केंद्रीय मंत्री बंडी संजय के बेटे ने सरेंडर किया या उन्हें गिरफ़्तार किया गया, पुलिस का क्या है कहना?

केंद्रीय मंत्री बंडी संजय (बाएं) ने कहा है कि उनके बेटे ने सरेंडर किया है

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    • Author, अमरेंद्र यारलागड्डा और प्रवीण शुभम
    • पदनाम, बीबीसी तेलुगु
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भगीरथ को तेलंगाना पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.

साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने एक बयान में कहा है कि प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंसेज़ (पोक्सो) मामले में अभियुक्त बंडी साई भगीरथ को शनिवार रात गिरफ़्तार किया गया.

पुलिस आयुक्त ने एक बयान में कहा, "चिकित्सा परीक्षण के बाद भगीरथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया."

बयान में कहा गया है, "हमने अभियुक्त को गिरफ़्तार करने के कई प्रयास किए. हमने करीमनगर, दिल्ली और अन्य स्थानों पर पुलिस टीमें भेजीं. हमने अभियुक्त के मित्रों और रिश्तेदारों के घरों की भी तलाशी ली. हमने लुकआउट नोटिस भी जारी किया."

साइबराबाद विशेष पुलिस टीम ने नारसिंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंचिरेवुला के पास टेक पार्क में अभियुक्त को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने कहा कि अभियुक्त बंडी भगीरथ को गिरफ़्तार किया गया है. लेकिन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय ने एक बयान में कहा कि उनके बेटे ने सरेंडर किया है.

बंडी संजय ने एक बयान में कहा, "क़ानून और न्यायपालिका में विश्वास रखते हुए, आज मेरा बेटा बंडी भगीरथ अपने वकीलों के साथ पूछताछ के लिए तेलंगाना पुलिस के सामने पेश हुआ."

भगीरथ के वकील करुणासागर ने एएनआई को बताया, "मैंने और वरिष्ठ वकील एंथनी रेड्डी ने भगीरथ को टेक पार्क के पास पुलिस के हवाले कर दिया."

अब तक क्या हुआ है?

तेलंगाना पुलिस का नोटिस

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पुलिस ने 12 मई को पॉक्सो मामले के अभियुक्त बंडी भगीरथ को नोटिस जारी कर 13 मई को दोपहर दो बजे पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था.

पुलिस ने बताया कि भगीरथ के घर पर होने के कारण उनके चाचा वामसी कृष्णा को नोटिस सौंपा गया था.

लेकिन भगीरथ पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. पुलिस के मुताबिक़, बंडी भगीरथ ने पेट बशीराबाद पुलिस को ईमेल भेजा. उन्होंने कहा कि वो 13 मई को होने वाली सुनवाई में उपस्थित होने के लिए उन्हें दो दिन का समय चाहिए.

बंडी भगीरथ ने पुलिस को लिखे पत्र में कहा, "मैं पर्याप्त सबूतों के साथ आपके सामने पेश होऊंगा और अपनी दलीलें पेश करूंगा."

मेडचल एसीपी शंकर रेड्डी ने बीबीसी को बताया, "हमने भगीरथ की तलाश के लिए पांच टीमें बनाई थीं. हम हैदराबाद, दिल्ली और करीमनगर में खोज कर रहे थे."

दो दिन पहले हैदराबाद पुलिस ने कहा था कि पॉक्सो मामले में अभियुक्त बंडी भगीरथ का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

भगीरथ ने इस मामले में अंतरिम ज़मानत के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. मामले की सुनवाई लंबित है.

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है.

इस दौरान राज्य के मुख्य विपक्षी दल बीआरएस बंडी संजय के बेटे की गिरफ़्तारी की मांग कर रहा था. उधर सरकार का कहना है कि जांच बिना किसी भेदभाव के की जाएगी.

लेकिन बीजेपी का कहना है कि बंडी संजय का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.

करीमनगर में आयोजित हिंदू एकता यात्रा के दौरान बंडी संजय ने कहा कि "अपने बेटे को पर्याप्त समय न देने की ग़लती उनकी ही है."

पुलिस के नोटिस में क्या था?

बंडी संजय कुमार

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इमेज कैप्शन, बंडी संजय कुमार ने कहा है कि उन्होंने अपने बेटे को समय न देकर ग़लती की

इससे पहले पेट बशीराबाद पुलिस ने बंडी भगीरथ को पॉक्सो अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया था. उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया था और ऐसा न करने पर क़ानूनी कार्रवाई की बात कही थी.

