अंटार्कटिका की पिघलती बर्फ़ का समुद्र के खारे पानी पर क्या हो रहा है असर

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- Author, तैमूर सोहेल और बिशाखदत्त गायेन
- पदनाम, बीबीसी अर्थ
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अंटार्कटिका के चारों ओर क्लॉकवाइज़ बहने वाली अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट (धारा) पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली महासागरीय धारा है.
यह गल्फ स्ट्रीम (अटलांटिक महासागरीय धारा) से पांच गुना अधिक शक्तिशाली है और अमेज़न नदी से 100 गुना अधिक शक्तिशाली है.
यह प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागरों को जोड़ने वाले वैश्विक महासागर 'कन्वेयर बेल्ट' का हिस्सा है. वैश्विक महासागर कन्वेयर बेल्ट पृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करता है और पूरी पृथ्वी पर पानी, गर्मी और पोषक तत्वों की आपूर्ति में भूमिका निभाता है.
लेकिन अंटार्कटिका की पिघलती बर्फ़ से निकला ताज़ा, ठंडा पानी महासागर के पानी के खारेपन को घटा रहा है, जिससे संभव है कि अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा में कुछ गड़बड़ हो रही हो.


इस धारा के धीमे होने का ख़तरा

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हमारा नया शोध बताता है कि पृथ्वी के बढ़ते तापमान के कारण साल 2050 तक अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा 20% धीमी हो जाएगी. इसका पर्यावरण पर दूरगामी असर होगा.
अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा बर्फीले अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर एक खाई की तरह है.
ये धारा गर्म पानी को दूर रखने में मदद करती है, जिससे कमज़ोर बर्फ की चादरों की रक्षा होती है. यह दक्षिणी बुल केल्प (समुद्री शैवाल) और इन पर सवार होने वाले किसी भी जानवर के लिए एक बाधा के तौर पर काम करती हैं. यह पृथ्वी की जलवायु को रेगुलेट करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाती है.
संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर गल्फ स्ट्रीम, जापान के पास कुरोशियो धारा और दक्षिण अफ्रीका के तट पर अगुलहास धारा जैसी समुद्री धाराओं के विपरीत अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा को अच्छी तरह से नहीं समझा गया है. इसकी एक वजह इसकी लोकेशन है, जिससे इसके माप जैसी जानकारी जुटाना कठिन है.
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

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समुद्री धाराएं तापमान, नमक के स्तर, हवा के पैटर्न और समुद्री बर्फ की मात्रा में परिवर्तन के प्रति प्रतिक्रिया करती हैं. इसलिए वैश्विक महासागर कन्वेयर बेल्ट कई मोर्चों पर जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील है.
पहले हुए शोध से पता चला था कि इस कन्वेयर बेल्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विध्वंस की ओर जा सकता है.
सैद्धांतिक रूप से, अंटार्कटिका के आसपास गर्म पानी से धारा की गति बढ़नी चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि घनत्व में परिवर्तन अंटार्कटिका के आसपास हवाएं धारा की ताकत को निर्धारित करती हैं. गर्म पानी कम घना (या भारी) होता है और यह धारा को तेज़ करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए. लेकिन आज तक के अवलोकनों से संकेत मिलता है कि हाल के दशकों में धारा की ताकत अपेक्षाकृत स्थिर रही है.
यह स्थिरता आसपास की बर्फ के पिघलने के बावजूद बनी हुई है, एक ऐसी घटना जिसका अब तक की वैज्ञानिक चर्चाओं में पूरी तरह से पता नहीं लगा है.
महासागर मॉडलिंग में प्रगति से भविष्य में संभावित परिवर्तनों की अधिक गहन जांच संभव हो सकी है.
हमने अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट का अध्ययन करने के लिए कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर और क्लाइमेट सिम्युलेटर का इस्तेमाल किया. मॉडल, एक्सेस-ओएम 2-01, विभिन्न विश्वविद्यालयों के ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं द्वारा कंसोर्टियम फॉर ओशन-सी आइस मॉडलिंग इन ऑस्ट्रेलिया के हिस्से के रूप में विकसित किया गया है.
ये मॉडल उन विशेषताओं पर ज़ोर देता है, जो अक्सर छूट जाते हैं, जैसे कि भंवर. इसलिए यह आकलन करने का कहीं अधिक सटीक तरीका है कि दुनिया के गर्म होने पर धारा की ताकत और दूसरी चीज़ों में किस तरह का बदलाव आएगा. यह बर्फ पिघलने और महासागर के परिसंचरण यानी सर्कुलेशन के बीच जटिल अंतर्क्रियाओं को पकड़ता है.
भविष्य के इस अनुमान में, अंटार्कटिका से ठंडा, ताज़ा पानी (बर्फ से पिघला) उत्तर की ओर जाता है, जो गहरे समुद्र को भरता है. इससे समुद्र की घनत्व संरचना में बड़े बदलाव होते हैं. यह महासागर के गर्म होने के प्रभाव का प्रतिकार करता है, जिससे 2050 तक अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा 20% तक धीमी हो सकती है.
क्या नतीजे देखने को मिलेंगे?

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उत्सर्जन कम करने की आवश्यकता
हालांकि, हमारे निष्कर्षों से अंटार्कटिक सर्कम्पोलर धारा के लिए एक निराशाजनक पूर्वानुमान मिलता है, लेकिन भविष्य पहले से निर्धारित नहीं है. ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए ठोस प्रयासों से अंटार्कटिका के आसपास बर्फ पिघलने को अभी भी सीमित किया जा सकता है.
इन परिवर्तनों की सटीक निगरानी के लिए दक्षिणी महासागर में लंबे समय तक का अध्ययन करना महत्वपूर्ण होगा.
सक्रिय और समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाइयों के साथ, हमारे पास हमारे महासागरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर ध्यान देने और संभावित रूप से टालने का अवसर है.
यह आर्टिकल मूल रूप से द कन्वर्सेशन पर प्रकाशित एक लेख से लिया गया है. इसे क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस के तहत फिर से प्रकाशित किया गया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित




























