लाइव, नीट विरोध प्रदर्शन: 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफ़आईआर वापस लेगी बिहार सरकार
बिहार सरकार के गृह विभाग ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को राहत देने का एलान किया है.
नीट विरोध प्रदर्शन: 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफ़आईआर वापस लेगी बिहार सरकार
इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, सरकार ने कहा है कि दर्ज मामलों में गिरफ़्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो: 25 जुलाई, पटना)
बिहार सरकार के गृह विभाग ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को राहत देने का एलान किया है.
सरकार ने कहा है कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक राज्यभर में प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
गृह विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, "26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण दर्ज की गई सभी एफ़आईआर, आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज़ नोटिस) को वापस लेने की क़ानूनी प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी."
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि तक दर्ज मामलों में गिरफ़्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा.
बयान में कहा गया है कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक दर्ज इन मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने वेटलिफ़्टिंग में जीता सिल्वर
इमेज स्रोत, Mattia Ozbot/Getty Images
इमेज कैप्शन, ज्ञानेश्वरी यादव ने कुल 199 किलोग्राम वज़न उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने सोमवार को महिलाओं के 53 किलोग्राम वेटलिफ़्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है.
ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वज़न (88 स्नैच और 111 क्लीन एंड जर्क) उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया. वहीं, नाइजीरिया की ओनोम ओमोलोला ने गोल्ड जबकि कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
ज्ञानेश्वरी यादव का क्लीन एंड जर्क में पहला अटेम्प्ट 103 किलोग्राम का था. दूसरे प्रयास में यह 107 किलोग्राम रहा. ज्ञानेश्वरी ने आख़िरी अटेम्प्ट में 111 किलोग्राम वज़न उठाया. यह उनका क्लीन एंड जर्क में पर्सनल बेस्ट है.
उनका यह प्रयास कुछ समय के लिए गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बन गया था.
हालांकि, नाइजीरिया की ओनोम ने क्लीन एंड जर्क में 113 किलोग्राम भार उठाकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. ओनोम ने कुल 206 किलोग्राम वज़न के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक और कुणाल कामरा के ख़िलाफ़ चंडीगढ़ कोर्ट में याचिका दायर
इमेज स्रोत, Arun SANKAR / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉमेडियन कुणाल कामरा, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के ख़िलाफ़ चंडीगढ़ की एक अदालत में याचिका दायर की गई है.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई.
याचिका दायर करने वाले वक़ील विभु सिंह सैनी ने न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस को बताया, "चंडीगढ़ कोर्ट में शिकायत दाख़िल की गई है और अदालत ने आज (सोमवार) को नोटिस जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि यह शिकायत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और 302 के तहत दर्ज कराई गई है."
सैनी के मुताबिक़, बीएनएस की धारा 299 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 302 धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामलों से जुड़ी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला 15 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कुणाल कामरा ने अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक के साथ मंच साझा किया था. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान कुणाल कामरा की ओर से दिए गए कुछ बयानों से हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं.
सैनी ने दावा किया, "कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें भगवान श्री राम और माता सीता को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं."
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा- हमें कल तक का इंतज़ार करने के लिए कहा गया है
इमेज स्रोत, Arun SANKAR / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, सीजेपी ने कहा था कि प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई न किए जाने पर भी सहमति बनी थी (फ़ाइल फ़ोटो)
स्टूडेंट्स और अन्य प्रदर्शनकारियों की हिरासत और गिरफ़्तारी की ख़बरों पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने चिंता जताते हुए कहा है कि उन्हें मंगलवार तक का इंतज़ार करने के लिए कहा गया है.
सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने कहा, "हमें कल तक इंतज़ार करने के लिए कहा गया है. प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान यह स्पष्ट कर दिया गया था कि अगर तब तक आश्वासन नहीं मिलता है तो प्रदर्शन फिर से शुरू किया जाएगा."
