लाइव, मोहन भागवत के 'मुसलमानों' पर दिए गए बयान पर ओवैसी ने क्या कहा

एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

सारांश

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  • नेपाल में आई भीषण बाढ़
  • नेपाल बाढ़ की ड्रोन फ़ुटेज
  • भारी बारिश के बाद वाराणसी में जलभराव
  • गुरमीत राम रहीम को मिली फ़र्लो
  • चीनी
  • बच्चों को कंधे पर बिठाकर उफ़नती नदी पार करते लोग
  • ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा सिखाने पर बोले फडणवीस

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा

  1. नेपाल बाढ़: 149 भारतीय नागरिकों को बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जारी की सूची

    नेपाल बाढ़

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    इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय ने रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों के नामों की सूची भी जारी की है (सांकेतिक तस्वीर)

    नेपाल में 26 अगस्त को आई फ़्लैश फ़्लड के बाद अब भी कई लोग लापता हैं. लापता लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

    इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने रेस्क्यू किए गए 149 भारतीय नागरिकों की जानकारी साझा की है.

    विदेश मंत्रालय ने रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों के नामों की सूची भी जारी की है.

    साथ ही बताया है कि यह जानकारी 30 अगस्त, 2026 को शाम 5:30 बजे तक की है.

    वहीं, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से बताया है कि तिब्बत में लापता 261 विदेशी नागरिकों में 49 भारतीय भी शामिल हैं.

    चीनी अधिकारियों के अनुसार, लापता लोगों में नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिक शामिल हैं.

    इसके अलावा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के छह-छह, दक्षिण अफ़्रीका के चार, जबकि मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन नागरिक लापता बताए गए हैं.

  2. मोहन भागवत के 'मुसलमानों' पर दिए गए बयान पर ओवैसी ने क्या कहा

    असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरएसएस की कुछ बातें दुनिया के लिए होती हैं और कुछ उसके अपने सदस्यों के लिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में कहा कि जो हिंदू यह मानता है कि मुसलमानों को 'भारत से बाहर निकाल देना चाहिए', वह हिंदू नहीं रह सकता.

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि यह आरएसएस की पुरानी चाल है, कुछ बातें दुनिया के लिए होती हैं और कुछ बातें उसके अपने सदस्यों के लिए.

    ओवैसी ने एक्स पर लिखा, "आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार की जीवनी में बताया गया है कि उन्होंने कांग्रेस से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि गांधी जी हिंदू-मुस्लिम एकता पर काम करते थे. वहीं, गोलवलकर ने 1940 में कहा था कि आरएसएस एक झंडे, एक नेता और एक विचारधारा से प्रेरित है."

    उन्होंने लिखा, "गोलवलकर की किताब बंच ऑफ़ थॉट्स में इंटरनल थ्रेट्स नाम का एक लंबा अध्याय है, जिसमें भारत के मुस्लिम और ईसाई नागरिकों को क्रमशः नंबर एक और नंबर दो का ख़तरा बताया गया है."

    ओवैसी ने दावा किया,"आरएसएस की विचारधारा के तहत यूसीसी के नाम पर मुसलमानों पर हिंदू क़ानून लागू किया जा रहा है. ईसाइयों को कड़े धर्म परिवर्तन विरोधी क़ानूनों के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है. यूएपीए जैसे क़ानूनों के गंभीर दुरुपयोग को भी नहीं भूलना चाहिए."

    ओवैसी ने लिखा, "भागवत से मेरी अपील है कि वह सावरकर, हेडगेवार, गोलवलकर आदि की ज़हरीली रचनाओं के चुनिंदा अंश ही पढ़ दें. फिर लोगों को तय करने दें कि वो आरएसएस के बारे में क्या सोचते हैं."

  3. हत्या की आशंका जता चुके तेज प्रताप यादव ने केंद्र और बिहार सरकार से की ये अपील

    तेज प्रताप यादव

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    इमेज कैप्शन, जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.

    तेज प्रताप यादव ने रविवार को केंद्र सरकार और बिहार सरकार से तत्काल प्रभाव से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है. इससे पहले उन्होंने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी.

    तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरी सुरक्षा को लेकर केंद्र एवं बिहार सरकार से गंभीर अपील. पिछले कई दिनों से मेरी सुरक्षा को लेकर लगातार गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं. दो दिन पहले मेरे आवास के बाहर शराब के नशे में दो लोगों को पकड़ा गया, जिसके बाद सचिवालय थाना को सूचना देकर पुलिस के हवाले किया गया."

    "इसके बाद संबंधित लोगों के परिजनों द्वारा मेरे आवास के बाहर इकट्ठा होकर घेराव किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद चिंताजनक घटना है."

    उन्होंने लिखा, "मेरे कार्यक्रम बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रस्तावित हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण मेरा आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना प्रभावित हो रहा है. लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए मेरी सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए."

    तेज प्रताप ने लिखा, "मैं केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार से अपील करता हूं कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए, मेरे आवास एवं आवागमन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और मुझे तत्काल पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए. किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाना बेहद ज़रूरी है."

    गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव इन दिनों ‘भोजपुरी बवाल’ शो में नज़र आ रहे हैं. इसमें भी उन्होंने दावा किया है कि उन्हें कई धमकियां मिल चुकी हैं और 'जयचंद' उनकी हत्या करवाना चाहते हैं.

  4. नेपाल: बाढ़ के दो दिन बाद मलबे से निकाली गई 5 साल की बच्ची माता-पिता से मिली, अब कैसी है हालत, आज़ादेह मोशिरी और एंड्रयू क्लेरेंस, काठमांडू से रिपोर्टिंग

    नेपाल बाढ़

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    इमेज कैप्शन, नेपाल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के अधिकारी संजू खत्री के मुताबिक़, मलबा हटाने के दौरान बचावकर्मियों को 5 वर्षीय बच्ची मनीषा मिली थी

    नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के दो दिन बाद शुक्रवार को मलबे से ज़िंदा निकाली गई पांच साल की बच्ची मनीषा को उसके माता-पिता से मिला दिया गया है.

    राजधानी काठमांडू के टीचिंग अस्पताल के एक अधिकारी के मुताबिक़, मनीषा की हालत स्थिर है और वह अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है.

    बचावकर्मी रसुवा ज़िले के स्याफ़्रुबेसी इलाक़े में बाढ़ और भूस्खलन के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें मलबे के नीचे से आवाज़ सुनाई दी. इसके बाद सुरक्षाबलों की टीम ने इलाक़े में तलाशी शुरू की और मलबा हटाने का काम शुरू किया.

    नेपाल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के अधिकारी संजू खत्री के मुताबिक़, मलबा हटाने के दौरान बचावकर्मियों को वहां 5 वर्षीय बच्ची मनीषा मिली.

    बच्ची मलबे के नीचे फंसी हुई थी. उसे बाहर निकालने में क़रीब दो घंटे का समय लगा. बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को ज़िंदा बाहर निकाला.

    बचाव के समय मनीषा ज़िंदा थी, लेकिन उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी और वह मुश्किल से प्रतिक्रिया दे पा रही थी. टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर बुलाया, लेकिन ख़राब मौसम के कारण तत्काल यह संभव नहीं हो सका.

    इसके बाद बचावकर्मी मनीषा को आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के रेस्क्यू कैंप ले गए. वहां उसे पानी दिया गया. कुछ देर बाद बच्ची को होश आया, जिसके बाद उसे उबले हुए चावल का पानी पिलाया गया, ताकि उसकी हालत में सुधार हो सके.

    मलबे में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण मनीषा बुरी सदमे में थी. शनिवार दोपहर उसे हेलिकॉप्टर से काठमांडू के टीचिंग अस्पताल पहुंचाया गया.

    अस्पताल ने रविवार को मनीषा की हालत को लेकर अपडेट जारी किया. अस्पताल के मुताबिक़, बच्ची अब ठीक हो रही है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. इसी दौरान उसे उसके माता-पिता से भी मिला दिया गया.

  5. तिब्बत फ़्लैश फ़्लड में 49 भारतीयों समेत 261 विदेशी नागरिक लापता

    फ़्लैश फ़्लड

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    इमेज कैप्शन, तिब्बत में भीषण फ़्लैश फ़्लड के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया

    तिब्बत में नेपाल सीमा से लगे ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई भीषण फ़्लैश फ़्लड के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है. चीनी अधिकारियों ने रविवार को मीडिया ब्रीफ़िंग में यह जानकारी दी.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से बताया है कि लापता विदेशी नागरिकों में 49 भारतीय भी शामिल हैं.

