कानपुर में शनिवार को उस वक्त असामान्य स्थिति बन गई जब अर्धसैनिक बल आईटीबीपी के लगभग पचास जवान हथियारों के साथ पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए.
जवान अपने साथी विकास सिंह की मां के इलाज में कथित लापरवाही और अस्पताल पर कार्रवाई न होने से नाराज़ थे. विकास सिंह का आरोप है कि उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान संक्रमण इतना बढ़ गया कि बाद में दूसरे अस्पताल में महिला का हाथ काटना पड़ा. इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई में देरी के आरोप लगाए जा रहे हैं.
अर्धसैनिक बल के जवानों के कमिश्नरेट परिसर को अपने कब्ज़े में लेने की बात से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इनकार किया है.
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून एवं व्यवस्था विपिन ताडा ने मीडिया से कहा, "आईटीबीपी का एक जवान बात करने के लिए अपने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आया था. उस दौरान उनके साथी बाहर खड़े थे. इस पर उनसे बात की गई तो उन्होंने जवानों को वापस भेज दिया."
पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दोबारा स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच, तथ्यों के आधार पर होगी और अगर लापरवाही साबित हुई तो क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विपिन टाडा ने मीडिया को बताया, "आईटीबीपी का जवान कुछ दिन पहले आवेदन लेकर आया था जिसमें उनका आरोप था कि अस्पताल द्वारा लापरवाही पूर्वक इलाज करने के कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा."
"मामला स्वास्थ्य विभाग का होने के कारण आवेदन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा गया था. उनके अनुसार डॉक्टरों की कमेटी गठित कर सभी पहलू की जांच कराई गई थी लेकिन जो रिपोर्ट आई उस पर जवान अपने अधिकारियों को लेकर आया. उसने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई."
उन्होंने आगे बताया, "मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जवान बातचीत के बाद फिर से जांच के लिए राज़ी हुए हैं. जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी."
अर्धसैनिक बल कानपुर कमांडेंट गौरव प्रसाद ने मीडिया को बताया, "हमारे जवान की मां का हाथ कट गया है उसी संबंध में कल कमिश्नर से अप्वाइंटमेंट लिया था."
"आज मेरे अधिकारी और जवान आये थे. मैं अंदर बैठा था, बाहर जवान खड़े थे. शायद मीडिया ने इसे ग़लत रूप में ले लिया है. यहां (कमिश्नरेट बिल्डिंग) कोई घेरने की कार्रवाई नहीं हुई है. हमें कमिश्नर सर की तरफ से पूरा सपोर्ट है."