लाइव, मध्य पूर्व के बिगड़े हालात पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जतायी चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक लिखित बयान के जरिए मध्य पूर्व में हाल के हमलों और बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

सारांश

छोड़कर वीडियो आगे बढ़ें
  • finland wife carrying competition
  • वैभव सूर्यवंशी
  • अमेरिका की आज़ादी के 250 साल पूरे
  • प्रशांत किशोर
  • ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार
  • समंदर का पानी खारा, नदी का पानी मीठा क्यों होता है?
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • जापान की पीएम

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, शिवांगी जायसवाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. मध्य पूर्व के बिगड़े हालात पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जतायी चिंता

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

    इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक लिखित बयान के जरिए मध्य पूर्व में हाल के हमलों और बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है

    मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जतायी है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक लिखित बयान के जरिए मध्य पूर्व में हाल के हमलों और बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

    भारत ने कहा कि क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को फिर से निशाना बनाए जाने के बाद यह तनाव बढ़ा है.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ये घटनाक्रम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

    भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जारी रखने पर भी जोर दिया है.

    भारत ने संबंधित पक्षों से संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है, ताकि इस संघर्ष का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान निकाला जा सके.

    गौरतलब है कि बीते दो दिनों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट के हालात बदल गए हैं.

    ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने होर्मुज़ क्षेत्र में बीते दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि की, जिसमें तेल टैंकरों वाले जहाजों पर हमला हुआ.

    हालांकि प्रभावित जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं है और न ही यह स्पष्ट नहीं है कि ज़हाज़ों पर हमला किसने किया था और इसमें कितने लोग हताहत हैं.

    ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर नहीं ली है.

    इस बीच, अमेरिकी सेना ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ़ शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी और अब तक 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.

    उधर, बहरीन और कुबैत ने कहा है कि ईरान ने उनके हवाई क्षेत्र पर हमले किए जो नाक़ाम कर दिए गए.

  3. फ़्रांस के राष्ट्रपति ने ईरान से वार्ता जारी रहने की उम्मीद जताई

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Chris McGrath/Getty Images

    इमेज कैप्शन, नेटो समिट के लिए तुर्की में मौजूद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    ईरान के साथ युद्धविराम को समाप्त मानने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा.

    मैक्रों ने बुधवार को कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले अंतरिम समझौते का उल्लंघन हैं. उन्होंने इसे ईरान की एक बड़ी ग़लती कहा.

    हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान और अमेरिका के बीच लागू 60 दिन के युद्धविराम के तहत प्रस्तावित बैठकों और वार्ताओं का क्रम जारी रहेगा.

    मैक्रों ने कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद दोनों पक्षों को संवाद का रास्ता खुला रखना चाहिए और कूटनीतिक प्रयास जारी रहने चाहिए.

  4. बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमला, इन दोनों देशों ने क्या कहा?

    एयर स्ट्राइक

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, बहरीन और कुवैत ने कहा है कि उनके हवाई क्षेत्र में हमले हुए जो उन्होंने नाकाम कर दिए

    मध्य-पूर्व में गहराए संकट के बीच बहरीन और कुवैत ने कहा है कि उनके हवाई क्षेत्र में मिसाइल हमले हुए हैं. हालांकि दोनों ही देशों ने कहा है कि इन हमलों को वे नाकाम करने में कामयाब रहे.

    उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

    बहरीन का आरोप है कि ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए आम नागरिकों को निशाना बनाया.

    सेना के अनुसार, बहरीन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हवाई हमलों को बीच में ही नष्ट कर दिया.

    कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान के दो बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोन को मार गिराया.

    एक्स पर जारी बयान में मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने कहा कि कुवैत के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया था.

    सुरक्षा बलों ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को समय रहते इंटरसेप्ट कर दिया. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

    हालांकि, बाद में कुवैती अधिकारियों ने देश के कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती की सूचना दी.

