जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर ये बोले पीएम मोदी
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा है कि सात साल पहले इस दिन जम्मू कश्मीर के अध्याय में एक निर्णायक दिन शुरू हुआ था
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, "सात साल पहले, इसी दिन आर्टिकल 370 और 35(A) इतिहास बन गए जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक निर्णायक नया अध्याय शुरू हुआ."
पीएम मोदी ने कहा, "तब से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़े हैं. चाहे महिलाएं हों या हाशिए पर रहने वाले समुदाय, जिन्हें दशकों तक उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया था वे अब भारत के संविधान के पूरी तरह से लागू होने की वजह से सशक्त हुए हैं."
"हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर नागरिक को बड़े सपने देखने, उन्हें पूरा करने और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिले."
झारखंड प्रोटेस्ट: सोनम वांगचुक से बात करने बाद देवेंद्रनाथ महतो ने पानी पिया
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से फोन पर बात करने के बाद पानी पी लिया है.
देवेंद्रनाथ महतो ने फ़ोन पर सोनम वांगचुक से कहा, "मैं 2 अगस्त को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा था. मैं बहुत थक गया था. यहां 26 साल से कई पेपर लीक हो रहे हैं. लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. यहां की सरकार छात्रों के हित में कोई निर्णय नहीं ले रही है. कल डॉक्टर ने हिदायत दी कि अगर मैंने पानी नहीं लिया तो मुझे हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा."
सोनम वांगचुक ने कहा, "देवेंद्र जी आप पानी पीजिए नहीं तो ये आत्महत्या के बराबर होगा. अभी अपने आपको समय चाहिए इसमें दो दिन हफ़्ते भी लग सकते हैं. लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि उससे पहले सरकार को सदबुद्धि आएगी और वो सही फ़ैसला लेगी."
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से जुड़े देवेंद्रनाथ महतो ने 25 जुलाई को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना देने के साथ की.
आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर ये बोले उमर अब्दुल्लाह
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इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि सात साल बीत गए हैं लेकिन हम भूले नहीं है
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.
उमर अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "7 साल बीत गए हैं, लेकिन हम न तो भूले हैं और न ही हमने मौजूदा हालात से समझौता किया है, उन्हें स्वीकार करना तो दूर की बात है.
उन्होंने कहा, "मैं और मेरी पार्टी जम्मू-कश्मीर के साथ जो कुछ भी किया गया, जिससे हमारे अधिकार छीन लिए गए और हमारी पहचान पर खतरा पैदा हो गया उसे पलटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं."
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करते हुए आर्टिकल 370 और 35 को हटाया दिया था.
चांद से टकरा सकता स्पेस एक्स के रॉकेट का पांच मंजिला हिस्सा
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चांद से टकरा सकता है स्पेस एक्स के रॉकेट का एक टुकड़ा. यह टुकड़ा लगभग 2.43 किलोमीटर प्रति सेकंड (करीब 5,400 मील प्रति घंटा) की रफ़्तार से ऑर्बिट में घूम रहा है.
यह फाल्कन 9 स्पेसक्राफ्ट का ऊपरी हिस्सा है, जो लगभग पांच मंज़िला इमारत जितना बड़ा है और इसका वज़न कम से कम 4,000 किलोग्राम है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार यह टक्कर लगभग 7:35 BST (12:35 पीएम भारतीय समयानुसार) पर हो सकती है.
जानकारों का कहना है कि इसे धरती से बिना किसी उपकरण के नहीं देखा जा सकेगा लेकिन जिनके पास हाई क्वालिटी के टेलीस्कोप है वे शायद चांद की सतह से निकलती चमक देख पाएं.
इसे ख़तरनाक भी नहीं माना जा रहा है बल्कि वैज्ञानिक इसे एक अनोखे मौके के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह अध्ययन किया जा सके कि जब कोई चीज़ चंद्रमा से टकराती है तो क्या होता है.
रूस का यूक्रेन की राजधानी पर मिसाइलों से भीषण हमला, 14 लोगों की मौत, कई घायल
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इमेज कैप्शन, रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीएव पर मिसाइलों से हमला किया है
यूक्रेन की राजधानी कीएव पर रूस ने मिसाइलों से हमला किया है. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. यूक्रेन के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने कहा, "दुश्मन एक बार फिर कीएव पर ज़बरदस्त हमला कर रहा है."
मंगलवार की देर रात हुए इस हमले के दौरान घंटों तक सायरन बजते रहे. शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में कई मिसाइलें गिरीं.
तकाचेंको ने कहा कि बोरिस्पिल ज़िले में नौ, बुचा ज़िले में चार और फ़ास्टिव ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हुई.अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन की सेना ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है.
हालांकि, इस हमले पर रूस की ओर से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी ने की ये अनुशासनात्मक कार्रवाई, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी ने जिला इकाई को भंग कर दिया है
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है.
पार्टी ने यह कार्रवाई उपचुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफारिश पर की है.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीजेपी को दतिया में लगातार दूसरी बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है. उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया था.
नतीजों के बाद आशुतोष तिवारी ने भीतरघात के सवाल पर पत्रकारों से कहा था, "पहले गद्दार को तलाशना होगा."
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश और समीक्षा समिति की अनुशंसा पर दतिया जिला संगठन की वर्तमान संरचना भंग की जाती है.
आदेश के मुताबिक जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों समेत जिले की सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है.
इससे पहले पार्टी ने प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अम्बाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई थी. समिति को चुनाव की तैयारियों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर हार के कारणों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई थी. इसी वजह से दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ.
हालांकि इस उपचुनाव से राज्य सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ना था, लेकिन इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा माना जा रहा था.
