लाइव, जयराम रमेश के आरोपों पर वित्त मंत्री का जवाब, कहा- अफवाह फैलाने से पहले इन चीज़ों पर ध्यान दें

सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष संसद में रचनात्मक ढंग से भाग लेता, तो इन मुद्दों पर सदन के भीतर चर्चा हो सकती थी.

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  2. जयराम रमेश के आरोपों पर वित्त मंत्री का जवाब, कहा- अफवाह फैलाने से पहले इन चीज़ों पर ध्यान दें

    निर्मला सीतारमण

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    इमेज कैप्शन, सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष संसद में रचनात्मक ढंग से भाग लेता, तो इन मुद्दों पर सदन के भीतर चर्चा हो सकती थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने से जुड़े आरोपों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है.

    निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अफवाह फैलाने से पहले, जयराम रमेश जी, कृपया इन इन पॉइंट्स पर ध्यान दें."

    उन्होंने कहा, "एमडीआर केवल व्यापारियों (मर्चेंट्स) पर लागू होता है, आम उपभोक्ताओं पर नहीं. इससे बैंक और फिनटेक कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सुरक्षा पर अधिक निवेश कर सकेंगी, जिसका लाभ सभी यूपीआई यूजर्स को मिलेगा."

    वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपीआई पर एमडीआर लागू करने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

    उन्होंने कहा कि इस पर निर्णय एनसीपीआई की यूपीआई एवं सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी करेगी और यह प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी, जब संसद टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करेगी.

    सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष संसद में रचनात्मक ढंग से भाग लेता, तो इन मुद्दों पर सदन के भीतर चर्चा हो सकती थी.

    इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (संशोधन) विधेयक, 2026 यूपीआई लेनदेन को शुल्क-मुक्त रखने वाली व्यवस्था को खत्म करने का रास्ता खोलता है और भविष्य में यूपीआई सहित डिजिटल भुगतान पर एमडीआर लगाए जाने की आशंका पैदा करता है.

  3. बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव पर क्या बोले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

    ताहिर अंद्राबी

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    इमेज कैप्शन, ताहिर अंद्राबी ने कहा कि शेख हसीना का बयान भारत से आया था, यह भारत और बांग्लादेश के बीच का मामला है

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके बेटे सजीब वाज़ेद के हालिया बयानों को लेकर सवाल पूछे गए.

    दरअसल, भारत में आयोजित एक कार्यक्रम में दिए गए ऑनलाइन संबोधन में शेख हसीना के बेटे ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की बांग्लादेश में भूमिका है. इसी कार्यक्रम में शेख हसीना ने भी संबोधन दिया था.

    इन सवालों के जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, "पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सामान्य राजनयिक संपर्क लगातार जारी है और यह किसी एक घटना तक सीमित नहीं है."

    प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रम से अवगत है, लेकिन वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता.

    उन्होंने कहा कि शेख हसीना का बयान भारत से आया था, यह भारत और बांग्लादेश के बीच का मामला है.

    पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा, "बांग्लादेश की जनता अपने मुद्दों को स्वतंत्र रूप से सुलझाने में सक्षम है और उसे किसी बाहरी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसके विकास एवं समृद्धि के सफर में सहयोग जारी रखेगा."

    आईएसआई की कथित भूमिका पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है.

    उन्होंने आगे कहा, "भारत आईएसआई को लेकर ज़रूरत से ज्यादा संदेह करता है. शायद वह सोच भी उन तक पहुंच गई है, क्योंकि वह भी भारत में हैं. शायद यही वजह हो सकती है. लेकिन बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और मौजूदा सरकार के बीच के मुद्दे पर हमारी कोई टिप्पणी नहीं है."

  4. पीएम मोदी और इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    नरेंद्र मोदी और बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर भी बातचीत की (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुधवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने फोन पर बात की.

    प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-इसराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी (स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) की प्रोग्रेस की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

    इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर भी बातचीत की.

