लाइव, संदिग्ध हमलावर ट्रंप प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था - सीबीएस
बीबीसी के अमेरिकी मीडिया पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने बताया है कि कथित हमलावर ने अधिकारियों से कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े अधिकारियों को निशाना बना रहा था.
संदिग्ध हमलावर ट्रंप प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था - सीबीएस
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इमेज कैप्शन, एफ़बीआई और पुलिस कैलिफ़ोर्निया में तलाशी अभियान चला रही है
बीबीसी के अमेरिकी मीडिया पार्टनर
सीबीएस न्यूज़ ने बताया है कि कथित हमलावर ने अधिकारियों से कहा है कि वह अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े अधिकारियों को निशाना बना रहा था.
सीबीएस ने नाम न ज़ाहिर करते हुए दो सूत्रों के हवाले से यह
भी कहा है कि घटना के दौरान कम से कम पांच से आठ गोलियां चलाई गईं.
इस बीच एफ़बीआई और पुलिस
कैलिफ़ोर्निया स्थित उस घर की तलाशी में जुटे हैं, जिसके संदिग्ध हमलावर से जुड़े होने की आशंका है.
इस तलाशी अभियान की कुछ तस्वीरें भी
सामने आई हैं, जिनमें कैलिफ़ोर्निया के टॉरेंस
इलाक़े में भारी पुलिस मौजूदगी दिखाई दे रही है.
नेतन्याहू ने इसराइली सेना को हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर 'ज़ोरदार हमले' का आदेश दिया, क्रिस ग्राहम
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इमेज कैप्शन, शनिवार को दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन
नेतन्याहू ने अपनी सेना को लेबनान में "हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर ज़ोरदार
हमला" करने का आदेश दिया है. यह फ़ैसला युद्धविराम को तीन हफ़्ते बढ़ाए जाने
के दो दिन बाद आया है.
इस निर्देश के बाद इसराइली सेना ने नए हमले
किए. इससे पहले शनिवार को दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों में कम से कम छह लोगों की
मौत हुई थी.
दोनों पक्षों के बीच सीमा पार ताज़ा
हमलों ने युद्धविराम समझौते पर दबाव बढ़ा दिया है. इससे साफ़ है कि यह युद्धविराम
अब भी काफ़ी नाज़ुक स्थिति में है.
यह समझौता पूरी तरह हमले रुकने के
बजाय हिंसा में कमी तक सीमित रहा है. वॉशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के
बीच बातचीत के बाद गुरुवार को इसे बढ़ाया गया था.
शनिवार को इससे पहले नबातियेह ज़िले
के योहमोर अल-शक़ीफ़ कस्बे में एक ट्रक और मोटरसाइकिल पर इसराइली हमलों में चार
लोगों की मौत हुई. एएफ़पी के मुताबिक़ यह जानकारी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने
दी.
मंत्रालय ने कहा कि बिंत जुबैल ज़िले
के सफ़द अल-बत्तीख़ कस्बे पर हुए एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत हुई और 17 लोग
घायल हुए.
इसराइल डिफेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़)
ने कहा कि उसने शनिवार को हिज़्बुल्लाह के तीन सदस्यों को "मार गिराया",
जो "हथियारों से भरे एक वाहन" में सवार
थे. इसके अलावा मोटरसाइकिल पर सवार एक अन्य सदस्य को भी मार गिराया गया.
पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने ट्रंप की डिनर पार्टी के दौरान गोलीबारी की घटना पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि उन्हें इस घटना से 'गहरा सदमा' पहुंचा है (13 अक्तूबर 2025 की तस्वीर)
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़
शरीफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी के दौरान हुई गोलीबारी
की घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा,
"वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस
कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन के डिनर के दौरान हुई परेशान करने वाली गोलीबारी की
घटना से गहरा सदमा पहुंचा है."
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप, फ़र्स्ट लेडी और अन्य मौजूद लोग सुरक्षित हैं...
मैं उनके लगातार सुरक्षित और स्वस्थ रहने की कामना करता हूं."
यह घटना वॉशिंगटन हिल्टन होटल में उस
वक्त हुई, जब ट्रंप व्हाइट हाउस के पत्रकारों
के साथ एक डिनर पार्टी में शामिल हुए.
इस घटना के संदिग्ध को पकड़ लिया गया
है.
अमेरिका के जिस होटल में ट्रंप की डिनर पार्टी में फ़ायरिंग हुई, वहां पूर्व राष्ट्रपति रीगन पर भी हुआ था जानलेवा हमला
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इमेज कैप्शन, 1981 में हुए इस हमले में राष्ट्रपति के अलावा तीन लोग घायल हुए थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ वॉशिंगटन हिल्टन होटल में एक डिनर पार्टी में
शामिल हुए थे. इस दौरान फ़ायरिंग की घटना हुई.
