चंद्रनाथ रथ की मां ने कहा, 'दोषियों को फांसी नहीं उम्र क़ैद मिले': वो कैसे बने थे शुभेंदु अधिकारी के क़रीबी

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पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना ज़िले के मध्यमग्राम में मारे गए चंद्रनाथ रथ की मां ने कहा है कि वो नहीं चाहतीं कि दोषियों को फांसी मिले. उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं उन्हें उम्र क़ैद मिले."
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) थे.
शुभेंदु ने हालिया विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को क़रीब 15 हज़ार वोट से हराया था
चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
बीजेपी ने जहां उनकी हत्या को सुनियोजित साज़िश क़रार दिया वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हत्या की निंदा करते हुए सख़्त कार्रवाई की मांग की है.
चंद्रनाथ रथ की मां ने क्या कहा?

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पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर स्थित अपने घर में मीडिया से बात करते हुए चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ ने कहा, "मैं चाहती हूं कि दोषियों को सज़ा मिले. मैं एक मां हूं, मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी दी जाए. मैं चाहती हूं कि उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा मिले. उन्होंने यह सब इसलिए किया क्योंकि बीजेपी सत्ता में आई. हमारे प्रदेश अध्यक्ष और नेता बार-बार राज्य में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल के लोग तरह-तरह की भड़काऊ बातें कर रहे थे. वो कह रहे थे कि 4 तारीख के बाद दिल्ली के बाप भी हमें नहीं बचा पाएंगे, तो 4 तारीख के बाद उन्होंने वही करके दिखाया. अगर मेरे बेटे की मौत किसी हादसे में हुई होती, तो मुझे इतना दुख नहीं होता. जब से शुभेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हराया है, तब से मेरे परिवार पर ऐसा ख़तरा मंडरा रहा है."
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के मुताबिक़ चंद्रनाथ रथ की हत्या तब हुई जब वो अपनी कार पर सवार होकर कहीं जा रहे थे. उनकी कार पर विधानसभा पास का स्टिकर भी लगा था.
राज्य के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने समाचार एजेंसी एएनाई से कहा कि क्राइम में इस्तेमाल की हुई कार और घटनास्थल से जमा किए गए सबूतों के आधार पर इनवेस्टीगेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है.
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर ज़िले के चांदीपुर के रहने वाले थे.
वो शुभेंदु अधिकारी के बेहद क़रीबी थे और राज्य की राजनीति में अधिकारी के उभार का क्रेडिट उन्हें भी जाता है.
वर्षों तक अधिकारी के आंतरिक सर्कल का हिस्सा होने के बावजूद, वो काफी हद तक बैकग्राउंड में ही रहे.
सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक कार्य में आने से पहले, रथ ने रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद लगभग दो दशक भारतीय वायु सेना में बिताए थे.

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परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि अपने छात्र जीवन के दौरान वो रामकृष्ण मिशन की विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे.
वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद, उन्होंने कुछ समय कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया, इसके बाद धीरे-धीरे राजनीतिक समन्वय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में आ गए.
शुभेंदु अधिकारी के परिवार की तरह, उनका परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था.
परिवार के परिचितों ने बताया कि रथ परिवार और शुभेंदु अधिकारी के बीच संबंध दो दशक से भी अधिक पुराने हैं, जो पूर्व मेदिनीपुर में टीएमसी के विस्तार के शुरुआती वर्षों से हैं.
वो कई हाई-वोल्टेज राजनीतिक लड़ाइयों के दौरान बीजेपी कोर टीम का हिस्सा भी थे, जिनमें बीजेपी का भवानीपुर अभियान भी शामिल था.
भाजपा संगठन के कुछ वर्गों के भीतर यहां तक अटकलें भी थीं कि यदि विधानसभा चुनावों के बाद शुभेंदु अधिकारी सरकार में बड़ी भूमिका संभालते हैं, तो रथ को बड़ी प्रशासनिक ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
तनावपूर्ण हालात

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उनकी हत्या से राज्य में एक बार फिर से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ये एक सुनियोजित हत्या थी और उन्होंने इसके लिए टीएमसी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उसके 15 सालों के शासन को महाजंगलराज कहा.
वहीं टीएमसी ने घटना की निंदा करते हुए सख़्त कार्रवाई की मांग की. टीएमसी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि इस हिंसा में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई.
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने एएनआई से कहा, "शुभेंदु के पीए पर हमला हुआ है, ये बहुत दुखद है. भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, लेकिन सत्ता अभी हमारे हाथ में आई नहीं है. टीएमसी सरकार ने पुलिस को निकम्मा बना दिया था. अब भी पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रही है. पुलिस को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए. पुलिस को इन सभी असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए."
टीएमसी की नेता सयानी घोष ने एक्स पर पोस्ट किया, "श्री चंद्रनाथ रथ के बारे में सामने आई घटना बेहद विचलित करने वाली है. पार्टी लाइन से ऊपर उठकर, राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से परे, और सत्ता में कौन है इससे अलग, हम सभी की ज़िम्मेदारी है कि राज्य में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखें और यहां रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें. इस तरह किसी की भी जान नहीं जानी चाहिए. पिछले कुछ दिनों में हुई हर हिंसक घटना से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख़्त से सख़्त क़दम उठाने की अपील पुलिस प्रशासन से करता हूं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



































