लाइव, कांग्रेस ने विपक्षी दलों में टूट के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, कहा- 'ये संविधान की भावना के ख़िलाफ़'

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि बैठक में भ्रष्टाचार, महंगाई, विदेश नीति और ई20 जैसे कई और मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

सारांश

छोड़कर वीडियो आगे बढ़ें
  • मछुआरों ने हाथों से ही रेत में ये रास्ता बनाया है
  • सेमीफ़ाइनल मैच में स्पेन ने फ़्रांस को हराया है
  • एफ़िडेविट के मुताबिक प्रशांत किशोर से ज़्यादा संपत्ति उनकी पत्नी के पास है
  • रूसी मॉडल
  • सोनम वांगचुक
  • पेट्रोल पंप
  • विंबलडन
  • फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. कांग्रेस ने विपक्षी दलों में टूट के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, कहा- 'ये संविधान की भावना के ख़िलाफ़'

    कांग्रेस संसदीय दल की बैठक

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, शशि थरूर समते कई कांग्रेस नेता शामिल हुए

    गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई. बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ने एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी.

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "बैठक में चंदा चोरी, आस्था के साथ धोखा, शिक्षा व्यवस्था का लगातार बिगड़ना, संस्थाओं पर कब्ज़ा, राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई."

    उन्होंने बताया कि इसके अलावा भ्रष्टाचार, महंगाई, विदेश नीति और ई20 जैसे कई और मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

    कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक के बाद कहा, "यह सच है कि 17 अप्रैल के बाद से गृह मंत्री ने एक-दो विपक्षी दलों में टूट करवाई है. यह संविधान का अपमान है."

    "चालाकी से दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश की जा रही है. दूसरे दलों को तोड़कर इस तरह दो-तिहाई बहुमत जुटाना संविधान की भावना के ख़िलाफ़ है. ऐसा बहुमत दागदार बहुमत होगा."

    उन्होंने कहा, "हालांकि, लोकसभा में उनके लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करना संभव नहीं है. हम सभी विपक्षी दलों के संपर्क में हैं. राहुल गांधी लगातार बातचीत कर रहे हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी उन सभी दलों से संपर्क में हैं, जिन्होंने 16 और 17 अप्रैल को परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे का ज़ोरदार विरोध किया था."

  2. अमेरिका और ईरान के ताज़ा तनाव पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

    ताहिर अंद्राबी

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान को हिंसा रोकने और पिछले महीने हुए समझौते (एमओयू) के आधार पर दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा.

    इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, "समझौते को लागू करने में कई चुनौतियां हैं, लेकिन पाकिस्तान सभी पक्षों से हिंसा समाप्त करने और तकनीकी स्तर की वार्ता फिर से शुरू करने की अपील करता रहेगा."

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि होर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति जल्द सामान्य होगी.

    उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग में सुरक्षा बनाए रखने और जहाज़ों की बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

    गौरतलब है कि इस सप्ताह अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

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  3. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  4. अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- कुछ इसराइली युद्ध को बेवजह खींचना चाहते हैं

    जेडी वेंस

    इमेज स्रोत, Chip Somodevilla/Getty Images

    इमेज कैप्शन, द जो रोगन एक्सपीरिएंस पॉडकास्ट में जेडी वेंस ने अपनी बात रखी (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि इसराइली सरकार और इसके समाज के भीतर कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं जो ईरान के साथ जारी युद्ध को बेवजह लंबा खींचना चाहते हैं.

    उनका आरोप है कि ऐसे तत्व अमेरिकी नीति और जनमत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सैन्य अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रहे.

    बुधवार को प्रसारित द जो रोगन एक्सपीरिएंस पॉडकास्ट में जेडी वेंस ने कहा, "मुझे इसमें जरा भी संदेह नहीं है कि इसराइली सरकार के भीतर कुछ लोग हमारी नीति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे सैन्य अभियान को जारी रखना चाहते हैं."