    इस बीच बुधवार को ईरान ने खाड़ी देशों के लिए चेतावनी जारी की है कि अपनी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिकी कार्रवाई में न होने दें.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, बीती रात ईरान के बंदर अब्बास शहर पर भी कई हमले हुए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई विस्फ़ोट और एक परिसर से उठती आग की लपटें दिखाई दीं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी हमलों का लक्ष्य क्या था.

    वहीं, क़तर और सऊदी अरब ने ईरान की निंदा की है.

    क़तर ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील भी की है. उसने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत हुई प्रगति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. इस एमओयू को साइन कराने में क़तर ने पाकिस्तान के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.

  5. बांग्लादेश में लैंड स्लाइड से रोहिंग्या शरणार्थी कैंप के मदरसे के आठ छात्रों की मौत

    रोहिंग्या कैंप में लैंड स्लाइड

    इमेज स्रोत, AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, यह हादसा कॉक्स बाज़ार जिले के उखिया उपजिला स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में हुआ

    बांग्लादेश के रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में भूस्खलन से मदरसे के कम से कम आठ छात्रों की मौत हो गई.

    यह हादसा कॉक्सज़ बाज़ार जिले के उखिया उपज़िला स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में हुआ, जहां पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश जारी है.

    भारी बारिश के कारण इस इलाक़े में ट्रेन सेवाएं निलंबित की गई हैं.

    भूस्खलन से प्रभावित उखिया की उपजिला कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) पन्ना अख्तर ने बीबीसी बांग्ला से बातचीत में घटना की पुष्टि की.

    उन्होंने कहा, "अब तक हमें अलग-अलग उम्र के आठ बच्चों की मौत की जानकारी मिली है. इनमें कुछ बच्चे सात, आठ, ग्यारह और बारह वर्ष के थे. दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह ने अस्पताल में इलाज़ के दौरान दम तोड़ दिया."

    पन्ना अख़्तर के अनुसार, घटना के समय मदरसे में मौजूद छात्रों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है.

    उन्होंने बताया, "सुबह मदरसे में 30 से 35 छात्र मौजूद थे, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि दोपहर के भोजन अवकाश तक अधिकांश बच्चे अपने घर लौट चुके थे."

    उन्होंने यह भी कहा कि फ़ायर सर्विस ने फिलहाल अपना बचाव अभियान समाप्त कर दिया है.

    इस बीच, शरणार्थी राहत एवं प्रत्यावर्तन आयोग (आरआरआरसी) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भूस्खलन के बाद कुल 13 बच्चों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से आठ की मौत हो गई.

    आयोग के अनुसार, "चार बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाए जाने के बाद दम तोड़ दिया."

    आरआरआरसी ने यह भी बताया कि घायल पांच बच्चों को अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है.

  6. अमेरिका-ईरान के बीच क्या सीज़फ़ायर ख़त्म? | दिनभर

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  7. दिल्ली में पांच मंज़िला इमारत ढहने से एक की मौत, बचाव अभियान जारी

    इमारत का मलबा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, रोहिणी में पांच मंज़िला इमारत के ढहने के चलते कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है

    राजधानी दिल्ली में लगातार जारी बारिश के बीच बुधवार की शाम को रोहिणी इलाक़े में एक निर्माणाधीन पांच मंज़िला इमारत ढह गई. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जतायी गई है.

    यह हादसा रोहिणी के सेक्टर-16 स्थित पॉकेट जी-5 एमसीडी स्कूल के पास हुआ. मौके पर बचाव कार्य जारी है.

    घटनास्थल पर मौजूद रोहिणी के डीसीपी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को फ़ोन पर बताया, "यह घटना चार बजकर 26 मिनट की है, हम मौक़े पर हैं और बचाव कार्य में लगे हुए हैं."

    "अभी तक एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, कुछ फंसे हुए हो सकते हैं. एक घायल व्यक्ति को हमने बचाया है. राहत और बचाव कार्य अभी जारी है."

