You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

लाइव, ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में एस जयशंकर ने क्या कहा

नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में एस जयशंकर ने क्या कहा

    नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया.

    ये बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में संघर्ष चल रहा है और इस साल के अंत में ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन होने वाला है.

    रूस, ईरान, ब्राज़ील और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली इस बैठक का उद्घाटन करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े 'भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता' के दौर से गुजर रही है.

    एस जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, तकनीक और जलवायु से जुड़ी चुनौतियां वैश्विक स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स रचनात्मक और स्थिरता देने वाली भूमिका निभाएगा."

    उन्होंने कहा, "विकास से जुड़े मुद्दे अब भी केंद्र में हैं. कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. ब्रिक्स इन चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में उनकी मदद कर सकता है."

    मध्य पूर्व में ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग के संदर्भ में उन्होंने कहा, "शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में बने हुए हैं. हालिया संघर्षों ने संवाद और कूटनीति की अहमियत को और स्पष्ट किया है."

    एस जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की 80 से अधिक बैठकें सफल रही हैं.

  2. केरल के नए मुख्यमंत्री बनेंगे वीडी सतीसन, क्या बोले केसी वेणुगोपाल

    केरल के नए मुख्यमंत्री के पद के लिए प्रदेश कांग्रेस आला कमान ने वीडी सतीसन के नाम पर मुहर लगा दी है.

    कांग्रेस प्रवक्ता ने एक प्रेस कांफ़्रेंस में बताया, "कांग्रेस विधायक दल की सात मई को तिरुअनंतपुरम में बैठक हुई थी जिसमें सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल के नेता चुनने की ज़िम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी गई थी."

    प्रवक्ता ने आगे कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी के संसदीय चेयरपर्सन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, एआईसीसी ऑब्ज़र्वर्स और राज्य के अन्य शीर्ष नेताओं और सांसदों के साथ गहन विचार विमर्श किया."

    "इस बातचीत के आधार पर तय किया गया कि वीडी सतीसन को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा."

    इस फ़ैसले के बाद केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ़ ने कहा, "यह बहुत बढ़िया फ़ैसला है."

    एआईसीसी के प्रदेश ऑब्ज़र्वर अजय माकन ने कहा, "सभी से बात करने और व्यापक चर्चा करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया."

    ग़ौतलब है कि केरल विधानसभा में वीडी सतीसन विपक्ष के नेता भी रहे थे.

    केसी वेणुगोपाल क्या बोले

    कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, "अंतिम निर्णय आ गया है और कांग्रेस हाई कमान ने केरल सरकार के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में वीडी सतीसन को चुना है."

    "मैं इस निर्णय का तहे दिल से स्वागत करता हूं। मैं वीडी सतीसन को इस पद के लिए बधाई देता हूं. मुझे लगता है कि केरल की जनता ने यूडीएफ] को एक बड़ा समर्थन दिया है. वीडी सतीसन के नेतृत्व वाली सरकार केरल की जनता की आकांक्षाओं और वादों को पूरा कर सकती है. निश्चित रूप से, हम केरल सरकार के साथ पूरी तरह से खड़े हैं."

    नाम घोषित होने से पहले मीडिया में कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री के दावेदारों में केसी वेणुगोपाल का नाम भी प्रमुख था.

  3. शी जिनपिंग के साथ बातचीत कैसी रही, ट्रंप के जवाब के बाद लग रही हैं अटकलें

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक जवाब ने उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को लेकर अटकलें पैदा कर दीं.

    पहले खबर आई थी कि 'टेंपल ऑफ़ हेवन' में फ़ोटो खिंचवाने के दौरान बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार से 'वेट' कहा था.

    हालांकि अब अमेरिकी प्रेस पूल ने इसमें सुधार जारी किया है. उसके मुताबिक़ ट्रंप ने 'वेट' नहीं बल्कि 'ग्रेट' कहा था.

