लाइव, जामिया: छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी, कई छात्र भूख हड़ताल पर

भूख हड़ताल पर बैठे तीन स्टूडेंट्स ने जामिया प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया. एबिन बासिल, रेहान और निदा अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • आसमान से निकलते झरने जैसा नज़ारा
  • ये घटना बहराइच ज़िले की है
  • जेडीयू से निकाले गए अनंत सिंह
  • भारत में हो रहे आंदलनों पर बोले मोहन भागवत
  • रणबीर कपूर ने अपने वायरल बयान पर मांगी माफ़ी
  • afghan family
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

लाइव कवरेज

संदीप राय, अरशद मिसाल

  1. जामिया: छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी, कई छात्र भूख हड़ताल पर

    प्रदर्शन करती जामिया की छात्रा

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर स्टूडेंट्स अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं.

    स्टूडेंट्स की मांग है कि छात्र संघ चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाए.

    प्रदर्शन के दौरान जिन स्टूडेंट्स पर कार्रवाई की गई है, उसे वापस लिया जाए और यूनिवर्सिटी के चीफ़ प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइज़र अपने पद से इस्तीफ़ा दें.

    जामिया प्रशासन ने देर रात छात्रों की मांगों को मानने का दावा करते हुए एक आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ का संविधान बनने के 15 दिनों बाद छात्र संघ का चुनाव कराया जाएगा.

    देर रात को स्टूडेंट्स प्रदर्शन ख़त्म करने पर सहमत हो गए थे.

    बाद में भूख हड़ताल पर बैठे तीन स्टूडेंट्स ने जामिया प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया. एबिन बासिल, रेहान और निदा अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

    बीबीसी संवाददाता शुभ राणा के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के बाहर से कुछ स्टूडेंट्स को हिरासत में भी लिया गया है.

    पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे एबिन बासिल ने कहा, "जब तक प्रशासन छात्र संघ चुनाव की तारीख तय नहीं करता, हम अपनी भूख हड़ताल ख़त्म नहीं करेंगे. हम प्रशासन से माफ़ी भी नहीं मांगने वाले हैं."

    फिलहाल, कैंपस के अंदर स्टूडेंट्स और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं.

  2. खड़गे बोले- 'वोट चोरी' सामने आने के बाद भी ज्ञानेश कुमार को बचा रही मोदी सरकार

    मल्लिकार्जुन खड़गे

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर निशाना साधा.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "वोट चोरी के अनगिनत मामलों के सामने के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है."

    खड़गे ने कहा कि एसआईआर में इस्तेमाल किए गए सॉफ़्टवेयर की जानकारी आरटीआई के ज़रिए मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'ट्रेड सीक्रेट्स' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया.

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में फ़ॉर्म-6 के 16.18 लाख आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया.

    "पीलीभीत में 10,470 मतदाताओं के रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पाई गईं. अब पूरे प्रदेश में फ़ॉर्म-6, फ़ॉर्म-7 और फ़ॉर्म-8 की जाँच के आदेश देने पड़े हैं."

    उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की तीन मांगें हैं. पहली मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला क़ानून निरस्त किया जाए. दूसरी मांग है कि एसआईआर को तुरंत रोका जाए और ग़ैरक़ानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएँ.

    इंडिया गठबंधन की तीसरी मांग है कि सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ.

    साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में शामिल होने की अपील की.

  3. ईरान के दौरे पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर, सऊदी अरब और तुर्की के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल

    आसिम मुनीर
    इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर आज ईरान के आधिकारिक दौरे पर हैं.

    इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल देश तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल सोमवार यानी 26 अक्तूबर को तेहरान का दौरा करेंगे.

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि तेहरान में इस संयुक्त बैठक का प्रस्ताव फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपने हालिया ईरान दौरे पर दिया था.

    सोमवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बकाई ने कहा कि इस तरह की यह पहली बैठक होगी. इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई भी शामिल होंगे.

    उन्होंने बताया कि बैठक में क्षेत्रीय और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें ईरान और अमेरिका के बीच हाल में बढ़ा सैन्य तनाव भी शामिल है.

