मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद 'शुद्धीकरण' का मामला क्यों तूल पकड़ा, राहुल गांधी ने क्या कहा

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे (फ़ाइल फ़ोटो)
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद, सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण का मामला तुल पकड़ता जा रहा है. राहुल गांधी ने इस मामले में फ़ौरन एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की है.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण किया गया, 'क्योंकि खड़गे दलित हैं.'

राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली होती है और 10 अगस्त को बीजेपी-आरएसएस के लोग उनके मंच का शुद्धीकरण करते हैं."

इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के बाद यह मामला फिर से गर्म हो गया है और इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर सफ़ाई दी है.

धामी ने कहा, "जिन्होंने भी वहां पर शुद्धिकरण किया था, उनमें बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था."

पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "वहां गंदगी फ़ैलाई गई, वह एक शुद्ध स्थान था. धार्मिक स्थान था. वहां रामलीला का आयोजन होता है. वहां धार्मिक उन्माद के नारे लगाए गए थे, उसके विरोध में धार्मिक संगठनों के लोगों ने शुद्धीकरण किया था."

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने धामी के बयान को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, "भारत का संविधान किसी भी तरह की अस्पष्टता की गुंजाइश नहीं छोड़ता है. छुआछूत ख़त्म कर दी गई है और किसी भी रूप में इसका पालन प्रतिबंधित है."

"हाल ही में हल्द्वानी में जो हुआ, वह सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी पर हमला नहीं है. यह इस देश के हर दलित नागरिक की गरिमा पर सीधा हमला है."

उधर, शुद्धिकरण विवाद को लेकर श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष और शुद्धीकरण कार्यक्रम के मुख्य आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने कहा, "शुद्धिकरण की रस्म, जगह की पवित्रता बहाल करने के लिए की गई थी. हमने मंच पर पीछे छोड़ी गई गंदगी को साफ़ किया."

"जगह को यज्ञ के लिए उपयुक्त बनाया. इसके बाद हमने इलाक़े को औपचारिक रूप से शुद्ध करने के लिए यज्ञ किया."

कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने ‘शुद्धिकरण’ वाले मामले में कार्रवाई की मांग की
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इस बीच शनिवार को देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सरकारी आवास का घेराव किया.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महेंद्र भट्ट पर दलित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की.

अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी ने कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के मामले का संज्ञान लेने के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है. महेंद्र भट्ट के खिलाफ़ भी शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई.

राहुल गांधी ने क्या कहा

राहुल गांधी ने हल्द्वानी मामले में फ़ौरन एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की
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हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद वहां कुछ लोगों ने हवन और शुद्धिकरण कार्यक्रम किया था, जिसके तस्वीरें सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर की थीं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "इस घटना के बारे में 13 अगस्त को खड़गे जी संसद में बताते हैं कि शुद्धीकरण की घटना अपराध है और यह मेरा व देश के हर दलित का अपमान है. लेकिन उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष खुलकर कहते हैं कि शुद्धीकरण किया गया है और इसमें कोई समस्या नहीं है."

उन्होंने कहा कि शुद्धीकरण एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध है, लेकिन 20 दिन हो गए हैं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

"हमारी मांग है- जिन लोगों ने उत्तराखंड में शुद्धीकरण किया है, उनके खिलाफ एफ़आईआर दर्ज हो. नरेंद्र मोदी कहते हैं- वो हर जाति के हैं लेकिन उत्तराखंड में बीजेपी का चीफ़ कह रहा है कि शुद्धीकरण ठीक हुआ."

राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आदेश दें कि शुद्धीकरण करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ एससी/एसटी एक्ट में कार्रवाई की जाए. आज लड़ाई संविधान और बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा के बीच है और शुद्धीकरण की घटना इनकी मानसिकता को दिखाती है."

खड़गे ने हाल ही में मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में यह मामला ख़ुद उठाया था और इस घटना का ज़िक्र करते हुए इसे 'दलितों का अपमान और छुआछूत' जैसी घटना बताया था.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, "जब खड़गे जी ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया, उस समय सदन के नेता जेपी नड्डा वहीं बैठे थे. उन्होंने खड़े होकर कहा कि ऐसी किसी भी घटना का बीजेपी समर्थन नहीं करती है."

मांझी ने कहा- 'मेरे साथ भी हुआ भेदभाव'

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया कि उनके साथ भी ऐसी घटना हो चुकी है
इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया कि उनके साथ भी ऐसी घटना हो चुकी है

एनडीए का घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 'शुद्धीकरण' विवाद को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है.

जीतन राम मांझी ने शनिवार को कहा कि 'समाज में संकीर्ण सोच वाले लोग हैं, लेकिन इसका आरएसएस, एनडीए या बीजेपी से लेना-देना नहीं है.'

मांझी ने कहा, "जगजीवन राम, रामनाथ कोविंद और मुझे भी ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा है... मेरा कहना यह है कि हमारे समाज में कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग हैं. इसका आरएसएस, एनडीए या बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है. मुद्दा यह है कि समाज में कुछ लोग ग़लत सोच रखते हैं. हम ऐसे लोगों की निंदा ज़रूर करते हैं, क्योंकि वे समाज के लिए अच्छे नहीं हैं."

वहीं बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोलने में माहिर हैं.

कांग्रेस ने लगाए आरोप

शशि थरूर
इमेज कैप्शन, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि 'खड़गे जी के लिए न्याय सभी दलितों के लिए न्याय है'

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "खड़गे जी के लिए न्याय सभी दलितों के लिए न्याय है. यह कोई निजी मामला या सामान्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है."

"अगर देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दशकों तक सार्वजनिक जीवन में सेवा करने वाले नेता को ऐसी सोच का सामना करना पड़ सकता है, तो कल्पना कीजिए कि पूरे भारत में आम दलित नागरिकों और बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में किन परिस्थितियों और अपमान का सामना करना पड़ता होगा."

कांग्रेस नेता भक्त चरण दास ने कहा, "उत्तराखंड सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी का अपमान करने वाली हल्द्वानी की शुद्धीकरण घटना में अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं की है. इसके बजाय, उनके नेता इस घटना को सही ठहरा रहे हैं. हमारा देश इस तरह नहीं चल सकता. प्रधानमंत्री को अपने नेताओं पर शर्म आनी चाहिए."

पंजाब में कांग्रेस के नेता इस घटना के ख़िलाफ़ अमृतसर पुलिस के पास एफ़आईआर कराने भी पहुंचे.

पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार वर्का ने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे दलितों के सबसे बड़े नेता हैं. वे 9 बार के सांसद रहे हैं. कई बार विधायक रह चुके हैं. मंत्री रह चुके हैं. आज कांग्रेस के अध्यक्ष और ऐसे लोगों के साथ भी भेदभाव होता है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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