    ट्रंप ने शी जिनपिंग से कहा, "बेहतरीन जगह, अविश्वसनीय. चीन खूबसूरत है."

    दोनों नेता 'टेंपल ऑफ़ हेवन' के प्रतिष्ठित मुख्य भवन के सामने फोटो खिंचवा रहे थे.

    यह विशाल प्राचीन चीनी परिसर वह जगह है जहां मिंग और चिंग राजवंश के सम्राट बलि चढ़ाते थे और अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते थे.

    ट्रंप के साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल के पत्रकारों ने दो बार पूछा कि क्या दोनों नेताओं के बीच ताइवान पर चर्चा हुई, लेकिन दोनों में से किसी ने भी मंदिर की ओर बढ़ने से पहले कोई जवाब नहीं दिया.

    वहीं जब एक पत्रकार ने पूछा कि बातचीत कैसी रही, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'ग्रेट.'

  4. उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफ़ान से 89 लोगों की मौत

    बुधवार को आए तेज़ तूफ़ान, बारिश और ओलावृष्टि के चलते उत्तर प्रदेश में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है.

    राज्य आपदा प्रबंधन और राहत कार्यालय के मुताबिक़ इस आपदा में 89 लोगों की मौत हो गई.

    रिपोर्ट के मुताबिक़ तूफ़ान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की घटनाओं में 53 लोग घायल भी हुए हैं.

    इसके अलावा 87 मकानों को नुकसान पहुंचा है और 114 मवेशियों की भी मौत हुई है.

    टीवी तस्वीरों में तेज़ हवाओं से पेड़ और होर्डिंग उखड़ते दिखाई दिए. कुछ पेड़ और बोर्ड कारों पर गिर गए, जबकि धूल और मलबे के गुबार ने सड़क किनारे दुकानों का लकड़ी के दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा.

    रॉयटर्स के मुताबिक़, राज्य राहत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई लोगों की मौत पेड़ गिरने और मकानों की दीवार ढहने की वजह से हुई.

    उत्तर प्रदेश के रिलीफ़ कमिश्नर के एक्स अकाउंट से जारी एक बयान में कहा गया है, "13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से प्रदेश में 89 जनहानि, 53 घायल, 114 पशुहानि तथा तथा 87 मकान क्षति की सूचना प्राप्त हुई है, जिसका संज्ञान मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा लिया गया है."

    इस बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने सभी मण्डलायुक्तों और ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवारों को सहायता धनराशि वितरित करते हुए मदद दी जाए.

    सपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर सरकार से राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर किए जाने की अपील की है.

    उन्होंने लिखा, "सरकार तुरंत राहत-बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर करे, ⁠घायलों के अच्छे-से-अच्छे मुफ़्त इलाज की तुरंत व्यवस्था हो, ⁠खाना-पानी शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए, ⁠रहने-की अस्थायी व्यवस्था कराई जाए, ⁠मृतकों का ससम्मान अंतिम संस्कार हो."

    ⁠ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'जानमाल, फसल व वाहन आदि के नुक़सान का आंकलन करके बीमा राशि सुनिश्चित की जाए व मुआवज़े की घोषणा की जाए.'

  5. दिल्ली में प्राइवेट स्लीपर बस के अंदर महिला से गैंगरेप का आरोप, दो गिरफ़्तार

    दिल्ली पुलिस ने नांगलोई इलाके में एक प्राइवेट स्लीपर बस के अंदर महिला से गैंगरेप के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

    बताया जा रहा है कि यह घटना 12 मई को हुई थी. गिरफ़्तार किए गए लोगों की पहचान बस के ड्राइवर और कंडक्टर के रूप में हुई है.

    महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आगे की जांच के लिए बस को भी ज़ब्त कर लिया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कहा, "पीएस रानी बाग़ में गैंगरेप मामले में 12 मई को बीएनएस की धारा 64(1)/70(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है. आगे की जांच जारी है."

