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लाइव, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पशुओं की क़ुर्बानी पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज की

इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चीन का दौरा कर चुके हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, दीपक मंडल

  1. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पशुओं की क़ुर्बानी पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज की

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की ईद से पहले पशुओं की कुर्बानी पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं.

    कोर्ट ने 1950 के पशु वध कानून के तहत धार्मिक आधार पर छूट देने और भैंस, बैल जैसे पशुओं के वध की अनुमति देने की मांग ठुकरा दी.

    हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 27 या 28 मई को ईद के मद्देनजर किसी छूट की ज़रूरत है या नहीं, इस पर 24 घंटे के भीतर फैसला करे.

    बार एंड बेंच के मुताबिक, अदालत ने यह फै़सला उन याचिकाओं पर सुनाया है, जिनमें बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार के पश्चिम बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट के तहत जारी दिशा-निर्देशों को चुनौती दी गई थी.

    13 मई को जारी सार्वजनिक सूचना में सरकार ने कहा था कि बैल, सांड, गाय, बछड़े और भैंसों का वध फिटनेस सर्टिफ़िकेट के बिना नहीं किया जा सकता.

    याचिका में क्या था?

    याचिका में टीएमसी विधायक अखरुज्ज़मा ने दलील दी कि 13 मई की अधिसूचना में राज्य सरकार ने कानून की धारा 12 के तहत छूट नहीं दी है, जिससे बकरीद के दौरान कुर्बानी की धार्मिक ज़िम्मेदारी कानूनी रूप से पूरी नहीं हो सकेगी.

    अखरुज्ज़मा ने तर्क दिया कि ज़्यादातर मुसलमानों के लिए भैंस, बैल या सांड जैसे बड़े जानवरों की कुर्बानी ही धार्मिक ज़िम्मेदारी निभाने का आर्थिक रूप से व्यवहारिक तरीका है.

    याचिका में कहा गया, “बकरीद से ठीक पहले बकरों और भेड़ों की क़ीमतें काफी बढ़ जाती हैं, जिससे वे केवल मालदार मुसलमानों के लिए ही एक विकल्प रह जाते हैं.”

    अदालत ने क्या कहा?

    गुरुवार के फैसले में अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ़ कर चुका है कि ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार में गाय की कुर्बानी कोई ज़रूरी धार्मिक प्रथा नहीं है और यह इस्लाम के तहत धार्मिक आवश्यकता का हिस्सा नहीं है.

    हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार याचिकाकर्ताओं के मांगी गई छूट पर कानून की धारा 12 के तहत फैसला ले सकती है.

    पीठ ने आदेश दिया, “त्योहार 27 या 28 तारीख को होने की संभावना को देखते हुए, राज्य सरकार इस आदेश की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर इस मामले में फ़ैसला ले.”

  2. ट्रंप और पुतिन के बाद पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ करेंगे चीन का दौरा

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ 23 से 26 मई तक चीन की यात्रा करेंगे. इस दौरान वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाक़ात करेंगे.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गू जियाकुन ने गुरुवार को राजधानी बीजिंग में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, चीन के पीएम ली कियांग के न्योते पर चीन जा रहे हैं.

    प्रवक्ता गू ने कहा कि शरीफ़ की यह यात्रा दोनों देशों के बीच होने वाली एक अहम बैठक होगी. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर करीबी संवाद और समन्वय बनाए हुए हैं, अपने साझा हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर रहे हैं और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता तथा विकास को बढ़ावा दे रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस यात्रा को पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने, हर क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने और नए दौर में साझा भविष्य वाले और अधिक करीबी चीन-पाकिस्तान समुदाय के निर्माण में नया अध्याय लिखने के अवसर के रूप में लेंगे.

    गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने, पाकिस्तानी के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर बधाई भी दी.

    इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चीन का दौरा कर चुके हैं.

  3. कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स हैंडल बंद होने पर सीपीआईएमएल ने क्या कहा

    कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स हैंडल को बंद कर दिया गया है.

    'कॉकरोच जनता पार्टी' कैंपेन को शुरू करने वाले अभिजीत दीपके ने भी इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी जानकारी दी थी.

    सीपीआईएमएल लिबरेशन ने एक्स पर पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी का बचाव किया है.

    पार्टी ने एक्स पर लिखा, “क्या मोदी सरकार को लगता है कि कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक करके वह जेनज़ी को रोक सकती है?”

