फाल्टा सीट पर होने वाले चुनाव से पीछे हटे तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर ख़ान, शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

जहांगीर ख़ान

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इमेज कैप्शन, जहांगीर ख़ान ने कहा है कि वो फाल्टा में शांति चाहते हैं
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य में बीजेपी की पहली बार सरकार बन चुकी है लेकिन चुनावी प्रक्रिया अभी भी चर्चा में है.

दरअसल राज्य की विधानसभा की 294 सीटों में से एक सीट पर मतदान को रद्द कर दिया गया था और उस पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है.

फाल्टा विधानसभा सीट टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ख़ान की वजह से चर्चा में थी और अब उन्हीं की वजह से इस सीट पर दोबारा होने जा रहा मतदान भी चर्चा में है.

टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ख़ान ने घोषणा की है कि उन्होंने ख़ुद को चुनावी प्रक्रिया से अलग कर लिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उनकी इस घोषणा पर राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि जहांगीर ख़ान भाग गए हैं क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा है.

वहीं जहांगीर ख़ान के पीछे हटने पर टीएमसी ने कहा है कि यह उनका निजी फ़ैसला है, यह पार्टी का फ़ैसला नहीं है.

जहांगीर ख़ान का बयान

क्या है मामला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुए थे और चार मई को परिणाम आए थे. दूसरे चरण के मतदान के दौरान फाल्टा सीट पर भी मतदान हुआ था.

हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर अनियमितताएं पाईं और उसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान की घोषणा की, जिसके परिणाम 24 मई को आएंगे.

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फाल्टा सीट पर जहांगीर ख़ान का मुक़ाबला बीजेपी के देबांग्शु पांडा और कांग्रेस के अब्दुर रज़्ज़ाक मोल्ला से है. सीपीआई (एम) के संभू नाथ कुर्मी भी चुनावी मैदान में हैं.

बता दें कि फाल्टा विधानसभा पहले से चर्चाओं में रहा था. बीजेपी का आरोप था कि स्थानीय टीएमसी नेता जहांगीर ख़ान लोगों पर अत्याचार करते हैं.

वहीं तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने आरोपों को ख़ारिज करते हुए बीजेपी को इस सीट पर चुनाव लड़ने और ज़मीन पर अपने दावों का बचाव करने की चुनौती दी थी.

इसके साथ ही यहां ऑब्ज़र्वर बनाए गए यूपी के चर्चित आईपीएस अजयपाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था.

इस वीडियो में वह कहते हुए दिखे, "अच्छी तरह से समझ लें, किसी ने बदमाशी की तो कायदे से इलाज किया जाएगा. कहीं से ख़बर आई कि किसी ने कोई ख़ुराफ़ात की, किसी को परेशान करने की कोशिश की तो उसकी अच्छी से ख़बर ली जाएगी. जहांगीर (टीएमसी प्रत्याशी) के घरवाले भी ये सुन लें. उसे बता देना. बार-बार ख़बरें आ रही हैं कि धमकाया जा रहा है. उसे बता देना, बाद में रोना-पछताना मत."

इस वीडियो के वायरल होने के बाद अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने आईपीएस अजयपाल शर्मा की निंदा की थी.

प्रदर्शनकारी महिलाएं

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इमेज कैप्शन, 29 अप्रैल को फाल्टा में मतदान के दौरान कई महिलाओं ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन भी किया था

जहांगीर ख़ान ने अब की घोषणा

दक्षिण 24 परगना की फाल्टा विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ख़ान ने कहा है कि वो चुनाव में ख़ुद को अलग कर रहे हैं.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति हो और वो विकास करे."

इसके साथ ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ़ करते हुए कहा, "हमारे मुख्यमंत्री फाल्टा के विकास के लिए एक ख़ास पैकेज दे रहे हैं, जिस वजह से मैं ख़ुद को विधानसभा क्षेत्र में दोबारा होने वाले मतदान से अलग कर रहा हूं."

दूसरी ओर जहांगीर ख़ान की इस घोषणा पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी प्रतिक्रिया दी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि जहांगीर ख़ान भाग खड़े हुए हैं क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिला है.

सुरक्षाबल

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इमेज कैप्शन, चुनाव आयोग निर्देश दे चुका है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त केंद्रीय बल की व्यवस्था की जाए

टीएमसी ने कहा- यह पार्टी का फ़ैसला नहीं है

वहीं टीएमसी ने बयान जारी कर कहा है कि चुनाव में पीछे हटने का फ़ैसला जहांगीर ख़ान का है, पार्टी का नहीं है.

टीएमसी ने सोशल मीडिया एक्स पर बयान में कहा है, "जहांगीर ख़ान का फाल्टा में दोबारा हो रहे मतदान से हटने का फ़ैसला उनका अपना फ़ैसला है, पार्टी का नहीं है."

इसके साथ ही टीएमसी ने आरोप लगाते हुए कहा, "4 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद से, अकेले फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हमारी पार्टी के 100 से ज़्यादा कार्यकर्ता गिरफ़्तार किए जा चुके हैं."

"कई पार्टी ऑफ़िस में दिनदहाड़े डरा-धमकाकर तोड़-फोड़ की गई, उन्हें बंद कराया गया और ज़बरदस्ती क़ब्ज़ा किया गया, जबकि चुनाव आयोग बार-बार शिकायत करने के बाद भी आँखें मूंदे हुए है."

"इतने दबाव के बावजूद, हमारे वर्कर मज़बूती से डटे हुए हैं और एजेंसियों और एडमिनिस्ट्रेशन के ज़रिए बीजेपी की डराने-धमकाने की कोशिशों का विरोध कर रहे हैं. हालाँकि, कुछ ने आख़िरकार दबाव में आकर मैदान से हटने का फ़ैसला किया. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. बांग्ला विरोधी बीजेपी के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई पश्चिम बंगाल और दिल्ली दोनों जगह जारी रहेगी."

4 मई को आए चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 207 सीटें और टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं. इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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