लाइव, अज़ोव सागर में पांच जहाज़ों पर यूक्रेनी हमला, रोमानिया तट के पास ड्रोन ब्लास्ट की भी पुष्टि

यूक्रेन की ड्रोन फोर्सेज के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी ने आरोप लगाया कि ये जहाज यूक्रेनी अनाज की "चोरी" करने के साथ-साथ सैन्य सामान और ईंधन की ढुलाई में शामिल थे.

सारांश

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लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. अज़ोव सागर में पांच जहाज़ों पर यूक्रेनी हमला, रोमानिया तट के पास ड्रोन ब्लास्ट की भी पुष्टि, कैथरीन आर्मस्ट्रांग

    रोमानिया

    इमेज स्रोत, Observator Antena1

    इमेज कैप्शन, यूक्रेन ने शुक्रवार को रोमानिया के तट के अपने एक नौसैनिक ड्रोन फटने की पुष्टि की

    यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने अज़ोव सागर और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी तटीय इलाकों के पास अवैध माल ले जा रहे पांच जहाजों को निशाना बनाया है.

    यूक्रेन की ड्रोन फोर्सेज के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी ने आरोप लगाया कि ये जहाज यूक्रेनी अनाज की "चोरी" करने के साथ-साथ सैन्य सामान और ईंधन की ढुलाई में शामिल थे.

    यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया था.

    हालांकि, सेंट पीटर्सबर्ग में एक इकोनॉमिक फोरम की मीटिंग के दौरान पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

    इस बीच, यूक्रेन ने पुष्टि की है कि उसका एक नौसैनिक ड्रोन शुक्रवार को रोमानिया के तट के पास विस्फोट हो गया. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने शांति वार्ता प्रस्ताव के साथ कहा कि युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके रूस के लोग यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइल हमलों, ईंधन की कमी और महंगाई से थक चुके हैं.

    यूक्रेन लंबे समय से रूस की सैन्य और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाता रहा है, ताकि उसकी युद्ध क्षमता को कमजोर किया जा सके.

    उधर, अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अज़ोव सागर में दो जहाजों पर हुए हमलों में उसके पांच नागरिकों की मौत हुई है.

    मंत्रालय ने हमलों के लिए किसी पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया और कहा कि संबंधित जहाज अज़रबैजान के नहीं थे.

    इससे पहले, यूक्रेन की ड्रोन फोर्सेज के कमांडर ब्रोवडी ने बताया था कि रातभर में मारियुपोल और बर्दियांस्क के बंदरगाहों के साथ-साथ उन तटीय इलाकों में पांच जहाजों को निशाना बनाया गया, जिन्हें यूक्रेन "अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्र" कहता है. ये यूक्रेन के वे हिस्से हैं, जो फिलहाल रूस के नियंत्रण में हैं.

    उनके अनुसार, कार्गो जहाजों और टैंकरों समेत इन जहाज़ों के नाम मिटा दिए गए थे और उनके रडार बंद थे, ताकि कथित तौर पर यूक्रेनी अनाज की चोरी और सैन्य सामान और ईंधन की ढुलाई गुप्त रूप से की जा सके.

    अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने प्रभावित दो जहाज़ों की पहचान "नास्त्रा" और "सिरकॉन" के रूप में की है.

    वहीं यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, यूक्रेन में पिछले एक दिन में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है और 70 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

  3. कार्टून: कौनसी पार्टी?

    कार्टून: कौनसी पार्टी?
    इमेज कैप्शन, दिल्ली में पानी की दिक्कत पर मुख्यमंत्री के बयान पर आज का कार्टून.
  4. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में एयर लीक, एस्ट्रोनॉट्स को दिए गए ये निर्देश

    अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (सांकेतिक तस्वीर)

    अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को अपने-अपने अंतरिक्ष यानों में सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं.

    क्योंकि स्टेशन में एयर लीक की समस्या आ गई है और ठीक करने के लिए मरम्मत का काम किया जा रहा है.

    अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी, नासा ने बताया कि ज़्वेज़्दा सर्विस मॉड्यूल का ट्रांसफर टनल, जिसे पीआरके के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से दरारों और एयर लीक की समस्या से जूझ रहा है.

    नए रिसाव सामने आने के बाद रूस की अंतरिक्ष एजेंसी, 'रॉसकॉसमॉस' ने बड़े पैमाने पर मरम्मत अभियान शुरू करने का फैसला किया है.

    नासा ने एहतियात के तौर पर एजेंसी के चार स्पेसएक्स क्रू, 12 सदस्यों और एक अन्य नासा अंतरिक्ष यात्री को मरम्मत कार्य के दौरान ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सुरक्षित जगह पर जाने निर्देश दिया है.

    यह पहली बार नहीं है जब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को इस समस्या का सामना करना पड़ा है. संबंधित दरारों और रिसाव की समस्या पिछले लगभग छह सालों से समय-समय पर सामने आती रही है.

    हालांकि, नासा के अनुसार यह कदम अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए उठाया गया है और फिलहाल चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.

  5. हूती नेता की चेतावनी, 'क्षेत्र में किसी भी स्तर के संघर्ष के लिए तैयार हैं हम'

    अब्दुल मलिक अल-हूती

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    इमेज कैप्शन, यमन के हूती आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती(बाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)

    यमन के हूती आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा है कि उनका संगठन क्षेत्र में जारी तनाव के बीच संघर्ष के किसी भी स्तर का सामना करने के लिए तैयार है.

    अब्दुल मलिक अल-हूती ने यह बात हूती समर्थित टीवी चैनल अल-मसीरा पर प्रसारित एक संबोधन में कही.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि लेबनान, ग़ज़ा और अमेरिका की गतिविधियों को लेकर वह 'एक्सिस ऑफ़ रेज़िस्टेंस' के साथ ताल-मेल बनाए हुए हैं. यह शब्द आमतौर पर क्षेत्र में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

    हूती नेता ने आरोप लगाया, ''दुश्मन ऐसी योजनाओं के तहत काम कर रहा है, जिनका उद्देश्य तथाकथित "ग्रेटर इसराइल" की स्थापना और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक स्वरूप को बदलना है.''

    उन्होंने दावा किया कि यह ख़तरा इस्लाम के सभी पवित्र स्थलों तक फैला हुआ है, जिनमें सऊदी अरब के मक्का और मदीना में स्थित धार्मिक स्थल भी शामिल हैं.

    अब्दुल मलिक अल-हूती ने क्षेत्र के सभी पक्षों और ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इसराइल की ओर से किसी युद्ध में शामिल न हों, अगर वो ऐसा करते हैं तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका हूतियों को एक बड़ी जंग में धकेलने की कोशिश कर रहा है, जो इसराइल के हितों को पूरा करेगा.

    हालांकि, अपने संबोधन में उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने या लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने को लेकर कोई प्रत्यक्ष धमकी नहीं दी.

    इससे पहले भी हूती अधिकारियों ने लेबनान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तनाव बढ़ने की आशंका जताई थी.

    वहीं, समूह के नेता ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ संघर्ष फिर से शुरू होता है, तो क्षेत्र में हिंसा और टकराव का स्तर बढ़ सकता है.

  6. जेडीयू ने निशांत कुमार और बीजेपी ने पवन सिंह को एमएलसी उम्मीदवार बनाया

    गायक पवन सिंह और निशांत कुमार

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    बिहार में होने वाले द्विवार्षिक एमएलसी चुनावों के लिए जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.

    जेडीयू ने पटना जिले से निशांत कुमार को एमएलसी उम्मीदवार बनाया है. वहीं, पार्टी ने मधुबनी से भारती मेहता, पश्चिम चंपारण से शिवरानी देवी प्रजापति और शेखपुरा से ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है.

    वहीं, बीजेपी ने भोजपुरी गायक पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है.

    बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का 7 मई को विस्तार हुआ था. इस दौरान जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली थी. वह फिलहाल बिहार के स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं.

  7. बिहार के गया में ओझा बताकर एक शख़्स की पीट-पीटकर हत्या, प्रीति प्रभा, गया से बीबीसी हिन्दी के लिए

    मृतक राजेन्द्र मांझी

    इमेज स्रोत, Photo: Dheeraj Sinha

    इमेज कैप्शन, मृतक राजेन्द्र मांझी गया ज़िले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बंधुआ गांव के के रहने वाले थे

    बिहार के गया में तीन जून को रात आठ बजे ओझा-गुणी होने के शक में 55 साल के राजेंद्र मांझी की हत्या कर दी गई.

    एफ़आईआर के मुताबिक़, 55 साल के राजेन्द्र मांझी की तीन जून की रात आठ बजे, ओझा-गुणी होने के शक में गांव के एक ही परिवार के 13 लोगों (जिनमें चार महिलायें भी शामिल थीं ) ने लाठी - डंडा, हसूल और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया.

    मृतक राजेन्द्र मांझी गया ज़िले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बंधुआ गांव के रहने वाले थे.

    मृतक राजेंद्र मांझी की बहू बैजयंती देवी ने बताया,"रात करीब आठ बजे गांव के कुछ लोग ये कहते हुए घर में घुसे कि 'यही ओझा है, इसी ने मेरे बच्चे को खाया है' और आंगन में बैठे मेरे ससुर को घसीटते हुए बाहर ले गए और बेरहमी से उनकी पिटाई की."

    "वे लोग मेरे ससुर के हाथ, पैर और सिर पर हमला करते हुए चिल्ला-चिल्ला कर बोल रहे थे, 'मेरा बच्चा वापस लाओ', लेकिन गांव के लोग तमाशा देख रहे थे, किसी ने उन्हें नहीं बचाया."

    क्या कह रही है पुलिस?

    मृतक राजेंद्र मांझी के घर के बाहर बैठे लोग

    इमेज स्रोत, Photo: Dheeraj Sinha

    गया डीएसपी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि "सूचना मिलने के बाद पुलिस बल रात में ही मौके पर पहुंची. अंधेरे की वजह से काफी मशक्कत के बाद रात करीब 1 बजे शांति नगर के पास रेलवे ट्रैक से राजेंद्र मांझी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है."

    डीएसपी सुनील कुमार पांडे ने ये भी बताया कि "​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फौरन कार्रवाई कर मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र मांझी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है."

    "अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. गिरफ़्तार अभियुक्तों पर हत्या और साक्ष्य छुपाने के लिए धारा 103 और 238 लगाए गए हैं."

  8. भारत सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों पर विरोध दर्ज कराया

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर

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    भारत ने शुक्रवार को गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले विधानसभा चुनावों पर विरोध दर्ज कराया है.

    विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा, "भारत सरकार ने पाकिस्तान की ओर से अवैध और बलपूर्वक कब्ज़े वाले भारतीय क्षेत्रों में तथाकथित 'गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा' के लिए 7 जून 2026 को सामान्य चुनाव कराने की योजना के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराया है."

    भारत सरकार ने कहा, "पाकिस्तान की ऐसी कोशिशें उन मूल समस्याओं को नहीं छिपा सकतीं, जिनमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता से वंचित किया जाना शामिल है."

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक, गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार यानी 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों में दस जिलों की 24 सामान्य सीटों पर चुनाव होंगे. और इसके लिए वहां चुनाव प्रचार और तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं.

  9. ईरान के राजदूत ने भारत के लोगों के प्रति आभार जताया, जानिए क्या कहा

    भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़तहाली

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    इमेज कैप्शन, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़तहाली

    भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़तहाली ने भारतीय लोगों के प्रति आभार जताया है.

    दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फतहाली ने कहा, "संकट के इस गंभीर दौर में जब हम अपने दो नेताओं को खोने के शोक में हैं, इस पूरे देश के लोग हमारे साथ खड़े रहे. वे हमारे कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे, अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं."

    मोहम्मद फ़तहाली ने कहा कि भारत के लोग आगे आए और हमारे साथ हमारा दुख बांटा.

    उन्होंने कहा, ''हम इसके लिए भारत के लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं."

    अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे. शुरुआती हमलों में ही ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई समेत देश के कई शीर्ष नेताओं की मौत हो गई थी.

    इन हमलों के बाद मध्य पूर्व में जंग शुरू हो गई. यह तनाव अब भी बरकरार है. इसका असर दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई और उनकी कीमतों पर देखा जा रहा है.

  10. टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद क्या कहा

    फिरहाद हकीम

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    इमेज कैप्शन, दिसंबर 2018 में सोभनदेब चट्टोपाध्याय के पद छोड़ने के बाद फिरहाद हकीम को कोलकाता का मेयर बनाया गया था

    टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को कहा,"मैं अपनी नेता ममता बनर्जी का आभारी हूं. दिसंबर 2018 में पूर्व मेयर सोवन चटर्जी के अचानक इस्तीफे के बाद कोलकाता नगर निगम के पार्षदों ने मुझे मेयर चुना था. मैंने अपनी सभी ज़िम्मेदारियां ईमानदारी से निभाईं."

    टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफे की औपचारिक घोषणा की. उन्हें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है.

    फिरहाद ने आगे कहा, "अब मैं इस ज़िम्मेदारी को आगे नहीं निभा पा रहा हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि मेयर की कुर्सी केवल एक पद नहीं, बल्कि एक बड़ी ज़िम्मेदारी है."

    दिसंबर 2018 में सोवन चटर्जी के पद छोड़ने के बाद उन्हें कोलकाता का मेयर बनाया गया था. यह एक ऐतिहासिक पल था. हकीम, 150 साल पुरानी कोलकाता नगर निगम के पहले मुस्लिम मेयर बने थे.

    2021 में कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक और वार्ड संख्या 82 के पार्षद के रूप में उन्होंने दूसरी बार मेयर पद की ज़िम्मेदारी संभाली थी.

  11. भारत ने बांग्लादेश के 'जबरन लोगों को सीमा पार भेजने' के आरोपों पर क्या जवाब दिया?

    रणधीर जयसवाल

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    इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत ने बांग्लादेश के उस बयान पर जवाब दिया है, जिसमें बांग्लादेश ने दावा किया था कि उसने पिछले 24 घंटों के दौरान भारत की ओर से लोगों को जबरन अपनी सीमा में भेजने के कई प्रयास विफल किए हैं. बांग्लादेश ने ये बयान गुरुवार को दिया था.

    शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, "भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान हैं. बांग्लादेशी नागरिकों समेत सभी विदेशी नागरिकों के मामलों में इन्हीं प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है."

    उन्होंने कहा, "निर्वासन की प्रक्रिया के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच एक द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है. भारत ऐसे मामलों को बांग्लादेशी अधिकारियों के पास भेजता है, ताकि संबंधित व्यक्ति की राष्ट्रीयता का सत्यापन किया जा सके. सत्यापन पूरा होने के बाद ही निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है."

    जयसवाल ने कहा कि ऐसे कई अनुरोध अभी भी बांग्लादेशी अधिकारियों के पास लंबित हैं.

    उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मामलों का जल्द निपटारा होगा, जिससे भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों के निर्वासन की प्रक्रिया सुचारु और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके.

  12. अब्बास अराग़ची बोले, 'ईरान आत्मरक्षा में ज़ोरदार जवाब देगा'

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक बयान में कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर किसी भी प्रकार का आक्रमण थोपा जाता है, तो वह आत्मरक्षा में ज़ोरदार जवाब देगा.

    बयान के मुताबिक, अराग़ची ने कहा कि तेहरान का रुख स्पष्ट है और किसी भी संभावित हमले की स्थिति में वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कदम उठाएगा.