    “क्या होगा अगर कॉकरोच जनता पार्टी, बीजेपी और नमो के हैंडल्स के ख़िलाफ़ 'अनफॉलो कैंपेन' शुरू कर दे? एक्स को इंटरनेट की आज़ादी का सम्मान करना चाहिए और बिना किसी देरी के कॉकरोच जनता पार्टी के हैंडल को बहाल करना चाहिए.”

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' शुरू की गई है.

    इसके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब एक करोड़ 50 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं.

  4. कार्टून : पूछता है कॉकरोच

  5. एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर की नियुक्ति से जुड़ी फ़ाइलें सार्वजनिक की गईं

    साल 2001 में एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर की ट्रेड एनवॉय के रूप में नियुक्ति से जुड़ी फाइलें जारी कर दी गई हैं.

    साल 2000 में लिखे गए एक मेमो के अनुसार, क्वीन इलिज़ाबेथ टू की इच्छा थी कि माउंटबेटन-विंडसर यह भूमिका संभालें. वो उस समय प्रिंस एंड्रयू थे.

    ब्रिटिश ट्रेड इंटरनेशनल के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी सर डेविट राइट ने तत्कालीन विदेश सचिव रोबिन कुक को लिखे एक नोट में कहा था कि महारानी अपने बेटे को राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भूमिका दिए जाने को लेकर बहुत खुश थीं.

    फ़ाइलों में शामिल एक पत्र के मुताबिक, माउंटबेटन-विंडसर की पसंद “ज़्यादा विकसित और विकसित देशों” की यात्रा करने की थी.

    माउंटबेटन-विंडसर को साल 2001 में ब्रिटेन का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के लिए विशेष प्रतिनिधि बनाया गया था, लेकिन उन्होंने 10 साल बाद इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

    इस साल फ़रवरी में मंत्रियों ने माउंटबेटन-विंडसर नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज़ प्रकाशित करने पर सहमति दी थी. यह फ़ैसला लिबरल डेमोक्रेट्स की ओर से की गई मांग के बाद लिया गया.

    सार्वजनिक किए गए 11 दस्तावेज़ों में दिखाया गया है कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर की नियुक्ति कैसे हुई और यह वैकेंसी कैसे निकाली गई.

  6. राघव चड्ढा की याचिका पर कोर्ट: राजनीतिक फ़ैसले की आलोचना, अधिकारों का उल्लंघन नहीं

    दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को राघव चड्ढा की याचिका पर सुनवाई की.

    हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए चड्ढा ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर उनके ख़िलाफ़ दुर्भावनापूर्ण और मनगढ़ंत पोस्ट प्रकाशित की गईं, जो उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुक़सान पहुंचा रही हैं.

    उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि वो ऐसे पोस्ट को हटाने और इन पर रोक लगाने का आदेश दे.

    सुनवाई के दौरान, दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि राजनीतिक आलोचना और मानहानि के बीच एक पतली लाइन होती है.

    पीटीआई के मुताबिक, अदालत ने सांसद राघव चड्ढा से पूछा कि, क्या वह सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर “संवेदनशील” हो सकते हैं, जो उनके “राजनीतिक फैसले” की आलोचना करती दिख रही होती हैं.

    बीजेपी सांसद राघव चड्ढा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव नय्यर ने दलील दी कि कुछ पोस्ट अशोभनीय भाषा वाली हैं. इनमें ऐसी पोस्ट भी शामिल हैं, जिनमें नेता को पैसों के लिए खुद को बेच देने वाला बताया गया है.

    इन कथित आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने से जुड़े मामले पर फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस सुब्रमणयिम ने माना कि जहां एक व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है, वहीं संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को भी छीना नहीं जा सकता.

    सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रसाद ने कहा, “यह एक व्यक्ति की टिप्पणी है, जो किसी राजनीतिक फैसले की आलोचना कर रहा है, एक राजनीतिक नेता होने के नाते, क्या आप इतने संवेदनशील हो सकते हैं?”

    उन्होंने आगे कहा, “आज़ादी के समय से ही हम आरके लक्षमण के कार्टून देखते हुए बड़े हुए हैं. राजनीतिक और आर्थिक फैसलों की अलग-अलग तरीकों से आलोचना होती रही है. अब सोशल मीडिया ने इसे और आगे बढ़ा दिया है. लेकिन आखिर में यह अब भी किसी व्यक्ति की टिप्पणी के दायरे में ही आता है.”

  7. चीन बोला- अमेरिका क्यूबा के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई और पाबंदियां लगाना बंद करे

    चीन ने अमेरिका से कहा है कि वह क्यूबा के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई और पाबंदियां लगाना बंद करे.

    न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह क्यूबा की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा में उसका पूरा समर्थन करता है.

