लाइव, अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ब्रेंट क्रूड की क़ीमत बढ़ने और अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने की वजह से रुपये में गिरावट दर्ज की गई.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, सुमंत सिंह

  1. अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर

    भारतीय रुपया

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई (सांकेतिक तस्वीर)

    गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 32 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.20 पर पहुंच गया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ब्रेंट क्रूड की क़ीमत बढ़ने और अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने की वजह से रुपये में गिरावट दर्ज की गई.

    पीटीआई के मुताबिक़, फ़ॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि डॉलर के मुक़ाबले रुपये में और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती क़ीमतों से भारत के आयात ख़र्च पर तेज़ असर पड़ने की आशंका है.

    गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई.

    वहीं पश्चिम एशिया में संभावित बड़े संघर्ष को लेकर निवेशक चिंतित हैं.

    इस बीच, अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिसके बाद अमेरिकी डॉलर और मज़बूत हुआ.

  2. ईरान के राष्ट्रपति बोले- अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का प्रयास सफल नहीं होगा

    मसूद पेज़िश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (फ़ाइल फोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से खाड़ी में असुरक्षा और बढ़ेगी.

    बीबीसी अरबी के मुताबिक, गुरुवार को अपने बयान में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, “नौसैनिक नाकेबंदी या अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उलट किसी भी प्रकार के प्रतिबंध लगाने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा."

    मसूद पेज़ेश्कियान ने आगे कहा, "ऐसे उपाय न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने में विफल रहेंगे बल्कि वास्तव में तनाव पैदा करेंगे और खाड़ी में स्थिरता को कमज़ोर करेंगे."

    इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी महीनों तक चल सकती है. इसके बाद तेल की क़ीमतें, पिछले चार साल के उच्चतम स्तर, 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं.

  3. राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर आईपीएल ने लगाया जुर्माना, ये है वजह

    रियान पराग

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    इमेज कैप्शन, आईपीएल के 40वें मैच के दौरान रियान पराग, ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए देखे गए थे (फ़ाइल फोटो)

    राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर मैच फीस का 25 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया है.

    दरअसल, रियान पराग को इंडियन प्रीमियर लीग के 40वें मैच की दूसरी पारी के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेप (ई-सिगरेट) का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था.

    आईपीएल ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि उन्हें आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है और उनके खाते में एक ‘डिमेरिट पॉइंट’ भी जोड़ा गया है.

    आईपीएल के मुताबिक, "रियान पराग को आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का उल्लंघन करते पाया गया है. यह अनुच्छेद खेल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने से जुड़ा है."

    आईपीएल के मुताबिक, रियान ने अपने अपराध मान लिया और मैच रेफरी अमित शर्मा द्वारा लगाए गए जुर्माने को स्वीकार कर लिया.

  4. अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  5. मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा, पिकअप वैन और कार के भिड़ने से 16 की मौत, शुरैह नियाज़ी, भोपाल से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर हादसा

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    इमेज कैप्शन, दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी तेज़ थी कि वाहन क्षतिग्रस्त हो गए

    मध्य प्रदेश के धार ज़िले में बुधवार रात हुए एक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 30 लोग घायल हैं.

    यह हादसा इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां पर मज़दूरों से भरी ओवरलोड पिकअप वैन टायर फटने की वजह से पलट गई और दूसरी तरफ़ से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गई.

    जानकारी के मुताबिक़, पिकअप वैन बहुत ज़्यादा रफ़्तार में थी. इस हादसे में 8 महिलाएं, 3 युवतियां और 5 बच्चों की मौत हुई है.

    दोनों वाहनों के बीच टक्कर काफ़ी तेज़ थी और मौक़े पर ही कई लोगों की जान चली गई.

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौक़े पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. इस घटना में ओवरलोडिंग और तेज़ रफ़्तार को प्राथमिक कारण माना जा रहा है.

    घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है.

    प्रधानमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये जबकि घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

    वहीं मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों के परिवारजन को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने के आदेश दिए हैं. सरकार ने कहा है कि सभी घायलों का इलाज मुफ़्त में किया जाएगा.

    इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर हादसा

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    इमेज कैप्शन, घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है
  6. राजनाथ सिंह बोले, 'भारत ने ऑपरेशन सिंदूर अपनी शर्तों पर रोका'

    राजनाथ सिंह

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    इमेज कैप्शन, पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चलाए गए सैन्य अभियान को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया था

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर अपनी मर्ज़ी से और अपनी शर्तों पर रोका' है.

    उन्होंने कहा कि भारत ने यह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया, क्योंकि उसकी क्षमता कम हो गई थी.

    बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह टिप्पणी की.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं यहां फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमने वह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया कि हमारी क्षमता कम हो गई थी. हमने उसे अपनी मर्जी से, अपनी शर्तों पर रोका."

    उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर 'भारत लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार' था.

    रक्षा मंत्री ने कहा, "अचानक ज़रूरत पड़ने पर अपनी क्षमता को बढ़ाने की ताक़त भी हमारे पास थी. थी ही नहीं, बल्कि अभी भी है और पहले से और अधिक दुरुस्त है."

    पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया.

    इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर हमले किए थे और दावा किया था कि वहां स्थित आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया.

    जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष हुआ. भारत ने अपने सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया था.

  7. पंजाब के सीएम भगवंत मान राष्ट्रपति से मिलेंगे, राघव चड्ढा समेत सात सांसदों से जुड़ा है मामला

    भगवंत मान

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    इमेज कैप्शन, मान ने कहा कि उन्होंने अपने सभी विधायकों के साथ मुलाक़ात का समय मांगा था (फ़ाइल फ़ोटो)

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी दी है कि वह पांच मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाक़ात करेंगे.

    यह मुलाक़ात उनकी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के मामले में होगी.

    भगवंत मान ने एक्स पर लिखा, "पंजाब के लोगों के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है."

    हालांकि, मान ने कहा कि उन्होंने अपने सभी विधायकों के साथ मुलाक़ात का समय मांगा था. लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ़ उन्हें बुलावा भेजा है.

    सीएम ने कहा, "मैं अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचूंगा. मेरे साथी विधायक बाहर इंतज़ार करेंगे और मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति जी के सामने सभी की ओर से पंजाब की आवाज़ और लोगों का पक्ष मज़बूती से रखूंगा."

    भगवंत मान ने यह भी कहा कि इस बैठक के बाद आगे की रणनीति साझा की जाएगी.

    बीते दिनों पंजाब से आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात ने बीजेपी संसदीय दल में विलय करने की बात कही थी. राज्यसभा के सभापति ने इस विलय की मंज़ूरी भी दे दी.

    ये सभी सांसद राघव चड्ढा की अगुवाई में बीजेपी में शामिल हुए.

  8. रो खन्ना के किस सवाल पर भड़क गए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ

    रो खन्ना और पीट हेगसेथ

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    इमेज कैप्शन, पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान जंग में अब तक अनुमानित ख़र्च 25 अरब डॉलर है

    अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने ईरान में पिछले लगभग दो महीनों से चल रही जंग की लागत पर सवाल उठाए हैं. रो खन्ना ने ये सवाल अमेरिका की 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी' की सुनवाई के दौरान उठाए.

    इन सवालों से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान जंग में अब तक अनुमानित ख़र्च 25 अरब डॉलर है.

    खन्ना ने पूछा कि "हमारे ठिकानों को हुए नुक़सान के कारण नए हथियार और नए विमान ख़रीदने की लागत जोड़ें तो कुल ख़र्च कितना होगा?

    हेगसेथ ने जवाब दिया, "फ़िलहाल जो आंकड़ा बताया गया है वही कुल लागत के बारे में बताता है."

    इसके बाद खन्ना ने पूछा कि ईरान जंग के लिए "अतिरिक्त फंडिंग" के तौर पर वह कितनी राशि मांग रहे हैं.

    हेगसेथ ने कहा, "ईरान के लिए यह 25 अरब डॉलर से कम होगा, लेकिन हम सिर्फ ईरान से आगे बढ़कर भी काफ़ी कुछ मांगेंगे."

    फिर खन्ना ने इस साल की शुरुआत में ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए घातक हमले की लागत के बारे में पूछा, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी और जिसका आरोप ईरान ने अमेरिका पर लगाया था.

    इस पर हेगसेथ ने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा, "वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अभी जांच के दायरे में है... मैं उससे कोई लागत नहीं जोड़ूंगा."