रत्ना सिंह ने मीडिया से कहा, "सीजेपी के वॉलंटियर्स भी अपने घर लौटना चाहते थे और इस दौरान कई लोग वहाँ से निकलने की कोशिश कर रहे थे. कई लोग जंतर-मंतर पर फंसे हुए थे, जिनकी मदद के लिए एक टीम वहां भेजी गई थी."
उन्होंने आरोप लगाया कि टीम के वहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के आसपास जो भी लोग दूसरों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, पुलिस उन्हें भी हिरासत में ले रही है.
दरअसल, सीजेपी ने प्रदर्शन ख़त्म करने के बाद सोमवार को पहली बार प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस दौरान सीजेपी ने दावा किया है कि प्रदर्शन ख़त्म होने के बाद पुलिस की ओर से स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा है.
सीजेपी ने कहा था कि प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई न किए जाने पर भी सहमति बनी थी. सीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई तो उन्हें फिर से प्रदर्शन करना पड़ेगा.
सीजेपी ने मांग की है कि सरकार के साथ क़ानूनी मामलों को लेकर हुआ लिखित समझौता मंगलवार तक साझा किया जाए.
भारत ने किस मामले में यूक्रेन के राजदूत को तलब किया
इमेज स्रोत, Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images
इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राजदूत को एमवी ओमोर्फ़ी पर हुए हमले के संबंध में तलब किया गया (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत ने कॉमर्शियल जहाज़ पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत के मामले में मंगलवार को यूक्रेन के राजदूत डॉ ओलेक्जेंडर पोलिशचक को तलब किया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल जहाज़ एमवी ओमोर्फ़ी पर 18 जुलाई को ब्लैक सी से गुजरते समय हमला हुआ था.
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "यूक्रेन के राजदूत को एमवी ओमोर्फ़ी पर हुए हमले के संबंध में तलब किया गया, जिसमें एक भारतीय नागरिक नाविक की दुखद मौत हो गई थी."
मंत्रालय ने कहा कि इस घटना को लेकर भारत ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है. साथ ही, कॉमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की गई है.
भारत ने कहा कि इस तरह के हमले समुद्री यात्रा की सुरक्षा, समुद्र में आवाजाही की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं.
विदेश मंत्रालय ने यूक्रेनी राजदूत से कहा कि वह भारत की चिंताओं को यूक्रेन के अधिकारियों तक पहुंचाएं.
भारत ने दोहराया कि आम नागरिक नाविकों की जान को ख़तरे में डालने वाली ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और भविष्य में इस तरह के क़दमों से बचना ज़रूरी है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
आईएसएसएफ़ वर्ल्ड कप 2026: ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, मनु भाकर ने हासिल किया ब्रॉन्ज़ मेडल
इमेज स्रोत, Sanket Wankhade/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, 21 वर्षीय ईशा सिंह ने फ़ाइनल मुक़ाबले में 40 हिट के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत की युवा निशानेबाज़ ईशा सिंह ने सोमवार को आईएसएसएफ़ वर्ल्ड कप 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया. वहीं, दो बार की ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर ने ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया.
21 वर्षीय ईशा सिंह ने फ़ाइनल मुक़ाबले में 40 हिट के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने चीन की झांग यूयू को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि चीन की निशानेबाज़ 37 हिट के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल पर रहीं.
मनु भाकर ने ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए हुए शूट-ऑफ़ में शानदार प्रदर्शन किया और जीत दर्ज की. इसके बाद फ़ाइनल में 28 के स्कोर के साथ उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया.
ईशा सिंह का यह इस साल का दूसरा बड़ा ख़िताब है. इससे पहले मई में उन्होंने म्यूनिख वर्ल्ड कप में भी महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था.
इसके अलावा, म्यूनिख में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था.
महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत के अन्य निशानेबाज़ों में ओलंपियन राही सरनोबत, सिमरनप्रीत कौर बराड़ और अभिज्ञा अशोक पाटिल ने भी हिस्सा लिया, लेकिन वे क्वालिफ़िकेशन राउंड से आगे बढ़ने में सफल नहीं हो सकीं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने किस बात पर कहा- शाह को बयान देना होगा, मोदी जी को माफ़ी मांगनी पड़ेगी
इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे का दावा है कि पश्चिम बंगाल और बिहार में बहुत सारे युवाओं को जबरन हिरासत में लिया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप है कि जिन युवाओं ने हाल के प्रदर्शन में हिस्सा लिया उन्हें धमकियां मिल रही हैं.
खड़गे का दावा है कि पश्चिम बंगाल और बिहार में बहुत सारे युवाओं को जबरन हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मोदी सरकार की धमकियों से आज के हमारे युवा डरने वाले नहीं हैं. जिन युवाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया उनको धमकियां मिल रही हैं. पश्चिम बंगाल और बिहार में बहुत सारे युवाओं को जबरन हिरासत में लिया गया है."
"पहले युवाओं को लाठी-डंडे, पेलेट गन से मारा गया और अब जब प्रदर्शन ख़त्म हुआ है तो उनके सोशल मीडिया अकाउंटों तक की जांच-पड़ताल हो रही है. ये एक डरे हुए, तानाशाह की निशानी है."
खड़गे ने आगे लिखा, "देश के युवा सवाल पूछ रहे हैं - 766 दिन पहले शिक्षा क्षेत्र और पेपर लीक रोकने के लिए बनी डॉ राधाकृष्णन कमेटी की सिफ़ारिशों का क्या हुआ? 895 दिन पहले पेपर लीक रोकने के लिए बना क़ानून पास हुआ था, उसके बाद इतने पेपर लीक क्यों हुए? 647 दिन तक एनटीए को एक फुल टाइम डायरेक्टर क्यों नहीं दिया गया?"
खड़गे ने लिखा, "अमित शाह को बयान देना होगा, मोदी जी को माफ़ी मांगनी पड़ेगी."
गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में भी छाया रहा. विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर हंगामा किया, जिस वजह से लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा भी नहीं हो सकी.
लोकसभा, राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित, रिजिजू की कांग्रेस से ये गुज़ारिश
इमेज स्रोत, Sansad TV/ANI Video Grab
इमेज कैप्शन, किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के कई सांसद भी इस विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार थे
लोकसभा में सोमवार को लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया गया, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो पाई. विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई.
सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे दोबारा शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्य प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग करते हुए नारेबाज़ी करते रहे.
इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदन कल तक के लिए स्थगित कर दिए गए.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "यह समय छात्रों के हित में देश भर में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाने का है. इस विधेयक को पारित करना हमारी प्राथमिकता है. कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के साथियों से मेरा अनुरोध है मुद्दे से भटकाने का प्रयास न करें."
किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के कई सांसद भी इस विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार थे, लेकिन 'कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दल लगातार व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं, जिसके कारण सदन में बहस नहीं हो पा रही है.'
कार्टून: Z से सिक्योरिटी
इमेज कैप्शन, जेन Z के प्रोटेस्ट के तरीकों पर आज का कार्टून
राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक ने कहा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा तो सिर्फ़ शुरुआत है
इमेज स्रोत, ANI
सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पहुंचे. यहां पर उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा तो सिर्फ़ शुरुआत है, मुद्दे का असली इलाज होना चाहिए.
सोनम वांगचुक ने कहा, "इस्तीफ़ा सिर्फ़ शुरुआत है. अगर इस मुद्दे का इलाज हो तो हमारा देश एक बेहतर जगह बनेगा. मेरे हिसाब से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अभी बातचीत चल रही है और मुझे उम्मीद है कि बहुत सकारात्मक बातचीत के ज़रिए देश के लिए सही क़दम उठाया जाएगा. इससे हम आपसी सद्भावना के साथ एक बेहतरीन व्यवस्था लागू कर पाएंगे."
