कार्टून: ऑल द बेस्ट

हिज़्बुल्लाह से जुड़े लेबनानी मीडिया ने ख़बर दी थी कि इसराइली हवाई हमलों के जारी रहने के कारण बातचीत को निलंबित कर दिया गया है.
रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल


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अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली सीधी बातचीत को स्थगित कर दिया गया है.
व्हाइट हाउस ने गुरुवार देर रात बताया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए स्विट्ज़रलैंड नहीं जा रहे हैं.
यह घटनाक्रम उस समझौते के एक दिन बाद सामने आया है, जिसके तहत संघर्ष समाप्त करने के लिए दोनों देशों ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद अमेरिका ने गल्फ़ ऑफ़ ओमान से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा ली थी.
हालांकि समझौते में लेबनान में भी लड़ाई समाप्त करने की बात कही गई थी, लेकिन दक्षिणी लेबनान में रातभर हुए इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई. ये जानकारी देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है.
इसराइल की सेना ने कहा कि उसने ईरान समर्थित समूह हिज़्बुल्लाह को निशाना बनाया था. सेना ने यह भी बताया कि उसके चार सैनिक मारे गए हैं.
व्हाइट हाउस के बयान जारी करने से कुछ घंटे पहले, हिज़्बुल्लाह से जुड़े लेबनानी मीडिया ने ख़बर दी थी कि इसराइली हवाई हमलों के जारी रहने के कारण बातचीत को निलंबित कर दिया गया है.
वार्ताकारों की अगले चरणों पर चर्चा के लिए बैठक होने वाली थी, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने "तकनीकी चर्चा" बताया था.
लेकिन अमेरिका ने कहा कि बातचीत की योजनाएं ‘अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं.’
अमेरिका ने यह भी कहा कि अमेरिका 'जितनी जल्दी संभव हो तकनीकी वार्ता शुरू करने' का इच्छुक है.

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को अदालत की अवमानना के आरोप में नोटिस भेजा है.
उन पर बीते साल 21 जुलाई को महानगर की मुख्य सड़क को बंद कर, पार्टी की शहीद रैली के आयोजन का आरोप है.
साल 2018 में हाई कोर्ट ने कहा था कि किसी भी सभा या रैली के लिए महानगर की किसी प्रमुख सड़क को बंद नहीं किया जा सकता.
आरोप है कि टीएमसी ने उस निर्देशों की अनदेखी कर बीते साल शहीद दिवस रैली आयोजित की थी.
तृणमूल कांग्रेस पर अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए हाल में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. शुक्रवार को न्यायाधीश अरिजीत बंदोपाध्याय और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा की खंडपीठ के समक्ष उस पर सुनवाई के बाद अदालत ने अवमानना का नोटिस भेजने का निर्देश दिया.
इस मामले की अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी.
साल 1993 में राज्य सचिवालय अभियान के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की याद में टीएमसी हर साल 21 जुलाई को कोलकाता में शहीद रैली का आयोजन करती रही है.
महानगर की सड़कों पर आवाजाही रोक कर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से सभा के आयोजन के मुद्दे पर टीएमसी समेत 38 राजनीतिक दलों के ख़िलाफ़ दायर एक जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने कहा था कि सभा के लिए किसी भी बड़ी या प्रमुख सड़क को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने कहा था कि पैदल चलने वाले और वाहनों की आवाजाही के लिए उसका एक हिस्सा हमेशा खुला रखना होगा.
अदालत ने कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर विकल्प रास्ते की भी व्यवस्था करनी होगी और आम लोगों को मीडिया के जरिए पहले से इसकी जानकारी देनी होगी.
अब इस मामले में दायर एक याचिका में आरोप लगाया है कि साल 2025 में टीएमसी ने अदालत के उक्त निर्देश का पालन नहीं किया था.