यह घटना अमेरिकी समयानुसार शनिवार
शाम की है.
कनेक्टिकट एवेन्यू स्थित वॉशिंगटन
हिल्टन वही होटल है जहां 1981 में तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर गोली चलाई
गई थी और वे घायल हुए थे.
यह हमला 30 मार्च 1981 को हुआ था. इस
हमले के दोषी जॉन हिंकली जूनियर ने उस वक्त गोली चलाई थी, जब रीगन होटल के भीतर एक कार्यक्रम में भाषण के बाद अपनी लिमोज़ीन की
तरफ़ लौट रहे थे.
रीगन इस हमले में बच गए थे, लेकिन गंभीर रूप से घायल हुए थे.
एक गोली राष्ट्रपति की लिमोज़ीन से
टकराई और उनके धड़ में लगी, जिससे
उनकी एक पसली टूट गई और फेफड़े में छेद हो गया. उन्हें तुरंत पास के जॉर्ज
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी अस्पताल ले जाया गया था और बाद में 11 अप्रैल को डिस्चार्ज
कर दिया गया था.
उस समय व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव
जेम्स ब्रैडी भी इसी घटना में घायल हुए थे. इसके अलावा एक सीक्रेट सर्विस एजेंट और
स्थानीय मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के एक अधिकारी भी घायल हुए थे.
इस हमले में ब्रैडी के मस्तिष्क को
नुक़सान पहुंचा था और वह आजीवन विकलांग रहे. उनकी चोटों का असर जीवनभर बना रहा और
2014 में उनकी मौत में भी इसका योगदान माना गया.
इस हमले के अगले साल हिंकली को
मानसिक अस्थिरता के आधार पर दोषी नहीं ठहराया गया, लेकिन उन्हें वॉशिंगटन के सेंट एलिज़ाबेथ अस्पताल के हाई-सिक्योरिटी
हिस्से में रखा गया. वहां से 2016 में उन्हें रिहा किया गया.
होटल की दीवार पर आज भी उस गोलीबारी
की जगह को चिन्हित करती एक पट्टिका लगी हुई है.
प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी के दौरान फ़ायरिंग की घटना पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी में फ़ायरिंग की निंदा की है. ये तस्वीर 13 फ़रवरी 2025 की है जब पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी के दौरान फ़ायरिंग की घटना की
निंदा की है.
उन्होंने कहा कि इस घटना की 'साफ़ तौर पर निंदा' की जानी चाहिए.
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका की फ़र्स्ट लेडी मेलानिया
ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के सकुशल होने पर राहत जताई है.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा,
"वॉशिंगटन डीसी के एक होटल में हालिया
घटना के बाद यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप, फ़र्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुक़सान
नहीं पहुंचा है."
उन्होंने कहा, "मैं उनकी लगातार सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना
करता हूं. लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और इसकी स्पष्ट तौर पर निंदा की
जानी चाहिए."
राष्ट्रपति ट्रंप शनिवार शाम व्हाइट
हाउस के पत्रकारों के साथ वॉशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित डिनर पार्टी में शामिल
हुए थे.
इस दौरान 7-8 बार फ़ायरिंग की
आवाज़ें सुनी गईं, जिसके बाद ट्रंप और उनकी पत्नी
मेलानिया ट्रंप समेत बड़ी हस्तियों को सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने सुरक्षित बाहर
निकाला.
डोनाल्ड ट्रंप ने 'जानलेवा हमले की कोशिश' से जुड़े सवाल पर दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि डिनर कार्यक्रम से पहले उनकी टीम को किसी भी सुरक्षा ख़तरे की जानकारी नहीं थी
व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ
आयोजित डिनर कार्यक्रम में फ़ायरिंग के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा
व्यवस्था को लेकर बयान दिया है.
ट्रंप ने कहा कि डिनर कार्यक्रम से
पहले उनकी टीम को किसी भी सुरक्षा ख़तरे की जानकारी नहीं थी.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब
ट्रंप से पूछा गया कि क्या पहले से कोई संकेत मिले थे, तो उन्होंने कहा, "कोई
सूचना नहीं थी."
उन्होंने कहा कि उन्हें हमले के पीछे
की मंशा नहीं पता, लेकिन उन्होंने संदिग्ध के बारे में
कहा कि वह "काफ़ी ख़तरनाक दिखता है."
राष्ट्रपति ने कहा कि संदिग्ध
"क़रीब 50 गज़ की दूरी" से दौड़ता हुआ आया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपने हथियार निकाल लिए.