सोनम वांगचुक ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर कहा कि यह अच्छी बात है, इस पर चर्चा होनी चाहिए और अच्छी तरह विचार करने के बाद सही क़दम उठाए जाने चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, "शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. अगर कुछ शरारती लोग ग़लत इरादे से काम कर रहे हैं, तो हम यह नहीं कह सकते कि कुछ भी नहीं होगा."
वांगचुक ने कहा, "लेकिन मैं यह साफ़ करना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए. बाक़ी मामलों में क़ानून अपना काम करेगा."
कॉकरोच जनता पार्टी की सरकार को फिर प्रदर्शन करने की चेतावनी, बताई ये वजह
इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, सीजेपी ने मांग की है कि सरकार के साथ क़ानूनी मामलों को लेकर हुआ लिखित समझौता मंगलवार तक साझा किया जाए
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कई प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है. सीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई तो उन्हें फिर से प्रदर्शन करना पड़ेगा.
सीजेपी ने मांग की है कि सरकार के साथ क़ानूनी मामलों को लेकर हुआ लिखित समझौता मंगलवार तक साझा किया जाए.
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई नहीं करने के समझौते का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है. बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और दूसरे राज्यों में सैकड़ों छात्रों पर नज़र रखी जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है."
उन्होंने आगे लिखा, "दिल्ली से कई ऐसी ख़बरें भी सामने आ रही हैं कि प्रदर्शनकारियों तक ज़रूरी सामान पहुंचाने में मदद कर रहे वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है."
रांका ने कहा, "हम मांग करते हैं कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं, छात्रों को रिहा किया जाए और आगे कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाए. यह बात दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों और बीजेपी के सहयोगी राज्यों की पुलिस पर भी लागू हो. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमें फिर से प्रदर्शन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा."
उन्होंने यह भी कहा कि क़ानूनी मामलों को लेकर हुआ लिखित समझौता और भारत सरकार के साथ तय समय-सीमा मंगलवार तक साझा की जाए.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक एसआईटी से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
इमेज स्रोत, Pradeep Gaur/SOPA Images/LightRocket via Getty Images
इमेज कैप्शन, यूपी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन कर दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को अगली सुनवाई तक जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाख़िलकरने का निर्देश दिया.
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन कर दिया है. नई एसआईटी का नेतृत्व आईजी किरण एस कर रहे हैं. टीम में एक डीआईजी, एक आईजी और एक एसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जांच में एक फ़ॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील देवदत्त कामत ने अदालत को बताया, "देशभर के श्रद्धालुओं ने 100 से लेकर 500 रुपये तक का योगदान दिया था, लेकिन आरोप है कि पूरी राशि राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन से जुड़े ट्रस्ट तक नहीं पहुंची."
उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट की ओर से जारी सभी रसीदों को ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश देने की मांग की.
लाइव लॉ के अनुसार, इस पर सीजेआई ने कहा कि फ़िलहाल अदालत का ध्यान निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने पर है. उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बाक़ी उपायों पर विचार किया जाएगा.
कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक एसआईटी अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाख़िल करे. अगर जांच के दौरान एसआईटी को किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो अदालत आवश्यक निर्देश जारी करेगी.
ई20 से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट मामले में गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी मुकदमे की मंजूरी
इमेज स्रोत, Prakash Singh/Bloomberg via Getty Images
इमेज कैप्शन, अदालत ने गडकरी को एक्स, मेटा, गूगल और अन्य अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ सिविल मुक़दमा दाख़िल करने की अनुमति दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी को सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उनके ख़िलाफ़ कथित रूप से प्रसारित किए गए मानहानिकारक, डीपफ़ेक और एआई-जनरेटेड पोस्ट को लेकर मुक़दमा दायर करने की अनुमति दे दी.
