क्या शेर वाक़ई घास खाता है, वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

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- Author, अपूर्व अमीन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
'भूखा शेर भी घास नहीं खाता', आपने यह कहावत ज़रूर सुनी होगी. लेकिन जूनागढ़ के सक्करबाग़ चिड़ियाघर में शेर और बाघ के घास खाते हुए वायरल वीडियो देखकर लोग हैरान रह गए.
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटनाएं सामने आई हों. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, 2019 में एशियाई शेर के घास खाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
क्या शेर सचमुच घास खाते हैं? या यह महज़ संयोग है? या फिर फेक न्यूज़ है? बहुत से लोगों को इस पर शक होता है. लेकिन असलियत कुछ और है.
शेर और बाघ समेत ज़्यादातर बिल्ली प्रजाति के जानवर कभी-कभी घास खाते हैं.
मांसाहारी माने जाने वाले शेर और बाघ घास क्यों खाते हैं? इसके पीछे वैज्ञानिक वजहें क्या हैं?
आइए, इस लेख में जानते हैं कि वन्यजीव विशेषज्ञ इस बारे में क्या कहते हैं.
शेर के घास खाने का वीडियो

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सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जंगल के राजा कहे जाने वाले शेर के साथ-साथ एक बाघ को भी घास खाते हुए दिखाया गया.
आमतौर पर जब कोई चिड़ियाघर या जंगल में शेर को घास खाते देखता है, तो उसे लगता है कि शायद उसे पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा और इसलिए वह घास खाने पर मजबूर है.
लेकिन वन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक़, यह धारणा पूरी तरह ग़लत है. जानवरों का घास खाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है.
जूनागढ़ के सक्करबाग़ चिड़ियाघर के निदेशक राजदीप सिंह झाला ने बताया कि शेर, बाघ, तेंदुए और बिल्लियां 'ऑब्लिगेट कार्निवोर' यानी पूर्ण मांसाहारी होते हैं और उनका पूरा आनुवंशिक ढांचा मांसाहारी होता है.
झाला कहते हैं, "वे शाकाहारी नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी घास खा लेते हैं. जिस तरह इंसान पाचन सुधारने के लिए इसबगोल और चिया सीड्स जैसे फ़ाइबर लेते हैं, उसी तरह घास शेर और बाघ के लिए फ़ाइबर का काम करती है. घास में फ़ाइबर होता है. वे रोज़ घास नहीं खाते, लेकिन कभी-कभी, खासकर बारिश के मौसम में, खा लेते हैं."
इससे उनकी आंतों की गतिविधि बढ़ती है और पाचन आसान हो जाता है. कभी-कभी गले में जलन या पेट ख़राब होने पर वे घास खाते हैं और अतिरिक्त अधपचा भोजन उल्टी के ज़रिए बाहर निकाल देते हैं. शेर और अन्य मांसाहारी जानवर कभी-कभी घास खाते हैं, लेकिन वे इसे भोजन या पोषण के लिए नहीं खाते.
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

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भक्त कवि नरसिंह मेहता विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर वाइल्डलाइफ़ एंड कंज़र्वेशन स्टडीज़ के निदेशक निशित धरैया ने बीबीसी से कहा कि मांसाहारी जानवरों के शरीर में मांस की मात्रा अधिक होती है, इसलिए उनके भोजन में फ़ाइबर कम होता है.
उन्होंने बताया, "इसलिए जब शरीर में फ़ाइबर की कमी होती है, तो जानवर कभी-कभी घास जैसी चीज़ें खा लेते हैं."
"शेर और बाघ जैसे सभी मांसाहारी जानवर फ़ाइबर के लिए घास खाते हैं. ख़ासकर इस दौरान शेर अधिक घास खाते हैं, क्योंकि उनके शरीर को ज़्यादा फ़ाइबर की ज़रूरत होती है. इससे उनकी पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं."
"कभी-कभी शेर बहुत ज़्यादा घास खा लेते हैं और फिर उल्टी कर देते हैं."

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वन्यजीव व्यवहार का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ विवेक अवस्थी ने बीबीसी से कहा कि बाघ, शेर और बिल्ली जैसे सभी मांसाहारी जानवर घास खा सकते हैं.
उन्होंने कहा, "घास खाने के कारण उन्हें मितली महसूस होती है और वे उल्टी कर देते हैं. इसलिए शेर और बाघ आमतौर पर तभी घास खाते हैं जब उन्हें पेट दर्द या पाचन संबंधी समस्या होती है. इससे उनके पेट का सारा कचरा बाहर निकल जाता है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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