नेपाल में मौत का आंकड़ा 550 के पार, चीन की चेतावनी- झील के ढहने का ख़तरा

बुलडोज़र

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, दोबारा बाढ़ आने के ख़तरे के मद्देनज़र राहत-बचाव कार्य को रोका गया था
सारांश
  • नेपाल में मरने वालों की संख्या अब 579 हो गई है, जबकि 1900 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं.
  • अधिकारियों ने लापता 537 विदेशी नागरिकों की एक सूची जारी की है. इनमें 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं.
  • नेपाल की सेना का कहना है कि सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़ों से 900 लोगों को बचाया गया है, इनमें 119 पर्यटक भी शामिल हैं.
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 6 मिनट

नेपाल पुलिस ने बताया है कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 579 हो चुका है.

वहीं, काठमांडू में चीन के दूतावास ने कहा है कि लापता हुए लोगों की खोज और बचाव कार्य एक महत्वपूर्ण चरण में है और भूस्खलन के बाद बनी झील के ढहने का ख़तरा है.

इससे पहले नेपाल के नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएम) ने बताया था कि चीन की तरफ़ झील के बांध टूटने की उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

बीबीसी न्यूज़ नेपाली के मताबिक़, अथॉरिटी के प्रवक्ता शांति महत ने कहा था, "भोटेकोशी नदी में बाढ़ और मिट्टी का बहाव बढ़ा है, लेकिन बांध टूटने की उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है."

नेपाल पुलिस ने बचाव और राहत के काम में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों, बचाव दल के लोगों और आम जनता से सतर्क रहने को कहा था.

एनडीआरआरएम को जानकारी मिली थी कि आज फिर उसी इलाके में पानी के साथ मिट्टी का बहाव थोड़ा बढ़ गया है, जहां रसुवा में भोटेकोशी नदी में भारी बाढ़ आई थी. वहां फिर से बाढ़ आने का ख़तरा है.

अथॉरिटी ने कहा था, "ख़तरे वाले इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से बहुत सतर्क रहने और किसी भी ख़तरे के संकेत दिखने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की जाती है."

झील का एक दृश्य

इमेज स्रोत, CCTV

इमेज कैप्शन, चीन के सरकारी मीडिया ने भूस्खलन से बनी एक झील का वीडियो प्रसारित किया है

चीन के दूतावास ने क्या बताया?

काठमांडू स्थित चीनी दूतावास ने बताया है कि बुधवार की बाढ़ के कारण लापता हुए लोगों की खोज और बचाव कार्य एक महत्वपूर्ण चरण में है.

इस बयान में कहा गया है कि बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया नेपाल और चीन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.

दूतावास ने बताया कि नेपाल और चीन दोनों ही लगातार जोखिम की निगरानी कर रहे हैं और इसको मैनेज करने के लिए काम कर रहे हैं.

बयान में कहा गया है कि पहली बाढ़ के बाद "भूस्खलन के जमाव से बनी झील" अब "उमड़ रही है और पानी ओवरफ्लो होने लगा है."

दूतावास ने यह भी कहा कि झील के ढहने का ख़तरा है.

बाढ़

इमेज स्रोत, Safal Prakash Shrestha/NurPhoto via Getty Images

इमेज कैप्शन, त्रिशूली नदी के किनारे अचानक आई बाढ़ और मिट्टी धंसने के बाद का हाल (तस्वीर: 26 अगस्त)

झील से पानी का ऑवरफ़्लो

वहीं दूसरी ओर, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया था कि बांध के ऊपर से पानी बह रहा था. हालांकि, बाद में इसके रुकने की जानकारी सामने आई थी.

सरकारी टीवी चैनल के अनुसार, पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था. इसके चलते अधिकारियों ने इलाके में बचाव का काम रोक दिया था और स्थिति पर नज़र रखी जा रही थी.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने यह भी बताया है कि आने वाले घंटों में स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं.

बाढ़

इमेज स्रोत, VCG via Getty Images

इमेज कैप्शन, चीनी मीडिया ने जानकारी दी थी कि बचावकर्मियों ने फिर से बचाव का काम शुरू कर दिया था

अधिकारी नेपाल और तिब्बत के बीच स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के ऊपर की तरफ पानी के बढ़ते स्तर पर लगातार नज़र रख रहे हैं. बुधवार को हुए भूस्खलन के दौरान कीचड़ और पानी के तेज़ बहाव ने इस सीमा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था.

कई घंटों से हो रही भारी बारिश के बाद मलबे के बीच बनी झील का पानी लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में नीचे के इलाकों में फिर भारी बाढ़ आ सकती है.

सीमा के तिब्बत वाले हिस्से में 550 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं. लापता लोगों में वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो तिब्बत के पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर जा रहे थे.

झील से बढ़ते ख़तरे की वजह से अब राहत और बचाव टीमों के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ लापता लोगों की तलाश और दूसरी तरफ संभावित नई बाढ़ से लोगों को सुरक्षित रखना.

उत्तरी नेपाल में फिर बाढ़ आने की चेतावनी

त्रिशूली नदी
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

उत्तरी नेपाल में फिर बाढ़ आने की चेतावनी दी जा रही है. बचाव और राहत के काम में लगे कर्मचारी लोगों को ऊंची जगहों पर ले जा रहे हैं.

बीबीसी की दक्षिण एशिया संवाददाता आज़ादेह मोशिरी ने बताया, "हम भी त्रिशूली नदी से ऊपर एक इलाक़े में पहुंचे हैं, जहां लोग सुरक्षित रहने के लिए इकट्ठा हुए हैं और ख़तरा टलने का इंतज़ार कर रहे हैं. जिस होटल में हम ठहरे थे, उसके मैनेजर भी हमारे साथ हैं. सेना वहां पहुंची थी और उसने उन्हें होटल खाली करने को कहा था."

इस बीच, त्रिशूली में सेना की बैरक में हर कुछ मिनट में हेलिकॉप्टर उतर रहे हैं. वे बचे हुए लोगों को लेकर आ रहे हैं, जिनमें से कुछ घायल हैं.

बाहर दर्जनों लोग अपने परिवार के लोगों की ख़बर मिलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं या किसी जाने-पहचाने चेहरे के आने की उम्मीद में खड़े हैं.

कुछ लोग दीवार पर लगे काग़ज़ों के आसपास भीड़ लगाए हुए हैं. इन काग़ज़ों पर उन लोगों के नाम लिखे हैं, जिन्हें ढूंढ लिया गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.