त्विषा के पति समर्थ सिंह को जबलपुर पुलिस ने हिरासत में लेकर भोपाल पुलिस को सौंपा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह शुक्रवार शाम जबलपुर ज़िला अदालत में सरेंडर की अर्जी देने पहुंचे थे
ज़मानत की अर्ज़ी वापस लेने के बाद शुक्रवार शाम जबलपुर ज़िला कोर्ट पहुंचे त्विषा शर्मा के अभियुक्त पति समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मीडिया से कहा, "जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया है. यहां भोपाल पुलिस की एक टीम पहले से मौजूद थी और हमने समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया है."
इससे पहले जबलपुर ज़िला अदालत में उस समय काफ़ी ड्रामा हुआ, जब समर्थ सिंह सरेंडर करने पहुंचे.
वह वहां काला चश्मा और मास्क पहनकर पहुंचे थे.
वहां मौजूद त्विषा शर्मा के परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने सरेंडर का विरोध किया.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "समर्थ सिंह यहां सरेंडर नहीं कर सकते. अगर ऐसा ही था, तो भोपाल से यहां तक आते समय और यहां छिपकर बैठने में उन्हें कोई ख़तरा नहीं था. लेकिन अब अचानक वापस जाने में ख़तरा कैसे हो गया? यह सब सिर्फ़ ज़मानत हासिल करने के लिए बनाई गई कहानियां हैं."
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "जबलपुर में सरेंडर नहीं किया जा सकता."
'कॉकरोच जनता पार्टी कर्नाटक' के कथित आयोजन पर बेंगलुरु पुलिस ने दी ये चेतावनी, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, कथित तौर पर बेंगलुरू में टाउन हॉल में लोगों को रविवार को इकट्ठा होने की अपील की गई थी
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने लोगों से रविवार को टाउन हॉल पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की है.
यह अपील सोशल मीडिया पर कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी, कर्नाटक’ की ओर से किए गए एक पोस्ट के बाद की गई.
पुलिस के बयान में कहा गया कि पोस्ट में टाउन हॉल पर “शांतिपूर्ण मानव शृंखला” बनाने की अपील की गई थी.
पुलिस ने कहा कि टाउन हॉल में ऐसे किसी कार्यक्रम के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया था. साथ ही ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के पास भी इस तरह के आयोजन की कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी.
पुलिस ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि शहर में किसी भी तरह के प्रदर्शन या कार्यक्रम की अनुमति नहीं है, क्योंकि सभी तरह की विरोध सभाओं के लिए फ़्रीडम पार्क की जगह तय की गई है.
पुलिस ने कहा, “टाउन हॉल के सामने इस आदेश का उल्लंघन करते हुए इकट्ठा होना माननीय कोर्ट के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा."
"जनता को सलाह दी जाती है कि वे जानबूझकर या अनजाने में फ़ेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस संदेश को आगे साझा या प्रसारित न करें और टाउन हॉल के पास इकट्ठा न हों.”
पुलिस ने कहा, “यह सूचना क़ानून के प्रति जागरूकता फैलाने और जनहित में जारी की गई है.”
दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बरः होर्मुज़ पर क्या है ईरान का दावा?
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
त्विषा शर्मा केसः पति समर्थ सिंह सरेंडर करने पहुंचे जबलपुर ज़िला अदालत
इमेज स्रोत, Photo credit Twisha's family
इमेज कैप्शन, ट्विशा की मौत के बाद से ही समर्थ सिंह फ़रार थे (फ़ाइल फ़ोटो)
अग्रिम ज़मानत की अर्जी वापस लेने के बाद त्विषा शर्मा के अभियुक्त पति समर्थ सिंह के जबलपुर ज़िला कोर्ट में सरेंडर करने की ख़बर है.
उनके वकील सौरभ सुंदर के मुताबिक, "समर्थ सिंह सरेंडर करने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं और इस संबंध में चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन दिया जा रहा है."
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि समर्थ सिंह काला चश्मा पहने हुए हैं और मास्क लगाए हुए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, समर्थ सिंह के एक अन्य वकील जयदीप कौरव ने कहा, "वह (समर्थ सिंह) जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे हैं."