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सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य ने कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है.
दरअसल झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा, एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी से हार गए थे. इसके बाद कांग्रेस ने सीपीआई (एमएल) के विधायकों पर वोट नहीं देने का आरोप लगाया था.
अपने पत्र में दीपांकर ने कहा कि सहयोगियों के खिलाफ़ ऐसे 'बिना पुष्टि वाले और बेबुनियाद आरोप' इंडिया गठबंधन की पार्टियों के बीच आपसी भरोसे को कमज़ोर करते हैं.
उन्होंने पत्र में लिखा, "हम यह देखकर स्तब्ध हैं कि कांग्रेस, 18 जून को झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के लिए झारखंड में हमारे विधायकों को ज़िम्मेदार ठहरा रही है. यह एक दुर्भावनापूर्ण झूठ है. विपक्षी विधायकों की बैठक में तय योजना के मुताबिक़ हमारे दोनों विधायकों ने झा के पक्ष में मतदान किया था. मतदान एजेंटों ने मतपत्र डाले जाने से पहले वोटों का विधिवत सत्यापन भी किया था."
"मैं आपको यह पत्र लिखकर हमारे विधायकों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण प्रचार और हमारी पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश के प्रति कड़ा विरोध दर्ज करा रहा हूं."
उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनावों में उनकी पार्टी के विधायक बिहार और झारखंड में लगातार विपक्षी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करते रहे हैं.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक को संबोधित किया.
इस दौरान उन्होंने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की डिजिटल सर्विसेज़ कंपनी 'जियो प्लेटफ़ॉर्म्स' शुक्रवार को सेबी के पास आईपीओ के ड्राफ्ट कागज़ात जमा करेगी.
आरआईएल ने एक्स पर पोस्ट कर मुकेश अंबानी का बयान जारी किया है.
बयान के मुताबिक, “जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के बोर्ड ने इसके ड्राफ़्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस(डीआरएचपी) को मंज़ूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास फ़ाइल किया जाएगा. यह मेरे लिए, पूरे रिलायंस परिवार और इसके लाखों शेयरधारकों के लिए बहुत भावुक पल है."
"रिलायंस और उसके शेयरधारकों के बीच का रिश्ता गर्व, भरोसे, सम्मान और साथ मिलकर आगे बढ़ने पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है.”

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दिल्ली का पहला ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन उत्तर दिल्ली के सब्ज़ी मंडी इलाक़े में शुक्रवार को शुरू किया गया.
इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को मज़बूत करना और उनके ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों की जांच को बेहतर बनाना है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उपराज्यपाल ने पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में थाने का उद्घाटन किया.
अधिकारियों ने बताया कि यह दिल्ली का पहला थाना है, जहां पूरा स्टाफ़ महिला है. इसे जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग की दिशा में एक अहम क़दम माना जा रहा है.
यह थाना घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और हमले जैसे मामलों की रोकथाम और जांच पर विशेष ध्यान देगा.
पुलिस ने कहा कि यह थाना जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा, परामर्श सेवाएं देगा और समाज से जुड़कर महिलाओं के अधिकारों और क़ानूनी उपायों के बारे में जानकारी बढ़ाएगा.
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी वायु सेना ने बीती रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांतों में आईएसआईएस से जुड़े कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया कि हमले बलूचिस्तान के गुलिस्तान और शकराब इलाकों में आईएसआईएस-ख़ुरासान के मुख्यालय और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के ओरकज़ई ज़िले के क़ंबरख़ेल इलाके पर किए गए.
रक्षा मंत्रालय ने दावा किया, "इन जगहों का इस्तेमाल कुछ दुश्मन ख़ुफ़िया हलकों की मदद से अफ़ग़ानिस्तान पर हमले की योजना बनाने के लिए किया जाता था. पहले भी ये जगहें कई घातक हमलों की योजना और शुरुआत के लिए इस्तेमाल की गई थीं."
बीबीसी पश्तो ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वहां आईएसआईएस-ख़ुरासान के कुछ बड़े लीडर्स मारे गए.
तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी ओर से उन ठिकानों पर एयर स्ट्राइक हुई है, जहां अफ़ग़ानिस्तान पर हमले की योजना बनाई जा रही थी.
रक्षा मंत्रालय ने कहा, "अब अफ़ग़ानिस्तान अपनी सुरक्षा और स्थिरता के ख़िलाफ़ किसी भी ख़तरे या डर को बर्दाश्त नहीं करेगा. ऐसे हालात को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए वह अपनी पूरी ताक़त लगाएगा."
आगे कहा, "हम अपनी सभी क्षमताओं और संसाधनों का इस्तेमाल करके हर ख़तरे को पहचानने, रोकने और पूरी तरह ख़त्म करने के लिए काम करेंगे."
अब तक इस पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप पर पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान आया है.
सीएम योगी ने शुक्रवार को कहा कि एसआईटी गठित हो गई है और 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम में कहा है, "रामभक्तों से मेरी विनम्र अपील है कि अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं. चिंता मत कीजिए, 15 दिन का इंतज़ार कीजिए. एसआईटी गठित हुई है, दूध का दूध, पानी का पानी होगा. सब साफ़ होगा."
उन्होंने कहा, "सभी संबंधित लोगों से अपील है कि बीच-बीच में बयान न दें, एसआईटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार करें. ये तय है कि अगर कोई अपराधी है तो बचेगा नहीं."
इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 'मंदिर निर्माण समिति' के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि चढ़ावा चोरी को सांठगांठ कहना ग़लत है.
उन्होंने कहा, "दान की गिनती की निगरानी में चूक हुई है. इस मामले से पीएम भी चिंतित हैं. एसआईटी इसकी जांच कर रही है. लेकिन मंदिर निर्माण समिति का इससे कोई वास्ता नहीं है."
नृपेंद्र मिश्र ने आगे कहा," मैंने पीएमओ में अपनी रिपोर्ट दी है. ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों ने जवाबदेही तय नहीं की यही उनकी ग़लती है."