    पाकिस्तान और ईरान के गृह मंत्री की मुलाक़ात

    वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और ईरानी गृह मंत्री सिकंदर मोमेनी के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंधों और क्षेत्र के ताज़ा हालात पर चर्चा की गई.

    गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट से साझा की गई एक पोस्ट के मुताबिक, बैठक में दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की.

  13. आरबीआई ने साल 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फ़ीसदी रहने का अनुमान जताया

    आरबीआई

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    इमेज कैप्शन, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस दौरान रिज़र्व बैंक ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.

    रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.

    वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

    रिज़र्व बैंक ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ़) और बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया है. ये 5.50 फीसदी पर बरकरार रहेंगे.

    स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ़) में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह पहले की तरह 5 फीसदी पर बनी रहेगी.

  14. दुबई के शाही परिवार की पूर्व बहू हिरासत में, ये है वजह, सेबेस्टियन अशर, ग्लोबल अफ़ेयर्स रिपोर्टर

    ज़ेनाब जवादली

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    इमेज कैप्शन, ज़ेनाब जवादली पहले एक इंटरनेशनल जिम्नास्ट रह चुकी हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    दुबई के शासक के भतीजे की पूर्व पत्नी ज़ेनाब जवादली को हिरासत में ले लिया गया है. जवादली पहले एक इंटरनेशनल जिम्नास्ट रह चुकी हैं.

    दुबई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने बीबीसी को बताया कि ज़ेनाब जवादली को उनके पूर्व पति, शेख सईद बिन मकतूम बिन राशिद अल मकतूम की शिकायत के बाद हिरासत में लिया गया. शेख सईद बिन मकतूम उनके तीन बच्चों के पिता भी हैं.

    उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट की मंज़ूरी से मुलाक़ात के समय वह बच्चों को अगवा करके ले गईं.

    मंगलवार रात से ही जवादली के परिवार और दोस्तों का उनसे संपर्क टूट गया था और वे उनके ठिकाने को लेकर चिंतित थे.

    लगभग दो दिनों तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली कि जवादली या उनके बच्चे कहाँ गए थे.

    ज़ेनाब जवादली

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    इमेज कैप्शन, ज़ेनाब जवादली का शेख सईद बिन मकतूम बिन राशिद अल मकतूम से साल 2019 में तलाक़ हो गया था

    कई महीनों से वह शायद ही कभी घर से बाहर निकली थीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि सुरक्षा अधिकारी उनके बच्चों को उनसे छीनने और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए इंतज़ार कर रहे हैं.

    पिछले साल, उनके पूर्व पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर अपनी बेटियों को अगवा करने का आरोप लगाया गया था.

    इससे पहले बच्चे कई बार माता-पिता के पास आते-जाते रहे और दोनों ने एक-दूसरे पर अपहरण का आरोप लगाया.

    बच्चों की कस्टडी के मामले में कोर्ट की सुनवाई के दौरान शेख सईद बिन मकतूम बिन राशिद अल मकतूम के वकीलों ने जवादली पर कई आरोप लगाए.

    वकीलों ने दावा किया कि वह एक अच्छी माँ नहीं हैं; उन्होंने अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजा, होटल में रहने के दौरान ऐसी जगह पर रहीं जो बच्चों के लिए ठीक नहीं थी, और सबसे छोटी बेटी की सेहत को खतरे में डाला.

  15. अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  16. मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, तीन नागरिकों की मौत, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए

    उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में फिर से हिंसा हुई है

    इमेज स्रोत, Dilip Kumar Sharma

    इमेज कैप्शन, उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में फिर से हिंसा हुई है

    मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में हिंसा की एक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है.

    कांगपोकपी थाने के प्रभारी मिन किपगेन ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "यह हमला शुक्रवार तड़के क़रीब 4 बजे किया गया. हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने लोइबोल खुलेन गांव में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई है."

