लाइव, नेपाल की बाढ़ में अब तक 27 देशों के 403 लोग लापता
ऐसा माना जा रहा है कि जिन विदेशियों से संपर्क नहीं हो पाया है, वे 26 अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें भारत से 133, अमेरिका से 47 और ब्रिटेन से 33 लोग शामिल हैं.
इमेज कैप्शन, बाढ़ में 400 से अधिक पर्यटक लापता हैं
नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी नई जानकारी के मुताबिक़ बुधवार सुबह आई बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 403 हो गई है.
बताया जा रहा है कि इनमें से 62 नेपाली और 341 विदेशी नागरिक हैं. इनमें 200 महिलाएं और 203 पुरुष शामिल हैं.
ऐसा माना जा रहा है कि जिन विदेशियों से संपर्क नहीं हो पाया है, वे 26 अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें भारत से 133, अमेरिका से 47 और ब्रिटेन से 33 लोग शामिल हैं.
बोर्ड ने टूर ऑपरेटरों का हवाला देते हुए कहा कि उनमें से अधिकांश मानसरोवर जा रहे यात्री थे.
नेपाल में बाढ़ : तबाही कितनी भीषण?| 26 अगस्त, 2026 | दिनभर (बीबीसी हिन्दी)
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नेपाली सेना ने बाढ़ से 114 लोगों को बचाया, 15 हेलीकॉप्टर तैनात
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इमेज कैप्शन, राहत और बचाव कार्यों में जुटी नेपाली सेना
नेपाल की सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक बाढ़ में बचे 114 लोगों को बचाया जा चुका है. सैनिक मैलुंग गांव से 115 और लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने बीबीसी को बताया कि खोज और बचाव अभियान के लिए 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं.
नेपाल के गृह मंत्रालय ने बताया कि तिमुरे, स्याफ़्रुबेसी और बेत्रावती में जान-माल के भारी नुकसान की ख़बर है.
मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ से त्रिशूली जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचा है और अलग-अलग जगहों पर पुल बह गए हैं.
नेपाल: बचावकर्मी बचे लोगों की तलाश में जुटे, आपदा का स्तर 'कल्पना से परे', फणींद्र दाहाल, बीबीसी नेपाली
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इमेज कैप्शन, नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है.
यह 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में आई सबसे विनाशकारी आपदा है. उस भूकंप में करीब 9,000 लोगों की जान गई थी.
नेपाल-चीन सीमा से लगे कई निचले जिलों पर इसका असर पड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का स्पष्ट अनुमान सामने नहीं आया है.
भोटेकोशी नदी के किनारे स्थित रसुवा और नुवाकोट जिलों की कई बस्तियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं.
इन इलाकों में आबादी कम है, लेकिन यहां की सड़कें नेपाल-चीन व्यापार के लिए अहम संपर्क मार्ग हैं.
इलाके में मौजूद हाइड्रोपावर परियोजनाओं, हाईवे और पुलों समेत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए हैं.
स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि मरने वालों की संख्या कम से कम 31 है. एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि नुकसान का स्तर "कल्पना से परे" है.
तिब्बत में स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों समेत हजारों पर्यटक इस इलाके से होकर गुजरते हैं.
हर साल स्थानीय हिंदू त्योहार ‘जनै पूर्णिमा’ के दौरान सैकड़ों नेपाली श्रद्धालु पूजा के लिए इस क्षेत्र के एक राष्ट्रीय उद्यान में स्थित गोसाईंकुंड जाते हैं.
जैसे-जैसे शाम ढल रही है, अधिकारियों के लिए खोज और बचाव अभियान चलाना मुश्किल होता जा रहा है.
पिछले साल इसी इलाके में आई अचानक बाढ़ में 18 लोगों की मौत हुई थी.
कार्टून: दो फ़ीट जिम्मेदारी
इमेज कैप्शन, दिल्ली एनसीआर में बारिश के बाद जलभराव पर आज का कार्टून
नेपाल में कैसे आई भयंकर बाढ़, एक्सपर्ट ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, नेपाल में बाढ़ का कारण 'ग्लेशियर में भूस्खलन' को बताया जा रहा है
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ तिब्बत में एक 'ग्लेशियर में भूस्खलन' के कारण आई है.