    चीनी अधिकारियों के अनुसार, लापता लोगों में नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के छह-छह, दक्षिण अफ़्रीका के चार, जबकि मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन नागरिक लापता बताए गए हैं.

    आयरलैंड, एस्टोनिया, फ़्रांस, नीदरलैंड्स और न्यूज़ीलैंड के दो-दो नागरिकों का भी पता नहीं चल पाया है. कज़ाकिस्तान, फ़िनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी के एक-एक नागरिक के लापता होने की जानकारी दी गई है.

    कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे भारतीय

    दरअसल, बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत पहुँचे थे. इनमें से कुछ तीर्थयात्री बाढ़ आने के समय तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित इमिग्रेशन भवन में मौजूद थे.

    बाढ़ ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भारी तबाही मचाई. इस दौरान सीमा पर स्थित विशाल इमिग्रेशन भवन भी बाढ़ की चपेट में आ गया. इमिग्रेशन भवन को बाढ़ के पानी में घिरते दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए.

  6. पीएम मोदी को मिला उज़्बेकिस्तान का सम्मान, अब तक इतने देशों से हो चुके हैं सम्मानित

    पीएम मोदी और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दाराजली डस्टलिक’ से सम्मानित किया गया.

    उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव ने ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान प्रदान किया.

    उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने के साथ ही पीएम मोदी को विभिन्न देशों की ओर से दिए गए सर्वोच्च सम्मानों की संख्या 35 हो गई है.

    इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की. बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर भी बातचीत हुई.

    पीएम मोदी ने कहा, “हम यूरेनियम की आपूर्ति के लिए भी एक रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे और एक व्यवस्था बनाएंगे.”

    उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव ने कहा, "आपके नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है. आपके क़रीबी मित्र के तौर पर हम निश्चित रूप से इन सभी उपलब्धियों को देखकर बहुत ख़ुश हैं."

    वहीं, रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में योग फ़ेडरेशन ऑफ उज़्बेकिस्तान की ओर से आयोजित योग सेशन में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने योग किया और लोगों के साथ योग के ज़रिए स्वस्थ जीवनशैली का संदेश साझा किया.

  7. नेपाल में दूसरी बाढ़ की आशंका पर विशेषज्ञ ने क्या चेतावनी दी?, जैकब फ़िलिप्स, लाइव रिपोर्टर

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, विशेषज्ञ ने बताया कि दूसरी बाढ़ का पहली बाढ़ जितना बड़ा होना ज़रूरी नहीं है, फिर भी वह गंभीर नुक़सान पहुंचा सकती है.

    नेपाल और तिब्बत में आई फ़्लैश फ़्लड के बाद अब नए ख़तरे की आशंका जताई जा रही है.

    बाढ़ से मलबे ने नदियों का रास्ता रोक दिया है, जिससे ऊपरी इलाक़ों में नई झीलें बन गई हैं. ऐसे में इनके अचानक टूटने से दोबारा बाढ़ आने का ख़तरा बढ़ गया है.

    ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ रीडिंग में 'अर्ली वॉर्निंग एंड डिज़ास्टर' पर शोध करने वाले विशेषज्ञ जेफ़ दा कोस्टा ने बताया कि दूसरी बाढ़ का पहली बाढ़ जितना बड़ा होना ज़रूरी नहीं है, फिर भी वह गंभीर नुक़सान पहुंचा सकती है.

    उन्होंने कहा, "अब यह देखना बहुत ज़रूरी है कि इलाक़े में बनी झीलों और नदियों के रास्ते में जमा मलबे में क्या बदलाव हो रहे हैं और वे कहां टूट सकते हैं."

    विशेषज्ञ ने नेपाल और चीन के बीच निगरानी से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने पर भी ज़ोर दिया.

    उन्होंने कहा कि ऊपरी इलाक़ों में होने वाली घटनाओं का असर सीमा पार रहने वाले लोगों पर बहुत तेज़ी से पड़ सकता है. ऐसे में सूचनाओं का आदान-प्रदान भी तेज़ी से होना चाहिए, ताकि ज़मीन पर समय रहते ज़रूरी फ़ैसले लिए जा सकें.

