अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर उनकी धमकियों के बारे में पूछे जाने पर बीबीसी से कहा, "मैं जो भी कर रहा हूं, लगता है वह बहुत अच्छी तरह काम कर रहा है."
बीबीसी की नॉर्थ अमेरिका एडिटर सारा स्मिथ ने फोन पर ट्रंप से बात की. उन्होंने पूछा कि क्या इस महीने की शुरुआत में पूरी सभ्यता ख़त्म करने की धमकी, ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की धमकी थी.
ट्रंप ने इसका जवाब देते हुए कहा, "दूसरा पक्ष समझौता करने के लिए बेताब है. इसलिए मैं जो भी कह रहा हूं या कर रहा हूं, वह बहुत अच्छी तरह काम कर रहा है. शुक्रिया."
वहीं नेटो पर ट्रंप ने कहा, "ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को उनकी बिल्कुल जरूरत नहीं थी, लेकिन उन्हें वहां होना चाहिए था."
जब सारा स्मिथ ने पूछा कि फिर वह उन्हें युद्ध में शामिल क्यों करना चाहते थे, तो ट्रंप ने कहा, "मैं देखना चाहता था कि वे शामिल होते हैं या नहीं."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका हमेशा ब्रिटेन और नेटो के साथ रहा है."
ब्रिटेन की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा, "उसने कोई कोशिश नहीं की और न ही कुछ अच्छे शब्द कहे."
ट्रंप ने यह भी कहा कि ब्रिटेन के कई लोगों ने उनके प्रशासन को बताया है कि युद्ध में शामिल न होना बहुत खराब फैसला था. (ब्रिटेन ने अमेरिका को केवल रक्षा करने के लिए हवाई हमलों के लिए अपने ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है)
कॉल के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर नॉर्थ सी खोल दें और उनकी इमिग्रेशन नीतियां सख्त हो जाएं, तो उनके साथ संबंध फिर से सुधर सकते हैं.
ट्रंप ने आगे कहा, "अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई मौका है."