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पाकिस्तान के इस क्रिकेटर पर लगा टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान ड्रग्स लेने का आरोप
- Author, असद सुहैब
- पदनाम, बीबीसी उर्दू डॉट कॉम, इस्लामाबाद
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पुष्टि की है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की एक रिपोर्ट के आधार पर उसने क्रिकेटर मोहम्मद नवाज़ को लेकर निर्धारित प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ये रिपोर्ट नवाज़ के 'रिक्रिएशनल ड्रग' (मनोरंजन के लिए नशीले पदार्थों के इस्तेमाल) से जुड़ी है. पीसीबी के प्रवक्ता आमिर मीर ने बीबीसी उर्दू को बताया कि बोर्ड ने मोहम्मद नवाज़ से कहा कि वे इस मामले पर गुरुवार, 23 अप्रैल तक आईसीसी को अपना जवाब दें.
आमिर मीर ने यह भी पुष्टि की कि आईसीसी की ओर से भेजी गई मोहम्मद नवाज़ की ड्रग्स रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है, जिसके बाद अब पीसीबी आगे की कार्रवाई कर रहा है.
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आईसीसी जांच करता है और अपने निष्कर्ष देता है, जिसके बाद खिलाड़ियों को जवाब देने का मौक़ा दिया जाता है. उनके मुताबिक यह पूरी तरह आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में आता है.
इससे पहले क्रिकेट वेबसाइट 'क्रिकइन्फो' ने दावा किया था कि फ़रवरी और मार्च में भारत और श्रीलंका में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान मोहम्मद नवाज़ का 'रिक्रिएशनल ड्रग यूज़' टेस्ट पॉज़िटिव आया था.
'रिक्रिएशनल ड्रग' क्या होती है?
मोहम्मद नवाज़ वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की टीम में शामिल थे और उन्होंने टूर्नामेंट में खेले गए सात मैचों में हिस्सा लिया था. पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी थी और नवाज़ भी टूर्नामेंट में खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे.
मोहम्मद नवाज़ फिलहाल पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में मुल्तान सुल्तांस का हिस्सा हैं. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनके भविष्य को लेकर अब तक कोई फ़ैसला नहीं किया गया है.
बीबीसी ने इस मामले पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक उसकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि 'रिक्रिएशनल ड्रग्स' का संबंध किसी खिलाड़ी की क्षमता या प्रदर्शन बढ़ाने से नहीं होता, बल्कि यह केवल मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नशीले पदार्थ हो सकते हैं.
रावलपिंडी की 'कस्ट' यूनिवर्सिटी में फार्मेसी विभाग के शिक्षक डॉक्टर सलीम कहते हैं कि सरल शब्दों में इन्हें नशीले पदार्थ ही कहा जा सकता है, क्योंकि इनका मकसद खुद को शांत या रिलैक्स करना होता है.
वो कहते हैं, "इसमें दो तरह की ड्रग्स होती हैं-एक वे जो आपको बहुत अधिक खुशी या उत्साह देती हैं, जबकि दूसरी तरह की ड्रग्स नींद लाने वाली या सुकून देने वाली होती हैं. इन्हें 'पार्टी ड्रग्स' भी कहा जाता है और 'रिक्रिएशनल ड्रग्स' भी. इनका उद्देश्य आपको कृत्रिम तरीके से खुशी या सुकून देना होता है."
डॉक्टर सलीम के मुताबिक, ये नशीले पदार्थ किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन को बेहतर नहीं बनाते, बल्कि इसके उलट प्रदर्शन में गिरावट आने का खतरा होता है.
क्या कहते हैं आईसीसी के नियम?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के एंटी-डोपिंग नियमों के मुताबिक, आईसीसी वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) का सदस्य है. इसका उद्देश्य खेल की साख बनाए रखना, खिलाड़ियों की सेहत का ध्यान रखना और खेल को डोपिंग से मुक्त रखना है.
आईसीसी के अनुसार, वह यह सुनिश्चित करता है कि अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को यह जानकारी हो कि कौन-सी चीज़ें प्रतिबंधित हैं और उनसे दूर रहना जरूरी है.
आईसीसी नियमों के तहत, उसके पास अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट करने का अधिकार है.
एंटी-डोपिंग कोड के आर्टिकल 2.1.2 के अनुसार, खिलाड़ी के शरीर से दो नमूने, ए और बी लिए जाते हैं, जिन्हें अलग-अलग रखा जाता है. पहले सैंपल ए का विश्लेषण किया जाता है और यदि इसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आती है, तो रिपोर्ट जारी की जाती है.
नियमों के मुताबिक, यदि खिलाड़ी चाहे तो सैंपल बी का भी परीक्षण कराया जा सकता है. पाकिस्तानी मीडिया में यह खबरें हैं कि मोहम्मद नवाज़ सैंपल बी के विश्लेषण की मांग कर सकते हैं.
इस प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ी, उसका प्रतिनिधि या संबंधित क्रिकेट बोर्ड खुद भी सैंपल बी के विश्लेषण की निगरानी कर सकता है.
आईसीसी के अनुसार, अगर सैंपल बी की रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई रोक दी जाती है और उसे पूरी तरह क्लीन चिट मिल जाती है.
आईसीसी नियमों के मुताबिक, यदि टेस्ट पॉज़िटिव आता है, तो खिलाड़ी पर चार साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है. हालांकि, अगर खिलाड़ी यह साबित कर दे कि प्रतिबंधित पदार्थ अनजाने में उसके शरीर में गया था, तो सज़ा में कमी की जा सकती है.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
32 वर्षीय मोहम्मद नवाज़ पाकिस्तान की ओर से छह टेस्ट मैच, 44 वनडे और 98 टी-20 मैच खेल चुके हैं. टेस्ट में उन्होंने 16 विकेट, वनडे में 49 विकेट और टी-20 में 98 विकेट हासिल किए हैं.
वह पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान की टी-20 टीम का लगातार हिस्सा रहे हैं और देश की ओर से पिछले चार टी-20 वर्ल्ड कप भी खेल चुके हैं.
मोहम्मद नवाज़ के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की जांच को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है. क्रिकेट विश्लेषक और आम यूज़र ऑलराउंडर की आलोचना भी कर रहे हैं.
एक्स पर एक यूज़र साद नासिर ने लिखा, "मोहम्मद नवाज़ से जुड़ी इस खबर पर बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई, वर्ल्ड कप के दौरान उनका प्रदर्शन भी कुछ ऐसा ही था."
स्पोर्ट्स पत्रकार सलीम खालिक के मुताबिक, "पाकिस्तानी क्रिकेटर कुछ सीखते नजर नहीं आते. अब मोहम्मद नवाज़ से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें मनोरंजन के लिए दवाओं के इस्तेमाल के टेस्ट में पॉज़िटिव आने पर जांच का सामना करना है. जब सीनियर खिलाड़ी ऐसी गलतियां करेंगे, तो जूनियर्स की रहनुमाई कौन करेगा?"
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज तनवीर अहमद ने लिखा कि अब सोशल मीडिया पर मोहम्मद नवाज़ को बुरा-भला कहा जाएगा, पत्रकारों की 'दुकान' चलेगी और इस पर कार्यक्रम बनाए जाएंगे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित