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पश्चिम बंगाल: पीएम मोदी ने जहां खाई थी झालमुड़ी, उस सीट पर बीजेपी का क्या हाल
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस से बढ़त बनाए हुए है.
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस जगह पर झालमुड़ी खाई थी, उस झाड़ग्राम सीट पर बीजेपी आगे चल रही है.
यहां से बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मी कांत साव 29882 वोटों के साथ सबसे आगे हैं.
जबकि टीएमसी के मंगल सारेन बीजेपी प्रत्याशी से 8000 वोट से पीछे हैं.
ये शुरुआती रुझान हैं और जैसे-जैसे कई चरणों में वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी इनमें बदलाव आ सकता है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग समाप्त हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
पश्चिम बंगाल: बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- हम सरकार बनाएंगे
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पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती हो रही है. शुरुआती रुझानों में सत्ताधारी टीएमसी पिछड़ती हुई दिख रही है और बीजेपी बढ़त बनाए हुए है.
फ़िलहाल बीजेपी 153 सीटों और टीएमसी 122 सीटों पर आगे है. जबकि कांग्रेस 4 और अन्य 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है.
इस बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि 'बीजेपी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी.'
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने दो जगह से चुनाव लड़ा है. बीजेपी ने उन्हें नंदीग्राम से उतारा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर में भी चुनौती दे रहे हैं.
तमिलनाडु: शुरुआती रुझानों में अभिनेता विजय की पार्टी के प्रदर्शन ने चौंकाया
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन के अलावा तीसरे दल ने भी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है. यह दल तमिल सिनेमा के जाने-माने अभिनेता विजय की टीवीके पार्टी है.
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों मतगणना हो रही है, यहां पर बहुमत का आंकड़ा 118 है.
फ़िलहाल टीवीके 49 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एआईएडीएमके 61 सीटों पर आगे है. डीएमके 97 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. शुरुआती रुझानों में टीवीके के प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया है.
एआईएडीएमके और टीवीके दोनों मिलकर डीएमके से अधिक सीटों पर आगे हैं.
असम विधानसभा चुनाव: ये हैं 6 अहम सीटें, जिन पर टिकी हैं नज़रें, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता
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असम में 126 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है. डाक मत पत्रों की गिनती पूरी हो चुकी है, अब ईवीएम खुलने शुरू हो गए हैं.
बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यहां तीसरी बार सत्ता में आने के लिए जोर लगा रहा है. जबकि कांग्रेस खोई हुई सियासी जमीन पाना चाह रही है.
असम विधानसभा चुनाव की 6 सीटें सबसे अहम मानी जा रही हैं, जहां से हाई प्रोफ़ाइल उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
जालुकबाड़ी- यह प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सीट है. वह साल 2001 से लगातार यहां से जीतते आ रहे हैं. इस बार उन्हें कांग्रेस की उम्मीदवार विदिशा नियोग से चुनौती मिल रही है.
जोरहाट- कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई की सीट है. वह असम के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगई के बेटे हैं. लोकसभा सांसद होते हुए भी उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है. उनके सामने बीजेपी के उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी हैं. वह यहां से बीजेपी के मौजूदा विधायक भी हैं और पहले भी इस सीट से जीतते रहे हैं.
बीनाकांदी सीट - एआईयूडीएफ़ पार्टी के संस्थापक बदरुद्दीन अजमल की सीट है. उनका मुकाबला इस बार असम गण परिषद के शहाबुद्दीन मजूमदार और असम जातीय परिषद के रेजाउल करीम चौधरी के बीच है. असम गण परिषद एनडीए गठबंधन और असम जातीय परिषद महाजोट गठबंधन का हिस्सा हैं. पिछली बार बदरुद्दीन अजमल की पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी पर इस बार पार्टी ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया और 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. पिछली बार पार्टी ने कुल 16 सीटें जीती थीं. पार्टी का प्रभाव लोअर असम और बराक वैली के क्षेत्रों में हैं.
नज़ीरा सीट - नज़ीरा ऊपरी असम के शिवसागर ज़िले की सीट है. यहां मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधायक और प्रदेश की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबाब्रता सैकिया बीजेपी के मयूर बोरोघैन में है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी और कांग्रेस ने इन्हीं दो उम्मीदवारों पर अपना भरोसा जताया था. तब के चुनाव नतीजों में देबाब्रता सैकिया और मयूर बोरोघैन के बीच जीत का अंतर काफ़ी कम था.