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, त्विषा के पति समर्थन सिंह जबलपुर कोर्ट में
उधर, त्विषा के परिजनों की ओर से वकील अनुराग श्रीवास्तव ने सरेंडर का विरोध किया है.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “कोर्ट ने आज आदेश दिया कि समर्थ सिंह या तो ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करें या फिर जांच अधिकारी के सामने. ट्रायल कोर्ट भोपाल में है. इसके अलावा जांच अधिकारी, एसआईटी मौजूद है और आज सीबीआई इस मामले में शामिल हो गई है."
"देखिए, एक रिटायर्ड जज के बेटे को किस तरह बचाने की कोशिश की जा रही है. उसे ज़िला कोर्ट, जबलपुर में सरेंडर करने का कोई अधिकार नहीं है."
"हमें जानकारी मिली थी कि वह सरेंडर करने आए हैं. ज़िला कोर्ट, जबलपुर के कोर्ट रूम के अंदर समर्थ सिंह अंधेरे में आराम से बैठे थे. वहां सारी लाइटें बंद थीं और उन्होंने मास्क पहन रखा था. जज अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे. वहां तीन क्लर्क मौजूद थे. मैंने उनसे पूछा कि किस अधिकार के तहत उन्हें वहां बैठाया गया है. मेरे सवाल का उनके पास कोई जवाब नहीं था."
वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 'जैसे ही समर्थ सिंह ने उन्हें देखा, वो वहां से भाग गए.'
इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की एक टीम से कराए जाने का आदेश दिया.
परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए याचिका दायर की थी.
इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की थी.
होर्मुज़ स्ट्रेट से 24 घंटों में कितने जहाज़ अनुमति लेकर गुजरे, ईरान ने बताया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिका ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में टोल लागू करता है तो समझौता संभव नहीं होगा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर ने दावा किया है कि उसकी नौसेना के तालमेल से बीते 24 घंटों में तेल टैंकर, कंटेनर जहाज़ और दूसरे वाणिज्यिक पोतों समेत 35 जहाज़ों ने अनुमति बाद होर्मुज़ स्ट्रेट पार किया.
बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़, आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने अपने बयान में कहा, "आईआरजीसी नौसेना ने समुद्री यातायात और वैश्विक व्यापार जारी रखने के लिए सुरक्षित जलमार्ग तैयार किया है.”
कल इस्लामिक रिपब्लिक की ओर से स्थापित पर्शियन गल्फ़ वाटरवे मैनेजमेंट अथॉरिटी ने एक नक्शा जारी कर “होर्मुज़ स्ट्रेट प्रबंधन निगरानी क्षेत्र” की घोषणा की थी.
घोषणा के मुताबिक, यह क्षेत्र स्ट्रेट के पूर्व में ईरान के माउंट मुबारक और यूएई के दक्षिणी फ़ुजैरा को जोड़ने वाली रेखा से लेकर, पश्चिम में ईरान के क़श्म द्वीप के अंतिम छोर और यूएई के उम्म अल क्वैन को जोड़ने वाली रेखा तक तय किया गया है.
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में टोल लागू करता है तो अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक समझौता संभव नहीं रह जाएगा.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि दुनिया में कोई भी इस तरह की व्यवस्था के पक्ष में नहीं है और यह अस्वीकार्य होगा.
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "अगर ईरान इसी रास्ते पर चलता रहा, तो इससे न केवल समझौता मुश्किल हो जाएगा, बल्कि यह एक वैश्विक ख़तरा भी बन जाएगा और यह पूरी तरह से गैर क़ानूनी होगा."
कार्टून : कॉकरोच की ग़लतफ़हमी
इमेज कैप्शन, वाइरल कॉकरोच जनता पार्टी पर आज का कार्टून.
उमर ख़ालिद को नहीं मिली ज़मानत, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच में भेजने का दिया निर्देश, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अभियुक्तों की दलील है कि वे पांच साल से ज़्यादा समय से जेल में हैं, फिर भी ट्रायल शुरू नहीं हुआ है
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा साज़िश मामले में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिकाओं को बड़ी बेंच के पास भेजने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने इसी मामले में दो अभियुक्तों, तस्लीम अहमद और खालिद सैफ़ी को छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी.
यह तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की एक अन्य बेंच ने हाल ही में दिल्ली दंगों की साज़िश मामले में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार करने वाले फ़ैसले पर सवाल उठाए थे.