    उन्होंने आगे कहा, "हमलावरों ने कुछ घरों को भी आग लगा दी थी. फिलहाल पुलिस की टीम आस-पास के इलाक़ों में हमलावरों की तलाश में अभियान चला रही है."

    पुलिस ने इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान लेटखोंगम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमेरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के तौर पर की है. ये सभी लोइबोल खुलेन गांव के रहने वाले थे.

    इस बीच कुकी-ज़ो जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था, कुकी इनपी मणिपुर ने इस हमले की निंदा करते हुए नगा चरमपंथी संगठन एनएससीएन -आईएम और उसके कथित प्रॉक्सी समूह जेडयूएफ(के) को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    इस हमले को लेकर कुकी इनपी ने एक बयान जारी कर कहा, "यह निहत्थे नागरिकों पर 'बर्बर हमला' है. निर्दोष ग्रामीणों की जानबूझकर हत्या और उनके घरों, आजीविका को नष्ट करना, मानवीय गरिमा और मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है."

    उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार अपनी सुरक्षा एजेंसियों से इस घटना की तुरंत जांच शुरू करवाए. सरकार बिना किसी देरी के हमलावरों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय देने की व्यवस्था करें."

    मणिपुर में बीते तीन साल से जारी जातीय तनाव और हिंसा के माहौल में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं. पहले यह हिंसा कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच शुरू हुई और इस साल फरवरी से कुकी और मणिपुर में बसे नगा जनजाति के बीच नई हिंसा शुरू हो गई है.

    इस ताजा हिंसा को लेकर कुकी जनजाति के जितने भी नागरिक संगठनों ने बयान जारी किया है, उसमें नगा चरमपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया गया है.

    हालांकि अब तक नगा चरमपंथी समूहों की तरफ से घटना से संबंधित किसी भी आरोप का जवाब नहीं आया है.

  17. पेपर लीक मामले पर दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, एनटीए को लेकर की ये मांग

    नीट पेपर लीक मामले पर विपक्षी नेता लगातार पीएम मोदी पर निशाना साथ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, नीट पेपर लीक मामले पर विपक्षी नेता लगातार पीएम मोदी पर निशाना साथ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसके ज़रिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि वह पिछले आठ साल में एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं पर एक श्वेत पत्र जारी करे.

    इस पत्र में दिग्विजय सिंह ने जांच, गिरफ्तारियों, चार्जशीट या क्लोज़र रिपोर्ट और अभियुक्तिों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है.

    उन्होंने कहा कि अधिक पारदर्शिता से परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी.

    दरअसल नीट के आयोजन में होने वाली परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से विवाद होता रहा है.

    3 मई को हुई नीट की परीक्षा के बारे में 7 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को शिकायत मिली कि परीक्षा के कई प्रश्न लीक हो गए हैं. उसके बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी. यह दोबारा यह परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी.

    नीट की परीक्षा को लेकर विपक्षी दलों से लेकर अन्य संगठन भी सरकार पर लगातार निशाना साथ रहे हैं.

    विपक्षी दलों ने इसे लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है.

  18. विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भारत ने उठाए ये क़दम

    निर्मला सीतारमण

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    भारत सरकार ने गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ मार्केट को मज़बूत करने के लिए अहम क़दम उठाया है.

    सरकार ने एक अध्यादेश के ज़रिये आयकर अधिनयम में संशोधन किया है.

    सरकार ने गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ में (विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स) एफ़पीआई के निवेश पर लागू टैक्स नियमों को आसान बनाने का फैसला किया है. इसके तहत ऐसे निवेश पर मिलने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन को इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी.

    यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, यानी इस तारीख़ या इसके बाद सरकारी सिक्योरिटीज़ में निवेश से एफ़पीआई को होने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन पर यह छूट मिलेगी.

    इसी तरह की इनकम-टैक्स छूट 'बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स' को भी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ में उसके निवेश से होने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन के लिए दी गई है.