शिव सागर - यह सीट इसलिए अहम है क्योंकि यहां से रायजोर दल के संस्थापक अखिल गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं. वह यहां के मौजूदा विधायक भी हैं. उनका मुकाबला एनडीए गठबंधन का हिस्सा असम गण परिषद के उम्मीदवार प्रोदीप हज़ारिका और बीजेपी के कुशाल दोवारी से है.
यह सीट इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि एक ही गठबंधन का हिस्सा होते हुए भी बीजेपी और एजेपी ने यहां अपने उम्मीदवार उतारे हुए हैं.
अखिल गोगोई पिछले विधानसभा चुनाव से पहले यानी 2019-2020 के दौरान प्रदेश में सीएए के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा बने थे अखिल गोगोई. उनके ख़िलाफ़ यूएपीए के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ और वह तकरीबन दो साल जेल में भी रहे.
इसके बावजूद यानी जेल में रहते हुए उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते. बाद में उन्होंने अपनी पार्टी रायजोर दल का गठन किया. रायजोर दल, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली महाजोट गठबंधन का हिस्सा है.
दिसपुर - इसे भी एक हाई-प्रोफाइल सीट कह सकते हैं.बीजेपी के उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई, जो पहले कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं, चुनाव से ठीक पहले पार्टी बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए. उनके इस कदम के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयंत कुमार दास ने पार्टी छोड़ दी और अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.
कांग्रेस ने इस सीट से मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को उतारा है. ऐसे में तीनों उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर बन गई है, और स्थानीय स्तर पर इसे काफ़ी दिलचस्प मुकाबला माना जा रहा है.
विधानसभा चुनावों की मतगणना: शेयर बाज़ारों का क्या रुख़
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पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की वोटों की गिनती चल रही है.
शुरुआती रुझानों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
देश की राजनीति के लिए अहम माने जा रहे इन चुनावों को लेकर शेयर बाज़ार में भी हलचल दिख रही है.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ कामकाज कर रहे हैं. निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की बढ़त है, जबकि सेंसेक्स में 600 अंकों का उछाल है.
विश्लेषकों के मुताबिक जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों के रुझान और नतीजे स्पष्ट होंगे, शेयर बाज़ार में और हलचल देखने को मिल सकती है.
पश्चिम बंगाल: बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मतगणना के दौरान क्या कहा?
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती सोमवार सुबह शुरू हो गई है. राज्य इकाई के बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें भारी जीत का पूरा भरोसा है.
समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता के एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, "राज्य के लोगों ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस की सरकार को नकार दिया है."
उन्होंने कहा, "कुछ घंटों में सीटों के भारी बहुमत से यह साफ हो जाएगा कि ममता बनर्जी और जनता की लड़ाई में जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है."
पश्चिम बंगाल में 293 सीटों पर वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी की बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है और बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है.
विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती शुरू, पहले डाक मत पत्र गिने जा रहे
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इमेज कैप्शन, सुबह 8.30 बजे से ईवीएम पर वोटों की गिनती शुरू होगी (फ़ाइल फ़ोटो)
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हो गई है.
सबसे पहले डाक मत पत्र गिने जा रहे हैं. इसके बाद सुबह 8.30 बजे से ईवीएम पर गिनती शुरू होगी.
पश्चिम बंगाल में 293, तमिलनाडु में 234, केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर नतीजे आएंगे.
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
इस वजह से सोमवार को पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के परिणाम आएंगे.
डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'होर्मुज़ में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालेंगे, रुकावट डाली तो...'
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम और समुद्री मार्ग है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना सोमवार से होर्मुज़ में फंसे जहाज़ों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू करेगी.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रक्रिया में कोई दख़ल दिया गया तो उसका सख़्ती से जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ का मक़सद उन विदेशी जहाज़ों की मदद करना है जो होर्मुज़ स्ट्रेट में फंसे हुए हैं और जिनका मध्य पूर्व की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "जिन देशों का मध्य पूर्व में चल रहे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है, ऐसे कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट से अपने जहाज़ों को बाहर निकालने के लिए मदद मांगी है. ईरान, मध्य पूर्व और अमेरिका के भले के लिए हमने इन देशों से कहा है कि हम उनके जहाज़ों को सुरक्षित तरीक़े बाहर निकालेंगे, ताकि वे अपना काम आसानी से कर सकें."
