारी बदलती रहती है, लेकिन राष्ट्रहित के लिए किया गया काम समय के साथ प्रेरणादायी बन जाता है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "शिक्षा राष्ट्र के चरित्र का निर्माण करती है, उसकी चेतना को संस्कारित करती है और उसके भविष्य की दिशा निर्धारित करती है."

    उन्होंने लिखा, "श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में इसी राष्ट्रदृष्टि को अपने कार्य का आधार बनाया. विद्यार्थी जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका सतत प्रयास रहा कि भारत का प्रत्येक युवा अवसरों से जुड़े, अपनी प्रतिभा को पहचान सके, अपनी जड़ों पर गर्व करे और 'विकसित भारत' के संकल्प का सक्रिय भागीदार बने."

    आगे लिखा, "उनके नेतृत्व में शिक्षा को नवाचार, कौशल, भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास हुए. उनके प्रयासों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में नए विमर्शों, नई संभावनाओं और नए आत्मविश्वास का संचार किया."

    योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "सार्वजनिक जीवन में दायित्व बदलते रहते हैं, किंतु राष्ट्रहित में किया गया समर्पित कार्य समय के साथ और अधिक प्रेरणादायी बन जाता है. धर्मेंद्र प्रधान जी, शिक्षा, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण के प्रति आपके समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व व अथक प्रयासों के लिए हृदय से आभार एवं साधुवाद."

    "पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में आपकी ऊर्जा, अनुभव और कर्मनिष्ठा आगे भी 'विकसित भारत' की विकास यात्रा को नई दिशा व नई गति प्रदान करती रहेगी. सार्वजनिक जीवन की आगामी यात्रा के लिए अनंत शुभकामनाएं."

    दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ये नई पीढ़ी की जीत है और सरकार को इस बात को समझ लेना चाहिए कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गंभीरता से सोचना होगा.

  11. राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर क्या मांग की?

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की सुरक्षा करना और बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों को दूर करना सरकार की ज़िम्मेदारी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही की मांग की है.

    राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की सुरक्षा करना और बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों को दूर करना सरकार की ज़िम्मेदारी है.

    उन्होंने पत्र में लिखा, "हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे. उनकी बात सुनने के बजाय, सुरक्षा बलों ने उन पर बल का इस्तेमाल किया, जिसमें घातक हथियार और आँसू गैस भी शामिल थे. सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं. महिला छात्रों पर भी पुलिसकर्मियों ने हमला किया है, जिसमें उनके निजी अंगों को जानबूझकर निशाना बनाना भी शामिल है."

    राहुल गांधी ने लिखा, "सबसे चौंकाने वाली बात घातक पैलेट गन का इस्तेमाल है. मीडिया और सोशल मीडिया में आई खबरों में साफ़ दिख रहा है कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें एक पत्रकार भी शामिल है. मैंने 19 साल के छात्र साहिल लोचाब से मुलाक़ात की, जो अब बहुत दर्द में हैं और उनकी एक आँख जाने की संभावना है, क्योंकि उन्हें पैलेट गन से गोली मारी गई थी."

    राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल गृह मंत्री को रिपोर्ट करते हैं. उन्होंने पत्र में दो सवाल पूछे, "क्या गृह मंत्री के तौर पर आपने छात्रों के खिलाफ़ पैलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी? अगर नहीं, तो इसकी मंज़ूरी किसने दी? क्या सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते हुए दिख रहे लोग पुलिसकर्मी हैं या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती की मंज़ूरी किसने दी?"

    उन्होंने कहा, "इस तरह की हिंसा हर नियम और मर्यादा को ख़त्म कर देती है और इससे पूरे देश में गुस्सा फैला है."

    उन्होंने कहा कि देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र जवाब और ज़िम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज़ सुनी जाएगी.

  12. अभिजीत दीपके ने किन लोगों से मांगी माफ़ी

    अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है, जो सीजेपी के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहा धरना समाप्त हो गया है. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार सुबह वीडियो जारी किया है.