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने यूएपीए के तहत जमानत से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता के लिए बड़ी बेंच गठित करने की मांग की थी.
बेंच ने दिल्ली दंगों के मुख्य साज़िश मामले में पांच अभियुक्तों को ज़मानत देते समय उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.
विवाद इस बात को लेकर है कि अगर किसी यूएपीए मामले में मुक़दमा निकट भविष्य में पूरा होने की संभावना नहीं है, तो क्या ज़मानत को अधिकार के तौर पर दिया जाना चाहिए.
उमर ख़ालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार करने वाले फ़ैसले में कहा गया था कि मुक़दमे में देरी सिर्फ़ एक कारण हो सकता है और कोर्ट को दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा.
हालांकि, हालिया बेंच के फ़ैसले में कहा गया कि यह व्याख्या ग़लत प्रतीत होती है.
अब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा जाएगा, जो इस मुद्दे पर फ़ैसला लेने के लिए एक बेंच गठित करेंगे.
शहबाज़ शरीफ़ की चीन यात्राः ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा होगी, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने क्या बताया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ चीन के दौरे पर जाएंगे
ट्रंप और पुतिन के बाद अब पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ 23 से 26 मई तक चीन का दौरा करने वाले हैं.
हालांकि फ़ील्ड मार्शल की ईरान
यात्रा की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
बीबीसी उर्दू के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने
साप्ताहिक ब्रीफ़िंग में कहा, "प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की चीन यात्रा के दौरान
ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा हो सकती है."
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और
चीनी नेतृत्व के बीच मध्य पूर्व संघर्ष पर चर्चा होने की उम्मीद है.
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने आगे
कहा कि मध्य पूर्व के मुद्दे पर पाकिस्तान और चीन के बीच पहले से ही विश्वास का
माहौल है.
क्षेत्र में शांति स्थापित करने के
लिए पाकिस्तान के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों
में प्रधानमंत्री शहबाज़ ने क़तर से दो बार बात की है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने क्षेत्र में शांति
स्थापित करने के लिए अन्य विदेश मंत्रियों से भी संपर्क बनाए रखा.
फ़ील्ड मार्शल की ईरान यात्रा के
संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता ने कहा, "फ़ील्ड मार्शल ईरान का दौरा कर रहे हैं या नहीं,
हम इसकी पुष्टि या खंडन नहीं करते हैं."
ग़ौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के
बीच बातचीत को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं हालांकि पाकिस्तान की
मध्यस्थता में इस्लामाबाद में दोनों पक्ष एक वार्ता कर चुके हैं, जो बेनतीजा रही.
त्विषा शर्मा केसः दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से कराने का आदेश, विष्णु तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Twisha's family
इमेज कैप्शन, त्विषा के परिवार का कहना है कि 12 मई की रात मौत से पहले त्विषा लगातार उनके संपर्क में थीं
त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की एक टीम से कराए जाने को मंज़ूरी मिल गई है.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस बारे में आदेश दिया. डॉक्टरों की एक टीम को पोस्टमार्टम के लिए भोपाल भेजा जाएगा.
परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए याचिका दायर की थी.
त्विषा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बीबीसी को बताया कि जल्द से जल्द एम्स दिल्ली के निदेशक एक विशेषज्ञ टीम का गठन करेंगे.
त्विषा शर्मा के परिवार के दूसरे वकील शुभांक दीक्षित ने बीबीसी से कहा, "हमने हाईकोर्ट में कुल 3 एप्लीकेशन लगाई थीं. पहली एप्लीकेशन अभियुक्त पति समर्थ सिंह की अग्रिम ज़मानत की बेल याचिका के ख़िलाफ़ लगाई थी."
"हालांकि आवेदनकर्ता समर्थ सिंह ने खुद ही कोर्ट के सामने सरेंडर करने की बात करते हुए आवेदन वापस ले लिया है."
उन्होंने कहा, "हमारा दूसरा आवेदन त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के लिए था. इस पर माननीय हाईकोर्ट ने हमारी मांग स्वीकार करते हुए एम्स दिल्ली को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द एम्स दिल्ली की टीम को भोपाल भेजकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जाए."
