कांग्रेस ने जीडीपी के आँकड़ों पर कहा- ‘ख़राब तस्वीर पर जश्न मना रहे पीएम मोदी’

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कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं.
सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक़ पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 7.8 फ़ीसदी रहा है. एक साल पहले इसी तिमाही में ग्रोथ रेट 6.9 फ़ीसदी रहा था.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के कम्युनिकेशन प्रभारी जयराम रमेश ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''तिमाही जीडीपी के आंकड़े, जिस रूप में भी वे रिपोर्ट किए जा रहे हैं, अर्थव्यवस्था की जीडीपी-यानी ग्रेटली डिस्टॉर्टेडे पिक्चर (बेहद खराब तस्वीर)-पेश करते हैं.''
उन्होंने लिखा, ''ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को लेकर कमज़ोर सेंटीमेंट को नहीं दिखाते. कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सुस्त है, जो कोविड के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है और नवंबर 2025 से लगातार नीचे जा रहा है.''
जयराम रमेश ने लिखा, "घरेलू ज़रूरत की चीज़ो की क़ीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं. पढ़े-लिखे लोगों में बेरोज़गारी का स्तर चिंताजनक है. चीन के साथ लगातार बढ़ता व्यापार घाटा भारी नुक़सान पहुँचा रहा है. प्रधानमंत्री की ओर से जानबूझकर प्रोत्साहित किए गए कुछ बड़े कारोबारी समूहों का प्रमुख सेक्टर्स पर क़ब्ज़ा बेहद नुकसानदेह असर डाल रहा है.''
रमेश ने लिखा, ''भारत के पाँच सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति में 400 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि वेतनभोगी कामगारों की वास्तविक मज़दूरी घटी है. घरेलू बचत दर में गिरावट आई है और क़र्ज़ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. यह प्रधानमंत्री के समय से पहले जश्न मनाने का मामला है.''

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पीएम नरेंद्र मोदी ने जीडीपी के आंकड़ों की तारीफ़ करते हुए इसे बड़ी कामयाबी बताया था.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 फ़ीसदी की शानदार जीडीपी वृद्धि एक बड़ी उपलब्धि है."
"हमारे लोगों की सामूहिक ताक़त ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन की समस्याओं के बावजूद भारत ने इतनी वृद्धि दर्ज की. भारत के बारे में निराशाजनक बातें करने वालों की बातें गलत साबित हुईं और भारत एक बार फिर आगे बढ़ा..."