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लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया है कि देश के दक्षिणी इलाक़ों के कई शहरों पर इसराइल ने हमला किया है, इनमें कम से कम 18 लोग मारे गए हैं.
मीडिया के मुताबिक़, शुक्रवार सुबह से ही इसराइली सेना नबातीह शहर और उसके आसपास लगातार हमले कर रही है.
जबकि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में यह कहा गया था कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई बंद होगी.
इस बीच अमेरिका और इसराइल के बीच दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं.
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि इस समय पूरी दुनिया में सिर्फ़ डोनाल्ड ट्रंप ही इकलौते नेता हैं, जो इसराइल के प्रति हमदर्दी और समर्थन दिखा रहे हैं.
इसराइल के आंतरिक सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने वेंस के बयान पर एक घंटे पहले कहा, "जो हमारा साथ देगा उसे फ़ायदा होगा, और जो पीठ दिखाएगा उसे नुक़सान होगा. इसलिए हमें धमकाओ मत."

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक के बाद 'आत्महत्या करने वाले छात्रों' के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपए के मुआवज़े की मांग की है.
अभिजीत दीपके ने मुआवज़े की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ओपन लेटर लिखा है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा किया.
अभिजीत दीपके ने पत्र में लिखा, "पिछले कुछ हफ़्तों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से पांच मौतें पिछले 48 घंटों में हुई हैं. यह दुखद सिलसिला थमने के बजाय और तेज़ हो रहा है, क्योंकि दोबारा परीक्षा होने का दबाव छात्रों पर बढ़ रहा है."
उन्होंने लिखा, "हम मांग करते हैं कि आपकी सरकार उन सभी परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दे, जिनके बच्चों ने पेपर लीक संकट की वजह से आत्महत्या की है."

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"सीजेपी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रही है और देशभर में प्रदर्शन कर रही है. छात्रों की यही मांग है कि जिनकी ज़िंदगी गई है, उसके लिए कोई ज़िम्मेदारी तय हो."
दीपके ने आगे लिखा, "हम आपसे आग्रह करते हैं कि तुरंत हस्तक्षेप करें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाएं ताकि कोई और छात्र एकेडमिक दबाव में अपनी जान न गंवाएं."
अभिजीत दीपके ने ओपन लेटर में बताया कि 20 जून को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में देशभर के छात्र जंतर मंतर पर इकट्ठा होंगे.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