    वहीं, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री (पब्लिक डिप्लोमेसी) डॉ. रायद करीमली ने कहा है कि रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान आज तेहरान में होने वाली बैठकों में सऊदी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे.

    इन बैठकों में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल देशों पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के प्रतिनिधियों और ईरान के नेताओं के बीच बातचीत होगी.

    डॉ. रायद के मुताबिक, इन बैठकों में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन भी शामिल होंगे.

  4. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर अभी तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित प्रमुख ख़बरों को यहां पढ़ सकते हैं-

  5. रामलीला मैदान में रैली को लेकर राहुल गांधी ने व्यापारियों से क्या कहा

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, कारोबार पर असर पड़ने की आशंका के बीच राहुल गांधी ने व्यापारियों को संबोधित किया है

    दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित होने वाली रैली से पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नेव्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं."

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया. जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य."

    राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी लिखा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दिया जाता है, तो आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा.

    व्यापारियों के एक संगठन चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने रामलीला मैदान की रैली को लेकर आपत्ति जताई थी और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की थी.

    सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सीटीआई ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को टालने की मांग की है. संगठन ने इस संबंध में रैली के आयोजकों को पत्र लिखा है.

    सीटीआई का कहना है कि धनतेरस और दिवाली के लिए खरीदारी का सीज़न आमतौर पर त्योहारों से कम से कम एक सप्ताह पहले शुरू हो जाता है. ऐसे में किसी बड़ी रैली या विरोध प्रदर्शन का असर सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तीन से चार दिन पहले ही दिखने लगता है.

    संगठन के मुताबिक, हर दिन करीब 3 से 4 लाख लोग दिल्ली के बाहर से खरीदारी करने आते हैं. रैली के चलते कारोबार और त्योहारों की खरीदारी पर असर पड़ने की आशंका है.

    उधर, कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने बड़ी रैली का दावा किया है.

    समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़ी रैली होगी.

    उन्होंने दावा किया कि इसमें 25 लाख लोग शामिल होंगे.

    रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि रैली के दौरान कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं की जाएगी और न ही सड़कें रोकी जाएंगी. इतने लोगों के आने से स्थानीय कारोबार और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा.

  6. सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को परिवार के साथ दिवाली मनाने की दी अनुमति

    आशीष मिश्रा
    इमेज कैप्शन, आशीष मिश्रा, पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं

    सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को परिवार के साथ दिवाली मनाने की अनुमति दी है.

    बार एंड बेंच के अनुसार, लखनऊ में अपने पैतृक घर जाने की यह अनुमति 24 मार्च 2025 के आदेश में तय शर्तों के अधीन दी गई है.

    मुकदमे की प्रगति की समीक्षा करते हुए चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा कि अभियोजन पक्ष को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गवाह अदालत में पेश हों और सुनवाई में लंबे समय तक देरी न हो.

    उन्होंने यह भी कहा कि जिरह जल्दबाज़ी में नहीं होनी चाहिए और न ही किसी अहम सबूत को दर्ज किए बिना छोड़ा जाना चाहिए.

    9 अक्तूबर 2021 को क़रीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया था.

    आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी के तिकुनिया किसान हत्या कांड के मुख्य अभियुक्त हैं और उनपर हत्या, गैर इरादतन हत्या और हत्या की साज़िश के साथ अन्य कठोर क़ानूनों के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया था.

  7. संसद के क़रीब नॉर्थ ब्लॉक के पास धुआं उठा, दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचीं

    नॉर्थ ब्लॉक
    इमेज कैप्शन, नॉर्थ ब्लॉक में धुआं दिखाई देने के बाद दमकल की कई गाड़ियां भेजी गईं

    सोमवार को सुबह संसद के नजदीक नॉर्थ ब्लॉक के पास एक घना धुआं देखा गया है.

    बीजेपी सांसद मिलिंद देवड़ा ने एक्स पर लिखा, “संसद जाते समय नॉर्थ ब्लॉक के पीछे से घना धुआं उठता देखा. ऐसा लग रहा है कि वहां आग लगी हो सकती है. उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित होंगे और आपातकालीन सेवाएं तेजी से कार्रवाई कर रही होंगी.”