    प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भविष्य में भी आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट कर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी.

  5. कॉकरोच जनता पार्टी ने नेशनल वर्किंग कमेटी का एलान किया, इन लोगों को किया शामिल

    कॉकरोच जनता पार्टी

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    इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी ने स्पष्ट किया कि आज घोषित सूची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी का पदाधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की घोषणा करते हुए देशभर में संगठन विस्तार का रोडमैप जारी किया है. पार्टी ने कहा कि नेशनल वर्किंग कमेटी ने संगठन के शुरुआती राष्ट्रीय नेतृत्व को मंजूरी दे दी है.

    पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक के रूप में अभिजीत दीपके को नियुक्त किया गया है. वहीं आशुतोष रांका और सौरव दास को सह-संयोजक बनाया गया है.

    सीजेपी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.

    पार्टी ने अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी, दीपक बालियान को संगठन सह-प्रभारी, आफरीन नवाज को राष्ट्रीय सचिव, विजय रेड्डी मल्लांगी को मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह को विधिक मामलों की प्रमुख, वैष्णवी गौर को शोध एवं नीति प्रमुख, रोहन देशपांडे को प्रौद्योगिकी प्रमुख और योगेश इंगले को वित्त प्रमुख की ज़िम्मेदारी सौंपी है.

    संगठनात्मक ढांचे के तहत पार्टी ने चार जोन के प्रभारी भी घोषित किए हैं. उत्तर भारत की ज़िम्मेदारी दीपक बालियान, दक्षिण भारत की विजय रेड्डी मल्लांगी, पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्र की अंकित भारद्वाज, जबकि पश्चिम भारत की ज़िम्मेदारी योगेश इंगले को दी गई है.

    पार्टी का दावा है कि नेशनल वर्किंग कमेटीके सभी पदाधिकारी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं.

    पार्टी ने बताया कि अगले छह महीनों में देशभर में राज्य समन्वय समितियां, लोकसभा स्तर की इकाइयां और शहर स्तर की समन्वय समितियां गठित की जाएंगी.

    कॉकरोच जनता पार्टी ने स्पष्ट किया कि आज घोषित सूची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी का पदाधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है.

  6. कार्टून: हमारी पकड़ है

    आज का कार्टून.
    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में इंटरनेशनल मीडिया पर पाबंदी पर आज का कार्टून.
  7. छात्रों के प्रदर्शन पर मोहन भागवत बोले, 'जेन-ज़ी के सवाल जायज़, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ज़रूरी है संवाद'

    भागवत

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    इमेज कैप्शन, मोहन भागवत ने कहा कि जेन-ज़ी और जेन-अल्फा की सोच पहले की पीढ़ियों से अलग है (फ़ाइल फ़ोटो)

    छात्रों के विरोध प्रदर्शन और बातचीत को लेकर मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध भी सहमति बनाने का एक तरीका है.

    मोहन भागवत ने कहा, "लोकतंत्र में विरोध भी सहमति बनाने का एक माध्यम है. अलग-अलग विचार सामने आते हैं और चर्चा के बाद एक सहमति बनती है. यह चर्चा संवाद के जरिए हो सकती है. अगर किसी वजह से बात नहीं सुनी जाती है तो आंदोलन किया जा सकता है. लेकिन इसका उद्देश्य सहमति बनाना होना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करना."

    उन्होंने कहा, "जहां तक जेन-ज़ी की बात है, हाल में जो हुआ, उसमें उनकी शिकायतें जायज़ हैं. भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है और वह नहीं हो पा रहा है, इसलिए ये मुद्दे उठ रहे हैं. निश्चित रूप से संवाद होना चाहिए."

    "मैं यह कह रहा हूं कि अगर जेन-ज़ी विरोध-प्रदर्शन कर रहा है, तो वे देश-विरोधी नहीं हैं. वे हमारे अपने हैं. वे हमारी अगली पीढ़ी हैं. बातचीत के साथ-साथ, अपनापन महसूस कराने की भी ज़रूरत है."

