लाइव, कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

सारांश

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  • जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर के साथ मारपीट
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  • पॉल एलेक्ज़ेंडर को द मैन इन द आयरन लंग के नाम से भी जाना जाता था
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लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

    अरविंद केजरीवाल

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    इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट की घटना की भी निंदा की थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    अरविंद केजरीवाल से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा, "सीजेपी अच्छी पार्टी है."

    इससे पहले सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट की घटना की भी निंदा की थी.

    केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा था, "मैं सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं. अगर आप दीपके से सहमत नहीं भी हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको उन पर हमला करने का हक़ मिल जाता है. हम सब जानते हैं कि हमलावर किस पार्टी से जुड़े हैं और इसी वजह से उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी."

    दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी दीपके पर हुए हमले की निंदा की थी.

  2. ईरान की चेतावनी- अगर लेबनान पर हमला हुआ तो यह समझौते का उल्लंघन होगा

    अब्बास अराग़ची

    इमेज स्रोत, Iranian Foreign Ministry / Handout/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने चेतावनी दी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने लेबनान पर हमला किया तो इसे अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन माना जाएगा.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा, "इस समझौते को दो हिस्सों में देखा जाए. एक तरफ़ ईरान और हिज़्बुल्लाह हैं, दूसरी तरफ़ अमेरिका और इसराइल."

    अराग़ची ने साफ़ कहा, "लेबनान में लड़ाई का ख़त्म होना, पूरे युद्ध के ख़त्म होने का हिस्सा है. यानी जब तक लेबनान में लड़ाई और क़ब्ज़ा ख़त्म नहीं होता, तब तक युद्ध पूरी तरह ख़त्म नहीं माना जाएगा."

    उन्होंने चेतावनी दी, "अगर इसराइल लेबनान पर हमला करता है या लेबनान की ज़मीन पर क़ब्ज़ा बनाए रखता है, तो इसे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा."

    अराग़ची की यह टिप्पणी उस समय आई है जब इसराइल ने दावा किया कि दक्षिणी लेबनान में उसने चरमपंथियों पर हमला किया है.

    इसके बाद लेबनान के हिज़्बुल्लाह ने भी कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई में इसराइली सैनिकों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं.

    दूसरी ओर, ईरान-अमेरिका समझौते की घोषणा के बाद इसराइल के कई नेताओं ने इसकी आलोचना की है. साथ ही इसराइल ने यह कहा है कि उसके सैनिकों की लेबनान के बफ़र ज़ोन्स में मौजूदगी बनी रहेगी.

  3. प्रियांक खड़गे ने पूछा- 'मोहन भागवत को सुरक्षा कौन देता है, यह किसके पैसे से दी जाती है'

    प्रियांक खड़गे

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    इमेज कैप्शन, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने पूछा कि आरएसएस के पास पैसा कहां से आता है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

    प्रियांक खड़गे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को सुरक्षा कौन देता है और यह किसके पैसे से दी जाती है.

    प्रियांक ने कहा, "आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि हम तो खुले तौर पर संघ के नाम पर काम कर रहे हैं. मैं भी वही पूछ रहा हूं. अगर यह संघ के नाम पर हो रहा है, तो संघ असल में है क्या? इसके पीछे लोग कौन हैं? आपका पैसा कहां से आता है?"

    उन्होंने आगे कहा, "मैं अभी-अभी एक हफ़्ता पहले कर्नाटक का गृह मंत्री बना हूं. पहले मैं अनौपचारिक तौर पर पूछ रहा था, अब मैं आधिकारिक तौर पर पूछ रहा हूं."

    प्रियांक खड़गे ने पूछा, "भारत में ऐसी सुरक्षा गृह मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री को दी जाती है. मोहन भागवत जी को सुरक्षा कौन देता है और यह किसके पैसे से दी जाती है? क्या यह टैक्स देने वालों के पैसे से नहीं है?"

    इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को केरल के त्रिशूर में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में कहा कि देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है.

    दरअसल, भागवत से पूछा गया था कि कर्नाटक सरकार ने आरएसएस की गतिविधियों को गुप्त बताते हुए कहा है कि संगठन को रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए.

    इसके जवाब में भागवत ने कहा, "हम खुले तौर पर काम कर रहे हैं. हम लोगों को बुलाकर संघ के बारे में बता रहे हैं. यह राजनीति है और तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. हमें इसकी आदत है. संघ के शुरू होने के 10-15 साल बाद से हमें ऐसी ही चीज़ों का सामना करना पड़ा है. हमें इसकी आदत है."

  4. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  5. भगवंत मान ने अकाल तख़्त की ओर से 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिए जाने पर क्या कहा

    भगवंत मान

    इमेज स्रोत, X/@BhagwantMann

    इमेज कैप्शन, सोमवार को श्री अकाल तख़्त साहिब में पांच सिंह साहिबान की बैठक में भगवंत मान के ख़िलाफ़ फ़ैसला लिया गया

    अकाल तख़्त की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'खालसा पंथ विरोधी' और 'गुरु दोषी' करार दिए जाने के बाद उनकी प्रतिक्रिया आई है.

    भगवंत मान ने कहा कि धर्म का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम किया जा रहा है.

    मंगलवार को एक वीडियो जारी कर मान ने कहा, "जब मुझे अकाल तख़्त साहब की ओर से बुलाया गया, वहां भी मैं ये कहकर आया कि इस वीडियो में मैं नहीं हूं. जो बंदा उस वीडियो में है, न मेरी कद-काठी उससे मिलती है, न ही मेरे शरीर की बनावट उससे मिलती है."

    "पर मैं हैरान हूं कि इतने बड़े धार्मिक ओहदे पर बैठे लोग अपने सियासी हुक्मरानों की शह पर इस तरह का झूठा प्रोपेगैंडा कर रहे हैं. यह सब मुझे बदनाम करने के लिए कर रहे हैं."

    मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख़्त ने 'खालसा पंथ विरोधी' और 'गुरु दोषी' करार दिया है. सोमवार को श्री अकाल तख़्त साहिब में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई. इसी बैठक में सीएम मान पर यह फ़ैसला दिया गया.

    बीबीसी पंजाबी सेवा के मुताबिक़, यह फ़ैसला उस विवादित वीडियो मामले को लेकर लिया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने पहले एआई से बना हुआ और नक़ली बताया था.

  6. जेडी वेंस ने कहा, ट्रंप शुक्रवार से पहले अमेरिका-ईरान समझौता कर सकते हैं सार्वजनिक

    जेडी वेंस और डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Al Drago/Bloomberg via Getty Images

    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जिनेवा में अमेरिका-ईरान समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए हुए प्रारंभिक समझौते को शुक्रवार से पहले भी सार्वजनिक करने का फ़ैसला कर सकते हैं.

    इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि इस समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं.

    वेंस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए 'मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग' (एमओयू) को 'क़रीब डेढ़ पन्ने' का और 'बहुत सामान्य' दस्तावेज़ बताया.

    अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समझौते से जुड़ी कुछ जानकारी साझा करनी शुरू कर दी हैं. उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून को होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा.

    इसी दिन जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप फ़्रांस में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं.

    मंगलवार को सम्मेलन में ईरान पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें मिस्र, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात के नेता भी शामिल होंगे.

  7. उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 'बग़ावत' की ख़बरों पर संजय राउत क्या बोले

    संजय राउत

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    इमेज कैप्शन, संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी के सभी नौ सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज कर दिया है, जिनमें 'पार्टी में टूट' के दावे किए गए थे.

    संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी के सभी नौ सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं.

    उन्होंने कहा, "ये सरासर झूठ है. इस प्रकार की कोई जानकारी हमारे पास नहीं है. चार दिन पहले ये सभी सांसद शिवसेना पार्टी चीफ़ उद्धव ठाकरे जी ने जो मीटिंग बुलाई थी, उसमें शामिल हुए थे. कुछ वहां आए थे, कुछ ऑनलाइन शामिल हुए. सभी ने उद्धव ठाकरे जी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है."

    इससे पहले इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, फडणवीस ने रविवार को कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उद्धव ठाकरे की ओर से बुलाई गई सांसदों की बैठक में कौन-से लोग पहुंचे या वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.

    यह बैठक बांद्रा स्थित ठाकरे के आवास पर उस समय हुई, जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कुछ सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं.

  8. ईरानी टीम के कोच बोले, 'मेक्सिको के प्रशंसकों ने हमें अलग-थलग महसूस नहीं होने दिया'

    अमीर ग़ालेनोई

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    इमेज कैप्शन, ईरानी कोच ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस की

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान की फ़ुटबॉल टीम के मुख्य कोच अमीर ग़ालेनोई ने फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड से मैच के बाद कहा कि मुक़ाबले के दौरान मेक्सिकन लोगों ने ईरानी टीम को अलग-थलग महसूस नहीं होने दिया.

    ईरानी कोच ने मैच के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अमेरिका की ओर से उनकी टीम के अमेरिकी ज़मीन पर रहने को लेकर लगाई गई समय सीमा का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें माहौल में ढलने के लिए दो हफ़्ते पहले आने की इजाज़त नहीं दी, और अब आराम करने के बजाय उन्होंने कहा है कि हमें यहां से जाना होगा."