    द हिंदू के मुताबिक़, “दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में मामूली आग लग गई. इमारत के चिलर प्लांट में लगा कूलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला फ़ाइबर टैंक आग की चपेट में आ गया. इमारत से काला धुआं उठता देख आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई.”

    समाचार एजेंसी एआईएनएस के अनुसार, नॉर्थ ब्लॉक में वेल्डिंग का काम चलने के दौरान मामूली आग लग गई. बताया जा रहा है कि वेल्डिंग से निकली चिंगारी पास में रखे एक टैंक तक पहुंच गई, जिससे उसमें आग लग गई.

    आग पर काबू पा लिया गया है. मौके पर इमारत के अंदर कुछ हिस्सों को खोलने का काम भी चल रहा था. घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

    आग लगने की सूचना सोमवार की सुबह 11 बजे के क़रीब मिली.

    दिल्ली फ़ायर डिपार्टमेंट ने कहा कि दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया गया.

  8. अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    राहुल गांधी और अमित शाह
    इमेज कैप्शन, साल 2018 में राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी

    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है.

    कोर्ट के जज शुभम वर्मा ने सोमवार, 26 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया. राहुल गांधी फैसले के वक़्त अदालत में ही मौजूद थे.

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद ने राहुल गांधी को बरी किए जाने की जानकारी दी है.

    शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के वक़ील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि राहुल गांधी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. लेकिन कोर्ट ने हमारे द्वारा दाखिल की गई सीडी को सही माना है और उनके स्टेटमेंट को भी माना है लेकिन उनके बयान को मानहानि नहीं माना है.

    यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी.

    शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर उनके ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई.

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी को मानहानि के मामले में अदालत ने बरी किया

    2018 में दर्ज हुई थी शिकायत

    इस मामले में स्थानीय बीजेपी नेता और सुल्तानपुर ज़िला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.

    मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था. इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें ज़मानत मिल गई थी.

    वॉयस सैंपल को लेकर भी हुई थी क़ानूनी लड़ाई

    समाचार एजेंसी पीटीाई और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का फ़ॉरेंसिक टेस्ट कराने की मांग भी की थी, ताकि उसका मिलान कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जा सके.

    हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था. इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी शिकायतकर्ता की याचिका ख़ारिज कर दी.

    बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी निचली अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी.

    मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी.

  9. राहुल गांधी के काफ़िले की गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेस पर टकराईं, साथ चल रहे कांग्रेस नेता ने क्या बताया, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी लखनऊ से सुल्तानपुर सड़क मार्ग से जा रहे थे.

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफ़िले की कुछ गाड़ियां उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं.

    पवन खेड़ा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि 'सभी सुरक्षित' हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हादसा मामूली था और कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी का काफ़िला

    काफ़िले में शामिल कांग्रेस नेता ने क्या बताया

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सेक्रेटरी और उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी अब्दुल हनन ने बीबीसी हिन्दी न्यूज़ को बताया कि वह भी उस काफ़िले का हिस्सा थे और कई गाड़ियां थीं.

    हनन ने बताया, "एक गाड़ी रुक गई थी, जिससे पीछे की कुछ गाड़ियां आकर टकरा गईं. एक एंबुलेंस भी इसकी चपेट में आ गई थी. लेकिन यह हादसा बहुत मामूली था. किसी को कोई चोट नहीं आई है. सब सुरक्षित हैं."

    हादसा सुलतानपुर ज़िले के हलियापुर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 90 के पास हुआ.

    दुर्घटना में चार कारें और एक एंबुलेंस शामिल थीं.

    हलियापुर के थाना अध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक़, राहुल गांधी के वाहन के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं.

    प्रारंभिक जानकारी में अचानक ब्रेक लगने को वाहनों की टक्कर की संभावित वजह बताया जा रहा है. हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक़, इस हादसे में एक कार का बोनट क्षतिग्रस्त हो गया. राहुल गांधी सुरक्षित हैं और सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए.

    राहुल गांधी सोमवार को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पेश हो रहे हैं. अदालत 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में फैसला सुनाने वाली है.

    इससे पहले राहुल गांधी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे. वहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे.

    एयरपोर्ट के बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में इकट्ठा हुए थे.