"मैंने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे इन देशों को बताएं कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि उनके जहाज़ और क्रू सुरक्षित बाहर निकल सकें. यह प्रक्रिया ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ सोमवार सुबह शुरू होगी."
ट्रंप ने आगे लिखा, "कई जहाज़ों में खाना, पानी और ज़रूरी सामान कम हो रहा है, जिससे बड़े क्रू को जहाज़ पर ठीक तरह से रखना मुश्किल हो रहा है. मुझे लगता है यह क़दम उन सबके बीच भरोसा और अच्छा इरादा दिखाने में मदद करेगा जो पिछले महीनों से लगातार लड़ रहे हैं. लेकिन अगर इस मानवीय काम में किसी तरह की रुकावट डाली गई, तो उसका सख़्ती से जवाब देना पड़ेगा."
गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम और समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आवाजाही होती है. लेकिन मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से ही यह रास्ता प्रभावित हुआ है.
नेपाल ने लिपुलेख के रास्ते मानसरोवर यात्रा पर जताई आपत्ति, भारत ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
नेपाल के विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत का रुख स्पष्ट किया है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख इस मामले में हमेशा से साफ़ और एक जैसा रहा है, भारत सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के ज़रिए करने के लिए तैयार है.
दरअसल, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी कर कहा, "नेपाल सरकार लगातार भारत सरकार से आग्रह करती रही है कि वह इस क्षेत्र में सड़क निर्माण या विस्तार, सीमा व्यापार और यातायात जैसी कोई भी गतिविधि न करे."
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "इस मामले में भारत का रुख हमेशा साफ़ और स्थिर रहा है. लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुराना रास्ता रहा है और इस रास्ते से यात्रा कई दशकों से होती आ रही है. यह कोई नया मामला नहीं है."
"जहां तक सीमा से जुड़े दावों की बात है, भारत ने हमेशा कहा है कि ऐसे दावे सही नहीं हैं और इतिहास या सबूतों पर आधारित नहीं हैं. इस तरह से एकतरफ़ा और कृत्रिम तरीके से सीमा के दावे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं है."
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत नेपाल के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है, जिसमें सीमा से जुड़े सहमति वाले बाकी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति से हल करना भी शामिल है."
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इमेज कैप्शन, कैलाश जा रहे तीर्थयात्री (फ़ाइल फ़ोटो)
क्या है विवाद
नेपाल दावा करता रहा है कि महाकाली नदी के पूर्वी हिस्से में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख सहित सभी क्षेत्र 1816 की सुगौली संधि के आधार पर नेपाल के क्षेत्र का हिस्सा हैं.
लिपुलेख नेपाल के उत्तर-पश्चिम में स्थित है. यह भारत, नेपाल और चीन की सीमा से जुड़ा है. भारत इस इलाक़े को उत्तराखंड का हिस्सा मानता है.
नवंबर 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर का विभाजन कर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए और इसके साथ ही नया नक्शा जारी किया. इस नक्शे में ये इलाक़े शामिल थे.
नेपाल ने इस पर तीखी आपत्ति जताई और कहा कि भारत अपना नक्शा बदले क्योंकि कालापानी उसका इलाक़ा है. इसके पांच महीने बाद, मई 2020 में लिपुलेख को लेकर दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया.
इसके बाद 18 जून 2020 को नेपाल ने संविधान में संशोधन कर देश के राजनीतिक नक्शे को अपडेट किया. संशोधन के बाद नेपाल के मानचित्र में तीन रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र- लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा दिखाए गए.
पांच विधानसभा के चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझान जल्द, पश्चिम बंगाल में कैसी है तैयारी
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पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी विधानसभा के चुनावी नतीजों के रुझान अब से कुछ ही देर में आने शुरू हो जाएंगे.
पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती के लिए किए गए इंतज़ामों के बारे में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया, "293 सीटों के लिए वोटों की गिनती सोमवार को होगी. कुल 77 जगहों पर वोटों की गिनती होगी. इनमें 35 ज़िला मुख्यालय और 42 सबडिविज़न मुख्यालय शामिल हैं."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने बताया, ''चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ज़्यादातर केंद्र ज़िला स्तर पर होने चाहिए. राज्य भर में कुल 459 काउंटिंग हॉल हैं. वोटों की गिनती पर नज़र रखने के लिए 533 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं.''
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग समाप्त हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
इस वजह से सोमवार को पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के परिणाम आएंगे.
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