    इस क्षेत्र के पार्षद प्रदीप मित्तल ने कहा, "पाँच मंजिला इमारत गिरने से कुछ लोग मलबे के नीचे फँसे हुए हैं. इस समय हमारा पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है. जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी."

    पांच मंजिला इमारत ढही

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, दो दिन से दिल्ली में हो रही बारिश के चलते घटनास्थल पर बचाव कार्य में बाधा आ रही है
  8. अमेरिका-ईरान के बीच फिर तकरार, कैसे हैं होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात

    होर्मुज़ स्ट्रेट

    इमेज स्रोत, AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, बीबीसी वेरिफ़ाई के मुताबिक़ होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरानी नौसेना जहाज़ों को चेतावनी दे रही है कि अपनी जान ख़तरे में न डालें

    मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा के हालात गंभीर हो गए हैं.

    संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी (आईएमओ) के प्रमुख अर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट में सैकड़ों जहाजों पर सवार करीब 6,000 लोग अब भी फंसे हुए हैं.

    डोमिंगुएज़ ने पिछले दो दिनों में जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की. उन्होंने शिपिंग कंपनियों से अपील की कि वे फ़िलहाल अपने जहाजों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से न भेजें.

    उधर, बीबीसी वेरिफ़ाई को समुद्री रेडियो संचार की एक रिकॉर्डिंग मिली है. इसमें ईरानी नौसेना बार-बार अल मरयाह तेल टैंकर के कप्तान को अपना रास्ता बदलने का निर्देश देती सुनाई दे रही है.

    रिकॉर्डिंग में ईरानी नौसेना कहती है कि जहाज का मौजूदा मार्ग सुरक्षित नहीं है. साथ ही कप्तान को चेतावनी दी जाती है, "अपनी जान को खतरे में मत डालिए."

    बता दें कि बीते दो दिनों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट के हालात बदल गए हैं.

    ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने होर्मुज़ क्षेत्र में बीते दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि की, जिसमें तेल टैंकरों वाले जहाजों पर हमला हुआ.

    इसमें एक तेल टैंकर पर हमला सोमवार को हुआ, जबकि बाकी दो हमले मंगलवार को हुए.

    हालांकि एजेंसी ने प्रभावित जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की. यह भी स्पष्ट नहीं है कि ज़हाज़ों पर हमला किसने किया था और इसमें कितने लोग हताहत हैं.

    ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर नहीं ली है.

    इस बीच, अमेरिकी सेना ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ़ शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी और अब तक 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.

    इस तरह होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात गंभीर होते चले गए.

  9. सुखबीर सिंह बादल का एलान- 'पंजाब के हर गांव में दिखाएंगे फ़िल्म सतलुज'

    फ़िल्म सतलुज

    इमेज स्रोत, Diljit Dosanjh/Insta

    इमेज कैप्शन, फ़िल्म सतलुज के एक सीन में दिलजीत दोसांझ

    शिरोमणि अकाली दल ने घोषणा की है कि फ़िल्म ‘सतलुज’ को पंजाब के हर गांव और हर इलाके में दिखाएगा.

    मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म 'सतलुज' नाम से ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म ज़ी5 पर तीन जुलाई को रिलीज़ हो गई थी, लेकिन पांच जुलाई को इसे प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया.

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, 'यह फिल्म कांग्रेस शासन के दौरान हजारों निर्दोष सिख युवाओं और सिख हस्तियों पर हुए कथित अत्याचारों को दिखाती है. "इनमें शहीद भाई जसवंत सिंह जी खालड़ा का भी उल्लेख है.'

    इस फिल्म के जरिए बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को समुदाय पर हुए उत्पीड़न और उस दौर की घटनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी."

