लाइव, अंतरिक्ष में पहुंचा भारत का ईओएस-05 सैटेलाइट, जानिए क्या है ख़ास

जीएसएलवी-एफ17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की 19वीं उड़ान है.

सारांश

  • जीएसएलवी-एफ17 का मिशन सफलतापूर्वक पूरा- ईओएस-05 को निर्धारित कक्षा में किया स्थापित
  • नेपाल-तिब्बत बॉर्डर: बाढ़ में मरने वालों की संख्या 939 पहुंची
  • ईरान: शादी समारोह में अमेरिकी हमले पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दिया बयान

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अंतरिक्ष में पहुंचा भारत का ईओएस-05 सैटेलाइट, जानिए क्या है ख़ास

    ईओएस-05

    इमेज स्रोत, @isro

    इमेज कैप्शन, ईओएस-05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन (अर्थ ऑब्ज़र्वेशन) सैटेलाइट है

    जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट ने ईओएस-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उसकी तय कक्षा में पहुंचा दिया है.

    यह जीएसएलवी की 19वीं उड़ान थी. इसरो के मुताबिक़, इस मिशन में 4 मीटर व्यास वाले कंपोजिट पेलोड फेयरिंग का इस्तेमाल किया गया.

    ईओएस-05 एक अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है. यानी इसका काम अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें लेना और उसकी निगरानी करना है.

    इस मिशन की सबसे खास बात यह है कि ईओएस-05 भारत का पहला ऐसा इमेजिंग सैटेलाइट है, जो जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से तस्वीरें लेगा.

    आसान भाषा में कहें तो यह सैटेलाइट पृथ्वी से हज़ारों किलोमीटर की ऊंचाई पर ऐसी कक्षा में रहेगा, जहां से यह एक बड़े इलाके पर लगातार नजर रख सकता है.

    आम तौर पर कम ऊंचाई वाली कक्षाओं में घूमने वाले सैटेलाइट किसी इलाके के ऊपर से गुजरते समय तस्वीर लेते हैं. ईओएस-05 की कक्षा उसे किसी इलाके को ज्यादा लगातार देखने की क्षमता देती है.

    इसमें अलग-अलग तरह के सेंसर हैं, जो विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें लेने में मदद करेंगे.

    भारत के पास पहले से कई अर्थ-ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट हैं. लेकिन ईओएस-05 की खासियत यह है कि इसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग के लिए बनाया गया है. यही इसे महत्वपूर्ण बनाता है.

    कम ऊंचाई पर घूमने वाले सैटेलाइट किसी जगह की तस्वीर लेने के बाद आगे निकल जाते हैं और कुछ समय बाद फिर उसी इलाके के ऊपर आते हैं.

    जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट एक बड़े इलाके को लगातार देख सकता है. इससे मौसम, प्राकृतिक आपदाओं और बड़े स्तर पर होने वाले बदलावों की निगरानी में मदद मिल सकती है.

    इस लॉन्चिंग के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, "यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग करने वाला भारत का पहला सैटेलाइट है. यह विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में उन्नत इमेजिंग की सुविधा देगा."

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