लाइव लॉ के मुताबिक़, मामले की सुनवाई जस्टिस अभय आहूजा की पीठ के सामने हुई. गडकरी की ओर से वकील संदीप एस लड्डा पेश हुए और उन्होंने मुक़दमा दायर करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी.
अदालत ने गडकरी को एक्स, मेटा, गूगल और अन्य अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ सिविल मुक़दमा दाख़िल करने की अनुमति दी है. गडकरी ने इन पोस्ट को हटाने और उचित राहत दिए जाने की मांग को लेकर अदालत का रुख़ किया है.
गडकरी ने अपनी याचिका में कहा कि वह वर्ष 2014 से लगातार सड़क परिवहन मंत्री हैं, लेकिन ई20 नीति से जुड़े फ़ैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है. इसके बावजूद कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर डीपफ़ेक और भ्रामक सामग्री तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन पोस्ट के ज़रिए गडकरी और उनके परिवार को एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से आर्थिक लाभ मिलने का झूठा दावा किया गया. इसमें भ्रष्टाचार, पक्षपात, हितों के टकराव और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
गडकरी ने अपनी याचिका में ऐसे 24 कथित मानहानि करने वाली पोस्ट का ज़िक्र किया है और अदालत से इन्हें हटाने का आदेश देने की मांग की है.
गडकरी की ओर से कहा गया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह की सार्वजनिक बहस, आलोचना या नीतियों पर चर्चा को रोकना नहीं है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन डीपफ़ेक पोस्ट के ज़रिए उनकी पहचान और छवि का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन है.
इसके अलावा, गडकरी ने इस मामले में 11 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की है.
अरविंद केजरीवाल ने ई20 के ख़िलाफ़ एकजुट होने की अपील करते हुए किया ये एलान
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एलान किया कि वो इस शनिवार को ई20 के ख़िलाफ़ नेशनल टाउनहॉल आयोजित कर रहे हैं
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद अब ई20 के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई जाएगी.
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एलान किया कि वो इस शनिवार को ई20 के ख़िलाफ़ नेशनल टाउनहॉल आयोजित कर रहे हैं.
केजरीवाल ने कहा, "देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है और धर्मेंद्र प्रधान को जनता के सामने इस्तीफ़ा देना पड़ा है. मैं प्रधानमंत्री मोदी से अपील करता हूं कि वे इस मौके पर ई20 फ़्यूल का मामला भी सुलझा दें. लोगों को काफ़ी परेशानी हो रही है. उनकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं. मैं प्रधानमंत्री से निवेदन करता हूं कि वे आगे आएं और इस समस्या के और बढ़ने से पहले इसका समाधान करें."
उन्होंने कहा, "इस मामले पर सभी को एक साथ लाने के लिए, हम इस शनिवार को ई20 के ख़िलाफ़ नेशनल टाउनहॉल आयोजित कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि हज़ारों लोग इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह दोपहर 12:00 बजे शुरू होगा. जो लोग दिल्ली के आस-पास हैं उन्हें इसमें शामिल होने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचना है. बाक़ी लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे."
इसके बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ई20 के ख़िलाफ़ एक होने की अपील की.
उन्होंने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, "देश के युवाओं ने एक होकर आवाज़ उठाई तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा. ई20 पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी पड़ेगी."
स्टूडेंट्स के 'संसद मार्च' में घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की हेल्थ पर अस्पताल ने दिया ये अपडेट
इमेज स्रोत, Sajjad HUSSAIN / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन में कहा कि लड़की को पांच दिन पहले वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था और वह अब खुद से सांस ले रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली में छात्रों के 'संसद चलो मार्च' के दौरान घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की तबीयत को लेकर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने सोमवार को अपडेट जारी किया है.
अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन में कहा कि लड़की को पांच दिन पहले वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था और वह अब खुद से सांस ले रही है.
अस्पताल ने कहा, "कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन से जुड़ी घटना के बाद 21 वर्षीय महिला मरीज को गंभीर हालत में नई दिल्ली के डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है."