पिछले साल जुलाई में प्रदेश अध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल के लिए भी इसे संगठनात्मक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था. चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री मोहन यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री, कई मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे.
बीजेपी ने इस सीट से छह बार विधायक रहे और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पहली बार चुनाव लड़ रहे आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था.
टिकट की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर नाराज़गी की चर्चा रही. कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया और नामांकन के दौरान नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने की भी चर्चा हुई. हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया.
दूसरी ओर कांग्रेस भी आंतरिक खींचतान से जूझ रही थी. चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए.
मतगणना से एक दिन पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था. इसके बावजूद कांग्रेस यह सीट बचाने में सफल रही.
नतीजों के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बिना किसी का नाम लेते हुए, कहा था कि पार्टी परिणामों की समीक्षा करेगी और यदि किसी स्तर पर अनुशासनहीनता सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
इसके बाद पार्टी ने दो सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया, जिसकी सिफारिश पर अब दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को भंग कर दिया गया है.
ईरान युद्ध: क्या ख़त्म हो गया है अमेरिका की लंबी दूरी की मिसाइलों का भंडार?
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बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका ने गाइडेड मिसाइलों का अपना लगभग सारा ग्लोबल स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने सीबीएस न्यूज़ को यह जानकारी दी है.
इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में खास तौर पर अपने लगभग सभी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों को इस्तेमाल कर लिया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पहले रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका ने इस ऑपरेशन में अपनी "लगभग सभी" लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया था.
सीबीएस न्यूज़ ने पहले बताया था कि अमेरिका के पास मौजूद इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो गया है और यह प्रशासन के लिए एक अंदरूनी चुनौती बन गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि उसने ईरान युद्ध की शुरुआत में ही अपने सटीक हमले वाले हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए थे.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों का स्टॉक सीमित है लेकिन ज़्यादा चिंता की बात पैट्रियट और थाड (THAAD) इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या को लेकर है. इनका इस्तेमाल इतनी तेज़ी से हो रहा है कि अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री उतनी तेज़ी से इन्हें बना नहीं पा रही है.
अमेरिकी रक्षा विभाग के सीनियर प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने सीबीएस न्यूज़ को दिए एक बयान में कहा, "अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति है और उसके पास अपने मिशन को पूरा करने के लिए हर ज़रूरी चीज़ मौजूद है. हमने अलग-अलग इलाकों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि अमेरिकी सेना के पास देश के लोगों और हितों की रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार हो."
जम्मू-कश्मीर: आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर महबूबा मुफ़्ती ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि अगर कश्मीर में हालात सामान्य हो गए हैं तो सेना को सिविल एरिया से निकाला जाना चाहिए
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर प्रतिक्रिया दी है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करते हुए आर्टिकल 370 और 35 को हटाया दिया था.
पांच अगस्त की पूर्व संध्या पर महबूबा मुफ्ती ने कहा, "जम्मू कश्मीर के लोग मुर्दा लोग नहीं हैं हम ज़िंदा कौम हैं. पीडीपी और हमारी कौम मिलकर कश्मीर की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ, आर्टिकल 370, 35ए और जो हमारे लोग देश की जेलों में बंद हैं, उनकी रिहाई के लिए जद्दोजहद करेंगे."
"अगर ये सरकार कहती है कि हालात ठीक हो गए हैं. तो हम कहते हैं सेना को सिविल एरिया से निकालकर बैरकों में वापस भेजिए. मुज़फ़्फ़राबाद और रावलाकोट के लिए जो रास्ते खुले थे उन पर फिर से व्यापार शुरू होना चाहिए."
वहीं समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक आर्टिकल 370 को हटाए जाने के सात साल पूरे होने को लेकर जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
'ग़जनी' और 'महाभारत' फ़ेम एक्टर प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन
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इमेज कैप्शन, प्रदीप रावत ने फ़िल्म ग़जनी में विलेन की भूमिका निभाई थी
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उनका निधन मंगलवार को मुंबई में हुआ. प्रदीप रावत कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे.
प्रदीप रावत ने 'ग़जनी' और 'लगान' जैसी फ़िल्मों में अभिनय किया, इसके अलावा उन्होंने बीआर चोपड़ा के मशहूर सीरियल महाभारत में भी अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी.
"लगान" फिल्म के को-स्टार यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए अपने दोस्त के निधन की खबर शेयर की.
ट्रंप के दौरे से पहले उनके गोल्फ कोर्स के पास से एक हथियारबंद युवक गिरफ़्तार
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इमेज कैप्शन, ट्रंप के डिनर से पहले उनके गोल्फ कोर्स के पास से एक संदिग्ध गिरफ़्तार
कैलिफ़ोर्निया में अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी गोल्फ़ कोर्स के पास से एक शख्स को गिरफ्तार किया है.
ट्रंप वहां पर फंड जुटाने के लिए आयोजित एक डिनर में शामिल होने वाले थे.
जांचकर्ताओं का कहना है कि रैंचो पालोस वर्डेस में ट्रंप के नेशनल गोल्फ कोर्स से 38 साल के जेनिन जॉन टैले को गिरफ़्तार किया गया है, उनके पास से एक पिस्तौल और गैर-कानूनी गोला-बारूद बरामद किया गया है.
लॉस एंजिल्स शेरिफ़ डिपार्टमेंट के अनुसार, जेनिन को गोल्फ़ कोर्स के मैदान में घूमते हुए, फ़ोटो और वीडियो लेते हुए और सुरक्षा-योजना से जुड़ी गतिविधियों पर नज़र रखते हुए देखा गया.
नमस्कार!
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