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लाइव, पीएम मोदी की सोना न ख़रीदने की अपील पर अखिलेश यादव ने की ये टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है. इसके लिए उन्होंने कुछ रास्ते भी बताए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. पीएम मोदी की सोना न ख़रीदने की अपील पर अखिलेश यादव ने की ये टिप्पणी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है. इसके लिए उन्होंने कुछ रास्ते भी बताए हैं.

    पीएम की अपील के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव ख़त्म होते ही संकट याद आ गया.

    दरअसल, पीएम मोदी ने रविवार को सोना न ख़रीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने और वर्क फ्रॉम होम की अपील की है.

    इस पर अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, "सोना न ख़रीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख रुपए तोले का सोना नहीं ख़रीद पा रही है. भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं."

    उन्होंने लिखा, "वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं हैं? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हज़ारों चार्टर हवाई यात्राएं कीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फ़ोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही हैं क्या?"

    अखिलेश यादव ने लिखा, "इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी. सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफ़रातफ़री फैलाना नहीं."

    गौरतलब है कि ईरान-अमेरिका की तनातनी के बीच पीएम मोदी की ओर से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई.

  2. हंता वायरस वाले क्रूज शिप से निकाले गए 2 भारतीय, उनकी हेल्थ के बारे में आया अपडेट

    नीदरलैंड्स के जहाज़ एमवी होंडियस पर हंता वायरस के कुछ मामलों की पुष्टि हुई थी और तीन लोगों की मौत भी हो गई थी.

    इस जहाज़ पर दो भारतीय भी सवार थे, जिन्हें नीदरलैंड्स ले जाया गया है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं.

    स्पेन में भारतीय दूतावास ने बताया, "दोनों भारतीयों में (हंता वायरस के) कोई लक्षण नज़र नहीं आए हैं. स्पेन के नेशनल सेंटर फ़ॉर इमरजेंसी मॉनिटरिंग एंड को-ऑर्डिनेशन ने बताया कि ये दोनों भारतीय नागरिक नीदरलैंड्स ले जाए गए हैं जहां उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों के अनुसार क्वारंटीन किया जाएगा."

    दूतावास ने लिखा, "राजदूत स्पेनिश अधिकारियों और उन दोनों भारतीय नागरिकों (क्रू सदस्य) के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नज़र रख रहे हैं ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके."

    गौरतलब है कि यह जहाज़ 1 अप्रैल को अर्जेंटीना से चला था और वायरस फैलने की खबर के बाद रविवार को स्पेन के कैनरी आइलैंड्स पहुंचा.

  3. पीएम मोदी की सोना न ख़रीदने की अपील पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध के बीच देशवासियों से बड़ी अपील की है. उन्होंने सोना न ख़रीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने और वर्क फ्रॉम होम की अपील की है. इस पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.

    राहुल गांधी ने पीएम मोदी के इस भाषण के बाद कहा कि ये नाकामी का सबूत है, अब जनता को यह बताना पड़ रहा कि क्या ख़रीदें और क्या नहीं.

    राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे- सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम इस्तेमाल करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत हैं."

    उन्होंने लिखा, "12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है- क्या ख़रीदें, क्या न ख़रीदें, कहां जाएं, कहां न जाएं. हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें. देश चलाना अब कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को तेलंगाना के दौरे पर थे. सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी.

  4. चीन की यात्रा पर जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्रालय ने बता दीं तारीखें

    ईरान से कई मुद्दों के बीच चल रही तनातनी के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर जाएंगे.

    चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा करेंगे.

    यह लगभग नौ साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा होगी. ट्रंप की यह यात्रा मार्च में होनी थी, लेकिन मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से टाल दी गई थी.

    डोनाल्ड ट्रंप इस यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करेंगे. इस दौरान मध्य-पूर्व में चल रही तनातनी और होर्मुज़ स्ट्रेट के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

    हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची भी चीन के दौरे पर गए थे.

    गौरतलब है कि इससे पहले चीन ने कहा था कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का बेहद अहम व्यापारिक मार्ग है और उसकी नाक़ाबंदी करना सही फ़ैसला नहीं है.

  5. ईरान ने कैरोलाइन लेविट को बधाई देते हुए ट्रंप पर साधा निशाना

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट को माँ बनने पर ईरान ने बधाई दी है. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना भी साधा है.

    दरअसल, कैरोलाइन लेविट ने 7 मई को एक एक्स पोस्ट में इस बात की जानकारी दी कि उन्हें बेटी हुई है. इस पर अलग-अलग देशों के ईरानी दूतावासों ने प्रतिक्रिया दी.

    आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने उनके पोस्ट को रिशेयर करते हुए लिखा, "आपको बधाई. बच्चे मासूम और प्यारे होते हैं. वे 168 बच्चे, जिन्हें आपके बॉस (डोनाल्ड ट्रंप) ने मिनाब के स्कूल में मार दिया और आपने उसका समर्थन किया, वे भी बच्चे ही थे."

    आगे लिखा, "जब आप अपने बच्चे को चूमें तो उन बच्चों की माँओं को याद कीजिए."

    दरअसल, अमेरिका और इसराइल की तरफ़ से इसी साल 28 फ़रवरी को ईरान पर हमला किया गया. ईरान का दावा है कि इस हमले में मिनाब शहर में एक स्कूल को भी निशाना बनाया गया, जिसमें 168 बच्चों की मौत हो गई.

  6. ईरान के जंग ख़त्म करने वाले प्रस्ताव पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया है, जो युद्ध ख़त्म करने के मक़सद से भेजा गया था.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मैंने अभी ईरान के तथाकथित 'नुमाइंदों' का जवाब पढ़ा है. मुझे यह पसंद नहीं आया, यह पूरी तरह अस्वीकार्य है."

    ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी तस्नीम ने बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए एक प्रस्ताव भेजा था.

    पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर तुरंत जंग रोकने, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी शामिल थी.

    इससे पहले, टेलीविज़न नेटवर्क अल जज़ीरा को ईरान के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ईरान की ओर से भेजा गया प्रस्ताव वास्तविक और सकारात्मक है.

    गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच फ़िलहाल सीज़फ़ायर है, लेकिन युद्ध ख़त्म करने पर दोनों के बीच अभी तक सहमति नहीं बन पाई है.