भोपाल पुलिस का दावा, 'त्विषा ने ख़ुदकुशी की', परिवार का सवाल- शरीर पर चोट के निशान क्यों?

त्विषा शर्मा

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इमेज कैप्शन, पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है

"यह साफ़तौर पर आत्महत्या का मामला है, हत्या का नहीं." भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बीबीसी से बातचीत में ये बात कही.

12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित घर में त्विषा का शव मिला था. उनके परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या की गई, जबकि ससुराल पक्ष का कहना है कि उन्होंने ख़ुदकुशी की.

पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के ख़िलाफ़ दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है और इसकी जांच 6 सदस्यीय एसआईटी की टीम कर रही है. गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जज हैं.

वहीं त्विषा का परिवार इसे हत्या बताते हुए आरोप लगा रहा है कि सबूतों से छेड़छाड़ की गई. परिवार ने पोस्टमार्टम पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोग जांच प्रभावित कर रहे हैं.

आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवन आस्था हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह 'दम घुटना' बताई गई है लेकिन रिपोर्ट में शरीर पर मौत से पहले लगी कई चोटों का भी उल्लेख है. इसी को लेकर त्विषा का परिवार लगातार सवाल उठा रहा है.

परिवार के साझा किए गए चैट्स में त्विषा ने कई बार अपने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी. हालांकि ससुराल पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है.

पुलिस ने अब तक क्या कहा है?

त्विषा के पति समर्थ सिंह फ़रार चल रहे हैं

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बीबीसी से बातचीत में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा, "यह साफ़तौर पर आत्महत्या का मामला है, हत्या का नहीं."

पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट या जांच में अब तक नशीले पदार्थ के इस्तेमाल जैसी कोई बात सामने नहीं आई है जैसा कि उनके ससुराल वालों ने आरोप लगाया था.

बीबीसी ने त्विषा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी है जिसमें दम घुटने से मौत की बात कही गई है.

रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शरीर के दूसरे हिस्सों पर "मल्टीपल एंटी मॉर्टम इंजरीज़" यानी कई ऐसी चोटें थीं जो मौत से पहले लगी थीं. इनमें बाएं हाथ पर नीले निशान, कलाई और बांह के पास लाल चोटों जैसे निशान शामिल हैं.

उठ रहे हैं सवाल

नवनिधि शर्मा
त्विषा के माता-पिता

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इमेज कैप्शन, त्विषा के परिवार वालों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं
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हालांकि दम घुटने का मतलब ख़ुदकुशी करना ही है, ये बात त्विषा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ़ नहीं निकलती. ये भी नहीं पता चल रहा है कि मौत से पहले उनका किसी तरह का किसी से शारीरिक संघर्ष हुआ.

हमने यही सवाल जब भोपाल पुलिस कमिश्नर से किया तो उन्होंने कहा, "हमारी जांच और अब तक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मिलाकर ये आत्महत्या का ही मामला है."

रिपोर्ट के मुताबिक़ दम घुटने या मौत से जुड़ी सामग्री भी पोस्टमार्टम टीम को उपलब्ध नहीं कराई गई थी.

यही इस मामले के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया है. त्विषा के परिवार ने फ़ोरेंसिक साक्ष्यों के रख-रखाव और जांच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भी माना है कि कथित तौर पर ख़ुदकुशी में इस्तेमाल की गई सामग्री शुरुआती पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल टीम तक नहीं पहुंची थी. उन्होंने कहा कि इस चूक की अलग से जांच कराई जाएगी.

वहीं त्विषा का परिवार कहता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटें कई सवाल खड़े करती हैं और इसी वजह से वे एम्स दिल्ली में स्वतंत्र दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं.

बीबीसी से बातचीत में त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच दोनों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "हर कोई इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट खुद कह रही है कि शरीर पर कई एंटी मॉर्टम इंजरी थीं. फिर ये चोटें कैसे आईं? रिपोर्ट में यह भी नहीं लिखा कि यह आत्महत्या थी या किसी ने जबरन कर दिया. हम अदालत और सभी लोगों से फिर मांग कर रहे हैं कि दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि हर पहलू की जांच हो सके. मैं सिर्फ़ अपनी बेटी के लिए न्याय चाहता हूं."

भोपाल पुलिस कमिश्नर ने इसके पहले पत्रकारों से कहा था कि, "अगर परिवार दूसरा पोस्टमार्टम कराना चाहता है तो इसके लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी."

उनके मुताबिक़ दोबारा पोस्टमार्टम करने का फ़ैसला पुलिस नहीं कर सकती.

मौत के आठ दिन बाद त्विषा की बॉडी एम्स भोपाल में

त्विषा शर्मा

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इमेज कैप्शन, त्विषा के परिवार का कहना है कि 12 मई की रात मौत से पहले त्विषा लगातार उनके संपर्क में थीं

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबला सिंह के ख़िलाफ़ दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया था.

इस मामले में गिरिबाला सिंह को तो अदालत से अग्रिम ज़मानत मिल गई थी लेकिन समर्थ सिंह की ज़मानत याचिका को अदालत ने ख़ारिज कर दिया था.

मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बीबीसी से कहा था कि, "हमने अदालत में यह पक्ष रखा है कि समर्थ सिंह को ज़मानत मिलने की स्थिति में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका हो सकती है, जिसके बाद उनकी याचिका ख़ारिज कर दी गई थी."

एसीपी रजनीश कश्यप कौल के मुताबिक़, "घटना के बाद पुलिस को तत्काल सूचना भी नहीं दी गई, जबकि संबंधित पक्ष (त्विषा का ससुराल पक्ष) क़ानून और प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले लोग हैं."

घटना के आठ दिन बाद भी समर्थ सिंह फ़रार हैं. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का दावा है कि अभियुक्त को ढूंढने के लिए कई टीमें लगी हुई हैं और 10 हज़ार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है.

दूसरी ओर त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा लगातार कह रहे हैं कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है.

बीबीसी से बातचीत में नवनिधि शर्मा ने कहा, "हम एक बहुत बड़े सिस्टम से लड़ रहे हैं."

परिवार का आरोप है कि शादी के बाद त्विषा को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया.

एफ़आईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक़ उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह उनके चरित्र पर सवाल उठाते थे.

त्विषा के परिवार का कहना है कि 12 मई की रात मौत से पहले त्विषा लगातार उनके संपर्क में थीं. उनके मुताबिक़ रात क़रीब 9:41 बजे उन्होंने अपने पिता को व्हाट्सऐप कॉल किया था, लेकिन बातचीत के दौरान अचानक फ़ोन कट गया.

मंगलवार को जारी एक प्रेस नोट में परिवार ने कहा कि उन्होंने एम्स दिल्ली में स्वतंत्र दूसरे पोस्टमार्टम के लिए मजिस्ट्रेट का दरवाज़ा खटखटाया है.

परिवार ने यह भी आशंका जताई कि देरी होने पर शव के डिकंपोज़ होने की वजह से महत्वपूर्ण फ़ॉरेंसिक साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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