    भागवत ने कहा कि जेन-ज़ी और जेन-अल्फा की सोच पहले की पीढ़ियों से अलग है.

    उन्होंने कहा, "जब हम उनकी उम्र के थे तो बड़ों की बात मान लेना हमारी आदत थी, हम सवाल नहीं करते थे. लेकिन आज जेन-ज़ी और जेन-अल्फा सवाल करते हैं, वे तर्कसंगत जवाब चाहते हैं."

    उन्होंने लोकतंत्र में बहस की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, "अंग्रेजी में इसे डिबेट कहते हैं और हम इसे शास्त्रार्थ कहते हैं. इसमें दो पक्ष होते हैं- पूर्वार्ध और उत्तर. हर पहलू को देखा जाता है और हर व्यक्ति का अपना नज़रिया होता है. इससे किसी भी विषय के नए पहलू सामने आते हैं. कई विचार और प्रतिविचार मिलकर सत्य की पूरी तस्वीर बनाते हैं. यह प्रक्रिया होनी चाहिए."

    आरएसएस प्रमुख ने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि जेन-ज़ी को विरोध नहीं करना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र में विरोध कैसे और किस तरह किया जाए, इसके तरीके तय हैं. संविधान बनाने वालों और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के भाषणों में भी इसके संकेत मिलते हैं. हमें इस पर ध्यान देना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "हमें यह भी समझना होगा कि जेन-जी सिर्फ विरोध के लिए आवाज नहीं उठा रही है. वे कुछ समस्याओं के कारण अपनी बात रख रहे हैं और उन समस्याओं का समाधान होना चाहिए. आंदोलन किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए होना चाहिए."

  8. राहुल गांधी से हुई बातचीत पर बोले किरेन रिजिजू - 'हम राजनीतिक विरोधी पर दुश्मन नहीं'

    किरेन रिजिजू

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    इमेज कैप्शन, किरेन रिजिजू बोले, 'राहुल गांधी से मेरी अच्छी बातचीत हुई'

    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से हुई बातचीत के बारे में बयान दिया है. उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच सदन के सुचारू संचालन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

    उन्होंने कहा, "राहुल गांधी से मेरी अच्छी बातचीत हुई. हमने एक खास मुद्दे को लेकर उनसे अनुरोध किया और कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा की. हम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संवाद और समन्वय के साथ काम करना चाहते हैं."

    उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक विरोधी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं हैं. इसलिए हमें देशहित में मिलकर काम करना चाहिए."

    रिजिजू ने गृह मंत्री के संसद में आने के सवाल पर कहा, "गृह मंत्री ने यहां विधेयक पेश किए हैं और वे संसद में मौजूद रहते हैं. सुबह से शाम तक काम करते हैं. स्वाभाविक है कि जिस मंत्री का विधेयक सदन में विचाराधीन होता है, वही मंत्री सदन में मौजूद रहते हैं."

  9. ट्रंप ने अमेरिका में गोला-बारूद की कमी की ख़बरों को बताया झूठ, लीक करने वालों को दी जेल की धमकी

    Donald Trump

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के पास "भारी मात्रा में गोला-बारूद" मौजूद हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के पास गोला-बारूद का पर्याप्त भंडार है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इसके उलट जानकारी लीक करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें लंबी जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के पास "भारी मात्रा में गोला-बारूद, खासकर कुछ विशेष प्रकार के हथियारों का पर्याप्त स्टॉक" मौजूद है. हालांकि, उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

    उन्होंने कहा, "बड़ी मात्रा में गोला-बारूद का उत्पादन भी जारी है और ज़रूरत पड़ने पर उसे अमेरिका भेजा जाएगा. रक्षा कंपनियां देश के इतिहास में सबसे ज़्यादा नई फैक्ट्रियां और उत्पादन इकाइयां बना रही हैं."

    वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले शुक्रवार कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से गोला-बारूद की कथित कमी पर जवाब मांगा था. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगा था यह समस्या पहले ही सुलझ चुकी है.

    इन ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, "जिन लोगों ने ये देशद्रोही बातें लीक की हैं, उनकी पहचान कर ली गई है और उन्हें लंबी जेल की सजा मिलेगी."

    वहीं, सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर की कमी का असर ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर पड़ा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना अपने थाड एयर डिफेंस सिस्टम की करीब 80 फ़ीसदी मिसाइलें इस्तेमाल कर चुकी है.

    वॉशिंगटन पोस्ट ने यह भी दावा किया था कि हथियारों की कमी के कारण ट्रंप ने ईरान पर "बेहद कड़ा हमला" करने की चेतावनी देने के बावजूद कुछ नए सैन्य हमले रद्द कर दिए.

    हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच किसी विवाद की ख़बर को "फे़क न्यूज़" बताया. वहीं, पेंटागन के वरिष्ठ प्रवक्ता सीन पार्नेल ने भी ट्रंप-हेगसेथ के मतभेद और हथियारों की कमी से जुड़ी सभी रिपोर्टों को "पूरी तरह मनगढ़ंत" करार दिया.

  10. झारखंड: आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार को सौंपे प्रतिनिधिमंडल के नाम, बातचीत की तैयारी

    जेपीएससी परीक्षा का पेपर लीक

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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जेपीएससी परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते अभ्यर्थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच छात्रों ने राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल का गठन कर लिया है.

    जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची एसडीओ को सौंप दी गई है.

    अब बैठक का समय और स्थान राज्य सरकार तय करेगी, जिसकी सूचना छात्रों को दी जाएगी. समय और स्थान तय होने के बाद आज ही वार्ता होने की संभावना जताई गई है.

    प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में कुल 11 सदस्य होंगे, जिनमें 8 छात्र, 1 वकील और 2 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं.

    सरकार के साथ बातचीत के लिए चुने गए छात्रों मे पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रविंद्र, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं.

  11. झारखंड में स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद की टिप्पणी

    रविशंकर प्रसाद

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    इमेज कैप्शन, रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि अगर झारखंड में नौकरियां बेची जा रही हैं तो राहुल गांधी चुप क्यों हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने झारखंड में स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा.

    रविशंकर प्रसाद ने झारखंड प्रदर्शन पर कहा, "वहां से जो कहानियां निकल कर आ रही हैं, उनसे साफ है कि झारखंड सरकार ने परीक्षा कराने का पूरा काम एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को सौंप दिया है. इस कंपनी को उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार और राजस्थान में भी ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है. इसके बावजूद उसे कई परीक्षाएं कराने की ज़िम्मेदारी दी गई. इसका क्या मतलब है?"

    "मैं फिर कहता हूं, अगर वहां नौकरियां बेची जा रही हैं तो राहुल गांधी चुप क्यों हैं? वह युवाओं से संवाद करने के लिए इलाहाबाद और दूसरी जगहों पर जा रहे हैं, लेकिन जिस सरकार को उनकी पार्टी का समर्थन हासिल है, उसके ख़िलाफ़ कुछ क्यों नहीं बोल रहे?"

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का चेहरा दो तरह का है, यहां कुछ और वहां ख़ामोशी, ये देश देख रहा है.

    गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर झारखंड प्रदर्शन पर बायान दिया था. उन्होंने कहा कि, "चाहे झारखंड हो, पंजाब हो, दिल्ली हो, कहीं भी हो, हम सब, राहुल गांधी जी और पूरी कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं."

  12. राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज़ दबाना चाहती है सरकार

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डरती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और सीट कटौती के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के ख़िलाफ़ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर एफ़आईआर दर्ज कर रहा है."

    राहुल गांधी ने कहा, "मोदी सरकार की नीति ही युवाओं की आवाज़ दबाना है. सवाल पूछो तो लाठी, विरोध करो तो मुकदमे और आवाज़ उठाओ तो पेलेट गन."