"तीसरा आवेदन आरोपी सास गिरिबाला सिंह की ज़मानत के ख़िलाफ़ था जिस पर हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को कोर्ट के समक्ष 25 तारीख को पेश होने के लिए कहा है."
वीडियो संदेश साझा करते हुए कमल हासन ने लिखा, “भारत ने पहले भी जंग, कमी और वैश्विक संकटों का सामना एकता और साझा त्याग के ज़रिए किया है. यह समय फिर उसी राष्ट्रीय भावना की मांग करता है.”
उन्होंने कहा कि संकट का बोझ सिर्फ़ लोगों पर नहीं डाला जाना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री से सभी मुख्यमंत्रियों की राष्ट्रीय बैठक बुलाने की मांग की ताकि केंद्र और राज्य मिलकर आम लोगों को राहत दे सकें.
उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले वैट में कमी करने और ट्रेन, मेट्रो और बस किरायों में राहत देने की मांग की.
कमल हासन ने कहा, "पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े संघर्ष का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है. कई देशों ने पहले ही ऊर्जा बचत के नियम लागू कर दिए हैं और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने भी लोगों को कठिन समय के लिए तैयार रहने को कहा है."
उन्होंने कहा, “हम एक बड़ा देश हैं और प्रधानमंत्री ने भी अगले एक साल तक ऊर्जा बचाने की अपील की है. ऐसे समय में राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए.”
कमल हासन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी का ज़िक्र करते हुए कहा, “सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन देश बना रहेगा.”
एयर फ़्रांस और एयरबस को 228 लोगों की ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया, सोफ़िया फ़ेरीरा सैंटोस
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, एयर फ़्रांस के जिस विमान की दुर्घटना हुई थी वो एयरबस का विमान था
एयर फ़्रांस और एयरबस को 2009 में
हुए विमान हादसे में ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया गया है. इस हादसे में 228
लोगों की मौत हुई थी.
पेरिस की अदालत ने एयरलाइन और विमान
निर्माता कंपनी को इस हादसे के लिए "अकेले और पूरी तरह ज़िम्मेदार"
ठहराया.
यह हादसा उस समय हुआ था, जब
ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो से पेरिस जा रही फ़्लाइट एएफ़447 अटलांटिक महासागर
में गिर गई थी.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, विमान अटलांटिक महासागर में गिरा था
तूफ़ान के दौरान यात्री विमान का संतुलन बिगड़ गया था और वह समुद्र में जा गिरा. इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी.
विमान में 12 क्रू सदस्य और 216 यात्री सवार थे. इसे फ़्रांस के विमानन इतिहास का सबसे बड़ा हादसा माना जाता है.
अप्रैल 2023 में एक अदालत ने दोनों कंपनियों को आरोपों से बरी कर दिया था, लेकिन आठ हफ़्ते चली सुनवाई के बाद गुरुवार को उन्हें दोषी ठहराया गया.
दोनों कंपनियां लगातार आरोपों से इनकार करती रही हैं और उन्होंने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगी.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह
आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर
लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
धार: भोजशाला पर हाई कोर्ट के फ़ैसले के बाद पहले जुमे को कैसा है माहौल, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता धार से
इमेज कैप्शन, धार ज़िले में सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच की ओर से 15 मई को भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानने के फ़ैसले के बाद आज पहले जुमे यानी शुक्रवार के दिन भोजशाला में लगभग दो हज़ार पुलिस बल तैनात किए गए हैं.
मध्य प्रदेश के धार ज़िले में सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
एक ओर हिंदू संगठनों की ओर से भोजशाला परिसर में विशेष प्रतिमा स्थापित की गई है. इसके दर्शन और पूजन के लिए सुबह से लोग पहुंचने लगे.
वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष के नेताओं ने हाई कोर्ट के आदेश पर दुख जताया है और साथ ही शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.
भोजशाला मामले में हिंदू पक्ष की ओर से एक याचिका डालने वाले कुलदीप तिवारी ने बीबीसी से कहा, "हम लोग बहुत ख़ुश हैं. बहुत लंबे संघर्ष के बाद हमें यह जीत मिली है. हम लोग बड़ा कार्यक्रम करना चाहते थे लेकिन प्रशासन से बातचीत के बाद और शांति बनाए रखने के हमारे प्रयासों के तहत बड़ी रैली आदि अभी हम नहीं निकालेंगे. लेकिन हम लोग बहुत ख़ुश हैं."
