इस देश में किताबें पढ़कर सज़ा कम करवा सकते हैं क़ैदी
इस देश में किताबें पढ़कर सज़ा कम करवा सकते हैं क़ैदी
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दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां क़ैदी किताबें पढ़कर अपनी सज़ा कम करवा सकते हैं.
इस देश ने साल 1984 में एक क्रिमिनल एनफोर्समेंट एक्ट मंज़ूर किया था.
जिसमें बताया गया कि क़ैदियों को समाज में लौटाने की ज़िम्मेदारी सरकार की है.
पहले क़ैदी जितना काम करते थे, उसके हिसाब से उनकी सज़ा कम की जाती थी.
लेकिन साल 2012 में इसमें एक बदलाव कर इसमें किताबों को पढ़ना भी जोड़ा गया.
बस एक मिनट वीडियो में इस बारे में विस्तार से जानिए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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