ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में एस जयशंकर ने क्या कहा
नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया.
ये बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में संघर्ष चल रहा है और इस साल के अंत में ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन होने वाला है.
रूस, ईरान, ब्राज़ील और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली इस बैठक का उद्घाटन करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े 'भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता' के दौर से गुजर रही है.
एस जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, तकनीक और जलवायु से जुड़ी चुनौतियां वैश्विक स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स रचनात्मक और स्थिरता देने वाली भूमिका निभाएगा."
उन्होंने कहा, "विकास से जुड़े मुद्दे अब भी केंद्र में हैं. कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. ब्रिक्स इन चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में उनकी मदद कर सकता है."
मध्य पूर्व में ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग के संदर्भ में उन्होंने कहा, "शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में बने हुए हैं. हालिया संघर्षों ने संवाद और कूटनीति की अहमियत को और स्पष्ट किया है."
एस जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की 80 से अधिक बैठकें सफल रही हैं.