    उन्होंने आगे लिखा, "जब मैंने छात्रों की बात सुनने के लिए प्रयागराज आने का फैसला किया, तब से प्रशासन मेरे कार्यक्रम को हर संभव तरीके से रोकने की कोशिश कर रहा है."

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डरती है. उन्होंने कहा, "साफ़ है, उन्हें छात्रों की गूंज से भी डर लग रहा है."

    उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ हैं और सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, उन्हें छात्रों की आवाज़ उठाने से नहीं रोक सकती.

  13. ईरान की दो महिला फुटबॉलरों को मिली ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता, ईरानी सरकार का किया था विरोध

    अतेफेह रमज़ानिसादेह (बाएं) और फातेमेह पसंदीदेह

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    इमेज कैप्शन, अतेफेह रमज़ानिज़ादेह (बाएं) और फातेमेह पसंदीदेह ने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई नागरिक होने पर गर्व है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान सरकार का सार्वजनिक रूप से विरोध करने वालीं दो ईरानी महिला फुटबॉलरों को ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई है.

    34 वर्षीय अतेफेह रमज़ानिज़ादेह और 22 वर्षीय फातेमेह पसंदीदेह ने बुधवार को क्वींसलैंड के ब्रिस्बेन में आयोजित समारोह में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता हासिल की.

    नागरिकता मिलने के बाद रमज़ानिज़ादेह ने इसे "बेहद खास और कभी न भूलने वाला दिन" बताया. वहीं उनकी साथी पसंदीदेह ने कहा, "यह पल मेरे लिए शब्दों से कहीं बढ़कर है."

    मार्च में महिला एशियन कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया पहुंची ईरान की राष्ट्रीय टीम की सात खिलाड़ियों को मानवीय आधार पर वीज़ा दिया गया था. हालांकि, इनमें से पांच खिलाड़ियों ने बाद में अपना फैसला बदल दिया और ईरान लौट गईं.

    अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद ईरानी टीम ने अपने पहले मैच से पहले राष्ट्रगान नहीं गाया था. इसके बाद आशंका जताई गई थी कि खिलाड़ियों को अपने देश लौटने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

    ऑस्ट्रेलिया में रह रहे ईरानी समुदाय के दबाव के बाद अधिकारियों ने खिलाड़ियों को शरण (असाइलम) के लिए आवेदन करने का मौका दिया था. आखिरकार सिर्फ रमज़ानिज़ादेह और पसंदीदेह ने ही इस प्रस्ताव को स्वीकार किया.

  14. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, 'झारखंड हो या पंजाब, हम विद्यार्थियों के साथ हैं'

    मल्लिकार्जुन खड़गे

    इमेज स्रोत, x.com/kharge

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वो और कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ हैं.

    उन्होंने कहा कि, "चाहे झारखंड हो, पंजाब हो, दिल्ली हो, कहीं भी हो, हम सब, राहुल गांधी जी और पूरी कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं.

    उन्होंने कहा कि हम पूछेंगे, "अगर हमसे भी कोई ग़लती हो गई, तो क्यों हुई. हम सभी को पत्र भी लिख रहे हैं कि क्या हुआ. इसलिए चाहे हमारा गठबंधन सहयोगी हो या विपक्ष, हम विद्यार्थियों के साथ हैं और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए लड़ते रहेंगे."

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ये बातें कहीं.

    इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हम चाहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आएं और बताएं कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. हम लगातार उनसे इस मुद्दे पर बयान देने की मांग कर रहे हैं. आखिर उन्हें बयान देने से क्या रोक रहा है? इसकी वजह सिर्फ उनका अहंकार हो सकती है. या तो वे डरे हुए हैं, या फिर उन्हें संसद की कोई परवाह नहीं है."

