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ईरान: आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ़ क्यों दिखाई नहीं दे रहे हैं?
- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर-इन-चीफ़ ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी मार्च की शुरुआत से ही मीडिया में नज़र नहीं आए हैं.
मार्च में ही उन्हें आईआरजीसी के इस शीर्ष पद पर नियुक्त किए जाने की ख़बर सामने आई थी.
उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति 11 फ़रवरी को पता चली थी, जब उन्होंने दक्षिणी शहर शिराज़ में 1979 की क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक रैली में 'दुश्मन' को ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी ग़लत आकलन से बचने की चेतावनी दी थी.
एक मार्च को कुछ न्यूज वेबसाइट्स ने ख़बर दी थी कि वाहिदी को आईआरजीसी का नया कमांडर नियुक्त किया गया है.
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हालांकि इन वेबसाइटों में प्रमुख सरकारी एजेंसी या आईआरजीसी से जुड़ी एजेंसियां नहीं थीं.
यह रिपोर्ट एक दिन पहले अमेरिकी-इसराइली हमलों में मेजर जनरल मोहम्मद पाकपोर और कई वरिष्ठ कमांडरों की मौत के बाद आई थी.
रिपोर्ट के अनुसार नियुक्ति से पहले, वाहिदी आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ़ थे.
अब तक कितना पता
ईरान के संविधान के मुताबिक, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार सर्वोच्च नेता के पास होता है.
आठ मार्च को आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में मोजतबा ख़ामेनेई को चुना गया था.
अगर यह सही है, तो इसका मतलब है कि वाहिदी की नियुक्ति या तो सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद बने अंतरिम नेतृत्व परिषद ने की या पहले से तय व्यवस्था के तहत की गई.
मोजतबा ख़ामेनेई ख़ुद भी नियुक्ति के बाद से सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं.
हालांकि उन्होंने लिखित बयान जारी किए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने ही वाहिदी को नियुक्त किया.
वाहिदी के नाम से आखिरी संदेश 19 मार्च को जारी हुआ था, जब उन्होंने तेहरान में हुए हमले में बसीज संगठन के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी की मौत पर शोक जताया था.
उस समय ईरानी मीडिया ने उन्हें आईआरजीसी का कमांडर-इन-चीफ़ बताया था.
22 अप्रैल को आईआरजीसी से जुड़े फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट किया कि कार्यवाहक ख़ुफ़िया मंत्री ने गार्ड कॉर्प्स डे पर वाहिदी को बधाई दी.
इस रिपोर्ट में उन्हें कार्यवाहक कमांडर-इन-चीफ़ बताया गया. हालांकि यह नहीं बताया गया कि ख़ुफ़िया मंत्री इस्माइल ख़तीब की जगह किस अधिकारी ने ली.
वाहिदी की ग़ैर मौजूदगी आईआरजीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की तुलना में अलग नज़र आती है.
पेज़ेश्कियान और ग़ालिबाफ़ से मतभेद की ख़बरें
एयरोस्पेस फ़ोर्स के प्रमुख मजीद मौसवी लगातार रैलियों में दिखते हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं.
19 अप्रैल को जारी एक वीडियो में वह एक भूमिगत मिसाइल फ़ेसिलिटी का दौरा करते दिखे.
23 अप्रैल को, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अंदरूनी मतभेद की बात कही, तब ईरानी अधिकारियों और सैन्य नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया.
हालांकि वाहिदी ने कोई बयान जारी नहीं किया.
वाहिदी पर अर्जेंटीना में 1994 में हुए यहूदी सामुदायिक केंद्र पर बम धमाके में शामिल होने के आरोप हैं, जिसमें 85 लोगों की मौत हुई थी.
लंदन स्थित विपक्षी चैनल ईरान इंटरनेशनल ने उनकी नियुक्ति के बाद कई दावे किए हैं.
इनमें राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के साथ युद्ध के दौरान फ़ैसलों और आर्थिक प्रबंधन को लेकर मतभेद शामिल हैं.
साथ ही यह भी दावा किया गया है कि वाहिदी ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ हुई बातचीत के दौरान संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश की.
24 अप्रैल को सीएनएन ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी सैन्य योजनाकारों ने ईरानी सैन्य नेताओं को निशाना बनाने के विकल्प तैयार किए हैं. इस रिपोर्ट में वाहिदी का नाम भी शामिल बताया गया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.