हेल्थ बुलेटिन में बताया गया, "उसे करीब पांच दिन पहले सफलतापूर्वक वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था और वह अब खुद से ठीक तरह से सांस ले रही है. मरीज होश में है और निर्देशों के अनुसार सही प्रतिक्रिया दे रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान उसे मुंह से खाना भी देना शुरू किया गया है."
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि फिलहाल लड़की की हालत स्थिर है. हालांकि, वह ऑब्ज़र्वेशन में रखी गई है और रिकवरी के लिए उसे पूरी देखभाल दी जा रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन के वॉलंटियर जुनैद के बारे में दिया ये अपडेट
इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha
इमेज कैप्शन, सीजेपी ने अपील की है कि मोहम्मद जुनैद के बारे में फैलाई जा रही कथित ग़लत सूचनाओं और नफ़रत भरे प्रचार को रोका जाए (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद को लेकर कहा है कि उन्हें सभी जरूरी कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
सीजेपी ने अपील की है कि उनके बारे में फ़ैलाई जा रही कथित गलत सूचनाओं और नफ़रत भरे प्रचार को रोका जाए.
सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मोहम्मद जुनैद को लेकर चल रही सभी खबरें और अफ़वाहें गलत हैं. वह सुरक्षित हैं, उन्हें सभी जरूरी कानूनी मदद मिल रही है और वह कुछ समय के लिए हमारे वॉलंटियर्स की बैठक में भी मौजूद थे."
उन्होंने आगे कहा, "हम सभी से अपील करते हैं कि गलत जानकारी और नफ़रत फैलाना बंद करें. उनके घर पर जो भी कार्रवाई हुई थी, उसे पहली ही बार में तुरंत संभाल लिया गया था."
सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ने हमेशा मोहम्मद जुनैद के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है और आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी.
उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद ज़िले के मोहम्मद जुनैद जंतर-मंतर आंदोलन में वॉलंटियर के तौर पर जुड़े थे. उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए मुफ़्त भोजन, चाय और पीने के पानी के स्टॉल (लंगर) की व्यवस्था की थी.
आंदोलन के अंतिम दिनों में मोहम्मद जुनैद ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा. जुनैद का दावा था कि पुलिस ने उनके पिता और एक भाई को हिरासत में लिया और परिवार के पहचान पत्र, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे जरूरी दस्तावेज़ अपने कब्ज़े में ले लिए.
हालांकि, इस मामले में मेरठ पुलिस ने जुनैद के परिवार के किसी सदस्य को हिरासत में लेने या प्रताड़ित किए जाने के आरोपों से इनकार किया था.
अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आपतक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगें.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
सोनम वांगचुक को आज मिलेगी अस्पताल से छुट्टी, लद्दाख रवाना होने से पहले क्या बोले
इमेज स्रोत, @Wangchuk66
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा है कि उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से आज छुट्टी मिल जाएगी.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा है, ''आज वो दिन आया जब मैं इस अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं. काफ़ी बेहतर महसूस कर रहा हूं. मैं ठीक से खा रहा हूं और शरीर में भी जान आ रही है.''
''मैं आज अपने घर लद्दाख जाने से पहले राजघाट पर जाकर बापू को श्रद्धांजलि दूंगा. आप लोगों को याद होगा कि ऐसे ही मैं जब स्विट्जरलैंड से आया था तो तो राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद ही अनशन शुरू करने जंतर-मंतर गया था.''
''जाने से पहले मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने आवाज़ से आवाज़ मिलाकर एक आंदोलन को चलाया और हम कामयाब भी हुए. हम आगे भी आपसे जुड़े रहेंगे.''
नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग लेकर सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन किया था.
लेकिन दिल्ली पुलिस उन्हें वहां से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल ले गई थी. बाद में उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिनों के बाद उन्होंने अनशन तोड़ा था.