    अमेरिका में गैस और खाने की बढ़ती क़ीमतों पर खन्ना ने कहा कि हर परिवार पर सालाना पांच हज़ार डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.

    वहीं, हेगसेथ ने कहा, "मैं आपसे सिर्फ यह पूछूंगा कि ईरान के परमाणु बम की क़ीमत क्या होगी," और यह भी कहा कि "हमारे पास एक मज़बूत इकोनॉमिक टीम है जो इसे संभाल रही है."

  9. इस ख़बर के बाद कच्चे तेल की क़ीमतें साल 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, ओसमंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    पेट्रोल पंप

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    इमेज कैप्शन, शांति वार्ता ठप होने का असर तेल की क़ीमतों पर पड़ा है (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान जंग से जुड़े नए सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दिए जाने की ख़बर के बाद गुरुवार को एशिया में तेल की क़ीमतों में तेज़ उछाल आया.

    न्यूज वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर "छोटे और तेज़" हमलों की एक योजना तैयार की है, जिसका मक़सद ईरान के साथ बातचीत में बने गतिरोध को तोड़ना है.

    बीबीसी ने इस पर टिप्पणी के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड और व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.

    ब्रेंट क्रूड की क़ीमत क़रीब 7% बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो 2022 में रूस के यूक्रेन पर पूरे पैमाने पर हमले के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.

    इस हफ़्ते ऊर्जा क़ीमतों में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि शांति वार्ता ठप पड़ती दिख रही है और अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद है.

    एक्सियोस की रिपोर्ट में बेनाम सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रस्तावित हमलों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है.

    रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य योजना में होर्मुज़ स्ट्रेट के कुछ हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर उसे व्यापारिक जहाज़ों के लिए फिर से खोलने की बात कही गई है. इसमें ज़मीन पर सैनिकों की तैनाती भी शामिल हो सकती है.

  10. ईरान जंग में अमेरिका ने अब तक कितना ख़र्च किया, पेंटागन अधिकारी ने बताया

    पीट हेगसेथ

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    अमेरिका की 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी' की सुनवाई के दौरान अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ईरान युद्ध पर अब तक ख़र्च हुई रकम की जानकारी दी है.

    समिति में डेमोक्रेट सदस्य एडम स्मिथ ने पूछा कि ईरान के साथ जंग पर अब तक अमेरिका का कितना ख़र्च हुआ है और क्या सांसदों को जल्द पूरी लागत का अनुमान दिया जाएगा.

    सुनवाई में मौजूद पेंटागन के वित्त प्रमुख जूल्स हर्स्ट ने कहा कि यह ख़र्च "क़रीब 25 अरब डॉलर" (क़रीब दो लाख करोड़ रुपये) है, जिसमें ज़्यादातर ख़र्च हथियारों पर हुआ है.

    स्मिथ ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि आपने इस सवाल का जवाब दिया, क्योंकि हम काफ़ी लंबे समय से यह पूछ रहे थे और किसी ने हमें यह आंकड़ा नहीं दिया."

    इसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से पूछा कि सरकार ईरान से जुड़े न्यूक्लियर ख़तरे को कैसे ख़त्म करने की योजना बना रही है.

    हेगसेथ ने पिछली सरकारों पर "ख़राब समझौते" करने का आरोप लगाया और 2016 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक़ ओबामा के समय हुए जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) का ज़िक्र किया.

    जेसीपीओए को ईरान न्यूक्लियर डील के तौर पर भी जाना जाता है.

    इस पर स्मिथ ने आपत्ति जताते हुए कहा, "वह अतीत है, भविष्य क्या है?"

    उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसा कोई तात्कालिक न्यूक्लियर ख़तरा था, जिसकी वजह से ईरान के साथ जंग ज़रूरी हो गई.

    हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने "अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम की महत्वाकांक्षा नहीं छोड़ी थी", इसी वजह से अमेरिका ने इसराइल के साथ मिलकर कार्रवाई की.

  11. अब्बास अराग़ची ने जयशंकर से क्या कुछ कहा, ईरानी दूतावास ने बताया

    जयशंकर और अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरानी दूतावास ने बताया कि भारतीय विदेश मंत्री ने संघर्ष ख़त्म करने और विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति का समर्थन किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत में ईरानी दूतावास ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के बीच बुधवार को फ़ोन पर हुई बातचीत की विस्तृत जानकारी दी है.