    ईरानी टीम को अमेरिका छोड़ने से जुड़े सवाल के जवाब में ग़ालेनोई ने कहा, "ईरानी टीम वर्ल्ड कप के इतिहास में शायद ऐसी टीम है, जिसका सबसे अधिक उत्पीड़न किया गया है."

    उन्होंने स्टेडियम में मौजूद उन ईरानियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने टीम का उत्साह बढ़ाया और उन मैक्सिकन लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिनके लिए उन्होंने कहा कि इन लोगों ने तिजुआना में ईरानी टीम को अलग-थलग महसूस नहीं होने दिया गया.

    ग्रुप जी में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया मुक़ाबला ड्रॉ पर ख़त्म हुआ. दोनों ही टीमों ने 2-2 गोल दागे.

    मैच में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की. ईरान के लिए रामिन रेज़ाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने 1-1 गोल किया.

  9. नीट यूजी रीएग्ज़ाम से पहले सरकार ने टेलीग्राम पर लगाया बैन: एनटीए

    स्टूडेंट्स

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    इमेज कैप्शन, नीट यूजी रीएग्ज़ाम 21 जून को होने वाला है (सांकेतिक तस्वीर)

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'टेलीग्राम' पर 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है. एजेंसी ने इस क़दम का स्वागत किया है.

    एनटीए के मुताबिक़, सरकार ने यह क़दम 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा से पहले लिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई ने एनटीए की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ साझा की है, जिसमें बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया है.

    इसके अलावा मंत्रालय ने टेलीग्राम को यह निर्देश भी दिया है कि भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज को एडिट करने की सुविधा 30 जून 2026 तक के लिए बंद की जाए.

    एनटीए के मुताबिक़, यह क़दम उस सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसमें इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल राष्ट्रीय परीक्षाओं में 'पेपर लीक' से जुड़े सबूत गढ़ने के लिए किया जाता है.

    इस साल हुई नीट (यूजी) परीक्षा में पेपर लीक की शिकायत के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. इस मामले को लेकर देशभर में विरोध देखा गया.

    एनटीए ने 21 जून को दोबारा इस परीक्षा को कराने का फ़ैसला लिया है.

  10. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: ईरान का पहला मैच रहा ड्रॉ, दूसरे मैचों के क्या नतीजे रहे

    रामिन रेज़ाइयान और मोहम्मद मोहेबी

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    इमेज कैप्शन, रामिन रेज़ाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने ईरान के लिए एक-एक गोल किए

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप जी में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया मुक़ाबला ड्रॉ पर ख़त्म हुआ. दोनों ही टीमों ने 2-2 गोल दागे.

    मैच में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की. ईरान के लिए रामिन रेज़ाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने 1-1 गोल किया.

    लॉस एंजेलिस में खेले गए इस मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड के फ़ॉरवर्ड इलायजा जस्ट ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई.

    न्यूज़ीलैंड के लिए दोनों गोल इलायजा जस्ट ने दागे. इन दोनों गोल्स को क्रिस वुड ने असिस्ट किया.

    वोज़ीन्हा

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    इमेज कैप्शन, वोज़ीन्हा ने स्पेन के ख़िलाफ़ कई गोल रोके

    सोमवार को और कौन-से मैच हुए?

    ईरान और न्यूज़ीलैंड मैच के अलावा सोमवार को हुए मुक़ाबलों में सबसे ज़्यादा चर्चा ग्रुप एच में स्पेन और काबो वर्दे (केप वर्दे) के मैच की रही.

    काबो वर्दे की टीम पहली बार फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का हिस्सा बनी है, जबकि स्पेन एक बार फ़ीफ़ा चैंपियन रह चुका है.

    लेकिन, काबो वर्दे की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन से मैच 0-0 के स्कोर पर ड्रॉ कराया. इसमें सबसे अहम भूमिका काबो वर्दे के गोलकीपर वोज़ीन्हा की रही, जिन्होंने स्पेन के खिलाड़ियों की ओर से गोल पोस्ट पर दागे गए कई टारगेट रोके.

    इसके अलावा ग्रुप एच में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच भी मैच हुआ. यह मैच 1-1 के स्कोर पर ड्रॉ पर ख़त्म हुआ.

    वहीं, ग्रुप जी में खेले गए बेल्जियम और मिस्र के बीच का मुक़ाबला भी ड्रॉ रहा. यह मैच 1-1 की बराबरी पर ख़त्म हुआ.