    वेंस ने आगे दावा किया कि अमेरिका को इस बात का पूरा यक़ीन है कि इसराइली सिस्टम के कुछ लोग अमेरिका के अंदर जनमत को प्रभावित करने और उसका रुख़ बदलने की कोशिश कर रहे हैं.

    उनके मुताबिक़, यह किसी स्पष्ट मक़सद को हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ युद्ध को अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए किया जा रहा है.

    जेडी वेंस ने यह दावा ऐसे समय में किया है, जब अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमलावर हैं.

    ईरान ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है. जबकि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताक़त पर हमला करने का दावा किया है.

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  5. अमेरिकी रक्षा मंत्री का एलान- 30 साल से अधिक उम्र के सैनिकों की होगी टेस्टोस्टेरोन जांच

    पीट हेगसेथ

    इमेज स्रोत, Anna Moneymaker/Getty Images

    इमेज कैप्शन, पीट हेगसेथ ने 30 साल से कम उम्र के सैनिकों के लिए यह जांच वैकल्पिक बताई (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एलान किया है कि अब 30 साल और उससे अधिक उम्र के सैनिकों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच में टेस्टोस्टेरोन की कमी की भी जांच की जाएगी.

    हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में इस नए कार्यक्रम की जानकारी दी.

    वीडियो में उन्होंने कहा, "इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य रहे, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकें."

    उन्होंने बताया कि जिन सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम पाया जाएगा, उन्हें स्वेच्छा से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सुविधा दी जाएगी. वहीं, 30 साल से कम उम्र के सैनिकों के लिए यह जांच वैकल्पिक रखी जाएगी.

    पीट हेगसेथ ने कहा, "हम अपने योद्धाओं को दुनिया की सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल देने के लिए ज़िम्मेदार हैं और यह कार्यक्रम उसी ज़िम्मेदारी को पूरा करता है."

    उन्होंने आगे कहा, "सैनिकों के लंबे समय के स्वास्थ्य का ध्यान रखना ज़रूरी है, ताकि वे मज़बूत, फ़्लेक्सिबल और सक्षम बने रहें. इसका उद्देश्य सिर्फ़ अगली तैनाती के लिए नहीं, बल्कि पूरी ज़िंदगी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है, जिससे वे वर्दी छोड़ने के बाद भी स्वस्थ जीवन जी सकें."

    हालांकि, हेगसेथ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह जांच महिला सैनिकों पर भी लागू होगी या नहीं. महिलाओं में भी उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है.

  6. सोनम वांगचुक को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया ये निर्देश

    सोनम वांगचुक और हाई कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत की हर दिन डॉक्टरों से जांच कराई जाए

    दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत की हर दिन डॉक्टरों से जांच कराई जाए.

    कोर्ट ने कहा कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अगर किसी तरह के इलाज की ज़रूरत हो, तो सरकार उसे कराए.

    हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें वांगचुक के लिए तुरंत इलाज की माँग की गई थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने कहा, “हर नागरिक की जान क़ीमती है और उसे बचाने के लिए सरकार को हर संभव कोशिश करनी चाहिए.”

    केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकारी डॉक्टर और मेडिकल विशेषज्ञ लगातार वांगचुक की सेहत की जांच कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर ज़रूरत पड़ने पर उचित इलाज दिया जाएगा.

    इस पर कोर्ट ने कहा, “हम सॉलिसिटर जनरल के रुख़ की सराहना करते हैं और निर्देश देते हैं कि वांगचुक की सेहत की हर दिन डॉक्टरों द्वारा जांच की जाए और जिस तरह के इलाज की ज़रूरत हो, वह किया जाए.”

    इसके बाद कोर्ट ने वकील राकेश कुमार सैनी की ओर से दायर जनहित याचिका का निपटारा कर दिया.

    सैनी ने कोर्ट से मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए और उनका ज़रूरी इलाज कराया जाए. अगर ज़रूरत पड़े, तो उन्हें जबरन खाना भी दिया जाए.

    याचिका में सरकार को वांगचुक की जान और सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग भी की गई थी.

    गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी. सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सीनियर जनरल फ़िज़िशियन डॉ सतीश लांबा ने 19वें दिन का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है.

    डॉक्टर ने बताया कि अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है. हालांकि, उनके शरीर में पानी की मात्रा फ़िलहाल सामान्य बनी हुई है.

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  7. सोनम वांगचुक की हेल्थ को लेकर अपडेट जारी, अब तक इतना किलो वज़न हुआ कम

    सोनम वांगचुक

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक के शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल सामान्य बनी हुई है

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सीनियर जनरल फिज़िशियन डॉ सतीश लांबा ने 19वें दिन का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है.

    डॉ लांबा के अनुसार, अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है. हालांकि, उनके शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल सामान्य बनी हुई है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं.

    हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक़, वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर 80 mg/dL दर्ज किया गया है, जबकि उनकी पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट है.

    इससे पहले बुधवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा था कि अनशन के 18 दिन पूरे होने के बावजूद उनके मेडिकल टेस्ट के नतीजे सामान्य आए हैं.

    वीडियो संदेश में वांगचुक ने लोगों से 'चलो संसद' अभियान के तहत संसद भवन तक आयोजित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की भी अपील की.

  8. अखिलेश यादव ने अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दी ये सलाह

    अखिलेश यादव

    इमेज स्रोत, Sunil Ghosh/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल (अनशन) का आज 19वां दिन है. इस बीच अखिलेश यादव ने वांगचुक को अनशन खत्म करने की अपील की है.

    समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए.

    उन्होंने सोनम वांगचुक को सलाह दी कि 'अनशन के माध्यम से अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर न लगाएं'.

    उन्होंने बुधवार देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कभी मां गंगा के उद्धार के लिए अनशन पर बैठे जीडी अग्रवाल ने निरंतर अपनी मांग बीजेपी सरकार के सामने रखी थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी और वो अपना जीवन खो बैठे थे."

    अखिलेश यादव ने लिखा, "सोनम वांगचुक जी और केन-बेतवा के आदिवासी-किसान आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति और सहृदयता की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए. इसीलिए आप अनशन के माध्यम से अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर न लगाएं."

    उन्होंने लिखा, "आप सबके अदम्य संघर्ष और संकल्प की शक्ति जब भाजपा को हटाने के, हम सबके आंदोलन से जुड़ेगी, तो भाजपा हारेगी और हमेशा के लिए हट-मिट जाएगी."

    गौरतलब हो कि बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भी विरोध तेज़ होता जा रहा है. पन्ना और छतरपुर के विस्थापित आदिवासी और किसान आंदोलन और अनशन कर रहे हैं.

  9. अमेरिका: धर्म पूछकर भारतीय पर हमला करने का आरोप, 15 बार चाकू से वार

    क्राइम सीन

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    इमेज कैप्शन, अभियुक्त पर आरोप है कि हमले से पहले उसने शख़्स से उसका धर्म पूछा था (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिका के यूटा राज्य में एक भारतीय व्यक्ति पर कथित तौर पर उसके धर्म के कारण चाकू से हमला किया गया है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शख़्स को करीब 15 बार चाकू मारा गया.

    यह घटना वेस्ट वैली सिटी स्थित वैली सिटी मॉल में सोमवार दोपहर को हुई. रिपोर्टों के मुताबिक, मॉल में काम करने वाले भारतीय व्यक्ति सैयद सोहैलुद्दीन पर पीटर माइकल लार्सन ने कथित तौर पर हमला किया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अभियुक्त पर आरोप है कि हमले से पहले उसने शख़्स से उसका धर्म पूछा था.

    पुलिस ने अभियुक्त पीटर माइकल लार्सन को हत्या के प्रयास और प्रतिबंधित ख़तरनाक हथियार रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया है.

    एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़, अदालत के रिकॉर्ड के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि उसने कर्मचारी को उसके धार्मिक विश्वासों के कारण निशाना बनाया.