    पार्टी के अनुसार, यह फ़िल्म उस दर्दनाक दौर की सच्चाई को सामने लाती है. उसका दावा है कि कांग्रेस के श्री हरमंदिर साहिब पर सैन्य कार्रवाई करने और दिल्ली समेत कई शहरों में हजारों निर्दोष सिखों की हत्या के बाद भी अत्याचार नहीं रुके थे.

    बयान में कहा गया है कि पंजाब में इन घटनाओं के खिलाफ़ आवाज उठाने वाले हजारों सिख युवाओं को बाद में पुलिस की कथित फर्जी मुठभेड़ों में मार दिया गया. शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि अब उस दौर के इतिहास को भी लोगों की यादों से मिटाने की कोशिश की जा रही है. पार्टी ने कहा कि वह ऐसा नहीं होने देगी.

  10. कार्टून: आप उधर जाएं

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी - कार्टून
    इमेज कैप्शन, मंदिरों में चढ़ावे और दान की चोरी पर आज का कार्टून
  11. ट्रंप के संघर्ष विराम ख़त्म करने से जुड़े बयान के क्या हैं मायने, वार्ता का रास्ता क्या बंद हुआ?, कैरी डेविस, बीबीसी संवाददाता

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, SAUL LOEB / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम (सीज़फायर) अब ख़त्म हो गया है

    ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अभी एक महीने भी पुराना नहीं है.

    तकनीकी रूप से युद्धविराम (सीज़फायर) अप्रैल की शुरुआत से लागू हुआ. हालांकि, पहले भी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जवाबी हमलों के दौरान सीज़फायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं.

    अब बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम (सीज़फायर) अब ख़त्म हो गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के वार्ताकार बातचीत जारी रख सकते हैं.

    उनके इस बयान से एक तरफ़ समझौते का रास्ता बंद होता दिखता है, तो दूसरी तरफ बातचीत की थोड़ी गुंज़ाइश भी बनी रहती है.

    उनका यह रुख़ पहले दिए गए बयानों जैसा ही है. उस समय भी उन्होंने ईरान को समझौता करने पर कई फ़ायदे देने का संकेत दिया था. वहीं, समझौता न होने पर कड़ी कार्रवाई और तबाही की चेतावनी भी दी थी.

    ट्रंप के ताज़ा बयान से उनकी नाराज़गी और निराशा भी झलकती है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे दोनों देशों के बीच फिर से तनाव और सैन्य टकराव बढ़ेगा?

    ट्रंप के बयानों में बार-बार बदला रुख

    21 अप्रैल - आठ अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद ट्रंप ने 21 अप्रैल को कहा कि वह दो सप्ताह का युद्धविराम आगे बढ़ाना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही फिर बमबारी शुरू होगी. हालांकि, उसी दिन बाद में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर अमेरिकी हमले रोक दिए गए हैं.

    8 मई - ट्रंप ने कहा कि दुनिया को पता चल जाएगा कि सीज़फायर खत्म हो गया है, जब ईरान से "एक बड़ी चमक" दिखाई देगी.

    11 मई - कुछ दिनों बाद ट्रंप ने कहा कि सीज़फायर "किसी तरह जीवनरक्षक सिस्टम पर टिका हुआ है."

    11 जून - ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्धविराम समाप्त हो चुका है. उन्होंने ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई की धमकी दी. लेकिन उसी शाम उन्होंने प्रस्तावित हमले रोक दिए.

    17 जून - युद्ध समाप्त करने के शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर करते समय ट्रंप ने कहा, "अगर उन्होंने ठीक व्यवहार नहीं किया, तो हम फिर से बमबारी शुरू कर देंगे."

    8 जुलाई - ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि सीज़फायर ख़त्म हो चुका है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के वार्ताकार बातचीत जारी रख सकते हैं.

  12. ट्रंप के ईरान पर बयान के बाद भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट

    भारतीय शेयर बाजार

    इमेज स्रोत, Punit PARANJPE / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, बुधवार को कारोबार के अंतिम घंटों में सेंसेक्स और निफ्टी 2% से ज्यादा टूट गए

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीज़फ़ायर को खत्म हो चुका बताने के बाद भारतीय बाज़ारों पर असर पड़ा है.