अधिकारियों ने कैलिफ़ोर्निया में
संदिग्ध के अपार्टमेंट पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है.
जब एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि 'उनकी जान लेने की कोशिशों' के पीछे वजह क्या हो सकती है.
तो ट्रंप ने कहा कि उन्होंने
राजनीतिक हत्याओं के बारे में पढ़ा है और उनका मानना है कि लोग उन व्यक्तियों को
निशाना बनाते हैं जिन्होंने "सबसे बड़ा असर" डाला हो.
उन्होंने अमेरिका के पूर्व
राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का ज़िक्र किया, जिनकी
हत्या कर दी गई थी.
हाल के वर्षों में ट्रंप पर दो बार
जानलेवा हमले की कोशिश हो चुकी है. पुलिस ने अब तक आज रात (शनिवार) के हमलावर की
मंशा नहीं बताई है.
जब ट्रंप से पूछा गया कि आज की घटना
जुलाई 2024 में पेनसिल्वेनिया के बटलर में हुई रैली से किस तरह अलग थी, जहां एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की
थी.
ट्रंप ने कहा कि वह ऐसी घटनाओं को
लेकर चिंतित नहीं रह सकते, लेकिन
बटलर के मुक़ाबले आज रात सुरक्षा व्यवस्था कहीं बेहतर थी.
उन्होंने कहा कि बटलर में भी उनकी
टीम के पास एक स्नाइपर था, जिसने
हमलावर को जल्दी ढेर कर दिया था.
ट्रंप ने कहा कि आज रात हमलावर
बॉलरूम के क़रीब नहीं पहुंच सका, क्योंकि
उसे पूरी तरह सील कर दिया गया था.
डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी में चली गोलियां, अफ़रा-तफ़री का माहौल, देखिए तस्वीरें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ डिनर में शामिल हुए थे.
इसी दौरान फ़ायरिंग की आवाज़ें आईं,
जिसके बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट ट्रंप और
फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए.
यह डिनर वॉशिंगटन हिल्टन होटल में
आयोजित किया गया था.
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इमेज कैप्शन, ट्रंप को बाहर ले जाते हुए सीक्रेट सर्विस के एजेंट
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इमेज कैप्शन, फ़ायरिंग की आवाज़ों के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट बंदूकों के साथ तैनात दिखे
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इमेज कैप्शन, फ़ायरिंग की आवाज़ों के बाद लोग टेबल के नीचे छिप गए
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इमेज कैप्शन, इस डिनर कार्यक्रम में व्हाइट हाउस के पत्रकार शामिल थे
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इमेज कैप्शन, वॉशिंगटन हिल्टन में फ़ायरिंग के बाद अफ़रा-तफ़री का माहौल
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इमेज कैप्शन, सीक्रेट सर्विस के एजेंट अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ़ कैनेडी को बाहर ले जाते हुए
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इमेज कैप्शन, फ़ायरिंग की आवाज़ों के बाद लोग ख़ुद को बचाते दिखे
जाने-माने फ़ोटोग्राफ़र रघु राय का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
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इमेज कैप्शन, रघु राय की फ़ोटोग्राफ़ी पर कई सारी किताबें आ चुकी हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
जाने-माने फ़ोटोग्राफ़र रघु राय का
शनिवार को निधन हो गया. वह 83 साल के थे.
रघु राय के निधन की जानकारी उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर दी गई है. इस पोस्ट में यह भी बताया गया है कि रघु राय का
अंतिम संस्कार रविवार, 26 अप्रैल को शाम चार बजे लोधी रोड
पर होगा.
रघु राय का जन्म 1942 में पंजाब के झंग (अब
पाकिस्तान में) में हुआ था.
1965 में उन्होंने 'द स्टेट्समैन' अख़बार में फ़ोटो पत्रकार और 1982 में इंडिया टुडे के लिए दस साल तक बतौर फ़ोटो संपादक काम किया.
उनकी फ़ोटोग्राफ़ी पर कई सारी
किताबें आ चुकी हैं, जिनमें 'रघु रायज़ डेल्ही', 'द सिख्स',
'कलकत्ता', 'ताजमहल', 'खजुराहो', 'मदर टेरेसा' आदि हैं.
रघु राय को अब तक कई राष्ट्रीय और
अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं. साल 1971 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म
श्री से नवाज़ा था.
वह प्रतिष्ठित मैग्नम फ़ोटो कंपनी के
लिए चुने गए पहले भारतीय फ़ोटोग्राफ़र हैं.
वॉशिंगटन हिल्टन होटल में संदिग्ध फ़ायरिंग की घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, ट्रंप को ले जाते हुए सीक्रेट सर्विस के एजेंट
व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ डिनर के दौरान संदिग्ध फ़ायरिंग की
आवाज़ों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारी हथियारों से लैस सुरक्षा
कर्मियों के बीच जल्दबाज़ी में कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया है.