    सोहैलुद्दीन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई. वहीं, कथित हमले को रोकने के लिए आसपास के लोगों ने हमलावर की पिटाई की, इसके बाद वह भी अस्पताल में भर्ती है.

    सैन फ़्रांसिस्को स्थित भारतीय कांसुलेट जनरल ने यूटा में हुई इस घटना पर गहरा दुख जताया.

    कांसुलेट जनरल ने एक्स पोस्ट में कहा, “हम शख़्स के दोस्तों और परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. हम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं और मामले पर क़रीबी नज़र बनाए रखेंगे.”

  10. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फ़ैसले की तारीफ़ की, बोले- अच्छा क़दम है

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के कदम की सराहना करते हुए इसे ‘सद्भावना का कदम’ बताया.

    ईरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखी गई अमेरिकी-ईरानी नागरिक डेना करारी को रिहा कर दिया है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि महिला अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर हैं और उनकी स्थिति अच्छी है.

    ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के इस कदम की सराहना करते हुए इसे ‘सद्भावना का कदम’ बताया.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, "ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दी है, जिसे दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान ग़लत तरीके से हिरासत में लिया गया था."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “वह अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर है और उसकी स्थिति अच्छी है. अमेरिका इस सद्भावना के कदम की सराहना करता है.”

    यह रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद और होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है.

  11. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, डोनाल्ड ट्रंप ने दी ये चेतावनी

    अमेरिकी हमला

    इमेज स्रोत, X/@CENTCOM

    इमेज कैप्शन, सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरान में अपने नए हमलों के दौरान सैन्य कमांड सेंटर और हवाई सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया

    अमेरिका ने बुधवार शाम ईरान पर नए हमले किए और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह "बेहतर व्यवहार करे."

    अमेरिकी सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरान में अपने नए हमलों के दौरान सैन्य कमांड सेंटर, हवाई सुरक्षा ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन से जुड़े ठिकानों और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया. सेना का कहना है कि ये हमले अब खत्म हो चुके हैं.

    अमेरिका के मुताबिक़, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को खत्म करना है, जिससे वह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ों और उनके चालक दल को ख़तरा पहुंचा सकता है.

    यह तब हुआ जब ईरान ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें बहरीन और कुवैत भी शामिल हैं.

    ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने सरकारी मीडिया से कहा, "अगर समझौते से कोई फ़ायदा नहीं है तो ईरान के पास उसे मानने का कोई कारण नहीं है."

    ट्रंप ने मंगलवार देर रात धमकी दी थी कि अगर ईरान अगले हफ्ते वार्ता में वापस नहीं आता तो पुलों और बिजलीघरों पर हमला किया जाएगा.

    बुधवार देर रात जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इसके लिए कोई समयसीमा देंगे, तो उन्होंने कहा, "मुझे समयसीमा देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें पता है... उन्हें बेहतर व्यवहार करना चाहिए."

    ट्रंप ने कहा, "वे (ईरान) समझौता करना चाहते हैं. उन्हें हमारा तरीका पसंद नहीं है. अब हम तय करेंगे कि उनके साथ समझौता करना है या नहीं."

  12. अर्जेंटीना ने सेमीफ़ाइनल में दिखाया ये बैनर, फ़ीफ़ा कर सकता है कार्रवाई

    अर्जेंटीना के खिलाड़ी

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    इमेज कैप्शन, अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे लेकर फ़ीफ़ा के नियमों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप-2026 के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना की टीम विवादों में घिर गई है.

    मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे फ़ीफ़ा के नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है.

    मैच के बाद खिलाड़ियों ने जो बैनर दिखाया, उस पर लिखा था, "माल्विनास, जिसे फ़ॉकलैंड द्वीप कहा जाता है, वह अर्जेंटीना का है." इस संदेश को राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है.

    दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन का नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इन द्वीपों पर अपना दावा जताता रहा है और उन्हें 'माल्विनास' के नाम से संबोधित करता है. इसी विवाद को लेकर वर्ष 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था.

    अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा और इंटरनेशनल फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) के नियमों के अनुसार, मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक नारे, बयान या प्रतीकों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है.

