मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में भोपाल में निधन, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

इमेज स्रोत, RAHAT BADR
मशहूर उर्दू शायर और साहित्यकार बशीर बद्र का बुधवार को भोपाल में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. परिवार के मुताबिक़ उन्होंने दोपहर क़रीब 12 बजे अंतिम सांस ली.
बीबीसी से बात करते हुए बशीर बद्र की पत्नी डॉक्टर राहत बद्र ने इस ख़बर की पुष्टि की है.
बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया से जूझ रहे थे. परिवार के मुताबिक़ पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार ख़राब रह रही थी उन्हें लोगों को पहचानने में दिक्कत हो रही थी.
उर्दू शायरी को आसान और बोलचाल की भाषा में नई पहचान देने वाले बशीर बद्र ने पारंपरिक अंदाज़ से अलग अपनी शैली विकसित की थी.
उनकी ग़ज़लों में मोहब्बत, तन्हाई, रिश्तों और रोज़मर्रा की जिंदगी के अनुभव दिखाई देते थे. उनके कई शेर आज भी मुशायरों और सोशल मीडिया पर अक्सर सुनाई देते हैं.
साल 1969 में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी. इसके बाद 1974 में मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में बतौर लेक्चरर नियुक्त हुए और 1990 तक वहां पढ़ाया.
साहित्य जगत में 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके रचनात्मक जीवन का अहम समय माना जाता है. इसी दौरान उनकी शायरी ने देश और विदेश में पहचान बनाई.
परिवार के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को किया जा सकता है, हालांकि समय अभी तय नहीं हुआ है.