भोजशाला परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर में दोपहर की पूजा के लिए हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा होने लगे.
इस दौरान पुलिस ने लोगों को ज्योति मंदिर क्षेत्र से हटाया, जिसको लेकर प्रशासन और कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई. बाद में प्रशासन ने लोगों से मंदिर से कुछ दूरी पर इकट्ठा होने को कहा.
दूसरी तरफ़ हाई कोर्ट के फैसले से असहमत मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है.
धार के सदर अब्दुल समद ने फ़ैसले को
एकतरफ़ा बताते हुए विशेष अनुमति याचिका यानी स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की है.
सदर अब्दुल समद ने बीबीसी कहा,
"कमाल मौला मस्जिद में क़रीब 700 साल
से जुमे की नमाज़ अदा होती रही है. यह पहला जुम्मा है जब हम यहां नमाज़ नहीं अदा
कर पाएंगे. इस परंपरा के प्रभावित होने से समाज में दुख है, लेकिन आगे की लड़ाई संवैधानिक और क़ानूनी दायरे में लड़ी जाएगी."
शहर काजी वकार सादिक ने कहा,
"अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्थगन
आदेश मिलता है, तो मुस्लिम समाज पहले की तरह नमाज़
अदा करेगा."
उन्होंने लोगों से प्रशासन की
गाइडलाइन का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की.
धार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर
प्रशासन अलर्ट पर है. पुलिस के क़रीब दो हजार अधिकारी और जवान शहर में तैनात किए
गए हैं.
इनमें रैपिड एक्शन फ़ोर्स, पैरामिलिट्री फ़ोर्स, स्पेशल टास्क फ़ोर्स और घुड़सवार पुलिस समेत आठ विशेष सुरक्षा
कंपनियां भी लगाई गई हैं.
धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा,
"पुलिस बल तो लगाया ही गया है,
साथ ही हम लोग हर वर्ग से बातचीत कर रहे हैं. सभी
ने समन्वय और शांति बनाए रखने का वादा किया है. कुछ तत्वों ने बीते दो दिनों में
हाई कोर्ट के ऑर्डर का ग़लत इंटरप्रेटेशन निकालकर कुछ संदेश वायरल किए थे. उनसे भी
बात करके हमने शांति बनाए रखने की अपील की है. फ़िलहाल सब कुछ कंट्रोल में
है."
इमेज कैप्शन, धार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है
इमेज कैप्शन, हिंदू संगठनों की ओर से भोजशाला परिसर में विशेष प्रतिमा स्थापित की गई है
इमेज कैप्शन, पुलिस के क़रीब दो हजार अधिकारी और जवान शहर में तैनात किए गए हैं
इमेज कैप्शन, रैपिड एक्शन फ़ोर्स, पैरामिलिट्री फ़ोर्स, स्पेशल टास्क फ़ोर्स और घुड़सवार पुलिस समेत आठ विशेष सुरक्षा कंपनियां भी लगाई गई हैं
इमेज कैप्शन, भोजशाला परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर में दोपहर की पूजा के लिए हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा होने लगे
इमेज कैप्शन, प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है
ईरानी विदेश मंत्री अराग़ची और पाकिस्तानी गृह मंत्री नक़वी की दो दिन में दूसरी मुलाक़ात
इमेज स्रोत, Iranian Foreign Ministry / Handout/Anadolu via Getty Images
इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नक़वी बुधवार को तेहरान पहुंचे थे
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़,
ईरान की राजधानी तेहरान स्थित पाकिस्तानी दूतावास
ने बताया कि पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने पिछले दो दिनों में दूसरी बार
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से मुलाक़ात की है.
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि यह
बैठक ईरान और अमेरिका के बीच समझौते और "विवाद को सुलझाने के प्रस्तावों पर
चर्चा करने" के लिए थी.
पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नक़वी
बुधवार को तेहरान पहुंचे थे. उन्होंने ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाक़ात
की है.
ईरान ने घोषणा की है कि वह युद्ध
समाप्त करने के लिए अमेरिका के नए प्रस्तावों पर विचार कर रहा है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़,
ऐसी संभावना है कि पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल
जनरल आसिम मुनीर भी ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने में मदद करने के लिए
तेहरान की यात्रा करेंगे.
