मार्को रुबियो के बयान पर बोला ईरान- वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में संकट की असली वजह अमेरिका
भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की टिप्पणियों को ख़ारिज किया है. दूतावास ने कहा है कि रुबियो ने क्षेत्र के हालात को ग़लत तरीक़े से दिखाने की कोशिश की है.
भारत में ईरान के दूतावास ने कहा कि रुबियो के बयानों का असली मकसद अमेरिका और इसराइल की अस्थिर नीतियों से ध्यान हटाना है.
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान दुनिया के तेल और ऊर्जा के बड़े निर्यातकों में से एक है, जो भारत समेत दुनिया के सभी देशों को ऊर्जा संसाधन देने के लिए तैयार रहा है."
"लेकिन हाल के सालों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की मुश्किल बढ़ाने की असली वजह अमेरिका है, जिसने ईरान के तेल निर्यात पर ग़ैरक़ानूनी और नाइंसाफ़ी वाले प्रतिबंध लगा रखे हैं. ये प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के ख़िलाफ़ हैं और इनका मक़सद ईरानी जनता पर आर्थिक दबाव डालना है."
दूतावास ने आगे लिखा, "तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों के अलावा अमेरिका ने दवाओं पर रोक लगाई. इसकी वजह से कई मासूम मरीज़ों की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ी और लोगों को बड़ी तकलीफ़ें झेलनी पड़ीं."
हालाँकि दूतावास ने अपने बयान में मार्को रुबियो की टिप्पणियों का ज़िक्र नहीं किया है.
मार्को रुबियो ने शनिवार को ईरान पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें ईरान को वैश्विक तेल संकट और खाड़ी क्षेत्र में तनाव का मुख्य ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 मई से 26 मई तक भारत यात्रा पर हैं. बतौर विदेश मंत्री भारत में यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है.