  11. अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद लेबनान के विस्थापित अपने घरों की ओर लौटे

    दक्षिण लेबनान

    इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock

    इमेज कैप्शन, दक्षिणी लेबनान में कई लोग अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं, इस वजह से रमेइलेह हाईवे पर कारों की लंबी कतारें दिखीं

    अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के वक़्त इसमें लेबनान में भी युद्ध समाप्त होने की बात कही गई.

    हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से बाद में आए बयान में कहा गया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है.

    वहीं, इसराइल की ओर से कहा गया कि उसकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी.

    इस समझौते के पूरे प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, ऐसे में इससे जुड़े कई सवाल अब भी बने हुए हैं.

    इस बीच, बड़ी संख्या में लेबनान के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हालात अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं.

    दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों में सोमवार को लोग अपने घरों की ओर लौटना शुरू हो गए हैं. ये लोग अपने घरों और आसपास के इलाक़ों में हुए नुक़सान का जायज़ा ले रहे हैं.

    दक्षिण लेबनान

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    इमेज कैप्शन, बड़ी संख्या में लेबनान के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं
    दक्षिण लेबनान

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    इमेज कैप्शन, लोग अपने घरों और आसपास के इलाक़ों में हुए नुक़सान का जायज़ा ले रहे हैं
    दक्षिण लेबनान

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    इमेज कैप्शन, लेबनान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हालात अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं
  12. ईरान के शीर्ष नेताओं ने अमेरिका के साथ समझौते पर क्या कहा

    बग़र ग़ालिबाफ़ और मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि ईरान ने 'अंतिम जीत की ओर एक बड़ा क़दम उठाया' है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने अमेरिका के साथ समझौते में 'देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाले प्रावधानों को शामिल कराने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है.'

    एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा, "अगर सभी प्रावधानों को सही ढंग से लागू किया जाता है, तो इसे देश के लिए गौरवान्वित करने वाला दस्तावेज़ माना जा सकता है."

    अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर ईरान के सुप्रीम लीडर की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं आई है. मार्च में सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं.

    उन्होंने अपने पिता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की जगह यह पद संभाला था.

    वहीं, अमेरिका के साथ बातचीत में शीर्ष वार्ताकार की भूमिका निभाने वाले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरान ने 'अंतिम जीत की ओर एक बड़ा क़दम उठाया' है.

    उन्होंने ईरान की जनता के 'ऐतिहासिक प्रतिरोध' की सराहना की है.

    एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट में उन्होंने कहा कि ईरानी जनता के व्यवहार और 'उन लोगों के ख़िलाफ़ सशस्त्र बलों की बहादुरी, जो इस राष्ट्र का अस्तित्व मिटाना चाहते थे', ने ईरान को 'अंतिम जीत की दिशा में एक बड़ा क़दम बढ़ाने' में मदद की है.

  13. नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद कहा, 'लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई'

    बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, नेतन्याहू ने कहा कि वह उत्तरी इसराइल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं

    अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एलान के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोमवार को यरूशलम में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया.

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसराइल को "पूरी तरह तबाह होने से बचा लिया है", लेकिन "लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है."

    हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल को "सतर्क रहना होगा" और "ज़रूरत पड़ने पर अपनी रक्षा और बचाव करना होगा."

    नेतन्याहू का बयान ऐसे समय पर आया है, जब इसराइल में अमेरिका-ईरान डील को लेकर असहजता दिख रही है.

    इस समझौते के एलान के बाद इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और कट्टर दक्षिणपंथी नेता इतामार बेन-ग्वेर ने कहा कि उनका देश इस समझौते को मानने के लिए 'बाध्य नहीं' है.

    वहीं, इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा, "प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और मैं एक साफ़ नीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत इसराइली सेना लेबनान, सीरिया और ग़ज़ा के बफ़र ज़ोन में अनिश्चित समय तक रहेगी."

    नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह भी कहा कि इसराइल "अपनी सुरक्षा के लिए जब तक ज़रूरत होगी, तब तक सिक्योरिटी ज़ोन में बना रहेगा."

    नेतन्याहू ने कहा कि कुछ मामलों में उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय एक जैसी नहीं होती, लेकिन वह इसराइल के हितों की रक्षा करेंगे.

    उन्होंने कहा कि जब भी ज़रूरत होगी, वह इसराइल के हितों के लिए मज़बूती से खड़े रहेंगे.

    नेतन्याहू ने कहा कि वह उत्तरी इसराइल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उत्तरी इसराइल की सीमा लेबनान से लगती है.

