ईरान की सरकार की प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका से संभावित बातचीत के दौरान ईरान का "हाथ ट्रिगर पर होगा." उन्होंने कहा है कि देश के रक्षा बल "पूरी तरह से तैयार" हैं.
उन्होंने यह बयान देश की सरकार न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए को दिया है.
सरकार की प्रवक्ता फ़ातिमा मोहजेरानी ने साफ़ तौर पर इस बात की पुष्टि या खंडन नहीं किया कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के अगले दौर में ईरान हिस्सा लेगा या नहीं.
मोहजेरानी ने कहा, "हमारे सामने दो रणनीतियाँ हैं. पहली युद्ध की रणनीति और दूसरी कूटनीति की रणनीति."
उन्होंने कहा कि ईरान की बातचीत करने वाली टीम "राष्ट्रीय हितों के मामले में थोड़ा सा भी समझौता नहीं करेगी."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास बातचीत के लिए टीम भेजने के अलावा कोई चारा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा है कि बातचीत सफल नहीं हुई तो बमबारी हो सकती है.
सीएनबीसी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने उम्मीद जताई, "मुझे लगता है कि हमारे बीच बहुत अच्छी डील होगी."
उन्होंने कहा कि अमेरिका की बातचीत के लिए अच्छी स्थिति में है.
इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि क्या सीज़फ़ायर बढ़ाया जाएगा तो ट्रंप ने कहा, "मैं ऐसा नहीं करना चाहता. हमारे पास इतना समय नहीं है." उन्होंने कहा कि ईरान के पास "वही रास्ता है" और उन्हें "बातचीत करनी होगी."
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त हो रहा है. दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान में तैयारियाँ की गई हैं, लेकिन ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है.
ईरानी कमांडर ने कहा, 'वादा तोड़ने की हर घटना का आर्म्ड फ़ोर्स करारा जवाब देगी'
ईरान में युद्ध के प्रबंधन का ज़िम्मा संभालने वाले ख़ातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि सशस्त्र बल किसी भी "वादे के उल्लंघन" का "कठोरतापूर्वक" जवाब देंगे.
इस मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाहीने डोनाल्ड ट्रंप को "झूठा और भ्रमित" बताया.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ उन्होंने कहा, "ईरान के श्रेष्ठ सशस्त्र बल जिनके पास इस युद्ध में वर्चस्व है, वे अमेरिकी राष्ट्रपति को ख़ासकर होर्मुज़ स्ट्रेट के प्रबंधन और नियंत्रण में ज़मीनी स्थिति का दुरुपयोग नहीं करने देंगे. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति को झूठी और भ्रामक बातें गढ़ने की अनुमति नहीं देंगे."
अली अब्दुल्लाही ने कहा है, "ट्रंप की ओर से वादे के किसी भी उल्लंघन का ईरानी सशस्त्र बल उचित जवाब देंगे."
डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान, अमेरिका के ''उचित और तर्कसंगत'' प्रस्तावों को स्वीकार कर समझौता नहीं करता है तो उसके सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर देंगे.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला है.
इस बीच पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच नए दौर की बातचीत की तैयारियाँ की गई हैं, लेकिन ईरान ने अभी तक इस वार्ता में भाग लेने के अपने फ़ैसले की घोषणा नहीं की है.