  10. जम्मू में भीषण आग से 40 दुकानें जलकर ख़ाक, रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा

    जम्मू रेलवे स्टेशन के पास बाज़ार में आग लगी
    इमेज कैप्शन, जम्मू रेलवे स्टेशन के पास बाज़ार में आग लगने से कई दुकानें जल गईं

    जम्मू रेलवे स्टेशन के पास शिव मार्केट में रविवार रात भीषण आग लगने से करीब 40 दुकानें जलकर राख हो गईं.

    अधिकारियों के मुताबिक़, रविवार रात करीब 10.30 बजे लगी आग लगभग पांच घंटे तक जलती रही. इस घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

    अधिकारियों ने बताया कि आग से प्रभावित ज़्यादातर दुकानों में खाने-पीने का सामान, सूखे मेवे और कंबल बेचे जाते थे.

    शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एक दुकान में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है. तेज़ हवाओं के कारण आग तेज़ी से पूरे बाज़ार में फैल गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया, "नुक़सान बहुत ज़्यादा हुआ है. दमकल की गाड़ियां एक या डेढ़ घंटे बाद पहुंचीं, तबतक सबकुछ जल चुका था."

    एक दुकानदार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पूरा बाजार जलकर राख हो गया है. कम से कम 25 से 30 दुकानों को पूरी तरह नुकसान पहुंचा है. यह पूरी तरह से बर्बादी है. हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सभी को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की ताकत मिले."

    "नुक़सान बहुत बड़ा है. मैं प्रशासन से भी अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और बिना देरी के मुआवज़ा सुनिश्चित करे."

  11. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेलेंगे ईशान किशन

    ईशान किशन
    इमेज कैप्शन, पांच टी20 मैचों की सिरीज़ में भारत 2-0 से आगे है

    भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 27 अक्तूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में नहीं खेलेंगे.

    बीसीसीआई के मुताबिक़, ईशान दाएं पैर की मांसपेशियों में खिंचाव से उबर रहे हैं, लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं.

    ईशान को यह चोट सीरीज़ के पहले टी20 मैच के दौरान लगी थी. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है.

    विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र तीसरे टी20 मैच के लिए टीम के साथ बने रहेंगे.

    पहले मैच में ईशान किशन का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा था, पांचवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने सिर्फ़ एक रन ही बनाया था.

    पाँच टी20 मैचों की सिरीज़ में भारत 2-0 से आगे है.

  12. स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के बाद जामिया में 15 दिन बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश

    जामिया
    इमेज कैप्शन, छात्र संघ की मांग को लेकर बीते कई दिनों से जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे

    दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के कई दिनों के प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांगें मान ली हैं.

    यूनिवर्सिटी ने छात्रसंघ चुनाव कराने और विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का आदेश दिया है.

    26 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक़, विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे.

    विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी.

    आदेश के मुताबिक़, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ दिए गए बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर सहमति जताई है. संबंधित पोस्ट हटाने के लिए भी कहा गया है.

    आदेश जारी होने के साथ ही छात्रों से विरोध प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने को कहा गया है.

  13. इस देश में छात्र आंदोलन से निकली पार्टी ने जीते आम चुनाव

    सर्बिया
    इमेज कैप्शन, लंबे समय से सत्ता में रहे नेता अलेक्जेंडर वुचिच ने समय से पहले हुए संसदीय चुनावों में अपनी हार मान ली है

    सर्बिया के लंबे समय से सत्ता में रहे नेता अलेक्जेंडर वुचिच ने समय से पहले हुए संसदीय चुनावों में छात्र आंदोलन के हाथों अपनी हार स्वीकार कर ली है.

    रविवार देर रात उन्होंने कहा, "हमारे पास अभी अंतिम नतीजे नहीं हैं, लेकिन यह साफ है कि हम ये चुनाव हार गए हैं."

    दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता वुचिच के हार स्वीकार करने के बाद देश में जश्न मनाया गया.

    चुनाव जीतने वाली पार्टी 'स्टूडेंट लिस्ट' के नेता इलिजा स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "सर्बिया अब फ्री स्टेट बनेगा."