    "मैं उनसे कहना चाहता हूं कि सदन में आएं और इस मुद्दे पर बयान दें. आज हमने राज्यसभा में भी यह मामला उठाया और जवाब मांगा, लेकिन आज भी सरकार बयान देने को तैयार नहीं हुई."

    आज हमारे राज्यसभा सांसदों ने सभापति से मुलाकात की और कहा कि हम प्रधानमंत्री से माफी और केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में बयान की मांग करते हैं.

  15. यूक्रेन ने रूस की दो तेल रिफ़ाइनरियों पर किया हमला

    रिफाइनरी पर छाया धुएं का गुबार

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    इमेज कैप्शन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि की है

    यूक्रेन ने रूस के यारोस्लाव शहर में मौजूद एक बड़ी तेल रिफ़ाइनरी समेत दो रिफ़ाइनरियों को ड्रोन से निशाना बनाया है.

    क्षेत्र के गवर्नर मिखाइल ने दावा किया कि यारोस्लाव पर दुश्मन ड्रोन का अब तक का सबसे बड़ा हमला हुआ.

    उन्होंने बताया कि रूसी सेना ने 92 ड्रोन को नष्ट कर दिया. हालांकि, ड्रोन के मलबे गिरने से तीन घरों में आग लग गई.

    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यारोस्लाव स्थित स्लावनेफ्ट-यानोस रिफ़ाइनरी और बश्कोर्तोस्तान स्थित बाशनेफ्ट-नोवोइल रिफ़ाइनरी को निशाना बनाया गया है.

    रूसी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक़, देश के कई इलाक़ों में कुल 605 यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया.

    यूक्रेन ने हाल के हफ़्तों में रूस के ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं. इनमें तेल रिफ़ाइनरियां और वेयरहाउस भी शामिल हैं.

    वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों ने दावा किया है कि रूस की ओर से किए गए ड्रोन हमले में एक रिहायशी इलाक़े में तीन लोगों की मौत हुई है.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  17. अतीक़ अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत, गौरव गुलमोहर, बीबीसी हिन्दी के लिए

    एक्सीडेंट

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    इमेज कैप्शन, पुलिस के मुताबिक़, यह हादसा कानपुर-झांसी हाइवे पर झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में खिल्ली गांव के पास हुआ

    अतीक़ अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की गुरुवार को झांसी में एक सड़क हादसे में मौत हो गई है.

    पुलिस के मुताबिक़, यह हादसा कानपुर-झांसी हाइवे पर झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में खिल्ली गांव के पास गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुआ.

    हादसे में एक और शख्स की भी मौत हुई है और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

    पूंछ थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "इस सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हुई है. जबकि तीन लोग घायल हैं. घायलों का इलाज कराया जा रहा है."

    उन्होंने बताया, "एक तरफ़ बाइक और दूसरी तरफ़ जानवर आ गया, बाइक सवार को बचाने के लिए गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई. गाड़ी पर आर्मी लिखा है. जिस समय कार डिवाइडर से टकराई उस समय कार काफी स्पीड में थी."

    झांसी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "सड़क हादसे में अबान अहमद नाम के युवक की मौत हुई है, जिसे अतीक़ अहमद का बेटा बताया जा रहा है. ये जेल में बंद भाई से मिलने झांसी जा रहे थे, इनके नाम से जेल में पर्ची कटी है."

    अतीक़ अहमद की 15 अप्रैल 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय तीन हमलावरों ने उनकी और उनके भाई अशरफ़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

  18. खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच सऊदी अरब जाएंगे पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी सऊदी अरब जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ छह से आठ अगस्त तक सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे.

    शहबाज़ शरीफ़ के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी सऊदी अरब जाएगा, जिसमें उप प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख समेत कुछ और मंत्री शामिल होंगे.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया, "पीएम शहबाज़ शरीफ़ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात करेंगे. इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी."

    पाकिस्तानी सरकार के अनुसार, "यह दौरा सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराने भरोसे, सहयोग और भाईचारे पर आधारित साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम क़दम है."

    गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हो रहे इस दौरे को रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

  19. युगांडा के स्टार फ़ुटबॉलर डेविड ओवोरी की मौत, लूटपाट के दौरान हुए थे गंभीर रूप से घायल

    डेविड ओवोरी

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    इमेज कैप्शन, पुलिस के अनुसार, मंगलवार को संदिग्ध लुटेरों ने डेविड ओवोरी पर हमला किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    युगांडा की राजधानी कंपाला में देश के चर्चित फ़ुटबॉलर डेविड ओवोरी की मौत हो गई.

    स्थानीय पुलिस के अनुसार, मंगलवार को संदिग्ध लुटेरों ने ओवोरी पर हमला किया था. इस दौरान उन्होंने लूट का विरोध किया, लेकिन हमले की वजह से वो बेहोश हो गए.

    हमले के बाद ओवोरी को पहले नज़दीकी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में रेफ़र किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, हमलावरों के एक समूह ने ओवोरी पर पत्थर से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद अभियुक्त उनका सामान लूटकर मौके से फ़रार हो गए. हमले के बाद ओवोरी बेहोशी की हालत में मिले.

    घटना के बाद पूरे युगांडा में शोक की लहर है. वहीं, बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर लोगों में नाराज़गी भी देखने को मिल रही है.

    उल्लेखनीय है कि 27 वर्षीय डेविड ओवोरी युगांडा प्रीमियर लीग के सबसे सफल क्लबों में शामिल एससी विला के कप्तान थे.

    वह टीम के लिए राइट-बैक और मिडफ़ील्डर की भूमिका निभाते थे. इसके अलावा उन्होंने युगांडा की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम ‘क्रेन्स’ का भी प्रतिनिधित्व किया था.

    एससी विला ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हमने सिर्फ़ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक लीडर, भाई और दोस्त को खो दिया है.”

  20. झारखंड छात्र आंदोलन: देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का पांचवां दिन, कैसी है तबीयत

    देवेंद्र नाथ महतो

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    इमेज कैप्शन, देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि अब वो पानी पीते हुए अनशन कर रहे हैं

    झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी है.

    देवेंद्र नाथ महतो ने समाचार एजेंसी पीटीआई से गुरुवार को कहा कि आज उनके अनशन का पांचवां दिन है. उन्होंने बताया कि उनका दिमाग अभी भी सही से काम कर रहा है.

    देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "आज मेरे अनशन का पांचवां दिन है. मेरी थकान काफ़ी बढ़ गई है और मेरे शरीर के अंगों को अब पहले जैसा सहारा नहीं मिल रहा है. बोलते समय मुझे सीने में कुछ दिक्कत हो रही है और अब बैठने और खड़े होने के लिए मुझे सहारे की ज़रूरत पड़ रही है. हालांकि, मेरा दिमाग अभी भी ठीक से काम कर रहा है और मैं बोल पा रहा हूं, लेकिन मेरी आवाज़ कमज़ोर हो गई है."

    उन्होंने कहा, "मैं पानी पीते हुए अनशन कर रहा हूं. सोनम वांगचुक से बात करने के बाद मैंने अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया. महात्मा गांधी भी पानी पीते हुए अनशन करते थे और सोनम वांगचुक ने मुझे बताया कि उन्होंने भी ऐसा ही किया था. उन्होंने कहा कि पानी छोड़ देना आत्महत्या के बराबर है. मैं आत्महत्या नहीं करना चाहता. मैं सरकार की अंतरात्मा को जगाना चाहता हूं."

    महतो ने कहा, "हमारी मांग सही है, हम सच के लिए लड़ रहे हैं. देशभर के कई लोगों ने भी मुझसे इसी तरह अनशन जारी रखने की अपील की. इसलिए मैंने पानी पीते हुए अपना अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया है, क्योंकि मेरा मक़सद अपनी जान देना नहीं, बल्कि सरकार की अंतरात्मा को जगाना है."