बीबीसी नेपाली के मुताबिक अथॉरिटी ने कहा है कि सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर किए गए प्रारंभिक अध्ययन से पता चला है कि बाढ़ नेपाल-चीन रसुवागढ़ी सीमा चौकी से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में शुरू हुई थी.
अधिकारियों ने बताया, "नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन के कारण लेंडे नदी में कीचड़ भर गया है और बाढ़ का पानी तिमुरे के रास्ते त्रिशूली नदी में प्रवेश कर गया."
पिछले साल आई भीषण बाढ़ ने तिब्बत की सीमा से लगे क्षेत्र में स्थित लेंडे नदी को व्यापक नुकसान पहुंचाया था.
इसी बीच, इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) के विशेषज्ञों ने भी आशंका जताई है कि भीषण बाढ़ हिमस्खलन के कारण आई हो सकती है.
आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ शश्वत सान्याल ने नेपाल की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी को बताया, "यह मुमकिन है कि हिमस्खलन के कारण नदी अवरुद्ध हो गई हो, जिससे अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा हो."
आईसीआईएमओडी में जलवायु और पर्यावरणीय जोखिम के प्रमुख ज़ियांगोंग झांग ने बताया कि पिछले साल रसुवा में बाढ़ से तबाह हुआ वही क्षेत्र अब फिर से ख़तरे में है.
उन्होंने आरएसएस को बताया, "आज आई बाढ़ हिमस्खलन के कारण हुई थी, लेकिन इसकी पुष्टि अभी बाकी है. नेपाल-चीन सीमा पर नदी के ऊपरी इलाकों में अभी भी बाधाएं मौजूद हैं, इसलिए दूसरी बाढ़ आने की आशंका है."
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से इलाके में जान-माल का काफ़ी नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है.
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कई ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट किया गया
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इमेज कैप्शन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया गया है कि नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कई ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट किया गया है
नेपाल में आई बाढ़ की वजह से बिहार के कई ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है. नेपाल के कई इलाक़े बिहार की सीमा से सटे हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित ज़िलों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है.''
उन्होंने लिखा, ''पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली सहित संवेदनशील ज़िलों में तटबंधों की दिन-रात निगरानी, नाइट पेट्रोलिंग और ज़रूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं. एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमें तैनात हैं.''
पीएम मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से की बात, कहा- भारत के लोग मज़बूती के साथ खड़े हैं
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इमेज कैप्शन, पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई बाढ़ के बाद वहां के पीएम बालेंद्र शाह से बात की है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई भारी बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ''प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की. इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मज़बूती से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.''
नेपाल में बुधवार सुबह रसुवा में आई बाढ़ से संपत्ति को व्यापक नुक़सान होने की आशंका है और दोपहर 3 बजे तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
नेपाल की सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कहा है कि त्रिशूली नदी का तटीय क्षेत्र चितवन तक ख़तरे में पड़ सकता है.
नेपाल में पुल उखड़ गए और इमारतें ढह गईं, वेरिफ़ाइड वीडियो ने दिखाया कैसे हुई तबाही, एम्मा पेंजेली
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इमेज कैप्शन, नेपाल के उत्तरी हिस्स में बाढ़ आई है
नेपाल से मिले वेरिफ़ाइड वीडियो में बाढ़ के पानी के तेज़ बहाव में एक पुल और बहुमंज़िला इमारतें ढहती दिख रही हैं. एक क़स्बे में कई इमारतों के नष्ट होने के बाद के हालात दिख रहे हैं.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने इन क्लिप्स को बागमती प्रांत के नुवाकोट ज़िले के त्रिशूली बाज़ार क्षेत्र का पाया है, जो काठमांडू से लगभग 25 कि.मी. उत्तर पश्चिम में स्थित है.
वीडियो में दिख रहा है कि त्रिशूली नदी अचानक भारी मात्रा में पानी से उफान पर आ गई है. पानी की भारी मात्रा से उफान तेज़ है. नदी गाद से भर गई है.
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इमेज कैप्शन, नदी किनारे की कई इमारतें गायब हो गई हैं
वीडियो शुरू होने के लगभग 40 सेकंड बाद, अचानक आई बाढ़ के भार से पुल उखड़ते दिख रहे हैं. कुछ ही सेकंड बाद, कई इमारतें भी ढहती जा रही हैं.
