लाइव, कोविड के दौरान अमेरिका के चीफ़ मेडिकल एडवाइजर रहे फाउची ने संसद में सवालों पर साधी चुप्पी

उन्हें डर है कि रिपब्लिकन उनके बयान का इस्तेमाल उनके ख़िलाफ़ झूठी गवाही देने के आरोप में मुक़दमा चलाने के लिए कर सकते हैं.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह का दावा, ‘धमकी और गालियों से भरे मैसेज आ रहे हैं’

    रत्ना सिंह

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    कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके इनबॉक्स में गाली-गलौज से भरे मैसेज आ रहे हैं.

    रत्ना सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''मेरे डीएम (डायरेक्ट मैसेज) मौत की धमकियों, गाली-गलौज भरे संदेशों और नफ़रत से भरे ट्वीट्स और कमेंट्स की अंतहीन बाढ़ से भरे हुए हैं. लेकिन अब इनमें से कोई भी चीज़ मुझे परेशान नहीं करती. कोई भी आलोचना या फैसला उस काम से बड़ा नहीं हो सकता, जो हमने किया है. कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसी बातें नहीं कहता, जिन्हें वह खुद अपने लिए सुनना पसंद न करे.''

    ''इस आंदोलन ने मुझे मानसिक रूप से मज़बूत बनाया है. इसने मुझे सिखाया है कि अराजकता के बीच भी कैसे अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखना है, नफ़रत को नज़रअंदाज़ करना है और लोगों की ओर से मिलने वाली सबसे बुरी प्रतिक्रिया के बावजूद आगे बढ़ते रहना है.''

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से ज़्यादा समय तक परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मद्देनज़र प्रदर्शन किया था और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की थी, जिसके बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    लेकिन उसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो शेयर किए गए जिनमें दावा किया गया कि पुलिस, प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे विद्यार्थियों को परेशान कर रही है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है.

    हालांकि बीबीसी स्वतंत्र रूप से ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता.

  2. कोविड के दौरान अमेरिका के चीफ़ मेडिकल एडवाइजर रहे फाउची ने संसद में सवालों पर साधी चुप्पी

    एंथी फाउची

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    कोविड महामारी के दौरान अमेरिका के चीफ़ मेडिकल एडवाइजर रहे एंथनी फाउची ने अमेरिकी सीनेट की एक सुनवाई में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया.

    उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि रिपब्लिकन उनके बयान का इस्तेमाल उनके ख़िलाफ़ झूठी गवाही देने के आरोप में मुक़दमा चलाने के लिए कर सकते हैं.

    फाउची ने अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन का 100 से अधिक बार हवाला दिया.

    इसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को किसी आपराधिक मामले में अपने ख़िलाफ़ गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.

    फाउची ने कहा कि वह कोविड और उसके स्रोत को लेकर पहले ही कांग्रेस की कई सुनवाइयों में गवाही दे चुके हैं.

    रिपब्लिकन लंबे समय से फाउची पर आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने महामारी से जुड़ी जानकारी जनता से छिपाई और इसके ख़तरों के बारे में झूठ बोला.

    फाउची ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

    अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन का इस्तेमाल करना अपराध स्वीकार करना नहीं है.

    हालांकि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने फाउची को पहले ही माफ़ी दे दी थी, जिससे 2014 से 2025 के बीच उनके किए गए कामों के लिए उन्हें संघीय स्तर पर मुक़दमे से सुरक्षा मिल गई.

    लेकिन इसके बाद की किसी कार्रवाई को लेकर उन पर आरोप लगाए जा सकते हैं.

  3. पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में पुलिस चौकी पर 'चरमपंथी' हमला,डीएसपी समेत नौ पुलिसकर्मियों की मौत

    पाकिस्तान

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान की सेना का कहना है कि उसने चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ अभियान चलाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में हांगू के खजीना चेक पोस्ट पर हुए हमले और जवाबी हमले में एक डीएसपी सहित नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ इस मुठभेड़ में पुलिस ने 15 चरमपंथियों को मारने का दावा किया है.

    ख़ैबर पख्तूनख़्वा पुलिस के बयान के मुताबिक़ बुधवार को हुए हमले और उसके जवाब में चलाए गए अभियान में डीएसपी दियार खान समेत नौ पुलिसकर्मी मारे गए हो गए और डीएसपी मुजाहिद हुसैन सहित 28 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए.