    अमेरिका और क्यूबा के बीच दशकों से रिश्ते काफ़ी ख़राब हैं. क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका ने मर्डर का आरोप लगाया था.

    चौरानबे साल के क्रांतिकारी नेता कास्त्रो पर तीन दशक पहले दो प्लेन मार गिराने से जुड़े चार मामलों में मर्डर और अमेरिकी नागरिकों को मारने की साज़िश का आरोप है.

    ये बातें लंबे समय से चले आ रहे कम्युनिस्ट शासन को हटाने के लिए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन के बढ़ते कयासों के बीच हो रही हैं.

    इसी साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को चेतावनी दी थी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए वो अमेरिका के साथ "डील कर ले" या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे.

    तीन जनवरी को वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में हमले और अमेरिकी ऑपरेशन में वेनेज़ुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद से ट्रंप की नज़रे जिन देशों पर है, उनमें क्यूबा भी है.

  8. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़जी से मिले पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी

    पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नक़वी ने गुरुवार को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से मुलाकात की.

    ईरानी सरकार के एक्स अकाउंट पर जारी एक प्रेस रिलीज़ में इस बैठक की पुष्टि की गई.

    यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और अमेरिका पाकिस्तान की मध्यस्थता से स्थायी युद्धविराम और वार्ता की बहाली के लिए संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं.

    ईरानी सरकार के एक बयान के मुताबिक, मोहसिन नक़वी की विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई.

    पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी बुधवार को तेहरान पहुंचे थे.

    इससे पहले, मोहसिन नक़वी ने मई के दूसरे सप्ताह में लगभग चार दिन ईरान में बिताए थे और पिछले मंगलवार को पाकिस्तान लौट आए थे, जहां उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाग़ेर गालीग़ाफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची सहित कई ईरानी हस्तियों से मुलाक़ात की थी.

  9. कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स हैंडल भारत में बंद, अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

    सोशल मीडिया पर चली 'कॉकरोच जनता पार्टी' कैंपेन को शुरू करने वाले अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि इस कैंपेन का एक्स हैंडल भारत में बैन कर दिया गया है.

    उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "जिसका डर था वही हुआ. पहले इन्होंने हमारा अकाउंट हैक करने की कोशिश की. जब इनसे हैक नहीं हुआ तो इन्होंने हमारा ट्विटर हैंडल इंडिया में बंद कर दिया है. आप लोग सभी ट्विटर पर जाकर देख सकते हैं कि हमारा कॉकरोच जनता पार्टी का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल भारत में नहीं दिख रहा है किसी को भी.''

    उन्होंने कहा, ''मैं चाहता हूं कि आपलोग सिर्फ़ आवाज़ उठाएं और पूछें कि हमारा ट्विटर हैंडल बैन क्यों किया गया. इसमें ऐसा क्या लिखा था. हमने तो कोई गलत चीज नहीं लिखी थी. हम तो सिर्फ़ मिनिस्टर का इस्तीफ़ा मांग रहे थे. स्टुडेंट ने सुसाइड किया था. इसलिए हम मंत्री का इस्तीफ़ा मांग रहे थे. आपलोग सब सवाल पूछें कि ऐसा क्यों किया गया. आप इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएं.''

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' शुरू की गई है. इसके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब एक करोड़ तीस लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं.

  10. अब तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ताज़ा ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  11. झारखंड में 27 'माओवादियों' ने किया आत्मसमर्पण

    झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 27 सदस्यों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इन सभी ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के सीनियर अफ़सरों की मौजूदगी में हथियार डाले.

    यह आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस के ‘ऑपरेशन नवजीवन’ के तहत हुआ. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कई मामलों में वांछित थे.

    झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान जारी रहेगा.

    उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 27 ‘माओवादियों’ के पुनर्वास में सरकार पूरी मदद करेगी.

  12. कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स 1 करोड़ से भी ज्यादा हुए

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर चली कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' चर्चा में है.

    कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टग्राम हैंडल पर अचानक से फॉलोअर्स की बाढ़ सी आ गई है.

    चार दिन के अंदर कॉकरोच पार्टी के इंस्टा हैंडल पर फॉलोअर्स की संख्या 1.18 करोड़ के पार कर गई है.

    इंटरनेट पर इसके नाम से वेबसाइट बन चुकी है. ट्विटर पर इसके काफ़ी फॉलोअर्स हैं.

    बताया जा रहा है कि दो लाख से अधिक लोगों ने वेबसाइट पर इसकी सदस्यता के लिए ख़ुद को रजिस्टर्ड किया है.

    कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर इसके संस्थापक और संयोजक की जानकारी दी गई है और उनका नाम अभिजीत दीपके है.

    इस तरह के सोशल मीडिया कैंपेन का आइडिया कहां से आया? इस सवाल पर अभिजीत दीपके बीबीसी से कहते हैं, "मैं ट्विटर (अब एक्स) पर सीजेई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) का बयान देख रहा था जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे."

  13. तमिलनाडु में मंत्रिमंडल का विस्तार, 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस सरकार में शामिल

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ़ विजय ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया.

    अपनी कैबिनेट में उन्होंने 23 नए मंत्रियों को शामिल किया है. इनमें से कांग्रेस के भी दो मंत्री शामिल हैं.

    कांग्रेस के एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

    तमिलनाडु में 1967 के बाद कांग्रेस को सरकार में जगह मिली है. ये वो साल है, जब डीएमके ने इस राज्य में कांग्रेस का एकाधिकार ख़त्म किया था.

    विजय की कैबिनेट में सबसे ज़्यादा मंत्री दलित समुदाय के हैं. इस समुदाय से सात मंत्री बनाए गए हैं.

    अब तमिलनाडु सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 33 हो गई.

    विजय के मंत्रिमंडल में वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को भी जगह मिली है.

    गुरुवार को राज्यपाल आर वी आर्लेकर ने लोकभवन में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

  14. यूएन में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने ट्रंप की धमकियों पर कार्रवाई की मांग की

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने मांग की है कि सुरक्षा परिषद को ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति की बार-बार और रोजाना दी जाने वाली धमकियों पर चुप या उदासीन नहीं रहना चाहिए.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ आमिर सईद ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बार-बार की धमकियों के बावजूद परिषद की चुप्पी की आलोचना करते हुए कहा,"ट्रंप ईरान पर बमबारी करने और उसे 'पाषाण युग' में वापस भेजने की स्पष्ट धमकी देते हैं और उन्होंने देश के ऊर्जा,आर्थिक और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने, ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों और वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाने और यहां तक ​​कि ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की भी धमकी दी है."

    उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को चेतावनी दी कि ईरान के लिहाज से ये एक बेहद ख़तरनाक धमकी है.

  15. दिल्ली-एनसीआर में ट्रक-टैक्सी यूनियन की हड़ताल, क्या है मांग

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में ट्रांसपोर्ट और टैक्सी यूनियन की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है.

    यूनियन ने सिटी गवर्नमेंट सेस के ख़िलाफ़ ये हड़ताल बुलाई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ ट्र्क मालिकों, प्राइवेट बस मालिकों, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटरों के संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने मंगलवार को एक बैठकर हड़ताल का फ़ैसला किया था.

    दिल्ली सरकार ने कमर्शियल गाड़ियों पर लगाया गया पर्यावरण क्षतिपूर्ति सेस बढ़ा दिया है. यूनियन ने इस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है.

    ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने इसके ख़िलाफ़ हड़ताल का फ़ैसला किया है.

  16. डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनी पर क्या बोले ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजे़श्कियान ने कहा है उनके देश ने हमेशा वादों का सम्मान किया है और युद्ध टालने के लिए हर रास्ता अपनाने की कोशिश की है. ईरान की ओर से सभी रास्ते अब भी खुले हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, '' बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं होता. ईरान का इस्लामी गणराज्य गरिमा और देश के अधिकारों की रक्षा के साथ बातचीत करता है. किसी भी परिस्थिति में वह जनता और देश के वैध अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.

    उन्होंने लिखा, ''हम तर्क और पूरी ताकत के साथ आख़िर तक जनता की सेवा करेंगे और ईरान के हितों और सम्मान की रक्षा करेंगे.''

    ''दबाव डालकर ईरान को झुकाने की कोशिश सिर्फ एक भ्रम है. कूटनीति में पारस्परिक सम्मान, युद्ध की तुलना में कहीं अधिक समझदारी भरा, सुरक्षित और टिकाऊ रास्ता है.''

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत ''बॉर्डर लाइन पर'' है.

    उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने ''सौ फ़ीसदी संतोषजनक जवाब'' नहीं दिए, तो अमेरिका तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार है.

  17. ट्रंप ने कहा, 'नेतन्याहू के साथ इसराइल में अच्छा बरताव नहीं हो रहा है'

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "वो वही करेंगे जो मैं चाहूंगा."

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान अमेरिका-ईरान तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में दिया.

    ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा था कि उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमले और आगे की रणनीति को लेकर क्या बात की है.