उसी जगह से फ़िल्माए गए दूसरे वेरिफ़ाइड वीडियो में विनाशकारी परिणाम दिखाई दे रहे हैं.
नदी का जलस्तर काफ़ी बढ़ गया है और पहले वीडियो में दिखाई देने वाले पेड़ और कई इमारतें बह गई हैं.
यह साफ़ नहीं है कि वास्तव में कितनी इमारतें नष्ट हुई हैं लेकिन नदी किनारे की कई इमारतें गायब हो गई हैं. वो या आंशिक रूप से ढह गई हैं या बाढ़ की वजह से गाद से ढक गई हैं.
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, तस्वीरों में देखें
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इमेज कैप्शन, नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं. तस्वीर में नुवाकोट ज़िले का ये इलाक़ा कीचड़ से भर गया.
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इमेज कैप्शन, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि भूकंप की वजह से भूस्खलन हुआ और इससे बाढ़ आ गई.
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इमेज कैप्शन, नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि भूकंप के कारण भूस्खलन हुआ. इससे बाढ़ आ गई.
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इमेज कैप्शन, बाढ़ की वजह से नेपाल के कई इलाके़ जलमग्न हो गए हैं.
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इमेज कैप्शन, नेपाल के कई इलाक़ों का संपर्क मुख्य इलाके़ से कट गया है.
नेपाल में भारतीय दूतावास ने मदद के लिए जारी किए इमरजेंसी नंबर
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इमेज कैप्शन, बाढ़ के बाद 100 से अधिक भारतीय लापता हैं
नेपाल में भारतीय दूतावास ने बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद और उनसे जुड़ी जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं.
दूतावास ने कहा है कि लोग किसी भी जानकारी के लिए इन फ़ोन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक़, जिन पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें से सबसे अधिक संख्या भारत से है, जिनमें से 100 से अधिक भारतीय हैं.
नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि 291 विदेशियों सहित 384 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया है.
ये नंबर हैं -
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
नेपाल में आई बाढ़ से लांगटांग हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी परियोजना में काम करने वाले 60 लोग लापता
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इमेज कैप्शन, नेपाल के रसुवा ज़िले में आई बाढ़ से कई इलाक़े प्रभावित हुए हैं
नेपाल की सरकारी समाचार एजेंसी आरएसएस ने बताया है कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से लांगटांग खोला हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट में काम करने वाले 60 लोग लापता हो गए हैं.
समाचार एजेंसी के मुताबिक़ लांगटांग हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक और नेपाल स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ के सचिव, विजय मोहन भट्टराई ने सरकार से परियोजना में कार्यरत इंजीनियरों सहित कर्मचारियों की तलाश करने का आग्रह किया है.
उन्होंने आरएसएस को बताया, ''परियोजना की सुरंग का कंक्रीट ढलान बिछाया जा रहा था. इस दौरान 60 से अधिक कर्मचारी लापता हो गए. इसलिए मैं सरकार से उनकी तलाश करने का अनुरोध करता हूं.''
आरएसएस के मुताबिक़, बाढ़ से हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट के स्ट्रक्चर को गंभीर नुक़सान पहुंचा है.
आरएसएस ने भट्टराई के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि बाढ़ ने नदी के स्तर से 10 मीटर ऊपर स्थित सुरंग को भी प्रभावित किया है.
नेपाल में भूस्खलन का चीन पर भी असर, शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य तेज करने को कहा
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इमेज कैप्शन, शी जिनपिंग ने शिज़ांग स्वायत्त क्षेत्र में जिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया है
चीन के सरकारी मीडिया पीपुल्स डेली के मुताबिक़ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार सुबह दक्षिण-पश्चिमी चीन के शिज़ांग स्वायत्त क्षेत्र में जिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए हरसंभव कोशिश के आदेश दिए हैं.
यह भूस्खलन नेपाल में हुआ, जिसमें कई लोग हताहत हुए हैं.
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उत्तरी नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद भारी जान-माल के नुक़सान की आशंका जताई जा रही है.