    अलेक्जेंडर वुचिच
    इमेज कैप्शन, अलेक्जेंडर वुचिच ने रविवार को अपनी हार स्वीकार की

    सर्बिया के चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने मतदान किया. टिप्पणीकारों का मानना था कि अधिक मतदान से छात्र आंदोलन को फ़ायदा हो सकता है.

    भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दो साल से चल रहे थे प्रदर्शन

    वुचिच ने दो साल से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद समय से पहले चुनाव कराने का फैसला किया था.

    ये प्रदर्शन नोवी साद शहर में एक रेलवे स्टेशन की छतरी गिरने की घटना के बाद शुरू हुए थे. इस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी. इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रतीक माना गया.

    सर्बिया
    इमेज कैप्शन, छात्र आंदोलन की जीत के बाद सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा

    वुचिच दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं. तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होने के कारण वह अपनी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) का नेतृत्व कर रहे थे. उनका लक्ष्य फिर से प्रधानमंत्री बनना था. उन्होंने 2017 में यह पद छोड़ दिया था.

    छात्र आंदोलन की पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवार इलिया स्रदानोविच
    इमेज कैप्शन, छात्र आंदोलन की पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवार इलिया स्रदानोविच
    सर्बिया
    इमेज कैप्शन, बीते दो साल से देश में छात्र आंदोलन चल रहा था और दक्षिणपंथी सरकार के ख़िलाफ़ में ख़ासा गुस्सा था

    छात्र आंदोलन की पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवार इलिया स्रदानोविच ने बीबीसी सर्बियन से कहा, "यह एक आज़ाद देश होगा."

    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी इस आंदोलन को सर्बिया भर में सरकार के विरोध में मतदान करने वाले लोगों का समर्थन मिला है. आंदोलन का लक्ष्य "देश को तानाशाही से मुक्त कराना" है.

  14. ब्राज़ीलः बोल्सोनारो ने लूला की जीत मानने से किया इनकार, चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की

    फ़्लेवियो बोल्सोनारो
    इमेज कैप्शन, फ़्लेवियो बोल्सोनारो, लूला के ख़िलाफ़ मैदान में खड़े थे और उन्हें अपनी जीत की पूरी उम्मीद थी

    ब्राज़ील आम चुनावों में हार के बाद पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों को मानने से मना कर दिया है.

    फ्लावियो बोल्सोनारो नतीजों से साफ तौर पर नाराज़ दिखे, उन्होंने कहा कि जो हुआ, वह 'असंभव' और 'समझ से परे' है.

    उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो फ़िलहाल हाउस अरेस्ट में हैं. फ्लावियो ने लूला की जीत को स्वीकार करने से इनकार किया और चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की.

    अपनी ताज़ा टिप्पणियों के साथ फ्लावियो ने अपने पिता जाएर बोल्सोनारो का रास्ता अपनाया है. जाएर बोल्सोनारो ने भी 2022 में चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

  15. नेतन्याहू और पीएम मोदी की दोस्ती पर क्या बोले ओवैसी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
    इमेज कैप्शन, ओवैसी ने कहा कि उमरा करने गए 4,000 लोग फंसे हुए हैं उन्हें विशेष विमान से लाया जाना चाहिए

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू की दोस्ती पर टिप्पणी की है.

    रविवार को उत्तर प्रदेश के कैराना में एक सभा के दौरान ओवैसी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आपको बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ अपनी करीबी दोस्ती को कम करना चाहिए, क्योंकि अंत में यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है."

    उन्होंने कहा, "अगर यह जंग छिड़ती है, तो भारत को नुकसान होगा. हमें खुलकर बोलना चाहिए और ट्रंप से कहना चाहिए कि वे जंग न करें, क्योंकि इससे भारत को नुकसान पहुंचेगा. पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी. भगवान न करे, अगर यह संघर्ष और बढ़ता है, तो बीच में फंसे भारतीयों का क्या होगा?"

    "हम पहले से ही उमरा करने गए अपने 4,000 जायरीन को वापस लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मोदी जी, आपको कदम उठाना चाहिए. खुलकर अपनी बात कहिए और ट्रंप से कहिए कि हम युद्ध नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. भारत का असली हित इसी में है."