    बुधवार को कारोबार के अंतिम घंटों में सेंसेक्स और निफ्टी 2% से ज्यादा टूट गए.

    बुधवार को कारोबार के आखिरी घंटों में बीएसई सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% गिरकर 76,503.60 पर बंद हुआ.

    वहीं एनएसई निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% टूटकर 23,882.05 के स्तर पर बंद हुआ

    निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से बाज़ार में बिकवाली बढ़ गई.

    हालिया घटनाक्रम का असर एशियाई बाजारों में मिला-जुला देखने को मिला है.

    एशिया के बाज़ारों का हाल

    दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.35% गिर गया. वहीं, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2.11% और चीन का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स 0.49% नीचे बंद हुआ.

    हालांकि इसके उलट, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 2.99% की बढ़त के साथ बंद हुआ.

    मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे.

    शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 393.19 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की.

  13. सीज़फ़ायर पर ट्रंप के बयान से कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज़्यादा उछाल

    होर्मुज़ स्ट्रेट

    इमेज स्रोत, maps4media via Getty Images

    इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट की सैटेलाइट तस्वीर; इस क्षेत्र में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है जिससे कच्चे तेल दाम बढ़ गए

    युद्धविराम ख़त्म होने से जुड़ी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक वृद्धि देखी गई है.

    ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम (सीज़फायर) को लेकर बुधवार को कहा, ''मेरे हिसाब से यह अब ख़त्म हो चुका है. मैं अब उनसे कोई बातचीत नहीं करना चाहता. वे घटिया लोग हैं."

    इस बयान के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के प्रमुख मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.5% बढ़कर 78.09 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई.

    होर्मुज़ स्ट्रेट में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इसी कारण कच्चे तेल के दामों पर दबाव बना और कीमतें ऊपर चली गईं.

    दूसरी ओर, नेटो शिखर सम्मेलन में दिए राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों का सीधा असर यूरोपीय शेयर बाजार पर पड़ा है.

    यूरोप का प्रमुख स्टॉक्स 600 इंडेक्स 1.6% गिरकर 636.08 अंक पर पहुंच गया. यह एक सप्ताह का सबसे निचला स्तर है.

    ग़ौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के समझौते से जुड़े एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद कच्चे तेल के दाम युद्ध से पहले से स्तर पर पहुंच गए थे.

  14. ईरान बोला- 'अमेरिकी हमलों से कमज़ोर हुआ समझौता', जवाबी हमलों को लेकर ये कहा

    तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला पोस्टर लिए एक स्थानीय व्यक्ति (फ़ाइल फ़ोटो)

    इमेज स्रोत, Kaveh Kazemi/Getty Images

    इमेज कैप्शन, तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला पोस्टर लिए एक स्थानीय व्यक्ति (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध ख़त्म करने वाले समझौते के कई महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावहीन कर दिए हैं. अब वह उन जगहों को निशाना बना सकता है जहां से उसके ऊपर हमले किए गए हैं या जिनकी योजना बनाई गई है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके आरोप लगाया कि अमेरिका ने उसके दक्षिणी तट के पास मौजूद कई निग़रानी और सर्विलांस केंद्रों पर हमला किया है. यह युद्ध समाप्ति से जुड़े समझौते का उल्लंघन है.

    बयान में कहा गया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान से जुड़ी व्यवस्थाओं का उल्लंघन हुआ है. इसके अलावा, लेबनान पर इज़राइल के हमले भी जारी हैं.

    ईरान का कहना है कि इन वजहों से युद्ध ख़त्म करने वाले समझौते के कई महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावहीन हो गए हैं. ईरान ने इसके लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    बयान में ईरान ने खाड़ी देशों को लेकर कहा है कि वे किसी भी अमेरिकी कार्रवाई के लिए अपनी जमीन या सुविधाओं का इस्तेमाल न होने दें.

    साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा करना अमेरिका का साथ देने और अपराध में भागीदार बनने जैसा होगा. ईरान ने बयान में कहा है कि उसकी सेना हमलों के "स्रोत और ठिकानों" पर जवाबी कार्रवाई करेगी.

  15. ईरान पर बोले ट्रंप, 'उनसे बात करना समय की बर्बादी, वे झूठ बोलते हैं'

    ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, ''मेरे हिसाब से यह अब ख़त्म हो चुका है"

    उन्होंने नेटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से कहा, ''मैं अब उनसे कोई बातचीत नहीं करना चाहता. वे घटिया लोग हैं"

    ट्रंप ने कहा, "जहां तक मेरा सवाल है, यह मामला ख़त्म हो चुका है. उनसे बात करना समय की बर्बादी है. वे झूठ बोलते हैं."

    उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के वार्ताकार चाहें तो बातचीत कर सकते हैं, लेकिन 'वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं.'

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के वार्ताकारों को लेकर कहा, "वे वास्तव में मानसिक रूप से बीमार हैं. उनके नेता मानसिक रूप से बीमार लोग हैं. मेरी नज़र में उनसे निपटना सिर्फ़ समय की बर्बादी है."

    ट्रंप ने आगे कहा कि वह "स्टीव विटकॉफ़ और जेराल्ड कुशनर से बात करेंगे." लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि "वार्ता की मेज़ पर वापस लौटना तेहरान के ऊपर निर्भर है."

    एक अन्य सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "सब लोग इस बात से सहमत हैं कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. हम एक समझौते तक पहुंच गए मगर बाद में वे मीडिया के सामने यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं थी."

    ट्रंप का यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच हुए जवाबी हमलों के बाद आया. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम (सीज़फायर) समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगीं.

    बीबीसी हिन्दी की कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

    बारुईपुर नाबालिग रेप और मर्डर केस: अभियुक्त की एनकाउंटर में मौत, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ मिली हार के बाद मिस्र ने क्यों कहा- 'हुई नाइंसाफ़ी', मेसी पर भी साधा निशाना

  17. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, 'अमेरिकी हमले के बाद समझौते के 'अहम और बुनियादी' हिस्से बेअसर'

    अब्बास अराग़ची

    इमेज स्रोत, EPA

    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि अमेरिकी हमले से समझौते का असर काफ़ी हद तक ख़त्म हो गया है

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका के बीच समझौते के एमओयू के उल्लंघन के आरोप लगाया है.

    उन्होंने एक बयान में कहा कि अमेरिका के हमले, ईरानी तेल की बिक्री पर फिर से लगाए गए प्रतिबंध और हिज़्बुल्लाह के साथ लेबनान में इसराइल का जारी संघर्ष, युद्ध रोकने के समझौते के ‘अहम और बुनियादी हिस्सों को बेअसर’ कर चुके हैं.

    उन्होंने कहा कि ईरान अपनी "क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा" की रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से नहीं हिचकेगा."

    अराग़ची ने उन खाड़ी देशों को चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं.

    अराग़ची ने कहा कि अगर वहां से ईरान पर कोई हमला हुआ तो वो "हमले के स्रोत और उसके शुरू वाली जगह को निशाना बनाया जाएगा. "

    ईरान का ये बयान अमेरिकी सेंटकॉम के उस दावे के बाद आया है कि जिसमें कहा गया था अमेरिका की सेना ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है.

    ईरान ने कहा है कि उसने इसके जवाब में बहरीन में कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.

  18. राम जन्मभूमि ट्रस्ट से अलग किए गए गोपाल राव ने कहा, 'हर जगह झूठ और अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है', प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता

    राम मंदिर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जिन तीन लोगों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से दूर किया गया है, उनमें एक गोपाल राव भी हैं.