    दा कोस्टा ने इस आपदा के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन को भी महत्वपूर्ण बताया. उनके अनुसार, बढ़ते तापमान के कारण हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर, पर्माफ़्रॉस्ट और पहाड़ी ढलानों की स्थिरता में बदलाव हो रहा है.

    हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना गहन विश्लेषण के मौजूदा आपदा को सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन का परिणाम नहीं माना जा सकता.

  8. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ाआप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  9. जयपुर में दो केंद्रों पर फिर आयोजित होगी नीट-पीजी 2026, ये है वजह

    नीट-पीजी 2026 परीक्षा

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    इमेज कैप्शन, प्रभावित अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा पांच सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी

    रविवार को आयोजित नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल ज़ोन आईडीज़ी सेंटर नंबर 41682 और 41683 पर परीक्षा पूरी नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी.

    नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी.

    एनबीईएमएस ने बताया कि 30 अगस्त को हुई नीट-पीजी परीक्षा में देशभर के 1111 केंद्रों पर 2,65,980 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से करीब 2,63,535 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी हो गई.

    एनबीईएमएस ने बताया कि जयपुर के दो केंद्रों पर आंतरिक बिजली व्यवस्था में खराबी के कारण कुछ अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके.

    एनबीईएमएस ने इसके लिए अभ्यर्थियों को हुई असुविधा पर खेद जताया है.

    प्रभावित अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा पांच सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी.

  10. मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता वाले बयान पर बीजेपी ने क्या कहा?

    शाहनवाज़ हुसैन

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    इमेज कैप्शन, शाहनवाज हुसैन ने कहा, "हिंदू और मुसलमान हमेशा से साथ रहते आए हैं. न तो संघ और न ही बीजेपी ने कभी ऐसा सोचा है कि दोनों साथ नहीं रह सकते"

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर दिए बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "संघ प्रमुख ने बहुत महत्वपूर्ण बात कही है. कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग मानते हैं कि भारत मुसलमानों के बिना चल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है."

    शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, "हिंदू और मुसलमान हमेशा से साथ रहते आए हैं. न तो संघ और न ही बीजेपी ने कभी ऐसा सोचा है कि दोनों साथ नहीं रह सकते."

    उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर काफी ग़लत और दुर्भावनापूर्ण प्रचार किया जाता है.

    उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख के बयान से जो संदेश गया है, उसका दुनिया भर में सकारात्मक असर पड़ा है.

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में कहा कि जो हिंदू यह मानता है कि मुसलमानों को भारत से ''बाहर निकाल देना चाहिए", वह हिंदू नहीं रह सकता.

    विपक्षी नेताओं ने मोहन भागवत के बयान पर निशाना साधा है और इस पर अमल करने की बता कही है.

  11. तिब्बत में तबाही का सही अंदाज़ा लगाना क्यों मुश्किल है?, लॉरा बिकर, बीबीसी संवाददाता

    तिब्बत

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    इमेज कैप्शन, तिब्बत में बाढ़ के बाद तलाश अभियान में जुटे सुरक्षाकर्मी

    तिब्बत चीन के सबसे ज़्यादा कड़े नियंत्रण वाले इलाक़ों में से एक है. चीन ने 1950 के दशक में तिब्बत पर अपना नियंत्रण स्थापित किया था.

    तिब्बत लंबे समय से ज़्यादा स्वायत्तता की मांग करता रहा है और चीन यहां विरोध प्रदर्शन या किसी भी तरह की अस्थिरता को लेकर बेहद सतर्क रहता है.

    इसी वजह से इस आपदा के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद राहत कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं.

    प्रधानमंत्री ली चियांग भी गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे. किसी बड़ी आपदा के बाद इतनी जल्दी उनका प्रभावित इलाके का दौरा करना काफी असामान्य माना जा रहा है.

    तिब्बत में प्रवेश करना आसान नहीं है. विदेशियों को वहां जाने के लिए विशेष वीज़ा और परमिट की ज़रूरत होती है. विदेशी मीडिया के लिए भी तिब्बत में पहुंचना बेहद मुश्किल है. वहां मौजूद लोगों से संपर्क करना भी आसान नहीं है.