भगीरथ को दिए गए नोटिस में यह भी कहा गया था कि लड़की का बयान दर्ज होने के बाद, पहले दर्ज की गई धाराओं में बदलाव किए गए थे.

नोटिस में कहा गया था, "हमने इस पुलिस स्टेशन में आपके और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर संख्या 684/2026, बीएनएस धारा 74, 75, धारा 11 और 12 के तहत बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है. बाद में, 'पीड़िता' के बयान के आधार पर, इसे पॉक्सो क़ानून की धारा को 5 (l) सहपठित 6 में बदल दिया गया ."

लड़की का बयान 12 मई को डीसीपी रितिराज के नेतृत्व वाली एक टीम ने दर्ज किया गया था.

साल 2019 में पॉक्सो अधिनियम में किए गए संशोधन के मुताबिक़, धारा पाँच के तहत किसी अपराध में दोषी पाए जाने पर कम से कम 20 वर्ष की जेल हो सकती है. इसके तहत मृत्युदंड का भी प्रावधान है.

'ग़लती की है, तो मैं बेटे को माफ़ नहीं करूंगा'

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने अपने बेटे के ख़िलाफ़ दर्ज पॉक्सो मामले पर प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने करीमनगर में आयोजित हिंदू एकता यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि जिस समय उन्हें लगता है कि समाज ही उनका परिवार है, उसी समय वे अपने ही परिवार पर पत्थर फेंक रहे हैं और हंगामा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "यह मेरी ग़लती है. मैंने अपने बेटे को समय नहीं दिया. मैंने उससे बात नहीं की. आप लोगों ने मुझे अपना छोटा भाई समझा. मैंने अपने बेटे को समय न देकर ग़लती की. मैं आप सभी से माफ़ी मांगता हूं."

बंडी संजय ने कहा कि उनके बेटे ने वादा किया है कि उसने कुछ भी ग़लत नहीं किया है और वह निर्दोष पाया जाएगा.

उन्होंने कहा, "अगर वाक़ई कोई ग़लती की है, तो मैं अपने बेटे को भी माफ़ नहीं करूंगा. कृपया झूठे प्रचार पर विश्वास न करें."

बंदी संजय ने कहा कि जो लोग उनके ख़िलाफ़ साज़िश कर रहे हैं, उनके परिवार को सबके सामने बदनाम कर रहे हैं, पार्टी को परेशान कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में गुस्सा पैदा कर रहे हैं, उन्हें बख्शने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने आगे कहा कि चल रहे घटनाक्रम को देखकर उनकी पत्नी डिप्रेशन में चली गई हैं.

पीएम मोदी तेलंगाना के दौरे पर गए थे

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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी 10 मई को तेलंगाना के दौरे पर गए थे

प्रधानमंत्री के दौरे के बाद आई तेज़ी

बंडी भगीरथ के ख़िलाफ़ आठ मई को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पॉक्सो का मामला दर्ज किया गया था.

पेट बशीराबाद के इंस्पेक्टर विजयवर्धन ने बीबीसी तेलुगु को बताया था, "लड़की की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर बंडी साई भागीरथ के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया."

मामले के विवरण के मुताबिक़, लड़की की मां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि बंडी संजय के बेटे बंडी साई भागीरथ ने 31 दिसंबर, 2025 की रात को उनकी 17 वर्षीय बेटी का यौन उत्पीड़न किया.

मामला दर्ज होने से कुछ घंटे पहले, बंडी भगीरथ ने करीमनगर टू टाउन पुलिस स्टेशन में एक और मामला दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि लड़की और उसके माता-पिता उसे हनीट्रैप कर पैसे के लिए परेशान कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को हैदराबाद का दौरा किया था. अगले दिन 11 मई को घटनाक्रम तेज़ी से बदल गया.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार (11 मई) की दोपहर एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में बंडी भगीरथ के ख़िलाफ़ दर्ज पॉक्सो मामले के बारे में जानकारी ली और डीजीपी सीवी आनंद से बात की.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, "मुख्यमंत्री ने डीजीपी से पूछा कि आठ तारीख़ को शिकायत मिलने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? डीजीपी ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के हैदराबाद दौरे के मद्देनज़र सभी पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं."

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