बाढ़ में कई गांव बह गए और एक पनबिजली बांध सहित बुनियादी ढांचे को नुक़सान पहुंचा है.
बुधवार तड़के नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा इलाक़े में बाढ़ आ गई. यह इलाक़ा तिब्बत से सटा हुआ है और चीन के साथ नेपाल के मुख्य व्यापार मार्ग पर पड़ता है.
अमित शाह के 'धर्मशाला' वाले बयान पर मनोज झा बोले- पीएम 'वसुधैव कुटुंबकम' बोलना छोड़ दें
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इमेज कैप्शन, आरजेडी सांसद मनोज झा ने अमित शाह के 'धर्मशाला' वाले बयान की आलोचना की है
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने गृह मंत्री अमित शाह के ‘धर्मशाला’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने अमित शाह के बयान का जवाब देते हुए कहा, ''वो (अमित शाह) अक्सर ऐसा कहते रहते हैं. मैं तो कहूंगा कि अमित शाह जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को ये बता दें कि वो 'वसुधैव कुटुंबकम' भी कहना बंद कर दें, जिसका मतलब होता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है.''
मनोज झा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''इस तरह की बात गृह मंत्री करते हैं तो अच्छा नहीं लगता है. एक होम मिनिस्टर का काम है कि देश में रहने वाले हर शख़्स को महफ़ूज़ महसूस कराना. ये नहीं कि मेरा गृह मंत्री मेरे सरोकारों से मीलों दूर खड़ा है. अभी तो बहुत सारी चिंताएं हैं अमित शाह जी, नौकरी पर कुछ बोलिए. शिक्षा व्यवस्था पर बोलिए. स्कूलों की बदहाली पर बोलिए. आय की असमानता पर बोलिए.''
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति सम्मेलन के दौरान घुसपैठ के मुद्दे पर कहा था कि ये देश (भारत) कोई धर्मशाला नहीं है.
उन्होंने कहा था, ''पिछली सरकारों ने अक्सर नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की समस्याओं को विकराल होने से पहले पहचान लिया होता तो देश को दशकों तक इनका दंश नहीं झेलना पड़ता.''
एससीओ शिखर सम्मेलन में पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की हो सकती है मुलाक़ात
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इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (बाएं) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुलाक़ात के दौरान (फ़ाइल फ़ोटो)
रूस में ईरान के राजदूत काज़िम जलाली ने बताया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह मुलाकात करेंगे.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाक़ात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान होगी.
काज़िम जलाली के मुताबिक़, यह मसूद पेजेश्कियान के राष्ट्रपति बनने के बाद पुतिन के साथ उनकी छठी मुलाक़ात होगी.
दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच यह बैठक ऐसे समय में हो सकती है, जब ईरान और रूस के बीच राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है.
बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर आईएमए ने दी ये सलाह
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इमेज कैप्शन, आईएमए के मुताबिक, भारत में मॉनसून के दौरान एचवनएनवन स्वाइन फ्लू के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है(फ़ाइल फ़ोटो)
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एचवनएनवन स्वाइन फ्लू को लेकर मेडिकल एडवाइज़री जारी की है.
आईएमए के मुताबिक, भारत में मॉनसून के दौरान एचवनएनवन स्वाइन फ्लू के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है.
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की निगरानी के अनुसार, अभी फैल रहा वायरस सामान्य मौसमी एचवनएनवन ही है और इसमें कोई नया आनुवंशिक बदलाव नहीं पाया गया है.
ज़्यादातर मरीज़ों में संक्रमण हल्का होता है और वो इलाज के साथ ठीक हो जाते हैं. इसलिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है.
आईएमए के मुताबिक, एचवनएनवन के सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में दर्द, शरीर में तेज़ दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बंद होना शामिल हैं. बच्चों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं.
मेडिकल एडवाइज़री में कहा गया है कि फ्लू एक वायरल बीमारी है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए. सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी, बेहोशी या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए.
आईएमए के मेडिकल एडवाइज़री के मुताबिक, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में 1,770 मामले सामने आए हैं. महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी मामले दर्ज किए गए हैं.