  14. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में ईरान और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने, भारतीय मूल के इस खिलाड़ी को मिला मौक़ा

    सरप्रीत सिंह

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    इमेज कैप्शन, सरप्रीत सिंह अटैकिंग मिडफ़ील्डर के तौर पर खेल रहे हैं

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार (उत्तरी अमेरिका के समयानुसार) को लीग मुक़ाबला खेला जा रहा है. दोनों ही टीमें ग्रुप जी का हिस्सा हैं.

    इस मैच में न्यूज़ीलैंड की ओर से भारतीय मूल के सरप्रीत सिंह को मौक़ा मिला है. सरप्रीत सिंह के खेलने की ख़बर सुनकर उनके जानने वाले उत्साहित हैं.

    उन्हें अटैकिंग मिडफ़ील्डर के तौर पर न्यूज़ीलैंड की टीम में जगह मिली है.

    मैच में सबसे पहले न्यूज़ीलैंड के इलायजा जस्ट ने गोल मारकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई. इस गोल में शुरुआती भूमिका टीम के स्ट्राइकर क्रिस वुड ने निभाई.

    हालांकि, ईरान ने दूसरे हाफ़ में एक गोल दागकर मैच में वापसी की. ईरान की ओर से रामिन रेज़ाइयान ने गोल दागा.

    ख़बर लिखे जाने तक, दोनों ही टीमों का स्कोर 1-1 की बराबरी पर है.

  15. कैलिफ़ोर्निया में अमेरिकी वायु सेना का बी-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश, आठ लोगों की मौत, मैक्स मैत्ज़ा

    अमेरिकी बी-52 बॉम्बर विमान

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    इमेज कैप्शन, बी-52 बॉम्बर विमान के क्रैश होने के बाद आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार उठा, जिसे कई मील दूर से देखा गया (फ़ाइल फ़ोटो)

    दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी वायु सेना का एक बी-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई.

    यह हादसा सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 11:20 बजे हुआ, जब विमान एक रूटीन टेस्ट मिशन पर था. हादसे के बाद आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार उठा, जिसे कई मील दूर से देखा गया.

    कर्नल जेम्स हेज़ ने पत्रकारों से कहा, "आज एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस ने एक भयानक त्रासदी देखी और हमने आठ ग्रेट अमेरिकियों को खो दिया है." उन्होंने बताया कि मृतकों में सैन्यकर्मी, सरकारी कर्मचारी और सरकारी ठेकेदार शामिल थे.

    इससे पहले एयर बेस ने कहा था कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि इस दुर्घटना में किसी के बचने की संभावना नहीं थी.

    हेज़ ने कहा कि शुरुआती वीडियो फ़ुटेज की समीक्षा के बाद इसे "ऐसा हादसा माना गया जिसमें मलबे की बरामदगी संभव नहीं थी और किसी के जीवित बचने की संभावना भी नहीं थी."

    उन्होंने दोपहर की ब्रीफ़िंग में कहा कि मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है और उसके 24 घंटे बाद उनकी पहचान सार्वजनिक की जाएगी.

  16. ट्रंप ने अमेरिका-ईरान डील साइन होने की बात कही, समझौते के बारे में अब तक ये बातें आईं सामने

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी अधिकारियों ने समझौते से जुड़ी जानकारियां साझा करनी शुरू कर दी हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल-ईरान युद्ध को ख़त्म करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं और इस समझौते का ब्योरा 'बहुत जल्द' सार्वजनिक किया जाएगा.

    सोमवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे यह बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि इस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. समझौते पर पूरे हस्ताक्षर हो चुके हैं."

    अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समझौते की कुछ जानकारी साझा करनी शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार (19 जून) को होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा. इसी दिन जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे.

    अधिकारियों ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तकनीकी स्तर की बातचीत इस हफ़्ते शुरू होने की उम्मीद है. वहीं, प्रतिबंधों में किसी भी तरह की राहत या संपत्तियों की रिहाई इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान समझौते के तहत अपने वादों को पूरा करता है या नहीं.

    उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को सीएनएन के जेक टैपर से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ एमओयू 'क़रीब डेढ़ पन्ने' का है और यह एक बहुत ही सामान्य दस्तावेज़ है.

    वेंस ने यह भी कहा कि कई बारीक़ जानकारियां भविष्य की बातचीत के दौरान तय की जाएंगी.

    इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है.

    इसके अलावा उन्होंने उन दावों को भी ख़ारिज कर दिया है, जिनमें अमेरिका की ओर से ईरान को 30 करोड़ डॉलर की राशि देने की बात कही गई थी.

  17. नमस्कार!

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