    बयान में कहा गया है कि चरमपंथियों ने हांगू में खाजिना बंदा चौकी पर भारी हथियारों से हमला किया. इससे पहले पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) ने बुधवार को दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में चलाए गए संयुक्त अभियानों के दौरान '32 आतंकवादियों को मारा' है.

    आईएसपीआर के मुताबिक़, ये अभियान चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ चलाए गए थे.

  4. फ़्रांस और स्पेन के बाद अब ग्रीस के जंगल भी धधके, दो दमकलकर्मियों की मौत

    ग्रीस के जंगलों में लगी आग

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    इमेज कैप्शन, ये आग दक्षिणी यूरोप में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगने की यह एक और बड़ी घटना है

    ग्रीस के क्रीट द्वीप के रेथिम्नो इलाके में लगी जंगल की आग से जूझते हुए दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई. दोनों आग में फंस गए थे.

    तेज़ रफ़्तार हवाओं ने आग की लपटों को और भड़का दिया, जिसके बाद कई गांवों को खाली कराया गया.

    दक्षिणी यूरोप में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगने की यह एक और बड़ी घटना है.

    दक्षिणी तुर्की में भी मुग़ला प्रांत में लगी आग के कारण फेथिये से अंताल्या जाने वाले मुख्य हाईवे को बंद करना पड़ा. एक अस्पताल के कुछ हिस्सों को भी खाली कराया गया.

    इस बीच, स्पेन और फ्रांस में इस गर्मी की चौथी हीटवेव शुरू हो गई है. दमकलकर्मियों का दल उन बड़े जंगलों की आग को दोबारा भड़कने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में काबू में किया गया था.

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि क्रीट में कई जगह आग लगी और यह तेज़ी से फैलती गई.

    सबसे बड़ा आग वाला क्षेत्र करीब 15 किलोमीटर तक फैल गया था.

    दमकल विभाग ने कहा कि जान गंवाने वाले दोनों कर्मचारी रेथिम्नो शहर के पास पश्चिमी इलाके में काम कर रहे थे.

    जंगल में आग

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    इमेज कैप्शन, यह महिला जंगल की आग से तबाह हुए अपने शहर नवास डेल रे में पहली बार वापस लौटी है

    ग्रीस के दूसरे हिस्सों में भी जंगल की आग लगी है. एजियन सागर के पारोस और लेसबोस द्वीपों के अलावा ग्रीस के मुख्य भूभाग के दक्षिणी शहर ट्रिफिलिया में भी आग लगी है.

    स्पेन में प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने राजधानी मैड्रिड के पास लगी जंगल की आग को बुझाने के लिए अगले 12 घंटे को 'निर्णायक' बताया है.

    स्पेन के एविला प्रांत के बुर्गोहोंडो इलाके में अब तक 43,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन जल चुकी है. यह इलाका मैड्रिड से करीब 150 किलोमीटर पश्चिम में है.

    इसे अब स्पेन के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी जंगल की आग माना जा रहा है.

    इस साल स्पेन में अब तक जंगल की आग से कुल 2.07 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन जल चुकी है.

  5. ईरान के जॉर्डन पर हमले के बाद पर ट्रंप ने दी बेहद आक्रामक भाषा में चेतावनी

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार सुबह ईरान के ख़िलाफ़ बेहद आक्रामक और गाली-गलौज से भरी भाषा में धमकी दी. इससे पहले ईरान ने रात में अचानक जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमला किया था.

    ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ के प्रमुख संवाददाता ट्रे यिंग्स्ट से कहास कि 'हम उन्हें उनकी औकात दिखा देंगे.'

    ट्रंप ने कहा, "हम उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे. उन्हें करारा जवाब मिलेगा."

    ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों के पास ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और मार गिराने के लिए सिर्फ़ कुछ मिनट थे.

    उन्होंने बताया कि उन्होंने उस वीडियो को देखा है, जिसमें अमेरिकी सैन्यकर्मी मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई के दौरान रियल टाइम में को-ऑर्डिनेशन कर रहे हैं.

    इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को कामयाबी के साथ रोक लिया गाय है.

    ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर ने बताया कि कि उसने जॉर्डन स्थित मुवाफ़्फ़क़ अल-सलती एयर बेस और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के मुख्यालय को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.

    आईआरजीसी ने यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के ज़रिए दी.

    जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को रोककर ख़त्म कर दिया.

    तत्काल किसी के हताहत होने या नुक़सान की कोई खबर नहीं है.

  6. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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