    यही वजह है कि तिब्बत में इस समय वास्तव में कितनी बड़ी तबाही हुई है, इसका सही अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.

    हमें वहां की स्थिति जानने के लिए काफी हद तक चीन के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

    नेपाल से तिब्बत होते हुए पवित्र कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को भी चार अलग-अलग परमिट लेने पड़ते हैं. इनमें चीनी सेना से मिलने वाली विशेष अनुमति भी शामिल है.

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक़, शनिवार शाम 6 बजे तक तिब्बत में मडस्लाइड की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 546 लोग लापता हैं. इनमें 226 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, स्विट्ज़रलैंड में कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी, एक की मौत; पांच घायल, रोरी बोसोटी

    ज़्यूरिख़

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    इमेज कैप्शन, ज़्यूरिख़ के पास आगाउ में पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया है

    स्विट्ज़रलैंड के उत्तरी हिस्से में रविवार तड़के एक कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए.

    स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी है.

    आरगाउ कैंटोनल पुलिस ने बयान में कहा कि गोली चलाने वाले अज्ञात अभियुक्त की तलाश जारी है.

    पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी के पीछे की वजह और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं.

    पुलिस ने स्विस मीडिया को बताया कि गोलीबारी आगाउ के शाचेन इलाके में एक मैदान के पास हुई, जो ज़्यूरिख़ से करीब 46 किलोमीटर पश्चिम में है.

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इलाके में रविवार तड़के तक रेव पार्टी चल रही थी.

  13. भागवत के बयान पर राशिद अल्वी बोले, 'समस्या है तभी तो सफाई देनी पड़ रही'

    राशिद अल्वी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि भागवत के बयान से छवि और खराब होगी, भारत के अंदर जो हो रहा है, उसे पूरी दुनिया जानती है

    कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए हिंदू-मुस्लिम एकता और विविधता वाले बयान पर सवाल उठाए.

    भागवत ने अमेरिका में शनिवार को कहा कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता.

    अल्वी ने कहा, "पहली बात, अमेरिका जाकर ये बोलने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है? अगर भारत में हिंदू-मुसलमानों के बीच ऐसी कोई समस्या ही नहीं है, तो अचानक अमेरिका जाकर यह कहने की ज़रूरत क्यों पड़ी?"

    उन्होंने आगे कहा, "इसका मतलब है कि समस्या है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपनी छवि सुधारने के लिए दिखावा कर रहे हैं. क्या उन्हें नहीं पता कि असम के मुख्यमंत्री मुसलमानों के बारे में क्या बोलते हैं? क्या उन्हें नहीं पता कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुसलमानों के बारे में क्या कहते हैं?.

    राशिद अल्वी ने कहा कि अगर अमेरिका जाकर सच नहीं बोला जाएगा, तो दुनिया इस तरह के बयानों पर भरोसा नहीं करेगी.

    उन्होंने कहा, “इससे छवि और खराब होगी. भारत के अंदर जो हो रहा है, उसे पूरी दुनिया जानती है."

  14. भागवत के 'विविधता' वाले बयान पर कपिल सिब्बल का तंज, 'विदेश में समझदारी और...'

    कपिल सिब्बल

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    इमेज कैप्शन, मोहन भागवत के बयान पर कपिल सिब्बल ने कहा कि सिर्फ शब्द मायने नहीं रखते, कार्रवाई होनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अमेरिका में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘विविधता में एकता’ वाले बयान पर निशाना साधा है.

    सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भागवत न्यूयॉर्क में कहते हैं, 'विविधता हमारी मूल एकता की खूबसूरती है और इसे बचाकर रखना चाहिए', विदेश में समझदारी की बातें, लेकिन देश में ख़ामोशी."

    उन्होंने कहा कि सिर्फ़ शब्द मायने नहीं रखते, उस पर अमल भी होना चाहिए.

    सिब्बल की यह प्रतिक्रिया भागवत के न्यूयॉर्क में दिए उस भाषण के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘विविधता में एकता’ भारत के डीएनए में है और इसका सम्मान करना चाहिए और इसे स्वीकार किया जाना चाहिए.

    शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय और अलग-अलग धर्मों के नेताओं को संबोधित किया.

    भागवत ने कहा कि अमेरिका की बात होती है तो अक्सर बहुलवाद की चर्चा होती है, जबकि भारत के संदर्भ में ‘विविधता में एकता’ की बात की जाती है.

    उन्होंने कहा कि एकता और विविधता, दोनों भारत के डीएनए का हिस्सा हैं. स्वामी विवेकानंद का ज़िक्र करते हुए भागवत ने कहा कि हर देश का अपना एक उद्देश्य और भविष्य होता है.

    भागवत ने कहा, "भारत का उद्देश्य विविधता में एकता को महसूस करना और समय-समय पर दुनिया को भी इसका एहसास कराना है. हम एक हैं और हमारी विविधता उस एकता को और खूबसूरत बनाती है."

  15. भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता वाले बयान पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नेता ने क्या कहा?

    मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली

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    इमेज कैप्शन, मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने कहा कि मोहन भागवत ने जो कहा है, उसे देश में ज़मीनी स्तर पर लागू भी किया जाना चाहिए

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर दिए गए बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, “मोहन भागवत ने जो कहा है, मेरी राय में उसे देश में ज़मीनी स्तर पर लागू भी किया जाना चाहिए. तभी इस तरह के बयान को सकारात्मक कहा जा सकता है."

    उन्होंने कहा कि भागवत के बयान से एक सकारात्मक संदेश ज़रूर गया है.

    खालिद राशिद ने कहा, "यह सच्चाई है कि बड़ी संख्या में लोग अपने निजी हितों की वजह से राजनीति कर रहे हैं. लेकिन अगर सत्ता में बैठे लोग जनता की समस्याओं को हल करने का काम करें, तो राजनीति एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा बन सकती है."

    उन्होंने आगे कहा कि हक़ीक़त यह है कि ज़्यादातर नेता आम लोगों और देश के हित में काम करने के बजाय अपने निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

    दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में कहा कि जो हिंदू यह मानता है कि मुसलमानों को भारत से ''बाहर निकाल देना चाहिए", वह हिंदू नहीं रह सकता.

  16. नेपाल: बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हुई, प्रशासन ने जारी की ये चेतावनी

    नेपाल बाढ़

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ के पांच दिन बाद भी बचावकार्य जारी है. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 हज़ार सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं

    नेपाल में बुधवार को आए फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है. वहीं करीब 25 सौ लोग लापता हैं.

    नेपाल की डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ के पांच दिन बाद भी बचाव कार्य जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 हज़ार सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं.

    वहीं, भोटेकोशी नदी का जलस्तर रविवार को फिर बढ़ गया. इसके बाद अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान चला रहे कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा है.

    हिमालय सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सेंट्रल नेपाल के कई इलाकों में तबाही मची थी.

  17. होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान-ओमान के बीच समझौता, कब खुलेगा रास्ता?

    होर्मुज़ स्ट्रेट

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    इमेज कैप्शन, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा कि जहाज़ ईरान की तरफ से स्ट्रेट में दाखिल होंगे और ओमान की तरफ से बाहर निकलेंगे

    ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा है कि ईरान ने ओमान के साथ होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के इंतज़ाम को लेकर सहमति बना ली है.

    हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका जब तक अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा.

    ग़रीबाबादी के मुताबिक, अमेरिेका की प्रतिबद्धताओं संबंध दोनों देशों के बीच हुए इस्लामाबाद समझौते से है.

    इसमें ईरान पर सैन्य हमले पूरी तरह रोकना और ईरान की समुद्री नाकेबंदी खत्म करना शामिल है.

    ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट में एक नए और अस्थायी कॉरिडोर को लेकर सहमति बनने के बाद ईरान की ओर से यह ताज़ा बयान आया है.

    ग़रीबाबादी ने पहले इस कॉरिडोर की तुलना आने-जाने वाले हाईवे से की थी.

    उन्होंने बताया था कि जहाज़ ईरान की तरफ से स्ट्रेट में दाखिल होंगे और ओमान की तरफ से बाहर निकलेंगे.