    उन्होंने कहा कि अगर उमरा करने गए लोगों को अगर वापस नहीं लाया गया तो तीन चार दिन में उनके 'भीख मांगने की नौबत' आ सकती है. उन्होंने विशेष विमान भेजकर फंसे हुए लोगों को वापस लाने का इंतज़ाम करने की मांग की.

  16. अरुणाचल प्रदेश में बांध विरोधी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद आरएएफ़ की टुकड़ियां भेजी गईं

    रैपिड एक्शन फ़ोर्स
    इमेज कैप्शन, आरएएफ़, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) की एक विशेष दंगा-रोधी इकाई है. इसके जवान नीली वर्दी पहनते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) की दो कंपनियां पासीघाट भेजी हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पूर्वी सियांग ज़िले के पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने के बाद ये ख़बर आई है.

    गृह मंत्रालय के निर्देश पर नवी मुंबई से आरएएफ़ के करीब 250 जवानों को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है.

    परियोजना को लेकर लोगों में आशंकाएं

    सियांग नदी पर प्रस्तावित इस बड़ी बांध परियोजना का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि परियोजना को लेकर ग़लत जानकारी और भ्रांतियों की वजह से लोगों में आशंकाएं पैदा हो रही हैं.

    खांडू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ़) और सामुदायिक संगठनों के साथ बैठक की. इस बैठक में परियोजना को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी पहुंचाने पर चर्चा हुई.

    पेमा खांडू के मुताबिक़, लोगों को परियोजना, उसके रणनीतिक महत्व और उससे जुड़ी चिंताओं को समझने के लिए सही जानकारी मिलना ज़रूरी है.

    उन्होंने तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत के ज़रिए लोगों की आशंकाएं दूर करने पर ज़ोर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से दो दिन पहले उन्होंने कहा था, "मैं लोगों को सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए ईटानगर आने या मुझे पासीघाट बुलाने का न्योता देता हूं. बंद या हिंसा से समस्याओं का समाधान नहीं होता. यह परियोजना जनता की सहमति से आगे बढ़ेगी."

  17. नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप क्यों बोले- जिसे शुरू किया था, वो काम ख़त्म करना है

    ट्रंप
    इमेज कैप्शन, इसराइल में आम चुनाव होने जा रहे हैं और ट्रंप ने अपना पूरा समर्थन नेतन्याहू के लिए दिया है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल में आम चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को वोट देने की अपील की है.

    उन्होंने कहा, “नेतन्याहू को वोट दें. हमें उस काम को पूरा करना है, जिसकी शुरुआत हमने की थी.”

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट करते हुए लिखा, “हर कोई जानता है, यहां तक कि दुश्मन भी, बीबी (नेतन्याहू) और मेरे बीच मिलकर जीत हासिल करने का शानदार रिश्ता रहा है. मैंने वेनेज़ुएला पर हमला किया, जो इतिहास के सबसे सफल सैन्य अभियानों में से एक था. लेकिन इससे पहले हमने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' चलाया था, जिसके जरिए दुनिया में आतंकवाद को समर्थन देने वाले नंबर एक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका गया.”

    “इसके बाद हमने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाया. अब ईरान के पास न तो नौसेना है और न ही वायुसेना. उसकी सेना और अर्थव्यवस्था, दोनों बुरी तरह बिखर चुकी हैं. ईरान में महंगाई दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है. नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान तेल हासिल नहीं कर पा रहा है. उसके नेतृत्व के दो स्तर, जिनमें सैन्य और अन्य नेतृत्व शामिल हैं, खत्म हो चुके हैं.”

    एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर कहा था कि उन्होंने अभी तय नहीं किया है कि वो समझौता करेंगे या जंग छेड़ेंगे.

    ट्रंप ने नेतन्याहू को वोट देने की अपील करते हुए कहा, “जब आप मतदान करने जाएं, तो कृपया याद रखें कि बीबी एक असाधारण लड़ाकू प्रधानमंत्री रहे हैं.”

    “कुछ बेहद बुरे लोगों ने इसराइल को 'छोटा शैतान' और अमेरिका को 'बड़ा शैतान' कहा था. अब दुनिया भर में 'अमेरिका की मौत हो, इसराइल की मौत हो' जैसे नारे नहीं सुनाई देने चाहिए और न ही ऐसे नारे फिर सुनाई देंगे.”