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बारे में भारत ने क्या बताया
इमेज स्रोत, Kayla Bartkowski/Getty Images
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के एजेंडे के बारे में भी बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान
जारी कर अगले हफ़्ते नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की होने वाली
बैठक के बारे में जानकारी दी है.
बयान में कहा गया, "विदेश मंत्री एस जयशंकर के न्यौते पर ऑस्ट्रेलिया
की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के
विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 26 मई
2026 को होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए
नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे."
विदेश मंत्रालय ने इस बैठक के एजेंडे
के बारे में भी जानकारी दी है.
मंत्रालय ने कहा, "क्वाड की फ़्री और ओपन इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र की
साझा सोच के तहत मंत्री 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन में हुई चर्चा को आगे
बढ़ाएंगे."
"वे क्वाड देशों के बीच सहयोग को
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर विचार साझा करेंगे, क्वाड की जारी पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे
और इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों और साझा चिंताओं से जुड़े दूसरे
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे."
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया है कि
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश
मंत्रियों की भारतीय विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी होने की उम्मीद है.
इसके अलावा मेहमान मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाक़ात कर सकते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के किस बयान पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसी हफ़्ते भारत दौरे पर आने वाले हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ने गुरुवार को कहा कि अगले हफ़्ते वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी
रॉड्रिगेज़ भारत की यात्रा पर आएंगी.
उनके इस बयान पर कांग्रेस महासचिव
जयराम रमेश ने सवाल उठाया है.
उन्होंने कहा, "10 मई, 2025 की
शाम 5:37 बजे, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की घोषणा करने वाले पहले व्यक्ति थे. कल उन्होंने सबसे
पहले घोषणा की कि वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति भारत दौरे पर आएंगी. यह भारत और
वेनेज़ुएला की ओर से इस ख़बर का कोई संकेत या पुष्टि होने से भी पहले हुआ."
कांग्रेस महासचिव ने कहा,
"बाद में पता चला कि वेनेज़ुएला की
राष्ट्रपति अगले हफ़्ते नई दिल्ली में होने जा रहे इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के
उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने वाली थीं. हालांकि, अफ़्रीका में इबोला वायरस फैलने के कारण इस कार्यक्रम को फ़िलहाल टाल
दिया गया है."
जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि 'अमेरिकी विदेश मंत्री को भारत की विदेश नीति के
बारे में और क्या पता है?'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
इसी हफ़्ते भारत दौरे पर आने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने भारत को अमेरिका का 'एक अहम सहयोगी और साझेदार' बताया है.
उन्होंने कहा कि भारत के साथ 'कई मुद्दों पर काम किया जाना है'.
मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'अमेरिका के लिए ख़तरा' बताया, क्यूबा ने दिया ये जवाब, सोफ़िया फ़ेरीरा सैंटोस
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, रुबियो ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता "कूटनीतिक समाधान" है
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ने क्यूबा को अमेरिका की "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा" बताया है.
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण समझौते की संभावना
"ज़्यादा नहीं" है.
उनकी यह टिप्पणी उस फ़ैसले के एक दिन
बाद आई है, जिसमें अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व
राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को गिराने और अमेरिकी नागरिकों
की मौत के मामले में हत्या का मुक़दमा चलाया है.
रुबियो ने कहा कि अमेरिका की
प्राथमिकता "कूटनीतिक समाधान" है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अपने
देश को किसी भी ख़तरे से बचाने का अधिकार है.
वहीं, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज़ ने रुबियो पर
"झूठ" बोलने का आरोप लगाया और कहा कि क्यूबा ने कभी भी अमेरिका के लिए
ख़तरा पैदा नहीं किया.
क्यूबा के विदेश मंत्री ने रुबियो पर
"सैन्य आक्रमण भड़काने" की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी
सरकार उनके देश पर "निर्दयता और व्यवस्थित तरीके़" से हमला कर रही है.
बकरीद के लिए दिल्ली सरकार की गाइडलाइन, इन जानवरों की कुर्बानी पर होगी कार्रवाई
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कपिल मिश्रा ने कहा कि गाइडलाइन्स का पालन नहीं करने वालों पर आपराधिक मुक़दमा दर्ज किया जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय ने बकरीद
को लेकर गाइडलाइन्स जारी की हैं. यह जानकारी दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा
ने दी.
