क्या स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल वीडियो डिलीट कराने की गुज़ारिश की थी? पॉडकास्ट की होस्ट ने ये कहा

इमेज स्रोत, Swatantra Bhardwaj/X, @imrowdy_rathore
सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे किए जा रहे हैं कि सीजेपी समर्थक निशु आज़ाद के पिता संजय आज़ाद पर हमला करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने अपना पॉडकास्ट इंटरव्यू डिलीट कराने के लिए होस्ट को 66 बार कॉल किए.
यह भी दावा किया जा रहा है कि इसकी गुज़ारिश करते हुए वह रोता रहा, लेकिन होस्ट ने ऐसा नहीं किया.
सोशल मीडिया पर चल रहे इस दावे पर स्वतंत्र का इंटरव्यू करने वाले प्लेटफ़ॉर्म ‘द कैज़ुअल टॉक’ की होस्ट नेहा सिंह राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक बयान जारी कर कहा, “एक पोस्टर सोशल मीडिया पर काफ़ी तेज़ी से सर्कुलेट किया जा रहा है. इसमें लिखा है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने 66 बार कॉल किया और रोते रहा कि पॉडकास्ट डिलीट कर दो, लेकिन मैंने डिलीट नहीं किया.”
उन्होंने आगे कहा, “पोस्टर में एक तरफ स्वतंत्र भारद्वाज की फ़ोटो लगाई गई है और एक तरफ मेरी. नीचे लिखा है स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामी ने पॉडकास्ट कर के जेल में डलवा दिया.”
नेहा सिंह राठौड़ ने कहा, “मेरे ख़िलाफ़ यह फ़ेक प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है. हमने पॉडकास्ट रिकॉर्ड होने के बाद स्वतंत्र से पूछा था, लेकिन उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई और न ही इसे फ़िल्टर करने को कहा. उन्होंने कहा कि ‘जैसे आपने शूट किया है वैसे ही पोस्ट’ कर दें."
दरअसल हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज को कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान जानलेवा हमले की बात स्वीकार करते हुए देखा गया.
इसी वीडियो में भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि राजनीतिक संबंधों के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
वीडियो वायरल होने के बाद सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ़्तारी की मांग की थी.
सीजेपी ने थाने के बाहर प्रदर्शन भी किए, जिसके बाद स्वतंत्र के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई और बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.