    ईरानी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, "बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष को क्षेत्रीय स्थिति और इंटरनेशनल नेविगेशन की आज़ादी को ख़तरे में डालने वाली अमेरिका की लगातार ग़ैरक़ानूनी कार्रवाइयों के असर के बारे में जानकारी दी."

    "साथ ही ईरान के ख़िलाफ़ थोपी गई जंग को ख़त्म करने के लिए चल रही बातचीत से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम से भी अवगत कराया."

    बयान में कहा गया, "विदेश मंत्री ने फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई असुरक्षा को अमेरिका और ज़ायनिस्ट शासन की ईरान के ख़िलाफ़ आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा नतीजा बताया."

    ईरानी दूतावास के मुताबिक़, अब्बास अराग़ची ने कहा कि इन कार्रवाइयों की वजह से वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले असर के लिए अमेरिका और इसराइल को 'जवाबदेह ठहराना ज़रूरी है'.

    दूतावास ने बताया कि इस बातचीत के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने भारत के सैद्धांतिक रुख़ को दोहराते हुए संघर्ष ख़त्म करने और विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति का समर्थन किया.

    इससे पहले बुधवार को जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बातचीत करने की जानकारी दी थी.

  12. डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक सेहत से जुड़े सवाल पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने क्या कहा

    सारा जैकब्स और पीट हेगसेथ

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    इमेज कैप्शन, सारा जैकब्स और पीट हेगसेथ के बीच तीख़ी बहस हुई

    अमेरिका की 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी' की सुनवाई के दौरान एक डेमोक्रेट सांसद ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक सेहत पर सवाल किया.

    इस सवाल पर पीट हेगसेथ और डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स के बीच तीख़ी बहस हुई.

    सारा जैकब्स राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर हाल के पोस्ट को उदाहरण देते हुए उनकी ओर से इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना कर रही थीं.

    जैकब्स के पीछे खड़े एक सहायक ने ट्रंप के पुराने पोस्ट के कटआउट दिखाए, जिनमें अब हटाया जा चुका वह एआई पोस्ट भी शामिल था, जिसमें उन्हें यीशु जैसी छवि में दिखाया गया था.

    सारा जैकब्स ने पीट हेगसेथ से सवाल किया, "क्या आप मानते हैं कि राष्ट्रपति मानसिक रूप से इतने स्थिर हैं कि वे कमांडर-इन-चीफ़ की भूमिका निभा सकें?"

    हेगसेथ ने जवाब में जैकब्स से पूछा, "क्या आपने यही सवाल चार साल तक जो बाइडन से पूछा था?"

    उन्होंने कहा, "आपने ऐसा नहीं किया और मैं उस स्तर की टिप्पणी में शामिल भी नहीं होना चाहता जो आप कमांडर-इन-चीफ़ के बारे में कर रही हैं... क्या आपने यह सवाल तब पूछा जब आप और आपके साथी डेमोक्रेट्स ने जो बाइडन का बचाव किया, जो ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे?"

    जैकब्स ने पलटवार करते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में बाइडन "राष्ट्रपति पद के हमारे उम्मीदवार नहीं थे."

  13. लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमले को पुलिस ने 'आतंकवादी घटना' बताया

    लंदन में यहूदी समुदाय के दो लोगों पर हमला करने वाले संदिग्ध को पुलिस ने पकड़ा

    इमेज स्रोत, Metropolitan Police

    इमेज कैप्शन, हमला करने वाले संदिग्ध को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है

    उत्तरी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाक़े में बुधवार सुबह दो यहूदी पुरुषों पर चाकू से हमला हुआ, जिसे पुलिस ने कुछ ही घंटों में 'आतंकवादी घटना' घोषित कर दिया.

    76 और 34 साल के जिन दो लोगों पर हमला हुआ, उनका मौक़े पर इलाज किया गया और वे अस्पताल में स्थिर हालत में हैं.

    काउंटर-टेरर पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस हमले में लंदन के यहूदी समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया गया.

    इस मामले में 45 साल का एक व्यक्ति पुलिस हिरासत में है. इस शख़्स की पहचान ब्रिटिश नागरिक के रूप में हुई है.