यह कार्यक्रम वॉशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित था.
इसके बाद ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया
आई है. उन्होंने बताया कि हमलावर को "गिरफ़्तार कर लिया गया है."
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल
प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा, "सीक्रेट
सर्विस और लॉ एनफ़ोर्समेंट एजेंसियों ने शानदार काम किया. उन्होंने तेज़ी और
बहादुरी से कार्रवाई की."
उन्होंने कहा, "हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मैंने
सुझाव दिया है कि कार्यक्रम जारी रहने दें, लेकिन मैं पूरी तरह लॉ एनफ़ोर्समेंट एजेंसियों के निर्देश पर
चलूंगा."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि
उनकी आज (शनिवार) की शाम अब योजना के मुताबिक़ नहीं रहेगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिकी राष्ट्रपति के एक कार्यक्रम में संदिग्ध फ़ायरिंग की आवाज़ें, सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप को बाहर निकाला
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इमेज कैप्शन, बीबीसी के अमेरिकी न्यूज़ पार्टनर सीबीएस ने बताया कि सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति ट्रंप और फ़र्स्ट लेडी मेलानिया को मंच से हटा दिया है
वॉशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ आयोजित डिनर के दौरान संदिग्ध गोली चलने जैसी आवाज़ों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जल्दबाज़ी में बाहर निकाला गया.
ट्रंप वॉशिंगटन हिल्टन में बातचीत करते दिखाई दे रहे थे, तभी हलचल होने पर उनकी बातचीत रुक गई.
तेज़ धमाकों जैसी आवाज़ें सुनी गईं. इसके बाद सीक्रेट सर्विस के कई सदस्य "नीचे रहें, नीचे रहें" कहते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए.
ट्रंप के शीर्ष सलाहकार स्टीफ़न मिलर को भी भीड़ से निकालकर बाहर ले जाते देखा गया. ज़्यादातर दूसरे लोग शुरुआत में हलचल के दौरान नीचे झुक गए, लेकिन राष्ट्रपति को बाहर ले जाने के बाद भी वे अंदर ही रहे.
बीबीसी के अमेरिकी न्यूज़ पार्टनर सीबीएस ने बताया कि सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति ट्रंप और फ़र्स्ट लेडी मेलानिया को मंच से हटा दिया है.
उनके बाहर जाने के बाद काउंटर असॉल्ट टीम (सीएटी) के हथियारबंद एजेंट मंच पर खड़े दिखाई दिए. इस दौरान वे अपनी लंबी बंदूकें कमरे के पिछले हिस्से की तरफ़ ताने हुए थे.
सीबीएस ने बताया कि कुछ देर बाद सुरक्षा कर्मियों ने एक अन्य मेहमान को तेज़ी से कमरे के सामने की तरफ़ पहुंचाया. इस दौरान वे मेज़ों और खाली कुर्सियों को पार करते हुए आगे बढ़े, जबकि मेहमान फ़र्श पर नीचे थे.
सीएटी टीम ने बैरिकेड गिराया और सुरक्षा घेरे में मौजूद व्यक्ति को तुरंत बाहर ले गई.
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक वक्ता ने आकर बताया कि वे जल्द ही एक घोषणा करेंगे और संकेत दिया कि उसके बाद डिनर जारी रहेगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया, ईरान से बातचीत के लिए विटकॉफ़ और कुशनर को इस्लामाबाद क्यों नहीं भेजा
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ईरान में 'जिससे भी बात करनी पड़े' वह करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके दूतों का इस्लामाबाद दौरा रद्द करने का फ़ैसला "बहुत ज़्यादा यात्रा" की वजह से लिया गया.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास "सारे पत्ते" हैं.
उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में कुछ भी नहीं बदला है और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इतनी दूर "बिना किसी योजना" के नहीं जाने वाला था.
ट्रंप ने कहा, "बहुत ज़्यादा यात्रा करनी पड़ती, जिसमें बहुत समय लगता और यह बहुत महंगा होता. मैं ख़र्च को लेकर बहुत सचेत हूं."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान में "जो भी हालात संभाल रहा है" उससे बात करने को तैयार है. उन्होंने कहा, "वे जब चाहें हमें फ़ोन कर सकते हैं."
उन्होंने कहा, "जिससे भी बात करनी पड़े, मैं उससे बात करूंगा. लेकिन दो दिन इंतज़ार करने, लोगों को 16, 17 घंटे यात्रा कराने का कोई कारण नहीं है और हम यह तरीक़ा नहीं अपनाएंगे."
नमस्कार!
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.