  6. डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच तय समय से एक घंटे ज़्यादा चली बातचीत

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता खत्म हो गई है. यह बातचीत करीब दो घंटे तक चली, जो पहले तय समय से लगभग एक घंटे ज़्यादा चली.

    आज शाम डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में भी उनकी मौजूदगी रहेगी.

    उधर, ताइवान ने अमेरिका के समर्थन पर आभार जताया है.

    ताइवान सरकार की प्रवक्ता मिशेल ली ने बीजिंग में ट्रंप-शी शिखर बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से ताइवान के समर्थन को बार-बार दोहराए जाने के लिए हम उनके आभारी हैं.

    ताइवान मुद्दा इस बैठक में दोनों महाशक्तियों के बीच चर्चा का अहम विषय बना हुआ है और ताइवान इस मुलाक़ात पर क़रीबी नज़र रखे हुए है.

  7. शी जिनपिंग ने ताइवान पर अमेरिका को दी चेतावनी- चीनी सरकारी मीडिया

    चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे को लेकर अमेरिका के साथ संभावित 'टकराव' की चेतावनी दी है.

    उन्होंने इसे 'चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे अहम मुद्दा' बताया.

    शी जिनपिंग ने कहा, "अगर इस मुद्दे को सही तरीके से संभाला गया तो द्विपक्षीय संबंध सामान्य रूप से स्थिर रह सकते हैं. लेकिन अगर इसे ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध बेहद ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे."

    उन्होंने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता 'ताइवान स्ट्रेट में शांति के बिल्कुल उलट' है.

    साथ ही उन्होंने कहा कि इस इलाक़े में शांति बनाए रखना चीन और अमेरिका के बीच 'सबसे बड़ा साझा हित' है.

    ताइवान एक स्वशासित द्वीप है, जिस पर चीन अपना दावा करता है और उसे बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लेने की संभावना से भी इनकार नहीं करता.

    हाल के सालों में चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास बढ़ाए हैं, जिनमें नाकाबंदी जैसे युद्धाभ्यास भी शामिल हैं.

    इससे ताइवान प्रशासन और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ी है.

    पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार बेचने का एलान किया था.

    चीन ने उस समय इसकी आलोचना की थी और आज की बैठक से पहले भी इसे लेकर चेतावनी दी थी.

  8. ट्रंप और शी जिनपिंग ने शुरुआती संबोधन में क्या कहा?

    चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग से मुलाक़ात को ‘सम्मान की बात’ बताया, वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को ‘प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनना चाहिए.’

    आज ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो रही है और उससे पहले दोनों राष्ट्रपतियों ने शुरुआती संबोधन में कई बातें कहीं.

    ट्रंप ने कहा, "हमारे संबंध अच्छे रहे हैं. जब भी कोई मुश्किल आई, हमने उसे मिलकर सुलझाया. मैं आपको फ़ोन करता था और आप मुझे फ़ोन करते थे. लोगों को नहीं पता, लेकिन जब भी कोई समस्या हुई, हमने उसे बहुत जल्दी हल किया."

    उन्होंने कहा, "मैं हर किसी से कहता हूं कि आप एक महान नेता हैं."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इस दौरे पर दुनिया के "सबसे बेहतरीन कारोबारी नेताओं" को अपने साथ लाए हैं. उन्होंने कहा, "आज यहां सिर्फ शीर्ष लोग मौजूद हैं जो आपका सम्मान करने आए हैं."

    उन्होंने कहा, "आपके साथ होना सम्मान की बात है और आपका दोस्त होना भी सम्मान की बात है."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन के संबंध "पहले से कहीं बेहतर" होने जा रहे हैं.

    शी जिनपिंग ने क्या कहा?

    ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल के सामने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा, "हमें प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए. हमें एक-दूसरे की सफलता और समृद्धि में सहयोग करना चाहिए और नए दौर में बड़े देशों के आपसी संबंधों का सही रास्ता तलाशना चाहिए."