    इसी के जवाब में ट्रंप ने कहा, "वो वही करेंगे जो मैं चाहूंगा. वो बहुत अच्छे इंसान हैं. मेरी राय में इसराइल में उनके साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है. इस समय इसराइल में मेरी लोकप्रियता 99 फीसदी है. मैं वहां प्रधानमंत्री पद का चुनाव भी लड़ सकता हूं."

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर लंबी बातचीत हुई थी. उस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिशें चल रही थीं, जबकि इसराइल ईरान के खिलाफ सख्त रुख बनाए हुए था.

  18. इटली की पीएम मेलोनी ने इस वीडियो पर क्यों जताई नाराज़गी

    इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर की ओर से पोस्ट किए गए वीडियो की कड़ी आलोचना की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''इसराइली मंत्री बेन ग्विर की ओर से शेयर की गई तस्वीरें नामंजूर हैं. यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं किया जा सकता कि इन प्रदर्शनकारियों, जिनमें कई इतालवी नागरिक भी शामिल हैं, के साथ ऐसा व्यवहार किया जाए. ये मानवीय गरिमा का उल्लंघन है.''

    ''इटली सरकार इसमें शामिल इतालवी नागरिकों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च स्तर पर सभी जरूरी कदम उठा रही है.''

    ''इटली इन प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार और इटली सरकार की स्पष्ट मांगों की पूरी तरह अनदेखी किए जाने पर माफ़ी की भी मांग करता है. इसी कारण विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय इस पूरे मामले पर औपचारिक स्पष्टीकरण मांगने के लिए तुरंत इसराइल के राजदूत को तलब करेगा.''

    इसराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो हथकड़ी पहने और घुटनों के बल बैठे कार्यकर्ताओं का मज़ाक उड़ाते दिखाई दे रहे हैं.

    इसराइल की नौसेना ने ग़ज़ा की ओर राहत सामग्री ले जा रही नावों के काफ़िले (फ़्लोटिला) में सवार फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ जो बरताव किया उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है.

  19. पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर वोटिंग शुरू, चुनाव आयोग ने दिए थे पुनर्मतदान के आदेश

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फाल्टा सीट पर अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद यहां 21 मई को दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिए गए थे. इस सीट के लिए डाले जा रहे वोटों की गिनती 24 मई को होगी.

    हाल में ये सीट चर्चा में रही है क्योंकि पुनर्मतदान से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चुनावी प्रक्रिया से हट गए थे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उनकी इस घोषणा पर राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि जहांगीर ख़ान भाग गए हैं क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा है.

    वहीं जहांगीर ख़ान के पीछे हटने पर टीएमसी ने कहा था कि यह उनका निजी फ़ैसला है, यह पार्टी का फ़ैसला नहीं है.

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुए थे और चार मई को परिणाम आए थे. दूसरे चरण के मतदान के दौरान फाल्टा सीट पर भी मतदान हुआ था.

    हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर अनियमितताएं पाईं थी और उसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान कराने की की घोषणा की थी

    4 मई को आए चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 207 सीटें और टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं. इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

  20. तेल और गैस की कमी की ख़बरों पर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने क्या कहा

    देश की प्रमुख तेल कंपनियों में से एक हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने उन रिपोर्टों को ख़ारिज किया है, जिनमें तेल और गैस की कमी की बात की गई है.

    इसके साथ उसने ये भी कहा है कि देश भर में इसके रिटेल नेटवर्क में सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है.

    कंपनी ने कहा है कि इसका ऑपरेशन सामान्य है. कंपनी का काम बगैर किसी अड़चन के चल रहा है.

    ईरान संकट की वजह से देश में तेल और गैस की सप्लाई में कमी आई है. देश के कई इलाकों में लोग गैस की कमी का सामना कर रहे हैं.

    हालांकि एचपीसीएल ने कहा है कि ईंधन की कमी से जुड़ी ख़बरें गुमराह करने वाली हैं. जैसा संकट बताया जा रहा है, वैसा कुछ भी नहीं है.

    कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''एचपीसीएल यह स्पष्ट करना चाहती है कि ईंधन की कमी और आपूर्ति बाधित होने संबंधी रिपोर्टें भ्रामक हैं और वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं.''

    ''एचपीसीएल के रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और नियमित रीप्लेनिशमेंट और निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है.''

    ''कुछ स्थानों पर ग्राहकों की संख्या और कतारों में अस्थायी वृद्धि मुख्यतः मई माह के दौरान मौसमी मांग बढ़ने के कारण है. इसके अतिरिक्त, कई ग्राहक एचपीसीएल रिटेल आउटलेट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि कुछ निजी रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन अपेक्षाकृत अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है.''