लाइव, प्रदर्शन से ठीक पहले कैसा है जंतर-मंतर का हाल, तस्वीरों में देखें

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और इसके आसपास के इलाक़ों में तैनाती और पाबंदियां बढ़ा दी हैं.

सारांश

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. राष्ट्रपति पर राहुल गांधी की टिप्पणी: बीजेपी बोली- उन्होंने सारी हदें पार कर दीं

    द्रौपदी मुर्मू
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने शुक्रवार देर शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात के बाद उनका धन्यवाद किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिया गया बयान 'सियासत से प्रेरित' है.

    दरअसल, राहुल गांधी ने शुक्रवार देर शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात के बाद उनका धन्यवाद किया था.

    राहुल गांधी ने मुलाक़ात के बाद मीडिया से कहा, "मुझे लग रहा था कि राष्ट्रपति कहेंगी कि चुनाव चोरी नहीं होता है. लेकिन राष्ट्रपति ने हमारी बातें सुनीं. उन्होंने हमारी बातों को नकारा नहीं. हम हैरान रह गए. उन्होंने ऐसा नहीं कहा कि भारत में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं."

    इस पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं.

    उन्होंने कहा, "महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने इंडिया गठबंधन को मिलने का समय दिया था. राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेता, जो पिछले कई दिनों से अनर्गल, निराधार प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने देश के सर्वोच्च संस्थान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जो न सिर्फ़ विचित्र लगता है, बल्कि उसमें सच से ज़्यादा सियासत की गंध आ रही है."

    सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "राहुल गांधी का कहना कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने उनके आरोपों को स्वीकार कर लिया है, ये दर्शाता है कि राहुल गांधी देश की हर संवैधानिक संस्था को अपनी राजनीति का शिकार बनाने का दुष्चक्र रच रहे हैं. उन्होंने आज सारी सीमाएं पार कर दी हैं."

    "राहुल गांधी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड भी ये रहा है. वो देश के सर्वोच्च न्यायालय के बारे में झूठ बोलने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांग चुके हैं. इसके बाद, देश के मुख्य चुनाव आयोग पर वो निरंतर बिना किसी आधार के आरोप लगाते जा रहे हैं."

    सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आज राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता को इस रूप में प्रस्तुत किया, जैसा उनकी सियासत को सूट करता है.

    गौरतलब है कि शुक्रवार शाम को विपक्षी दलों के सांसदों ने राहुल के नेतृत्व में मार्च निकालकर राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाक़ात की थी.

  2. प्रदर्शन से ठीक पहले कैसा है जंतर-मंतर का हाल, तस्वीरों में देखें

    दिल्ली
    इमेज कैप्शन, कई तस्वीरों में बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और पुलिस की वैन भी दिखाई दे रही हैं

    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और इसके आसपास के इलाक़ों में तैनाती और पाबंदियां बढ़ा दी हैं.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें भारी पुलिस बल, सुरक्षा बल और पुलिस वैन दिखाई दे रही हैं.

    दरअसल, सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन के लिए इजाज़त नहीं मिली थी. हालांकि, सीजेपी नेताओं का कहना है कि वो जंतर-मंतर पहुंचेंगे.

    पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने शुक्रवार रात को कहा था कि वो इतिहास बनाएंगे.

    आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा था, "डियर कॉकरोचेज! मुझे गर्व है कि हम सबने अब तक कितना लंबा सफ़र तय किया है. चाहे कुछ भी हो जाए, हम इतिहास ज़रूर रचेंगे!"

    उन्होंने लिखा, "बस एक बात याद रखना - हाथ में संविधान और दिल में गांधी. कुछ भी हो जाये, हाथ हमारा नहीं उठेगा. भारत माता की जय."

    उनके अलावा, सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी लोगों से जुटने की अपील की है.

    जंतर मंतर
    जंतर मंतर
    जंतर मंतरजंतर मंतर
    जंतर मंतर
  3. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले 250 से अधिक ट्रेनें रद्द

    ट्रेन
    इमेज कैप्शन, बड़े पैमाने पर ट्रेनों को रद्द किए जाने से हज़ारों यात्रियों को होने वाली असुविधा को लेकर रेलवे के फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 250 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रेलवे बोर्ड के फ़ैसले के तहत 9 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से रवाना होने वाली यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है.

    इसके अलावा, 10 अक्तूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रद्द रहेंगी.

    बड़े पैमाने पर ट्रेनों को रद्द किए जाने से हज़ारों यात्रियों को होने वाली असुविधा को लेकर रेलवे के फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं. रेलवे के पूर्व अधिकारियों, यात्री संगठनों और कर्मचारी महासंघों ने इस क़दम की आलोचना की है.

    रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) सुबोध जैन ने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करना प्रदर्शनकारियों के सामने समर्पण करने जैसा है."

    ऑल इंडिया रेलवेमेंस फ़ेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी रेलवे के इस फ़ैसले की आलोचना की. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "देश के किसी हिस्से में विरोध प्रदर्शन या आंदोलन के कारण एक साथ इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किए जाने का उन्हें कोई पिछला उदाहरण याद नहीं है."

    उन्होंने कहा कि अचानक ट्रेनों के रद्द होने से हज़ारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

    दूसरी ओर, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने भी 45 मेट्रो स्टेशनों का एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट बंद कर दिए हैं.