उन्होंने बताया, "बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह ग़ैर-क़ानूनी
है. ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुक़दमा दर्ज किया जाएगा."
उन्होंने यह भी कहा, "सार्वजनिक स्थलों, गली, सड़कों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं है. ऐसा करने वालों पर भी क़ानूनी
कार्रवाई की जाएगी."
कपिल मिश्रा ने बताया, "कुर्बानी के बाद सीवर, नाली या सार्वजनिक स्थलों पर वेस्ट डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
कुर्बानी सिर्फ़ वैध स्थलों पर ही की जा सकती है."
बकरीद यानी ईद-उल-अज़हा का त्यौहार
28 मई को मनाया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'चार घंटे से ज़्यादा चली' कैबिनेट बैठक के बारे में क्या कहा
इमेज स्रोत, Antonio Masiello/Getty Images
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक 'उपयोगी' रही (फ़ाइल फ़ोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल
मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक पर प्रतिक्रिया दी
है.
उन्होंने एक्स पर लिखा,
"कल मंत्रिपरिषद की बैठक उपयोगी
रही. हमने 'ईज़ ऑफ़ लिविंग', 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने और 'विकसित
भारत' के साझा सपने को साकार करने के लिए
सुधारों को आगे बढ़ाने से जुड़े विचारों और बेहतर तरीक़ों पर चर्चा की."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़,
यह बैठक 'चार घंटे
से ज़्यादा' चली और इसमें सभी कैबिनेट मंत्री,
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री
शामिल हुए.
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा
है कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रिपरिषद से कहा कि भारत को पूरी तरह
विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 2047 को लक्ष्य वर्ष मानकर काम किया जाए.
इमेज स्रोत, X/@narendramodi
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने यह तस्वीर साझा की है
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि उनका मक़सद हमेशा लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाना और "ईज़ ऑफ़ लिविंग" सुनिश्चित करना होना चाहिए.
इसके अलावा सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की ज़िंदगी में किसी भी तरह का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए."
पीटीआई के मुताबिक़, बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपना प्रेज़ेंटेशन भी दिया.
चीन के बाद अब रूस ने भी क्यूबा पर अमेरिका के इस फ़ैसले की आलोचना की
इमेज स्रोत, Alexander KAZAKOV / POOL / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, चीन ने कहा कि वह क्यूबा के साथ 'मजबूती से खड़ा' है (फ़ाइल फ़ोटो)
चीन के बाद अब रूस ने भी क्यूबा के
पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर हत्या का मुक़दमा चलाने के अमेरिकी फ़ैसले की
आलोचना की है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री
पेस्कोव ने गुरुवार को रूसी सरकारी मीडिया से कहा कि रूस के लंबे समय से सहयोगी
रहे क्यूबा के ख़िलाफ़ अमेरिका का दबाव अभियान, जिसमें कास्त्रो पर मुक़दमा भी शामिल है, "स्वीकार्य नहीं है."
उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि किसी भी हालत में ऐसे तरीक़ों का
इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जो हिंसा
की सीमा तक पहुंचते हों, चाहे
मामला किसी पूर्व या मौजूदा राष्ट्र प्रमुख का ही क्यों न हो."
इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा था कि अमेरिका को "हर बात पर बल प्रयोग की धमकी
देना बंद करना चाहिए". उन्होंने कहा था कि चीन "क्यूबा के समर्थन में
मज़बूती से खड़ा है."
अमेरिका ने कास्त्रो पर 1996 में दो
विमानों को गिराने की घटना को लेकर आरोप लगाए हैं. इस घटना में चार लोगों की मौत
हुई थी और इससे वॉशिंगटन और कैरेबियाई द्वीप क्यूबा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया
था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
लगातार क्यूबा पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं और उन्होंने वहां की
कम्युनिस्ट सरकार को हटाने की बात भी खुलकर कही है.
अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध
लगाए हैं और वहां तेल आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगा दी है. इससे देश में ईंधन संकट
और गहरा गया है और बिजली कटौती और खाद्य पदार्थों की कमी जैसी समस्याएं बढ़ी हैं.