इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे बढ़ी, अब 'तकनीकी पहलुओं' पर होगी चर्चा

अब्बास अराग़ची, जेडी वेंस

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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची (बाएं) और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (बीच में) ने बैठक से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ (दाएं) से मुलाक़ात की है
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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो गया है. अमेरिका ने पुष्टि की है कि ये त्रिपक्षीय स्तर की वार्ता है.

बीबीसी उर्दू को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में 'विशेषज्ञ स्तर' पर बातचीत शुरू हो गई है.

इस अधिकारी के अनुसार, वार्ता के इस चरण में दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत मांगों के 'तकनीकी पहलुओं की जांच' की जाएगी.

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच पाकिस्तान की मौजूदगी में आमने‑सामने की त्रिपक्षीय वार्ता हो रही है. इससे पहले पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने भी यही बात बीबीसी को बताई थी.

इससे पहले दो सरकारी अधिकारियों ने बीबीसी उर्दू को बताया था कि शुरुआती बातचीत 'सकारात्मक' रही है.

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अमेरिका की ओर से बातचीत में कौन-कौन शामिल?

जेडी वेंस

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इमेज कैप्शन, अमेरिका की ओर से इस बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसा कि पहले रिपोर्ट किया गया था, मुख्य अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उप‑राष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं.

व्हाइट हाउस अधिकारी के मुताबिक, विस्तृत अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एंड्रयू बेकर और एशियाई मामलों के सलाहकार माइकल वेंस भी शामिल हैं.

व्हाइट हाउस अधिकारी ने यह भी बताया कि विभिन्न विषयों के अमेरिकी विशेषज्ञ भी इस्लामाबाद में मौजूद हैं, जबकि अन्य विशेषज्ञ वॉशिंगटन डीसी से मदद कर रहे हैं.

इससे पहले शाम चार बजे शुरू हुआ बातचीत का पहला दौर ढाई घंटे की बातचीत के बाद ख़त्म हुआ था.

सरकारी सूत्रों ने बीबीसी उर्दू को बताया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत इस्लामाबाद के सेरेना होटल में हो रही है.

पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने बीबीसी उर्दू को बताया था कि पहले दौर की बातचीत मध्यस्थों के ज़रिए हुई थी यानी कि पाकिस्तान के अधिकारी दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे थे.

बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार की रात इस्लामाबाद पहुंचा था, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शनिवार की सुबह इस्लामाबाद आया था.

'वो बुरी तरह हार रहे हैं'

डोनाल्ड ट्रंप

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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नौसेना और वायुसेना ख़त्म हो चुकी है (फ़ाइल फ़ोटो)

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस संघर्ष में ईरान 'बुरी तरह हार रहा है.'

ट्रुथ सोशल पर एक लंबे पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि मीडिया के कुछ लोग "यह कहना पसंद करते हैं कि ईरान 'जीत रहा है', जबकि वास्तविकता यह है कि हर कोई जानता है कि वे हार रहे हैं और बहुत बुरी तरह हार रहे हैं."

इसके बाद उन्होंने इस संघर्ष के दौरान उनके प्रशासन द्वारा किए गए दावों को दोहराया: "उनकी नौसेना समाप्त हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनका एंटी‑एयरक्राफ्ट सिस्टम अस्तित्वहीन है, राडार ख़त्म हो चुका है, उनके मिसाइल और ड्रोन कारख़ाने काफ़ी हद तक नष्ट कर दिए गए हैं, मिसाइलें और ड्रोन ख़ुद भी नष्ट हो चुके हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके लंबे समय से चले आ रहे 'नेता' अब हमारे बीच नहीं हैं."

ईरान द्वारा समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने का ज़िक्र करने के बाद उन्होंने कहा कि अब अमेरिका "दुनिया भर के देशों के लिए उपकार के तौर पर होर्मुज़ स्ट्रेट की सफ़ाई शुरू कर रहा है."

संघर्ष विराम से पहले क्या-क्या हुआ था...

बातचीत के लिए ईरान और अमेरिका दोनों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं

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इमेज कैप्शन, बातचीत के लिए ईरान और अमेरिका दोनों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं
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याद दिला दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ अप्रैल की सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की थी कि "मैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से होने वाली बातचीत के आधार पर मैं दो हफ्तों की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमलों को स्थगित करता हूं."

ट्रंप ईरान से कई बार यह मांग कर चुके थे कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट खोल दे और उसे 'पाषाण युग में वापस धकेलने' की धमकियां दे चुके थे.

युद्धविराम की घोषणा करते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने अपने संदेश में लिखा था, "अत्यंत विनम्रता के साथ मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ हर जगह, जिनमें लेबनान भी शामिल है, तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं."

उन्होंने कहा था कि "मैं इस बुद्धिमत्तापूर्ण फ़ैसले का हार्दिक स्वागत करता हूँ और दोनों देशों के नेतृत्व का धन्यवाद करता हूँ. साथ ही मैं उनकी वार्ता टीमों को आमंत्रित करता हूं कि वे शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पधारें, ताकि सभी विवादों के अंतिम समाधान के लिए आगे की बातचीत की जा सके."

ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग की थी कि जब तक लेबनान में युद्धविराम नहीं हो जाता और फ्रीज़ की हुई ईरानी संपत्तियां बहाल नहीं कर दी जातीं, तब तक वार्ता शुरू नहीं होगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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