    गोपाल राव मंदिर के दैनिक प्रशासन जैसे दर्शन व्यवस्था और संचालन से जुड़े थे. वह ट्रस्ट के सदस्य नहीं थे पर ट्रस्ट की बैठकों में विशेष आमंत्रण पर शामिल होते थे.

    सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि उन्हें आगे से बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी नहीं बुलाया जाएगा.

    उन पर मंदिर प्रशासन से जुड़ी उनकी भूमिका और प्रशासनिक निगरानी में कथित चूक को लेकर सवाल उठे हैं.

    अपने ऊपर हुई इस कार्रवाई और आरोपों पर बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए गोपाल राव ने कहा, ''हम अभी किसी भी मीडिया के लोगों से बात नहीं कर रहे. हर जगह झूठ और अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है.’’

    ''मैं तभी बोलूंगा जब एसआईटी की फ़ाइनल रिपोर्ट सामने आएगी. मेरे पास भी कई विकल्प होंगे तब, जैसे - मानहानि का मुकदमा आदि. मीडिया के लोगों ने बहुत ग़लत खबरें दिखाई हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर गहरा सवाल खड़ा होता है. मैं समय आने पर विस्तृत रूप से अपनी बात रखूंगा.''

    अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. जबकि राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

  19. ईरान का दावा, बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

    बहरीन

    इमेज स्रोत, AFP VIA GETTY IMAGES

    इमेज कैप्शन, बहरीन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाना (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी सेना ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.

    बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बहरीन में शेख ईसा अड्डे पर स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

    बयान के मुताबिक़,यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में सैन्य और गैर-सैन्य क्षेत्रों पर अमेरिकी हमलों और 14 सूत्रीय एमओयू के उल्लंघन के जवाब में की गई थी. ईरानी सेना का कहना है कि यह हमला ड्रोन के जरिए किया गया था.

    ईरानी सेना के बयान में 'युद्धविराम के उल्लंघन के नतीजो की चेतावनी भी दी गई और कहा गया कि 'क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकाने ईरानी ड्रोन के निशाने पर होंगे.'

    ईरानी सेना ने ये दावा ऐसे समय में किया है जब बहरीन में एक बार फिर विस्फोटों की खबरें सुनी गई हैं.

    बहरीन में मौजूद एएफपी संवाददाता के मुताबिक़, देश के उत्तरी हिस्सों में तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं.

    ईरानी सेना का यह बयान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उस दावे के कुछ ही समय बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर 85 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है.

  20. अमेरिका का दावा, ईरान के 80 ठिकानों पर हमला किया

    अमेरिकी सेंट्रल कमान

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेंट्रल कमान के मुताबिक़, ईरान पर नए अमेरिकी हमलों के बाद अज्ञात जगह से उठता धुआं दिखा है

    अमेरिकी सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसने ईरान के ख़िलाफ़ सिलसिलेवार हमलों में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट में, सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले कॉमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में की गई थी.

    सेंटकॉम के मुताबिक़,अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम,कमान और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार ठिकानों,एंटी एयरक्राफ़्ट मिसाइल सिस्टम और 60 से अधिक छोटे आईआरजीसी जहाजों को निशाना बनाया.

    अपने बयान में सेंटकॉम ने कहा कि इन अभियानों का मक़सद अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान की ओर से लगातार हमले करने की क्षमता को कमजोर करना है.

    सेंटकॉम के मुताबिक़, ईरान ने हाल ही में होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हमला किया, जिनमें मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाला एम/टी अल-रक्कायत, सऊदी अरब के झंडेवाला वाला एम/टी विद्यान और लाइबेरिया के झंडे वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं.

    दूसरी ओर ईरान के उप विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि उनका देश इन हमलों के ख़िलाफ़ 'निर्णायक कदम' उठाएगा.