    ऐसे में इस विवादित बैनर के प्रदर्शन को लेकर अर्जेंटीना फ़ुटबॉल टीम पर फ़ीफ़ा की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है.

  13. सोनम वांगचुक ने सेहत को लेकर दी जानकारी के साथ 20 जुलाई के लिए की ये अपील

    सोनम वांगचुक

    इमेज स्रोत, X/@Wangchuk66

    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा है कि अब अनशन को खत्म करने पर सरकार में जवाबदेही तय नहीं होगी

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे हैं.

    आज उनके अनशन का 19वां दिन है. इस बीच बुधवार देर रात को उन्होंने एक संदेश जारी किया है.

    सोनम वांगचुक ने कहा है कि अब अनशन को खत्म करने पर सरकार में जवाबदेही तय नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनकी हालत ऐसी भी नहीं है कि दो-चार दिन में उनकी मौत हो जाए.

    वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, "आप लोगों के हज़ारों संदेश आए कि मैं अनशन तोड़ दूं. बड़े-बुज़ुर्ग और कई नेताओं ने मुझसे अनशन समाप्त करने के लिए कहा. कुछ ने तो अदालत से अपील की है कि सरकार मुझे ज़बरदस्ती खाना खिलाए."

    उन्होंने कहा, "दो बातें हैं, पहला तो अगर मैं खा भी लूं, तो उससे क्या बदलेगा और क्या संदेश जाएगा. सरकार को तो यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही की ज़रूरत नहीं है, वो बैठ जाते हैं, वो चले जाते हैं."

    "दूसरी बात, मेरी हालत कुछ ऐसी भी नहीं है कि मैं दो चार दिन में मर जाऊं. बहुत सारे मेडिकल टेस्ट होते रहे हैं, 18 दिन के अनशन के हिसाब से रिज़ल्ट्स काफ़ी नॉर्मल हैं."

    सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी कई दिन चल सकता हूं. कमज़ोरी है, मेरे मसल्स ख़त्म हो रहे हैं, मगर मेरा दिल अभी भी ठीक चल रहा है. इसलिए सिर्फ अनशन तोड़ने को कहने के बजाय मैं आप लोगों से विनती करूंगा कि आप भी एक छोटा कदम उठाएं, 20 जुलाई को इतनी बड़ी संख्या में आएं कि एक संदेश सरकार को जाए."

    उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, "20 जुलाई को बहुत से सांसदों के साथ आप सब आइए. हज़ारों की संख्या में हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद के हवाले करेंगे, तो मुझे भी भरोसा होगा कि अब ये सही हाथों में गया है."

    गौरतलब है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन 'चलो संसद' अभियान के तहत संसद भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया है.

    यह पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है.

  14. फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप-2026: अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फ़ाइनल में बनाई जगह

    लियोनेल मेसी

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    इमेज कैप्शन, अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को न्यू ज़र्सी में स्पेन से होगा (फ़ाइल फ़ोटो: लियोनेल मेसी)

    फुटबॉल वर्ल्ड कप-2026 के दूसरे सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना ने रोमांचक मुक़ाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में जगह बना ली.

    अब अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को न्यू ज़र्सी में स्पेन से होगा.

    अटलांटा में खेले गए मुक़ाबले में इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत 85वें मिनट तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी. लेकिन, मैच के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए बाज़ी पलट दी.

    85वें मिनट के बाद लियोनेल मेसी के शॉर्ट कॉर्नर पर एंजो फ़र्नांदेज़ ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.

    इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के सटीक क्रॉस पर लॉटारो मार्टिनेज़ ने शानदार हेडर के ज़रिए विजयी गोल दाग दिया और अर्जेंटीना को 2-1 से जीत दिलाकर फ़ाइनल का टिकट पक्का कर दिया.

    19 जुलाई को टीम का सातवां वर्ल्ड कप फ़ाइनल होगा. अर्जेंटीना इससे पहले 1978, 1986 और 2022 में वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम कर चुका है.

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