मोहन भागवत पर ममदानी का बयान: बीजेपी बोली, 'कट्टर इस्लामी विचारधारा वाले हैं ज़ोहरान'
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इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता कीया घोष ने ममदानी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी विचारधारा "कट्टरपंथी इस्लामी" है
कोलकाता में बीजेपी नेता कीया घोष ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम का विरोध करने संबंधी रुख पर प्रतिक्रिया दी है.
घोष ने ममदानी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी विचारधारा "कट्टर इस्लामी" है. उन्होंने कहा कि ममदानी खुद को उदारवादी के रूप में पेश करते हैं, लेकिन उनके अनुसार उनकी सोच इसके विपरीत है.
उन्होंने कहा, "न्यू यॉर्क में बाढ़ जैसे हालात हैं, वो उनसे संभल नहीं रहा है. और जहां आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत जा रहे हैं वो उनका विरोध कर रहे हैं."
कीया घोष ने कहा, "विरोध करने दीजिए, लेकिन वो रोक नहीं पाएंगे. क्योंकि अमेरिका के रहने वाले हिन्दू वहां पांच हज़ार से ज़्यादा संख्या में पहुंच रहे हैं. वो इस्लामिस्ट हैं, तो वो विरोध करेंगे ही."
घोष की यह टिप्पणी ममदानी के आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम को लेकर सामने आए विरोध के बाद आई है.
ज़ोहरान ममदानी ने मंगलवार को कहा कि वह मेडिसन स्क्वेयर गार्डन में होने वाले उस प्रस्तावित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम 29 अगस्त को होना है.
होर्मुज़ स्ट्रेट से माइंस हटाने के लिए ईरान-ओमान के बीच क्या बातचीत हुई?
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ओमान के विदेश मंत्री की ईरान यात्रा के बाद दोनों देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है.
बयान के मुताबिक, दोनों देश होर्मुज़ स्ट्रेट में एक अस्थायी साझा समुद्री गलियारा बनाने और इलाक़े से बारूदी सुरंगें हटाने के लिए एक संयुक्त परियोजना पर बातचीत कर रहे हैं.
ईरान और ओमान का कहना है कि इन दोनों प्रस्तावों से आगे की कार्रवाई के लिए एक व्यावहारिक आधार तैयार हो सकता है.
दोनों देशों का मुख्य लक्ष्य होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित समुद्री यातायात फिर से शुरू करना है, साथ ही अपनी संप्रभुता और अधिकारों को बनाए रखना है.
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने इससे पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच समझौता अंतिम चरण में है. पिछले करीब तीन सप्ताह से ईरानी अधिकारी अस्थायी समुद्री रास्ते को लेकर समझौते की संभावना की बात कर रहे हैं.
संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष स्थायी समुद्री गलियारे, होर्मुज़ स्ट्रेट के भविष्य के प्रबंधन, सूचना साझा करने, जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने और समुद्री सुरक्षा सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर तकनीकी बातचीत भी जारी रखेंगे.
ईरान और ओमान इस मुद्दे पर खाड़ी के तट से जुड़े दूसरे देशों से भी बातचीत करेंगे.
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को स्वाइन फ्लू, आईसीयू में भर्ती, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, डॉक्टरों ने संक्रमण को देखते हुए मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को फिलहाल किसी भी व्यक्ति या परिवार के सदस्यों से मिलने से बचने की सलाह दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं.
मंत्री के प्रभारी डॉ सतीश मीणा ने बीबीसी हिन्दी को फ़ोन पर बताया, "मंत्री जी कुछ दिन से अस्वस्थ महसूस कर रहे थे. मंगलवार सुबह उन्होंने जांच कराई थी."डॉ सतीश बताते हैं, "जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उन्हें जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल में रात दस बजे भर्ती किया गया."
उन्होंने कहा है कि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का इलाज कर रहे डॉक्टर ने उनके स्वास्थ्य में पहले से सुधार बताया है. फिलहाल वो हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती हैं.
डॉक्टरों ने संक्रमण को देखते हुए कृषि मंत्री को किसी भी व्यक्ति या परिवार के सदस्यों से मिलने से बचने की सलाह दी है.
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और उन्हें ज़रूरी इलाज दिया जा रहा है.
प्रदेश के राजनेताओं ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के स्वास्थ्य को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.