    शी जिनपिंग ने कहा कि वह ट्रंप के साथ चर्चा और मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं ताकि "चीन-अमेरिका संबंधों की विशाल नौका को सही दिशा दी जा सके और 2026 को ऐसा ऐतिहासिक साल बनाया जा सके जो संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत करे."

    उन्होंने अमेरिका की आजादी के 250वें वर्ष पर ट्रंप और अमेरिकी जनता को बधाई भी दी.

    शी ने कहा, "पूरी दुनिया हमारी इस मुलाक़ात को देख रही है. इस समय दुनिया में ऐसा बदलाव तेज़ हो रहा है जैसा पिछले सौ सालों में नहीं देखा गया और अंतरराष्ट्रीय स्थिति लगातार बदलती और अस्थिर बनी हुई है."

    उन्होंने कहा, "दुनिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. क्या चीन और अमेरिका थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बाहर निकलकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं? क्या हम वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना कर दुनिया को ज्यादा स्थिरता दे सकते हैं? क्या हम अपने दोनों देशों की जनता और मानवता के भविष्य के हित में द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहतर भविष्य बना सकते हैं?"

    शी जिनपिंग ने कहा, "ये ऐसे सवाल हैं जो इतिहास, दुनिया और जनता के लिए अहम हैं. बड़े देशों के नेताओं के तौर पर ये हमारे समय के सवाल हैं, जिनका जवाब आपको और मुझे देना है."

  9. न्यूयॉर्क में चल रहा था चीन का सीक्रेट पुलिस स्टेशन, एक अमेरिकी नागरिक दोषी करार, नारडीन साद, बीबीसी न्यूज़

    चीनी मूल के एक अमेरिकी नागरिक को अमेरिका में चीन का पहला सीक्रेट पुलिस स्टेशन चलाने का दोषी पाया गया है.

    64 साल के लू जियानवांग पर आरोप था कि उन्होंने 2022 की शुरुआत में न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित चाइनाटाउन इलाके में चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (एमपीएस) के लिए यह स्टेशन खोला और संचालित किया.

    उन्हें चीन सरकार के अवैध एजेंट के तौर पर काम करने और मामले से जुड़े सबूत नष्ट कर न्याय में बाधा डालने के आरोपों में दोषी ठहराया गया.

    यह फ़ैसला ऐसे समय आया है, जब इसी सप्ताह कैलिफ़ोर्निया की एक मेयर ने चीन के अवैध एजेंट के रूप में काम करने के आरोप लगने के बाद इस्तीफ़ा दिया था.

    यह फै़सला न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में एक सप्ताह तक चली जूरी सुनवाई के बाद आया.

    न्यूयॉर्क निवासी लू जियानवांग, जिन्हें हैरी लू के नाम से भी जाना जाता है, को अब अधिकतम 30 साल तक की जेल हो सकती है. अभियोजकों ने यह जानकारी दी.

    उनके सह-आरोपी चेन जिनपिंग ने दिसंबर 2024 में चीन जनवादी गणराज्य (पीआरसी) के एजेंट के रूप में साज़िश करने का दोष स्वीकार कर लिया था. वह इस विदेशी पुलिस स्टेशन से जुड़े मामले में सज़ा सुनाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

    एफ़बीआई के सहायक निदेशक जेम्स सी. बार्नेकल जूनियर ने कहा, “लू जियानवांग ने न्यूयॉर्क शहर में मौजूद इस पुलिस स्टेशन का इस्तेमाल चीन सरकार के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने और पीआरसी के विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया.”

    कम से कम 53 देशों में ऐसे 100 से अधिक केंद्रों की मौजूदगी की खबरें सामने आई हैं. मानवाधिकार संगठनों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह इन ठिकानों का इस्तेमाल विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों को धमकाने और उन पर निगरानी रखने के लिए करता है.

    चीन ने इन ठिकानों को पुलिस स्टेशन मानने से इनकार किया है. उसका कहना है कि ये “सेवा केंद्र” हैं, जो विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं.