    शनिवार को ईरानी समाचार एजेंसी फार्स से बातचीत में ग़रीबाबादी ने कहा, “होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद है. अगर कोई जहाज वहां से गुजरता है तो वह निश्चित रूप से ईरान की मंजूरी और समन्वय के बाद ही गुजर रहा है."

    उन्होंने आगे कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं जलडमरूमध्य में होने वाली हर गतिविधि पर पूरी नज़र रख रही हैं. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के उन दावों को भी खारिज किया कि जहाज सामान्य रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं.

  18. चीन ने बाढ़ के बारे में दी जानकारी, बताया तिब्बत में कितने भारतीय लापता

    तिब्बत में बचावकर्मी

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    इमेज कैप्शन, तिब्बत के शिगात्से में भूस्खलन के बाद तलाशी अभियान के दौरान मलबा हटाते बचावकर्मी

    बुधवार को अचानक आई बाढ़ से तिब्बत में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. वहीं 546 लोग अब भी लापता हैं.

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, तिब्बत में बाढ़ के बाद लापता लोगों में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक हैं.

    लापता लोगों में 49 भारतीय और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने इन विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी उनके संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को दे दी है.

    लापता लोगों से जुड़ी यह जानकारी कई सरकारी एजेंसियों की संयुक्त जांच और आपसी सहयोग के बाद सामने आई है.

    इसमें विदेश मामले, सार्वजनिक सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन और आपातकालीन प्रबंधन विभाग शामिल हैं.

  19. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 675 हुई, 2400 से ज़्यादा लोग लापता

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, शनिवार को नेपाल के नुवाकोट ज़िले के बिदुर में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तैनात एम्बुलेंस

    नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है. वहीं, 2400 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं.

    बाढ़ के पांचवें दिन भी नेपाल में राहत और बचाव का काम जारी है. नेपाल की डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी ने यह जानकारी दी है.

    वहीं, चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, शनिवार शाम 6 बजे तक तिब्बत के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग काउंटी में मडस्लाइड की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 546 लोग लापता हैं. इनमें 226 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

    अमेरिका ने 36 लाख डॉलर की मदद का एलान किया

    अमेरिका बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देगा.

    अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस मदद के तहत 10 हज़ार प्रभावित परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन खाद्य सहायता दी जाएगी.

    विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कोई प्राथमिकता नहीं है."

    विभाग ने यह भी बताया कि नेपाल और चीन में अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों की मदद करने और राहत-बचाव के प्रयासों में सहयोग देने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

  20. यूक्रेन: कीएव के पास हथियारों के गोदाम पर रूसी ड्रोन हमला, कम से कम 37 की मौत

    गोला-बारूद का गोदाम

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    इमेज कैप्शन, शनिवार सुबह कीएव के बाहरी इलाक़े में रूस के हमले के बाद एक गोदाम में आग लग गई

    यूक्रेन में सेना के हथियारों के एक गोदाम पर रूस के ड्रोन हमले में 37 लोगों की मौत हो गई है. करीब 400 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

    यह हथियारों का गोदाम राजधानी कीएव के बाहरी रिहायशी इलाक़े के पास था.

    शुक्रवार देर रात हुए हमले के बाद गोदाम में रखा गोला बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन्स में धमाके होने लगे. धमाकों से आसपास की कई इमारतों को नुक़सान पहुंचा. इनमें बुजुर्गों और विकलांगों की देखभाल के लिए बना एक केंद्र भी शामिल है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यह जानकारी दी.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार इतनी आबादी के पास बिल्कुल नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन्होंने आम नागरिकों के घरों के इतने पास विस्फोटक रखे, उनकी इस लापरवाही की भी जांच होगी.

    कीएव के पास किसी हथियारों के गोदाम पर पिछले कुछ महीनों में यह दूसरा हमला है. इसके बाद एक बार फिर लोगों में गुस्सा बढ़ गया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने कीएव के पश्चिम में स्थित मायला गांव में एक गोला-बारूद के गोदाम को निशाना बनाया था.

    रूस के मुताबिक, इस गोदाम में एफ़पी-1 और एफ़पी-2 लंबी दूरी के ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे हुए थे.

    इस धमाके से गांव के करीब 130 घरों को नुक़सान पहुंचा है.