लाइव, यमन में संघर्ष में तेज: सरकारी बलों ने अहम इलाक़े पर नियंत्रण का किया एलान

सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों ने ताइज़ प्रांत में बढ़त बनाने का दावा करते हुए मोचा शहर पर अपना कंट्रोल होने की घोषणा की.

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  • प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
  • रात में थाने के बाहर बैठे पत्रकार
  • तोशिसुके कनाज़ावा
  • नुसरत भरूचा
  • modi captain smit talk
  • कैप्टन स्मित जिन्हें सब बता रहे हीरो
  • दोनों पत्थरों की तस्वीर

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. यमन में संघर्ष में तेज: सरकारी बलों ने अहम इलाक़े पर नियंत्रण का किया एलान

    हूती
    इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले करने का दावा किया

    सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों ने ताइज़ प्रांत में बढ़त बनाने का दावा करते हुए मोचा शहर पर अपना कंट्रोल होने की घोषणा की.

    सुरक्षा बलों के मुताबिक़, बाब अल-मंदब स्ट्रेट के पास भी कई अहम ठिकानों पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है.

    इस बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले करने का दावा किया है.

    बीबीसी न्यूज़ अरबी के अनुसार, यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले तेज़ कर रहा है.

    यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हाल ही में ‘यमन डॉन’ नाम से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है. इस अभियान का मक़सद सरकारी संस्थानों को फिर से स्थापित करना, हूतियों के हाल में क़ब्ज़े में लिए गए इलाक़ों को वापस लेना और हूती विद्रोह को समाप्त करना है.

    सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी इस सैन्य अभियान में शामिल होने की घोषणा की है. गठबंधन ने सोमवार को हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए. गठबंधन के प्रवक्ता के अनुसार, इन हमलों में क़रीब 100 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और हूतियों के 324 ठिकानों को निशाना बनाया गया.

    ताइज़ प्रांत और उसके आसपास जारी संघर्ष में पिछले 24 घंटों के दौरान 70 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है. संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के स्रोतों ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है.

  2. नंदीग्राम समेत पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी

    पुदुचेरी में मतदान
    इमेज कैप्शन, वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हुई थी, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी

    देश के तीन राज्यों में आज पांच विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार कोमतदान हो रहा है.

    पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेज़ीनगर, तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरंतकम और पुदुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इसके साथ ही असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी मतदान हो रहा है.

    वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हुई थी, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी. सभी सीटों के चुनावी नतीजे 9 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे.

    पश्चिम बंगाल पर सबकी नज़रें

    पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेज़ीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं.

    नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए राज्य चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद इनमें से एक सीट छोड़ने का फ़ैसला किया था.

    वहीं, रेजीनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी, कांग्रेस, एजेयूपी और तृणमूल कांग्रेस के दो गुट चुनाव मैदान में हैं. इस सीट से एजेयूपी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने इस सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.

  3. चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल आज निकालेंगे मार्च

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच स्पेशल इंटेन्सिव रिवीज़न (एसआईआर) के विरोध में विपक्ष यह मार्च निकालेगा (फ़ाइल फ़ोटो: राहुल गांधी)

    कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार सुबह 11 बजे से पार्लियामेंट हाउस से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे.

    चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच स्पेशल इंटेन्सिव रिवीज़न (एसआईआर) के विरोध में विपक्ष यह मार्च निकालेगा.

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दलों को साढ़े 10 बजे मकर द्वार पहुंचने का टाइम दिया है.

    जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि यह एक शांतिपूर्ण मार्च है, जिसमें सभी विपक्षी दलों के सांसद शामिल होंगे.

    इससे पहले, सोमवार को कांग्रेस के स्टूडेंट संगठन एनएसयूआई ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.

    एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उन पर और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया.

  4. डोनाल्ड ट्रंप ने बताया अमेरिका ने ब्रिटेन के एयरबेस से क्यों हटाए सारे लड़ाकू विमान, हेनरी मोर

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने रविवार को ही पुष्टि की थी कि ब्रिटेन के एयरबेस पर तैनात अमेरिकी बॉम्बर को वापस अपने ठिकानों पर भेज दिया गया है (फ़ाइल फ़ोटो: डोनाल्ड ट्रंप)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ब्रिटेन स्थित आरएएफ़ फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर को कुछ ख़तरों के चलते हटाया गया.

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने रविवार को ही पुष्टि की थी कि ब्रिटेन के एयरबेस पर तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों को वापस अपने ठिकानों पर भेज दिया गया है. माना जा रहा है कि इनमें क़रीब एक दर्जन बी-1 बॉम्बर शामिल थे.

    सोमवार को नेब्रास्का रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को एयरबेस को लेकर एक ख़तरे की जानकारी मिली थी. इसी के बाद वहां तैनात बॉम्बर को हटाने का फ़ैसला लिया गया.

    ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या किसी ख़ास ख़तरे के चलते विमानों को फ़ेयरफ़र्ड से हटाया गया, तो उन्होंने कहा, “हां, मुझे लगता है कि हम ऐसा कह सकते हैं. वे वहां से यूं ही नहीं उड़े थे.”

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "कुछ धमकियां थीं. और दुश्मन को उकसाने के बजाय, हम दुश्मन को पकड़ेंगे और उसे हराएंगे."

    ट्रंप के मुताबिक़, बॉम्बर को बहुत दूर नहीं ले जाया गया है और उन्हें दूसरी जगह शिफ़्ट किया गया है.

    ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को उस ख़तरे के पीछे मौजूद लोगों के बारे में जानकारी है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके पीछे कौन लोग हैं.

    दरअसल, 27 सितंबर को एयरबेस के आसपास तीन संदिग्ध वाहनों की सूचना मिलने के बाद पुलिस को अलर्ट किया गया था. इस घटना ने एयरबेस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी.

    हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को फ़ेयरफ़र्ड एयरबेस को सुरक्षित बताया था.

  5. यौन हमले के आरोपों के बीच विवेक भगत को मिला एडिशनल डीसीपी का चार्ज, फिलहाल लेने से किया इनकार

    दिल्ली पुलिस
    इमेज कैप्शन, दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि एडिशनल डीसीपी का ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी व्यवस्था है और इसे नियमित पदोन्नति नहीं माना जाएगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    महिला पत्रकार पर यौन हमले के आरोपों के बाद चर्चा में आए एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी के पद का चार्ज दिया गया है.

    हालांकि, दिल्ली सरकार का कहना है कि भगत ने फ़िलहाल यह चार्ज लेने से इनकार कर दिया है.

    दिल्ली सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा, "विवेक भगत ने अनुरोध किया है कि महिला पत्रकारों के कथित यौन हमले के मामले में पूरी जांच होने तक वह मौजूदा ड्यूटी चार्ज नहीं लेना चाहते."

    सरकार के मुताबिक़, केंद्र शासित प्रदेशों के 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का ड्यूटी चार्ज देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू हो गई थी. यानी प्रक्रिया मौजूदा विवाद से पहले शुरू हुई थी. 5 अक्तूबर को मंज़ूरी मिलने के बाद इससे संबंधित आदेश जारी किया गया.

    दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एडिशनल डीसीपी का ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी व्यवस्था है और इसे नियमित पदोन्नति नहीं माना जाएगा. सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अधिकारियों को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी नहीं मिलेगा.

    दरअसल, 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था. प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन हमले के आरोप लगाए थे.

    इनमें से एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि एसीपी विवेक भगत ने उनके सीने पर हाथ मारा था. मामले को लेकर जांच की जा रही है.

  6. नमस्कार!

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