    चीन के मुताबिक, इन सेवाओं में महामारी के दौरान सहायता और ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण जैसी सुविधाएं शामिल थीं.

  10. ट्रंप और शी जिनपिंग ने मिलाया हाथ, बीजिंग का वो हॉल जहां हो रही है मुलाक़ात

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में मुलाकात हो रही है.

    ट्रंप वहां अभी पहुंच गए हैं और उन्होंने शी जिनपिंग से हाथ मिलाया है.

    ट्रंप का स्वागत करने के लिए शी जिनपिंग ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल की सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दिए.

    उन्होंने रेड कार्पेट पर डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की. चीन की सैन्य टुकड़ी भी वहां अपनी जगह पर तैनात दिखी.

    'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' तियानआनमेन स्क्वायर के पश्चिम में स्थित एक सरकारी भवन है. इसका इस्तेमाल अन्य सरकारी गतिविधियों और विदेशी नेताओं के स्वागत के लिए किया जाता है.

    ट्रंप बुधवार को बीजिंग पहुंचे थे. वहां उनका स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया, जिसके बाद वह फोर सीजंस होटल गए, जहां उन्होंने रात बिताई.

    आज उनके आधिकारिक कार्यक्रमों का पहला दिन है.

    आज के कार्यक्रम में शामिल है-

    • ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शी जिनपिंग के साथ स्वागत समारोह

    • दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता

    • शाम को आयोजित होने वाला राजकीय भोज

  11. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहुंचे चीन, कैसे हुआ स्वागत- देखें तस्वीरों में

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिन के अहम दौरे पर बुधवार शाम बीजिंग पहुंचे. हालांकि मुख्य आयोजन गुरुवार और शुक्रवार को होने हैं.

    गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला आधिकारिक कार्यक्रम बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्वागत समारोह से होगा.

    दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसके बाद शाम को राजकीय भोज रखा गया है.

    ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल में टेस्ला के एलन मस्क और एनवीडिया के जेनसन हुआंग समेत कई टेक कंपनियों के सीईओ भी मौजूद हैं.

    राष्ट्रपति के काफिले तक पहुंचने के दौरान ट्रंप का स्वागत ब्रास बैंड की धुनों और झंडे लहराते लोगों की प्रस्तुति के साथ किया गया.

    इस दौरान लोग 'वेलकम वेलकम, अ वॉर्म वेलकम' के नारे लगा रहे थे.

    अमेरिका और चीन के झंडे भी वहां लगाए गए थे, जिसे दो दिन की अहम बैठक से पहले एकता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है.

    राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था.

    उपराष्ट्रपति हान झेंग एयर फोर्स वन से उतरने के बाद ट्रंप के स्वागत के लिए रनवे पर मौजूद थे.

    हान झेंग चीन के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं और उनके स्वागत के लिए भेजे जाने को बीजिंग की तरफ से ट्रंप को सम्मान देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

    इससे पहले 2017 के दौरे के दौरान चीन ने ट्रंप के स्वागत के लिए अपेक्षाकृत निचले स्तर के नेता और स्टेट काउंसलर यांग जिएची को भेजा था.

    हान झेंग पिछले साल ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे.

  12. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप विस्तार से पढ़ सकते हैं-

    नीट परीक्षा कराने में क्या कोई ख़ामी है और कहाँ हो सकता है पेपर लीक?

    सोने पर बढ़े टैरिफ़ का फ़ायदा क्या यूएई को मिलेगा, भारतीय वाक़ई कम कर देंगे ख़रीदारी?

    सीएम जोसेफ़ विजय ने एक ज्योतिषी को ओएसडी रखा और फिर हटाया, क्या है पूरा मामला

    'अच्छा मदरसा यहीं मिल जाए तो वहां क्यों जाएंगे': उन परिवारों की कहानी जिनके बच्चों को मदरसा जाने से रोका गया