    अभिजीत दीपके ने इस वीडियो में उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है, जो सीजेपी के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए.

    अभिजीत दीपके ने कहा, "आप सबके समर्थन के बिना ये नहीं होता, लेकिन आप सबसे माफ़ी मांगता हूं कि मैं उन लोगों को कल थैंक्यू नहीं कह पाया, जो जंतर-मंतर पर रुके हुए थे."

    उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि मुझे टायफ़ाइड हो गया है, कल मुझे बहुत तेज़ बुखार हो गया था, इसलिए मैं घर आ गया था. जो लोग 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे मैं उन सबका धन्यवाद करता हूं, आपने इस देश के लिए जो किया, मैं उसकी सराहना करता हूं."

    दीपके ने कहा, "जिन लोगों ने हमारी आलोचना की, हमसे सवाल किए और कहा कि आप लोग सीरियस नहीं हो, आपको प्रदर्शन नहीं करना आता, मैं उन्हें भी धन्यवाद कहना चाहूंगा. यदि आप हमसे सवाल नहीं करते तो हमें सुधार करने का मौक़ा नहीं मिलता."

    दीपके ने कहा कि यह सिर्फ़ शुरुआत है, कॉकरोच जनता पार्टी को अभी लंबा रास्ता तय करना है.

  13. प्रदर्शन में शामिल हुए छात्र से गाली-गलौज और मारपीट का वीडियो वायरल, अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई

    अखिलेश यादव

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    इमेज कैप्शन, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भरोसे का विलोम भाजपा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि बीजेपी और उसके साथियों का व्यवहार हिंसक है.

    दरअसल, अखिलेश यादव ने शनिवार रात को एक्स पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक शख़्स प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे दो छात्रों को गाली दे रहा है. इसके बाद वह एक छात्र से मारपीट भी करता हुआ दिखाई दे रहा है.

    हालांकि वो शख़्स किस पार्टी का है या किस संगठन का है, ये अभी साफ़ नहीं है. वायरल वीडियो में शख़्स प्रदर्शन में शामिल होने के लिए इन छात्रों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा है और धमकी दे रहा है कि वो आइंदा इस प्रदर्शन में शामिल ना हों.

    इस पर अखिलेश यादव ने लिखा, "बीजेपी और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें. इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं."

    "बीजेपी के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिए गए आश्वासन की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं. अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है."

    उन्होंने आगे लिखा, "तुरंत गिरफ़्तारी हो. भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं. भरोसे का विलोम भाजपा."

    गौरतलब है कि सरकार और आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच बातचीत में सहमति बन गई है, जिसके बाद सीजेपी ने प्रदर्शन वापस लेने का एलान कर दिया.

  14. तेज प्रताप यादव गिरफ़्तार, बेऊर जेल भेजे गए, क्या है मामला, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    तेज प्रताप यादव

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    इमेज कैप्शन, तेज प्रताप यादव पर धारा 109 और सरकारी काम में बाधा डालने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुखतेज प्रताप यादव को शनिवार रात गिरफ़्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत मेंपटना की बेऊर जेल भेज दिया गया है.

    दरअसल, तेज प्रताप यादव 25 जुलाई को पटना में आयोजित बिहार बंद में शामिल हुए थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया था.

    इसके बाद शाम को पुलिस उन्हें पटना के एक मॉल से अपने साथ ले गई. पुलिस उन्हें नौबतपुर थाने लेकर पहुंची, जहां देर रात उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. फ़िलहाल वो बेऊर जेल में बंद हैं.

    तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उन्हें सिर्फ अरेस्ट मेमो मिला है, जबकि एफ़आईआर की कॉपी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है.

    उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव पर धारा 109 और सरकारी काम में बाधा डालने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं.

    गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया के ज़रिए कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी.

  15. अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला

    अनाहत सिंह

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    इमेज कैप्शन, अनाहत सिंह 21 सालों में पहली बार वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का ख़िताब जीतकर इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं.

    कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

    अनाहत की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पिछले 16 वर्षों से इस चैंपियनशिप का ख़िताब लगातार मिस्र के खिलाड़ियों के पास रहा था. उन्होंने मिस्र के इस लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए पूरे टूर्नामेंट में फ़ाइनल तक एक भी गेम गंवाए बिना ख़िताब पर क़ब्ज़ा जमाया.

    फ़ाइनल से पहले भी अनाहत ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने सेमीफ़ाइनल में मिस्र की हबीबा रिज़्क को 3-1 (11-7, 11-5, 6-11, 11-9) से हराया.

    जबकि क्वार्टरफ़ाइनल में बार्ब सामेह को 3-1 (11-3, 8-11, 11-4, 11-6) से शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी. स्क्वैश जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में मिस्र के लगातार तीन खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि माना जाता है.

    अनाहत ने इस टूर्नामेंट में एक और अहम उपलब्धि अपने नाम की. वह 21 वर्षों में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं.

    इससे पहले वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा ने भारत की ओर से इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.

  16. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन ख़त्म होने के बाद ऐसा है सुबह का माहौल, तस्वीरों में देखें

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    इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी अपने घर लौट गए हैं

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार रात को समाप्त हो गया है.

    हालांकि, रविवार सुबह भी यहां पुलिस तैनात है और बैरिकेड्स लगे हुए हैं. पुलिस बल पहले के मुक़ाबले अब काफ़ी कम है, जबकि प्रदर्शनकारी अपने घर लौट चुके हैं.

    रविवार सुबह की जंतर-मंतर की कुछ तस्वीरें-

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है
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    इमेज कैप्शन, सीजेपी के नेतृत्व वाले इस आंदोलन से पर्यवारण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जुड़े हुए थे, उन्होंने 26 दिनों तक भूख हड़ताल रखी थी
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    इमेज कैप्शन, इस आंदोलन के तहत 20 जुलाई को 'संसद मार्च' रखा गया था, जिस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था
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    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए, सरकार ने ये मांग मान ली है
  17. धर्मेंद्र प्रधान पर बोले नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी, 'फिर मुलाक़ात होगी'

    प्रल्हाद जोशी

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    इमेज कैप्शन, प्रल्हाद जोशी ने नई ज़िम्मेदारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद इस मंत्रालय का प्रभार प्रल्हाद जोशी को मिला है. नई ज़िम्मेदारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद किया.

    केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, "मुझे पता चला है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह ज़िम्मेदारी दी है. मैं इस ज़िम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं."

    उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार के पिछले 12 साल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं. मैं पीएम के मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने की कोशिश करूंगा."

    प्रल्हाद जोशी ने अपने एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का ज़िक्र भी किया. उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी का राजनीतिक सफ़र कई दशकों तक रहा है. देश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी."

    जोशी ने लिखा, "उनके (धर्मेंद्र प्रधान) कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 100 से ज़्यादा छोटे और बड़े सुधार किए गए. देशहित को सबसे ऊपर रखते हुए प्रधान जी का पद छोड़ने का फ़ैसला, देश के विकास में उनके योगदान को किसी भी तरह से नहीं रोक सकता."

    उन्होंने लिखा, "देश के विकास के रास्ते पर हमारी मुलाक़ात फिर होगी."

    गौरतलब है कि प्रल्हाद जोशी फ़िलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है.

  18. अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर ये कहा

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़े के बाद कहा कि बीजेपी में कार्यकर्ताओं के लिए पद नहीं, बल्कि देश ज़्यादा महत्वपूर्ण है.

    गृह मंत्री शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के खिला़फ़ आवश्यक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है.

    उन्होंने लिखा, "बीजेपी के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं. आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफ़ा इसी को दर्शाता है."

    "मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है. पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से नीट परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा."

    उन्होंने आगे लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं. उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है."

    गौरतलब है कि देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था.

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