    इससे लंबे समय तक टिकने वाली विदेशी पूंजी और पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

    सरकार के मुताबिक़ इन सुधारों का मक़सद कामकाज की मुश्किलों को कम करना, बाज़ार तक पहुंच आसान बनाना और निवेशकों को दुनिया के प्रमुख फाइनेंशियल मार्केट की तरह बेहतर निवेश अनुभव देना है.

    सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से भारतीय इक्विटी और सरकारी सिक्योरिटीज़ के लिए निवेशकों का दायरा बढ़ेगा और भारत में निवेश करने के इच्छुक दुनिया भर के निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी.

  19. बांग्लादेश ने कहा, भारत की ओर से लोगों को जबरन भेजने की कई कोशिशों को किया नाकाम

    भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी ज़मीनी सीमा है (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी ज़मीनी सीमा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में भारत की ओर से लोगों को जबरन देश में भेजने की कई कोशिशों को नाकाम कर दिया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने कहा कि उसने सीमा के कई हिस्सों में भारतीय अधिकारियों की ओर से घुसपैठ की 10 कोशिशों का पता लगाया है, हालाँकि भारत के बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ़) और विदेश मंत्रालय ने इस पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया.

    भारत और बांग्लादेश के बीच दुनिया की सबसे लंबी ज़मीनी सीमाओं में से एक है, जो चार हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा इलाक़े में फैली है और इसमें हर तरह की ज़मीन शामिल है, जिससे इसकी निगरानी करना मुश्किल हो जाता है.

    भारत की केंद्र की सत्ता पर काबिज़ बीजेपी की त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में सरकार है. बीजेपी ने कई बार कहा है कि ‘अवैध घुसपैठियों’ की समस्या उसकी प्राथमिकता में शामिल है.

    इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है. ख़ासकर साल 2024 में भारत-समर्थक नेता रहीं बांग्लादेश की नेता शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह मुश्किल और बढ़ गई है.

    रॉयटर्स के मुताबिक़ बीजीबी ने एक बयान में कहा, "किसी भी व्यक्ति या समूह को सीमा के ज़रिए अवैध रूप से बांग्लादेश में घुसने की इजाज़त नहीं दी जाएगी." साथ ही कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन के नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करने की किसी भी कोशिश का "सख्ती से विरोध" किया जाएगा.

    बांग्लादेश ने पिछले महीने सीमा के कुछ हिस्सों में गश्त बढ़ा दी थी और जन-जागरूकता अभियान शुरू किए थे. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि चिंता थी कि भारत अवैध रूप से लोगों को बांग्लादेश भेज रहा है.

    अधिकारी, मानवाधिकार समूह और विश्लेषक इसे "पुश-इन" कहते हैं. यानी बिना सत्यापन और वापसी की प्रक्रियाओं के लोगों को बांग्लादेश भेजना.

    भारत के विदेश मंत्रालय ने मई में पत्रकारों को बताया था कि उसने बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से रह रहे 2,860 से ज़्यादा संदिग्ध बांग्लादेशियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करने को कहा था.

  20. तमिलनाडु: के अन्नामलाई ने बीजेपी से दिया इस्तीफ़ा, पार्टी अध्यक्ष ने किया मंज़ूर

    के अन्नामलाई

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    इमेज कैप्शन, के अन्नामलाई का इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    तमिलनाडु के वरिष्ठ बीजेपी नेता के अन्नामलाई ने पार्टी से आधिकारिक तौर पर इस्तीफ़ा दे दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

    के अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

    पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई साल 2020 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे.

    अन्नामलाई बीते कुछ साल में तमिलनाडु में बीजेपी के बड़े नेताओं में गिने जाते थे. उनका इस्तीफ़ा तमिलनाडु की सियासत के लिए बड़ी घटना मानी जा रही है.

    माना जा रहा है कि इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब वो अपनी अगली रणनीति की घोषणा कर सकते हैं, जिनमें एक नई पार्टी बनाने की संभावना भी शामिल है.