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छत्तीसगढ़ के कोरिया में रेत के अवैध खनन को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद तीन लोगों को उनकी गाड़ी में ज़िंदा जला कर मार दिया गया.
इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जिन्हें गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इस विवाद में दोनों पक्ष बीजेपी से जुड़े हुए हैं.
कोरिया की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बीबीसी से कहा, "इस मामले में फरार पांच अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले कई सालों से आपसी वर्चस्व को लेकर विवाद होता रहा है."
दरअसल, कोरिया ज़िले के सोनहत थाना क्षेत्र के नवगई में रेत के अवैध खनन को लेकर विवाद हुआ. इस दौरान बीजेपी नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह गहरवार की गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. इस घटना में भरत सिंह गहरवार समेत तीन लोगों की मौत हो गई.
पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों ने गाड़ी के आगे-पीछे डंपर लगाकर रोका. गाड़ी में सवार लोग उतर पाते, उससे पहले ही अभियुक्तों ने पेट्रोल डाल कर उसमें आग लगा दी.
पुलिस ने इस मामले में बीजेपी से ही जुड़े मनोज त्रिपाठी, अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी को गिरफ़्तार किया है. सभी अभियुक्त एक ही परिवार के हैं.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभकामनाएं दी हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं. उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं."
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं. ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं."
वहीं, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट किया, "राहुल गांधी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. संविधान के आदर्शों के प्रति आपकी अटूट निष्ठा और अनसुनी आवाज़ों के लिए आपकी बेबाक लड़ाई ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है."

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भारतीय ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल चोटिल होने की वजह से विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गईं हैं.
बुधवार को नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ ग्रुप-ए मैच में फ़ील्डिंग करते हुए श्रेयंका पाटिल का एंकल मुड़ गया था. इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान के बाहर लाया गया था.
आईसीसी विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमेटी ने श्रेयंका पाटिल की जगह प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल करने की मंज़ूरी दी है.
प्रेमा रावत पहले से ही इंडिया-ए टीम के दौरे पर इंग्लैंड में थीं और अब वह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप टीम से जुड़ेंगी.
प्रेमा रावत ने हाल ही में विमेंस प्रीमियर लीग और विमेंस एशिया कप राइज़िंग स्टार्स में अच्छा प्रदर्शन किया था. इंडिया-ए के लिए उन्होंने 9.62 की औसत से 8 विकेट लिए थे.

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फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गुरुवार रात एक वीडियो मैसेज शेयर किया है, इसमें वो हिन्दी में बोलते हुए नज़र आ रहे हैं.
इमैनुएल मैक्रों ने कहा, "प्रिय मित्र नरेंद्र... नीस, एवियन और पेरिस के दौरे पर आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हुई. फ़्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे."
इसके बाद फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने अंग्रेज़ी में कहा, "मुझे उम्मीद है यह संदेश सही होगा. डियर प्राइम मिनिस्टर इस मित्रता के लिए आपका धन्यवाद. मैं अगली फ़रवरी में आपसे मिलूंगा."
गौरतलब है कि पीएम मोदी 6 दिन तक फ़्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहे. इसके बाद गुरुवार देर रात वो भारत के लिए रवाना हुए.
अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में शिरकत की. यहां पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी मुलाक़ात हुई.

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ईरान की एक अदालत ने गायिका परस्तू अहमदी और 'कारवांसराय कॉन्सर्ट' के आठ अन्य मेंबर्स को74 कोड़े मारने की सज़ा दी है.
साथ ही इन पर दो साल तक देश से बाहर जाने और दो साल तक कला से जुड़ी एक्टिविटीज़ करने पर रोक लगाई गई है.
यह फ़ैसला क़ोम प्रांत की अदालत ने सुनाया. अदालत ने इस्लामी क़ानून की धाराओं का हवाला देते हुए हर सदस्य को यही सज़ा दी है. साथ ही कहा गया है कि यह फ़ैसला देश के मीडिया में भी छापा जाएगा.
जिन लोगों को सज़ा सुनाई गई है, उन पर आरोप है कि 'इंटरनेट पर ग़लत और अश्लील चीज़ें डालकर लोगों की शालीनता को नुक़सान पहुंचाया' है.
'कारवांसराय कॉन्सर्ट' का वीडियो दिसंबर 2014 में गायिका परस्तू अहमदी के यूट्यूब चैनल पर डाला गया था. सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहुत चर्चा हुई. इस वीडियो में गायिका ने बिना हिजाब पहने गाना गाया था.
यूट्यूब पर यह वीडियो कुछ ही घंटों में 1 लाख से ज़्यादा बार देखा गया. इसे सोशल मीडिया पर भी ख़ूब शेयर किया गया. अब तक इस वीडियो को लगभग 30 लाख बार देखा जा चुका है और इसके क्लिप भी इंटरनेट पर वायरल चुके हैं.

