मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमय मौत, जांच जारी

मुंबई के पायधुनी में रहने वाला परिवार
इमेज कैप्शन, मुंबई के पायधुनी में रहने वाले एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई है
    • Author, दीपाली जगताप
    • पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 4 मिनट

मुंबई के पायधुनी में रहने वाले एक परिवार के चार लोगों की एक ही रात में कुछ घंटों के अंतराल में डायरिया और उल्टी के कारण मौत हो गई.

25 अप्रैल को पूरे परिवार ने डिनर के बाद देर रात तरबूज़ खाया था और स्थानीय डॉक्टरों ने आशंका ज़ाहिर की है कि उनकी मृत्यु के पीछे फ़ूड प्वाइज़निंग कारण हो सकती है.

हालांकि ऑटोप्सी रिपोर्ट अभी नहीं आई है. इसलिए मृत्यु का सटीक कारण अभी साफ़ नहीं है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और खाने और तरबूज़ के सैंपल लिए गए हैं.

पुलिस ने बताया कि परिवार ने कुछ रिश्तेदारों के साथ रात डिनर किया था.

पुलिस का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि जब रिश्तेदार चले गए तो परिवार ने देर रात तरबूज़ खाया था. लेकिन अभी तक स्पष्ट नहीं है कि आख़िरकार मृत्यु का कारण क्या है.

अगले दिन क्या हुआ?

डाॅ. ज़ैद कुरेशी
इमेज कैप्शन, डॉ. क़ुरैशी उसी बिल्डिंग में रहते हैं और उन्होंने परिवार की मदद करने की कोशिश की थी

यह परिवार पायधुनी इलाक़े के ओल्ड मुग़ल बिल्डिंग में फ़र्स्ट फ़्लोर पर रहता था.

इस परिवार में कुल चार लोग थे- अब्दुल्लाह डोकाडिया (उम्र 40 साल), उनकी पत्नी नसरीन डोकाडिया (उम्र 35 साल) दो बेटियां थीं, जिनकी उम्र 16 और 13 साल थी.

इनमें तीन लोगों की मौत जेजे अस्पताल में इलाज के दौरान हुई.

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समाप्त

स्थानीय डॉक्टर ज़ैद क़ुरैशी ने बताया कि छोटी बेटी की मौत घर से पास के अस्पताल में ले जाते हुए हुई.

पुलिस ने बताया कि रिश्तेदारों समेत परिवार ने 25 अप्रैल को साथ डिनर किया और जब रिश्तेदार चले गए तो उन्होंने रात क़रीब 1.30 बजे तरबूज़ खाया था.

इसके बाद अगली सुबह पूरे परिवार को डायरिया और उल्टियां होने लगीं. इस दौरान बिल्डिंग में मौजूद पड़ोसियों ने मदद करने की कोशिश की.

डॉ. ज़ैद क़ुरैशी इसी बिल्डिंग के चौथे फ़्लोर पर रहते हैं. उन्होंने तुरंत उनकी जांच की.

डॉ. क़ुरैशी ने बीबीसी को बताया कि जब वो वहां पहुंचे तो कमरे में चारों लोगों की हालत काफ़ी गंभीर थी.

उन्होंने कहा, "उस समय तक, मैंने ध्यान दिया कि सबसे छोटी बेटी को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी. मैंने तुरंत उसे सीपीआर दिया. लेकिन जब हालात ठीक नहीं हुए, तो मैं उसे पास के अस्पताल ले गया. उस समय तक उसकी मृत्यु हो गई थी."

डॉ. क़ुरैशी ने बताया, "अन्य तीन को बाद में स्थानीय अस्पताल से जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां उनका कुछ घंटे तक इलाज चला. बाद में उनकी मृत्यु हो गई."

उन्होंने कहा कि अभी तक ऑटोप्सी रिपोर्ट नहीं आई है और रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या ये मौतें प्वाइज़निंग की वजह से हुईं और इसका सटीक कारण क्या था.

इस बीच, स्थानीय एआईएमआईएम नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने मामले की जांच की मांग की है.

उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि राज्य सरकार और पुलिस कमिश्नर को इस मामले का संज्ञान लेकर इसकी जांच करनी चाहिए.

पुलिस ने क्या बताया?

जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन
इमेज कैप्शन, जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन

जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का एक मामला दर्ज कराया गया है.

डिप्टी पुलिस कमिश्नर प्रवीन मुंडे ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "परिवार के चारों सदस्यों की मौत हो गई. उहोंने 25 अप्रैल की रात रिश्तेदारों के साथ डिनर किया था."

उनके अनुसार, "देर रात तरबूज़ खाने के बाद सुबह उन्हें उल्टियां होने लगीं और डायरिया हो गया. उन्हें पड़ोस के अस्पताल में ले जाया गया. वहां से जेजे हॉस्पिटल शिफ़्ट किया गया. लेकिन दुर्भाग्य से चारों की मौत हो गई."

पुलिस ने बताया है, "शवों का पोस्टमार्टम किया गया है. परिवार ने जो खाना खाया था, उसका सैंपल लिया है. तरबूज़ का भी सैंपल लिया गया है. शरीर से भी सैंपल लिए गए हैं. इस मामले में जांच की जा रही है."

एआईएमआईएम के स्थानीय पूर्व विधायक वारिस पठान ने एक्स पर लिखा, "मुझे ऐसे कई फ़ोन आए, जिसमें लोग हैरानी जता रहे थे कि इस तरह किसी की कैसे मौत हो सकती है? हम अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं. राज्य सरकार और पुलिस कमिश्नर को इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि असल में क्या हुआ इसका पता चल सके. क्या कारण था कि पूरे परिवार की मौत हो गई. यह तरबूज़ खाने से हुई या इसके पीछे कोई और कारण था, इस बारे में एक जांच होनी चाहिए. सरकार को यह जानकारी जारी करनी चाहिए ताकि लोग ध्यान रख सकें."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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