इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज़म ख़ान और बेटे अब्दुल्ला आज़म को इस केस में दी बड़ी राहत, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

इमेज स्रोत, Getty Images
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ख़ान को दो पैन कार्ड मामले में राहत दी है.
अदालत ने उनकी सज़ा निलंबित कर दी और ज़मानत मंज़ूर कर ली है. दोनों इस मामले में 17 नवंबर, 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं.
आज़म ख़ान के वकील नासिर सुल्तान ने फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में रामपुर की ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत से सज़ा मिलने के बाद हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीज़न याचिकाएं दायर की गई थीं.
14 और 15 अक्तूबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
नासिर सुल्तान ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि अब दोनों की ज़मानत मंज़ूर हो गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ज़मानती दस्तावेज़ दाखिल करने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों अगले दो-तीन दिनों में जेल से बाहर आ सकते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आज़म ख़ान के नाम पर कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड बनवाने और उनके इस्तेमाल से जुड़ा है.
आरोप है कि अब्दुल्ला आज़म के नाम पर एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर, 1990. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल अलग-अलग आधिकारिक कामों में किया गया.
दिसंबर 2019 में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर रामपुर के सिविल लाइंस थाने में इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. मामले में धोखाधड़ी, जालसाज़ी, जाली दस्तावेज़ को असली के तौर पर इस्तेमाल करने और आपराधिक साज़िश जैसे आरोप लगाए गए थे.
नवंबर 2025 में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत ने आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म को दोषी ठहराते हुए दोनों को सात-सात साल की क़ैद और 50-50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था.
इस मामले में दायर अपीलों को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया. मई 2026 में इसी अदालत ने अभियोजन पक्ष की अपील पर आज़म ख़ान की सज़ा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी.
इसके बाद दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया था. हाई कोर्ट ने अब उनकी सज़ा निलंबित करते हुए ज़मानत मंज़ूर कर ली है.
हालांकि दो पैन कार्ड मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद आज़म ख़ान के लिए क़ानूनी मुश्किलें पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई हैं. उनके ख़िलाफ़ रामपुर समेत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाक़ों में कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं.





























