मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच की ओर से 15 मई को भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानने के फ़ैसले के बाद आज पहले जुमे यानी शुक्रवार के दिन भोजशाला में लगभग दो हज़ार पुलिस बल तैनात किए गए हैं.
मध्य प्रदेश के धार ज़िले में सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
एक ओर हिंदू संगठनों की ओर से भोजशाला परिसर में विशेष प्रतिमा स्थापित की गई है. इसके दर्शन और पूजन के लिए सुबह से लोग पहुंचने लगे.
वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष के नेताओं ने हाई कोर्ट के आदेश पर दुख जताया है और साथ ही शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.
भोजशाला मामले में हिंदू पक्ष की ओर से एक याचिका डालने वाले कुलदीप तिवारी ने बीबीसी से कहा, "हम लोग बहुत ख़ुश हैं. बहुत लंबे संघर्ष के बाद हमें यह जीत मिली है. हम लोग बड़ा कार्यक्रम करना चाहते थे लेकिन प्रशासन से बातचीत के बाद और शांति बनाए रखने के हमारे प्रयासों के तहत बड़ी रैली आदि अभी हम नहीं निकालेंगे. लेकिन हम लोग बहुत ख़ुश हैं."
भोजशाला परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर में दोपहर की पूजा के लिए हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा होने लगे.
इस दौरान पुलिस ने लोगों को ज्योति मंदिर क्षेत्र से हटाया, जिसको लेकर प्रशासन और कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई. बाद में प्रशासन ने लोगों से मंदिर से कुछ दूरी पर इकट्ठा होने को कहा.
दूसरी तरफ़ हाई कोर्ट के फैसले से असहमत मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है.
धार के सदर अब्दुल समद ने फ़ैसले को
एकतरफ़ा बताते हुए विशेष अनुमति याचिका यानी स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की है.
सदर अब्दुल समद ने बीबीसी कहा,
"कमाल मौला मस्जिद में क़रीब 700 साल
से जुमे की नमाज़ अदा होती रही है. यह पहला जुम्मा है जब हम यहां नमाज़ नहीं अदा
कर पाएंगे. इस परंपरा के प्रभावित होने से समाज में दुख है, लेकिन आगे की लड़ाई संवैधानिक और क़ानूनी दायरे में लड़ी जाएगी."
शहर काजी वकार सादिक ने कहा,
"अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्थगन
आदेश मिलता है, तो मुस्लिम समाज पहले की तरह नमाज़
अदा करेगा."
उन्होंने लोगों से प्रशासन की
गाइडलाइन का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की.
धार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर
प्रशासन अलर्ट पर है. पुलिस के क़रीब दो हजार अधिकारी और जवान शहर में तैनात किए
गए हैं.
इनमें रैपिड एक्शन फ़ोर्स, पैरामिलिट्री फ़ोर्स, स्पेशल टास्क फ़ोर्स और घुड़सवार पुलिस समेत आठ विशेष सुरक्षा
कंपनियां भी लगाई गई हैं.
धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा,
"पुलिस बल तो लगाया ही गया है,
साथ ही हम लोग हर वर्ग से बातचीत कर रहे हैं. सभी
ने समन्वय और शांति बनाए रखने का वादा किया है. कुछ तत्वों ने बीते दो दिनों में
हाई कोर्ट के ऑर्डर का ग़लत इंटरप्रेटेशन निकालकर कुछ संदेश वायरल किए थे. उनसे भी
बात करके हमने शांति बनाए रखने की अपील की है. फ़िलहाल सब कुछ कंट्रोल में
है."