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत की स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.
अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हो रही हिंसा का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान पर कई आरोप लगाए.
अनुपमा सिंह ने कहा, "जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. एकमात्र अधूरा मुद्दा पाकिस्तान का भारतीय क्षेत्रों पर अवैध क़ब्ज़ा और उनका वापस आना है. पाकिस्तान का झूठा प्रचार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में हो रहे अत्याचारों की सच्चाई को नहीं छिपा सकता."
उन्होंने आगे कहा, "रावलाकोट में जारी त्रासदी, सैकड़ों नागरिकों की हत्या और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में हो रही हिंसक कार्रवाई उस व्यवस्था का नतीजा है जो जबरन क़ब्ज़े पर बनी है और दमन से चल रही है."
अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से इनकी सेना ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर रही है.
उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का ज़िक्र करते हुए कहा, "जनसंख्या में ज़बरदस्ती बदलाव और लोगों को बुनियादी आज़ादियों से वंचित करने की वजह से हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब अगर कोई रोटी, बिजली, अपने अधिकार या इज़्ज़त की मांग करता है तो उसे गोलियों और हिंसा से दबा दिया जाता है."
गौरतलब है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं. प्रतिबंधित संगठन ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी की मांग है कि यहां की विधानसभा में आरक्षित सीटों की व्यवस्था ख़त्म की जाए.
इन सीटों पर ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में नहीं बल्कि पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहते हैं.

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अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाक़ाबंदी हटा ली गई है. दोनों देशों के बीच समझौते पर हुए हस्ताक्षर के ठीक बाद यह क़दम उठाया गया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा है कि राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार नाक़ाबंदी ख़त्म कर दी गई है.
सेंटकॉम ने एक्स पर लिखा, "आज अमेरिकी सेनाओं ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाक़ों में आने-जाने वाले सभी जहाज़ों पर लगी नाक़ाबंदी हटा दी है."
सेंटकॉम ने आगे लिखा, "अमेरिकी सेनाएं अब ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाज़ों को नहीं रोक रही हैं. अमेरिकी नौसैनिक नाक़ाबंदी लागू करने की सभी कोशिशें बंद कर दी गई हैं. हमारे बड़े नौसैनिक जहाज़ सामान्य क्षेत्र में रहेंगे ताकि समझौते के सभी पहलुओं का पालन सुनिश्चित हो सके."
गौरतलब है कि बतौर मध्यस्थ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने गुरुवार को ही कह दिया था कि यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू होगा.
उन्होंने कहा था कि इसके पहले क़दम के तौर पर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट खोलेगा और अमेरिका नौसैनिक नाक़ाबंदी हटाएगा.
संबंधित कहानी: ईरान अमेरिका के साथ हुए समझौते को अपनी जीत क्यों मान रहा है?

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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुए समझौते पर उनकी अलग राय थी, लेकिन फिर भी उन्होंने इस पर दस्तख़त करने की इजाज़त दे दी.
ईरानी मीडिया ने गुरुवार शाम को मोजतबा ख़ामेनेई का बयान प्रकाशित किया.
मोजतबा ख़ामेनेई ने अपने लिखित संदेश में कहा, "इस समझौते पर मेरी राय अलग थी. लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मुझे भरोसा दिलाया कि वो ईरानी जनता और विरोधी ताक़तों के ख़िलाफ़ खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा करेंगे. उन्होंने इसकी ज़िम्मेदारी भी ली. इसी वजह से मैंने मंज़ूरी दी."
ख़ामेनेई ने कहा कि पेज़ेश्कियान ने उन्हें बताया कि अगर अमेरिकी पक्ष ज़्यादा मांग करेगा तो वे उसे नहीं मानेंगे.
ख़ामेनेई ने संदेश में लिखा, "अब से हम सब, मैं और हमारा गर्वित देश, बताए गए शर्तों के पूरे होने का इंतज़ार करेंगे."
इस संदेश में ख़ामेनेई ने सीधे तौर पर ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत की अनुमति भी दी है.
यह पहली बार है जब मोजतबा ख़ामेनेई ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया दी है. मार्च में सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से वो जनता के सामने नहीं आए हैं.
उनके पिता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की 28 फ़रवरी को अमेरिका-इसराइल के हमले में मौत हो गई थी.
नमस्कार!
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