सीरिया को लेकर तुर्की और इसराइल आए आमने-सामने

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इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि 'तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने इसराइल पर सीरिया को अस्थिर' करने का आरोप लगाया है, जबकि इसराइल ने केवल अपने नागरिकों को हमलों से बचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए हैं.
विदेश मंत्री गिदोन सार के बयान में कहा गया कि तुर्की के यही नेता दशकों से सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करते रहे हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून पर दूसरों को उपदेश देते रहे हैं.
इसराइली विदेश मंत्री ने दावा किया कि तुर्की ने सीरिया के क़रीब पांच फीसदी हिस्से पर क़ब्जा कर रखा है और वह इसराइल की सुरक्षा को कमज़ोर करने के मक़सद से सीरिया में सैन्य ठिकाने स्थापित करना चाहता है.
बयान में कहा गया कि इसके मुक़ाबले इसराइल केवल एक बफ़र ज़ोन पर नियंत्रण रखता है, जो सीरिया के कुल क्षेत्रफल का क़रीब 0.1 फीसदी है.
उनके अनुसार, "यह कदम दक्षिणी सीरिया से सक्रिय उन आतंकवादी समूहों से सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जो इसराइल पर हमला करना चाहते हैं."
साथ ही बयान में दावा किया गया कि दिसंबर 2024 में सीरियाई लड़ाकों ने साल 1974 के इसराइल और सीरिया के बीच सैन्य बलों को अलग करने के समझौते का उल्लंघन करते हुए बफ़र ज़ोन में प्रवेश किया था.
बयान में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के नेतृत्व में तुर्की पर सीरिया और इराक़ में कुर्द बलों के ख़िलाफ़ बड़े सैन्य अभियान चलाने, पड़ोसी देशों को बार-बार धमकी देने, पिछले 50 से ज़्यादा वर्षों से साइप्रस के क़रीब 36 फ़ीसदी हिस्से पर क़ब्जा बनाए रखने और मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेलने के आरोप भी लगाए गए हैं.
अंत में इसराइली विदेश मंत्री ने कहा, "विदेश मंत्री हाकान फिदान चाहते हैं कि इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाना बंद कर दे, लेकिन ऐसा नहीं होगा. इसराइल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाना जारी रखेगा."