    पुलिस की ओर से जारी बॉडी-वॉर्न कैमरा फुटेज में गिरफ़्तारी से पहले के पल दिखाई देते हैं. इसमें पुलिसकर्मी संदिग्ध से बार-बार "चाकू गिरा दो" कहते हुए सुनाई देते हैं, जिसके बाद टेज़र गन का इस्तेमाल कर संदिग्ध को ज़मीन पर गिराकर गिरफ़्तार किया जाता है.

    इस घटना के बाद ब्रिटेन में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं. चीफ़ रब्बी सर एफ्राइम मिर्विस ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि "अगर आप अपने पहनावे से यहूदी नज़र आते हैं, तो आप सुरक्षित नहीं हैं".

    यहूदी सुरक्षा समूह शोम्रिम के एक सदस्य ने कहा, "यह एक के बाद एक होता जा रहा है."

    प्रधानमंत्री सर किएर स्टार्मर ने कहा कि यह "यहूदी-विरोधी हमला बेहद भयावह" है और उन्होंने कहा कि समुदाय की सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई फंडिंग को और बढ़ाने की ज़रूरत है.

    बकिंघम पैलेस ने भी कहा कि किंग इस घटना से यहूदी समुदाय पर असर को लेकर "गहरी चिंता" में हैं.

    लंदन में यहूदी समुदाय के दो लोगों पर हमला

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    इमेज कैप्शन, इस घटना के बाद ब्रिटेन में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई हैं
  14. 'मैं उनसे कोहिनूर लौटाने को कहता': जब ममदानी ने किंग चार्ल्स के बारे में ये कहा

    ज़ोहरान ममदानी

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    न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी का एक बयान भारत में चर्चा में है. उनका यह बयान कोहिनूर हीरे से जुड़ा है.

    ममदानी ने कहा कि अगर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स से उनकी अलग से बात होती, तो वह उन्हें 'कोहिनूर लौटाने के लिए कहते'.

    ममदानी से सवाल किया गया था कि 'जब आप किंग चार्ल्स से मिलेंगे तो क्या आप उनसे महज़ औपचारिक मुलाक़ात करेंगे या उनसे कुछ सवाल भी करेंगे?'

    इस पर उन्होंने कहा, "आज मैं अन्य निर्वाचित अधिकारियों के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होऊंगा. इसका उद्देश्य 9/11 के भयानक हमलों में मारे गए 3000 से अधिक न्यूयॉर्क के लोगों को श्रद्धांजलि देना है."

    उन्होंने कहा, "अगर मेरी इससे इतर किंग से बात होती, तो मैं शायद उन्हें कोहिनूर हीरा वापस करने के लिए प्रोत्साहित करता."

    हालांकि, किंग चार्ल्स और ममदानी की मुलाक़ात हो चुकी है, लेकिन उनके बीच कोहिनूर को लेकर बातें हुईं या नहीं, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है.

  15. ट्रंप और पुतिन के बीच ईरान युद्ध पर क्या बातें हुईं?

    डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि पुतिन ईरान में युद्ध ख़त्म कराने में मदद करना चाहते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी यूक्रेन और ईरान युद्ध को लेकर चर्चा हुई है.

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ईरान में युद्ध ख़त्म कराने के प्रयासों में मदद करना चाहते हैं.

    बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "हमने यूक्रेन युद्ध के बारे में ज़्यादा बात की, लेकिन वह मदद (ईरान युद्ध में) करना चाहते हैं. लेकिन मैंने कहा कि मेरी मदद करने से पहले मैं आपकी जंग ख़त्म करना चाहता हूं."

    एक अन्य सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन ईरान में एनरिचमेंट में शामिल होना चाहते हैं.

    ट्रंप ने कहा, "उन्होंने मुझसे कहा कि अगर वह हमें इसे (समझौता) हासिल करने में मदद करते हैं, तो वह एनरिचमेंट में शामिल होना चाहेंगे. मैंने कहा कि मैं इससे कहीं ज़्यादा चाहूंगा कि आप यूक्रेन की जंग ख़त्म कराने में शामिल हों."

    उन्होंने कहा, "हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते... उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा, वो यह जानते हैं. हमने इसके बारे में भी थोड़ी बात की. वह (पुतिन) नहीं चाहते कि उनके पास परमाणु हथियार हो."

  16. नमस्कार!

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